US-Iran War: ईरान ने होर्मुज में फिर दिखाई ताकत, ADNOC पोत पर हमला; क्या अमेरिका के साथ अबू धाबी से भी जंग?

अबू धाबी की सरकारी तेल और गैस कंपनी ADNOC के एक जहाज पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय हमला हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों के तहत इस जहाज पर मिसाइल दागी। ADNOC ने बताया कि शनिवार तड़के हुए हमले में किसी की जान नहीं गई। क्या ADNOC के कई जहाज पहले भी हमले का शिकार हुए हैं? ADNOC ने अपने बयान में कहा कि फरवरी में अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय उसके एक दर्जन से ज्यादा जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, इन हमलों में एक चालक दल के सदस्य की मौत हुई है, जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं। ADNOC ने यह नहीं बताया कि हमला कहां हुआ और जहाज को कितना नुकसान पहुंचा। क्या ओमान के पास भी एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ? बाद में यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने कहा कि ओमान के खसब शहर के पूर्व में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इससे जहाज में आग लग गई, जिसे बुझा दिया गया। केंद्र के मुताबिक, जहाज और उसका चालक दल सुरक्षित है। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि यह वही घटना थी, जिसमें ADNOC का जहाज शामिल था। क्या ईरान और ओमान होर्मुज को लेकर समझौते पर बात कर रहे हैं? स्ट्रेट के दूसरी ओर मौजूद ईरान और ओमान जलडमरूमध्य को संचालित करने के लिए एक समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। युद्ध से पहले इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अमेरिका के अपना रवैया सुधारने तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा। परिषद के सचिव मोहम्मद बघेर ज़ोलघदर न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

UP: सीएम योगी के नेतृत्व में आज तिरंगा यात्रा का शुभारंभ, चुनावी तैयारियों के बीच 15 अगस्त तक चलेगा सिलसिला

चुनावी तैयारियों के बीच भाजपा प्रदेशवासियों में देशभक्ति का भाव जगाने के लिए ‘हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा’ अभियान का शुभारंभ राजधानी से करेगी। आज मुख्यमंत्री आवास से सुबह 8 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और दोनों डिप्टी सीएम समेत तमाम मंत्री और संगठन के पदाधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर निकलेंगे। इसमें तमाम जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठन, समाजसेवी संस्थाओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं स्थानीय नागरिक भी शामिल होंगे। यात्रा में शामिल सभी लोग हाथों में तिरंगा लेकर मां भारती का जयघोष तथा अमर बलिदानियों को नमन करते हुए तिरंगा यात्रा पर निकलेंगे। सीएम आवास से शुरू होने वाली यह यात्रा हजरतगंज स्थित लोकभवन तक जाएगी। 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मंडलों में 10, 11 एवं 12 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकलेगी। 13 अगस्त को जिला मुख्यालयों के साथ ही प्रदेश में विभिन्न स्थानों से तिरंगा यात्राएं निकालकर भाजपा राष्ट्र प्रेम का संचार करेगी। 14 अगस्त को विभाजन-विभीषिका स्मृति दिवस, मौन जुलूस एवं संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। 13 से 15 अगस्त तक प्रत्येक घर, प्रतिष्ठान, व्यापारिक संस्थान एवं कार्यालयों पर राष्ट्रध्वज फहराने के लिए व्यापक जनसम्पर्क एवं जनजागरण किया जाएगा। यात्रा में शामिल सभी लोग हाथों में तिरंगा लेकर मां भारती का जयघोष तथा अमर बलिदानियों को नमन करते हुए तिरंगा यात्रा पर निकलेंगे। सीएम आवास से शुरू होने वाली यह यात्रा हजरतगंज स्थित लोकभवन तक जाएगी। 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मंडलों में 10, 11 एवं 12 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकलेगी।13 अग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

Jharkhand: JPSC आंदोलन पर सुदेश महतो का सरकार पर वार, बोले- सत्ता के आराम ने प्रशासन को जनता से कर दिया दूर

आजसू पार्टी के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरासत में मिली सत्ता का आराम प्रशासन को आम जनता की समस्याओं से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भरोसा नौकरशाही में नजर आ रहा है, जबकि युवा अपने अधिकारों और भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। सुदेश महतो जमशेदपुर के टाउन हॉल में आजसू पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। JPSC मुद्दे पर आंदोलन कर रहे युवाओं का उठाया सवाल सुदेश महतो ने रांची में चल रहे JPSC मुद्दे को लेकर युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के आवास से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी की आवाज सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच रही है। सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज सुननी होगी। ‘युवा शक्ति बनेगी झारखंड की ताकत’ आजसू प्रमुख ने कहा कि झारखंड के युवा आने वाले समय में राज्य की ताकत बनेंगे। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं को नेतृत्व प्रदान करेगी और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देगी। सुदेश महतो ने कहा कि पार्टी संगठन में युवाओं को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनका लगातार प्रयास है कि युवा केवल पार्टी के कार्यकर्ता बनकर न रहें, बल्कि उन्हें संगठनकर्ता और नेता के रूप में तैयार किया जाए, त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात पीयूष पंत: बांकीपुर के चुनाव ने ये दिखाया है कि चाहे भाजपा को वोट हो या राजद का वोट दोनों पीके की तरफ शिफ्ट हुआ है। मुझे लगता है कि पीके ने अपनी पहचान और अपनी प्रेजेन्स को उन्होंने दो साल पहले जो यात्रा की उससे बिहार में बना ली थी। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। नीतीश के जाने के बाद बिहार में जो गैप आया है, प्रशांत किशोर उसे भरने की कोशिश करेंगे। बीते हफ्ते तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आए। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत ने सुर्खियां बटोरीं। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर 31 साल बाद मिली भाजपा की हार ज्यादा चर्चा में है। वहीं, दतिया विधानसभा नतीजों के बाद जीतने और हारने वाले दोनों पक्ष की ओर से भीतरघात की चर्चा है। कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से ज्यादा यहां चर्चा नरोत्तम मिश्र की हो रही है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और मीहिर रंजन मौजूद रहे। मिहिर रंजन: इस उपचुनाव के नतीजों का भविष्य में बड़ा असर हो सकता है। कई बार कुछ उपचुनाव सिर्फ एक सीट या सरकार के हिसाब से नहीं जनता की पल्स के हिसाब स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

Jharkhand: JPSC आंदोलन पर सुदेश महतो का सरकार पर वार, बोले- सत्ता के आराम ने प्रशासन को जनता से कर दिया दूर

आजसू पार्टी के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने शनिवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरासत में मिली सत्ता का आराम प्रशासन को आम जनता की समस्याओं से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भरोसा नौकरशाही में नजर आ रहा है, जबकि युवा अपने अधिकारों और भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। सुदेश महतो जमशेदपुर के टाउन हॉल में आजसू पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। JPSC मुद्दे पर आंदोलन कर रहे युवाओं का उठाया सवाल सुदेश महतो ने रांची में चल रहे JPSC मुद्दे को लेकर युवाओं के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के आवास से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी की आवाज सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच रही है। सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज सुननी होगी। ‘युवा शक्ति बनेगी झारखंड की ताकत’ आजसू प्रमुख ने कहा कि झारखंड के युवा आने वाले समय में राज्य की ताकत बनेंगे। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं को नेतृत्व प्रदान करेगी और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देगी। सुदेश महतो ने कहा कि पार्टी संगठन में युवाओं को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनका लगातार प्रयास है कि युवा केवल पार्टी के कार्यकर्ता बनकर न रहें, बल्कि उन्हें संगठनकर्ता और नेता के रूप में तैयार किया जाए, त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात

Khabaron Ke Khiladi: बांकीपुर-दतिया के नतीजे किसके लिए सबक, किसे दे गए उम्मीद; विश्लेषकों ने बताई अंदर की बात पीयूष पंत: बांकीपुर के चुनाव ने ये दिखाया है कि चाहे भाजपा को वोट हो या राजद का वोट दोनों पीके की तरफ शिफ्ट हुआ है। मुझे लगता है कि पीके ने अपनी पहचान और अपनी प्रेजेन्स को उन्होंने दो साल पहले जो यात्रा की उससे बिहार में बना ली थी। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। नीतीश के जाने के बाद बिहार में जो गैप आया है, प्रशांत किशोर उसे भरने की कोशिश करेंगे। बीते हफ्ते तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आए। बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत ने सुर्खियां बटोरीं। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर 31 साल बाद मिली भाजपा की हार ज्यादा चर्चा में है। वहीं, दतिया विधानसभा नतीजों के बाद जीतने और हारने वाले दोनों पक्ष की ओर से भीतरघात की चर्चा है। कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से ज्यादा यहां चर्चा नरोत्तम मिश्र की हो रही है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और मीहिर रंजन मौजूद रहे। मिहिर रंजन: इस उपचुनाव के नतीजों का भविष्य में बड़ा असर हो सकता है। कई बार कुछ उपचुनाव सिर्फ एक सीट या सरकार के हिसाब से नहीं जनता की पल्स के हिसाब स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi CM Yogi Meeting: पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे सीएम योगी, बैठक के सियासी मायनों पर टिकी नजरें

सियासी गलियारों में पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को आगामी चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ की दिल्ली यात्रा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं को भी तेज कर दिया है। शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बैठक को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए राज्य की राजनीति में अभी से गतिविधियां तेज होने लगी हैं। राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद अब पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री का शीर्ष नेतृत्व से संवाद चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी अहम हो सकता है।योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है। सीएम योगी और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बातचीत को राज्य की आगे की राजनीतिक दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है। चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बातचीत राज्य से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है।फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नेतृत्व के स्तर पर क् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

देख लो सरकार: पहले अधूरे पुल से उफनती नदी पार की, अब ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूल; क्या यही है शिक्षा का सफर?

यह तस्वीर नटेरन स्थित संदीपनि विद्यालय की है। रोज सुबह आसपास के गांवों से बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर स्कूल आते हैं। कोई अपना बस्ता संभालता नजर आता है तो कोई साथी का हाथ पकड़कर सफर करता है। खुले ट्रॉली में धूल, हिचकोले और हादसे का खतरा उनके रोजमर्रा के सफर का हिस्सा बन चुका है।स्थानीय लोगों के अनुसार पहले इन रूटों पर सरकारी बसें चलती थीं, लेकिन अब या तो बसों का संचालन बंद हो गया है या उनकी संख्या इतनी कम है कि सभी बच्चों को सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में अभिभावकों ने मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना शुरू कर दिया। संदीपनि विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन स्कूल तक सुरक्षित पहुंचने की व्यवस्था नहीं होने से योजना के उद्देश्य पर ही सवाल उठ रहे हैं।एक छात्र ने कहा कि हमें पढ़ना है। बस नहीं है तो क्या करें। ट्रॉली से ही जाएंगे, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ेंगे।" बच्चों का यह जज्बा प्रेरणादायक है, लेकिन उनकी मजबूरी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है।अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों की पढ़ाई रुकने नहीं देना चाहते, इसलिए मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली से उन्हें स्कूल भेज रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा है, क्योंकि खुले ट्रॉली में तेज रफ्तार और खराब सड़कों के बीच हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। विदिशा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी यह पहली तस्वीर नहीं है। कुछ दिन पहले पलोंह गांव का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बच्चे बस्ता सिर पर रखकर नदी पार कर स्कूल जाते दिखाई दिए थे। अब संदीपनि विद्यालय के बच्चों का ट्रैक्टर-ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: पीडीए के बदले मतलब के साथ किसे साध रहे अखिलेश? विश्लेषकों ने बताया 2027 चुनाव का प्लान

Khabaron Ke Khiladi: पीडीए के बदले मतलब के साथ किसे साध रहे अखिलेश? विश्लेषकों ने बताया 2027 चुनाव का प्लान पीयूष पंत: समाजवादी पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। भाजपा हिदुत्व के मुद्दे को लेकर चलती रही है। अब अगर आप भी ये करेंगे तो ये फिर तो भाजपा तो ये करती ही रही है। कांग्रेस भी इस तरह की कोशिश कर चुकी है। सपा चढ़ावा चोरी के मामले को भी लगातार उठा रही है। योगी सरकार को 10 साल होने जा रहे हैं। सरकार से जो नाराजगियां है अखिलेश उसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। भाजपा हिदुत्व के मुद्दे को लेकर चलती रही है। अब अगर आप भी ये करेंगे तो ये फिर तो भाजपा तो ये करती ही रही है। कांग्रेस भी इस तरह की कोशिश कर चुकी है। सपा चढ़ावा चोरी के मामले को भी लगातार उठा रही है। योगी सरकार को 10 साल होने जा रहे हैं। सरकार से जो नाराजगियां है अखिलेश उसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को सात महीने से भी कम का वक्त बचा है। सियासी दलों ने अभी से अपने समीकरण ठीक करने शुरू कर दिए हैं। सत्ताधारी भाजपा खासतौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की उपलब्धियों और कामों को जनता के बीच पहुंचाने में लगी है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी अपने साथ नए वोटर जोड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Meta Row: मेटा पर सरकार का कड़ा रुख, क्या सिफारिश प्रणाली से खत्म होगा मध्यस्थ का दर्जा? जानिए क्या चल रहा

क्या फेसबुक और इंस्टाग्राम आपके देखने के लिए कंटेंट खुद चुन रहे हैं? सरकार इसी बुनियादी सवाल पर दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ को घेर रही है। केंद्र सरकार और मेटा के बीच हुई बैठकों में यह बड़ा सवाल सामने आया है कि क्या कंपनी का ‘रिकमेंडेशन सिस्टम’ (कंटेंट की सिफारिश करने वाली प्रणाली) और पैसों के बदले कंटेंट को प्रमोट करना, उसे आईटी कानून के तहत मिलने वाले ‘मध्यस्थ’ (इंटरमीडियरी) के दर्जे के अनुकूल है। यह बहस भारतीय डिजिटल मार्केट और सोशल मीडिया कंपनियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है। मध्यस्थ का सुरक्षा कवच क्यों है खतरे में? भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून की धारा 79 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षित कवच) की कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसके तहत प्लेटफॉर्म पर किसी तीसरे पक्ष (यूजर) द्वारा पोस्ट की गई आपत्तिजनक सामग्री के लिए कंपनी सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं होती, बशर्ते वे कानूनी नियमों और उचित सतर्कता (ड्यू डिलिजेंस) का पालन करें। मोदी के पोस्ट पर विवाद और माफीनामा क्या है? सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मेटा का एल्गोरिदम खुद यह तय करता है कि किस यूजर को कौन सा कंटेंट दिखाया जाए और पैसों के बदले कंटेंट को बढ़ावा (पेड प्रमोशन) देता है, तो वह महज एक माध्यम नहीं रह जाता। ऐसी स्थिति में कंपनी एक ‘पब्लिशर’ (प्रकाशक) की भूमिका में आ जाती है और उसे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। नियमों का पालन न करने पर मेटा यह सुरक्षा कवच खो सकती है, जिससे उस पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे विवाद की हालिया चिंगारी तब भड़की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk