'दुनिया ने माना कि हमने अमेरिका को हराया': जंग के बीच ईरान का दावा; पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर एक रिपोर्ट

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि दुनिया ने मान लिया है कि ईरान ने अमेरिका के खिलाफ युद्ध जीत लिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, पेजेशकियन ने कहा कि अब अमेरिका के साथ युद्ध खत्म होना चाहिए, क्योंकि पूरी दुनिया ईरान की जीत को स्वीकार कर चुकी है। क्या ईरान ने सच में युद्ध जीतने का दावा किया? यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों को और कड़ा करने की तैयारी में है। अमेरिका ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और तेल एवं गैस टैंकरों के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए मजबूर करना चाहता है। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि पूरी दुनिया ने हमारी जीत को स्वीकार किया है और अमेरिका से नफरत की जाती है। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान अमेरिका की ओर से बढ़ाए जा रहे आर्थिक दबाव के बीच आया है। ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक कार्रवाई की बात कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक जंग और अलगाव थोपने की घोषणा की है। अमेरिका का उद्देश्य ईरानी नेतृत्व पर दबाव बढ़ाकर उसकी परमाणु गतिविधियों को रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलना है। गोलान हाइट्स पर अमेरिका के रुख में क्यों दिखा विरोधाभास? इसी बीच अमेरिका के तुर्किये में राजदूत और सीरिया के विशेष दूत टॉम बैरक की टिप्पणी ने गोलान हाइट्स को लेकर अमेरिकी नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को एक इंटरव्यू में बैरक ने कहा कि इस्राइल अभी भी गोलान हाइट्स पर कब्जा किए हुए है और यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ है। उन्हों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: दिमागी नक्सल पर घमासान, विश्लेषकों ने बताया ये नया नैरेटिव या देश सुरक्षा का गंभीर मुद्दा

Khabaron Ke Khiladi: दिमागी नक्सल पर घमासान, विश्लेषकों ने बताया ये नया नैरेटिव या देश सुरक्षा का गंभीर मुद्दा पीयूष पंत: प्रधानमंत्री का ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पुरानी बात को नए पैकेट में पेश करने जैसा है। जब भी सरकार की आलोचना होती है, उसे अति-वामपंथ के व्याकरण में रखकर निशाना बनाया जाता है। पहले इसे ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ का रूप दे दिया गया है। जो लोग रिएक्ट करते हैं, जो क्रिटिकल एप्रेजल करते हैं, जो आपकी बातों को आलोचनात्मक रूप से एनलाइज करते हैं उसके खिलाफ दुनियाभर की दक्षिणपंथ की विचारधारा हमेशा से रही है। ये एक तरह से क्रिटिकल थॉट को टारगेट करने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पुरानी बात को नए पैकेट में पेश करने जैसा है। जब भी सरकार की आलोचना होती है, उसे अति-वामपंथ के व्याकरण में रखकर निशाना बनाया जाता है। पहले इसे ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ का रूप दे दिया गया है। जो लोग रिएक्ट करते हैं, जो क्रिटिकल एप्रेजल करते हैं, जो आपकी बातों को आलोचनात्मक रूप से एनलाइज करते हैं उसके खिलाफ दुनियाभर की दक्षिणपंथ की विचारधारा हमेशा से रही है। ये एक तरह से क्रिटिकल थॉट को टारगेट करने की कोशिश है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद से इस शब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

गोरखा मुद्दे पर ‘फाइनल डील’ की तैयारी: शाह की बैठक के बाद MHA ने बनाई कमेटी, दार्जिलिंग से दिल्ली तक हलचल तेज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में गोरखा नेताओं, पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य हितधारकों की बैठक के बाद गोरखा मुद्दे के स्थायी राजनीतिक समाधान की दिशा में अहम पहल सामने आई है। भाजपा सांसद राजू बिस्टा के अनुसार, गृह मंत्रालय ने मध्यस्थ पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक समिति गठित की है, जो बैठक में बनी सहमति के आधार पर अंतिम समझौते का मसौदा तैयार करेगी। यह पहल 1988 के गोरखा समझौते की वर्षगांठ के दिन हुई बैठक के कारण भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 1 min · National Desk

BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की कुर्सी पर संकट?: 12 साल के कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, चुनाव की मांग

BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में BCI नियमों के तहत चेयरमैन के दो साल के कार्यकाल का हवाला देते हुए अप्रैल 2025 की उस गजट अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें कथित तौर पर कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया गया। याचिकाकर्ता ने मिश्रा को पद से हटाने, नए चुनाव कराने, चेयरमैन के कार्यकाल की अधिकतम सीमा तय करने और BCI के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच व ऑडिट कराने की भी मांग की है। याचिका में उनके राजनीतिक जुड़ाव के संदर्भ में BCI की संस्थागत निष्पक्षता और स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई गई है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता योगमाया एमजी ने मिश्रा के लगातार कार्यकाल की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि BCI नियमों का नियम 12(2) चेयरमैन के कार्यकाल की अवधि दो साल निर्धारित करता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 1 min · National Desk

कनाडा पर फूटेगा ट्रंप का टैरिफ बम: US के साथ व्यापार वार्ता नाकामयाब, आज से कनाडाई उत्पादों पर लगेगा 50% शुल्क

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने शनिवार आधी रात से कुछ देर पहले पत्रकारों के साथ एक कॉल में पढ़े गए बयान में कहा, ‘‘आज रात कनाडा ने इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के तहत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया। अमेरिका ने कनाडा को हमारे बाजार में किसी भी बड़े निर्यातक के मुकाबले सबसे बेहतर शर्तें देने की पेशकश की थी। इसके बावजूद कनाडा की नई मांगों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के कारण पिछले कुछ दिनों में बनाई गई संतुलित व्यवस्था बिगड़ गई।‘‘कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जवाब दिया, ‘‘अमेरिका की प्रस्तावित शर्तों में आखिरी समय में किए गए बदलाव अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह थे। उन्होंने किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए जाने वाले आयात शुल्क से कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल उत्पादों में से करीब पांच प्रतिशत प्रभावित होंगे। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर जीभ की जांच में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी की छोटी छड़ियां तक शामिल हैं।हालांकि, इसका राजनीतिक असर आर्थिक नुकसान से भी बड़ा होने की संभावना है। पिछले साल दोनों देशों के बीच करीब 880 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का कारोबार हुआ था। इन शुल्कों को शुरुआत में बुधवार रात 12 बजकर 1 मिनट से लागू किया जाना था। लेकिन ट्रंप ने बातचीत जारी रखने के लिए समय सीमा तीन दिन बढ़ा दी थी। इसके बावजूद दोनों देश तय समय तक किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: अचानक क्यों महंगी हो रही चीनी? 65 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; आपकी जेब पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों की चेतावनी क्या है? विशेषज्ञों की चिंता मुख्य रूप से दो चीजों को लेकर है, मौसम और घरेलू आपूर्ति। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीनी की आपूर्ति पहले से दबाव में है। अगर बारिश कमजोर रहती है तो गन्ने की अगली फसल प्रभावित हो सकती है। इसका असर आने वाले चीनी मौसम में उत्पादन पर पड़ सकता है। इसके अलावा एथेनॉल नीति को लेकर भी संतुलन जरूरी है। सरकार के लिए एथेनॉल उत्पादन बढ़ाना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन खाद्य जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का क्या कहना है? दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल में मिश्रण के लिए चीनी को इथेनॉल उत्पादन की ओर डाइवर्ट किए जाने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी का संबंध इथेनॉल से नहीं, बल्कि कम घरेलू उत्पादन, आगामी त्योहारी सीजन की मांग और जमाखोरी से है। साथ ही गन्ने की फसल को रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी से नुकसान हुआ। इस सीजन में चीनी का उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है, जबकि गन्ना उत्पादक राज्यों का शुरुआती अनुमान करीब 343 एलएमटी था। सरकार ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया है कि इथेनॉल कार्यक्रम पर महंगाई का दोष मढ़ना पूरी तरह गलत है। आंकड़ों के मुताबिक, इथेनॉल उत्पादन के लिए डाइवर्ट की जाने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 सीजन के 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 सीजन में महज 9 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा, वर्तमान में भारत के कुल इथेनॉल उत्पादन का लगभग तीन-चौथाई (75%) हिस्सा गन्ने के बजाय अनाजों, विशेष रूप से मक्के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: मायावती का सपा पर हमला, बोलीं- ‘चवन्नी से रुपया’ वाला बयान अमर्यादित और शर्मनाक, जाट समाज से मांगे माफी

बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा प्रमुख के राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और उसके नेता को लेकर दिए गए ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ वाले बयान को अमर्यादित और शर्मनाक बताया। मायावती ने कहा कि इस बयान के लिए सपा नेतृत्व को रालोद, उसके नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार के साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। 1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस… — Mayawati (@Mayawati) August 22, 2026 सपा पर गंभीर आरोप लगाए मायावती ने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में विरोधी दलों के साथ-साथ सहयोगी दलों के प्रति भी संकीर्णता और जातिवादी रवैया रहा है। उनके मुताबिक, इसका राजनीतिक लाभ कई मौकों पर भाजपा को मिला और धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं। उन्होंने 1993 में सपा-बसपा गठबंधन बनने और बाद में टूटने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ। मायावती ने इसे अपने खिलाफ हत्या के षड्यंत्र से जोड़ते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए।बसपा प्रमुख ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद गठबंधन टूट गया और यह सपा के अहंकारी तथा स्वार्थी रवैये का परिणाम था। पीडीए को लेकर भी निशाना साधा मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

Pune: राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले सियासी टकराव, NSUI-ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प; पुलिस ने किया मामला दर्ज

राहुल गांधी जी की ऐतिहासिक Pune Rally के ठीक पहले Colleges और Hostels में जाकर ABVP के गुंडे बेटियों को धमका रहे है, बंधक बना रहे है उन्हें पीट रहे है, लेकिन अब वो ये गलती करने की हिमाकत न करें, क्योंकि अब उन्ही की भाषा में जबाव देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता तैयार है। pic.twitter.com/kmKtKSFWMc — Indian Youth Congress (@IYC) August 21, 2026 एबीवीपी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे की छात्राओं पर शनिवार को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के समर्थन में बोलने वाली दो छात्राओं को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के अंदर रोक लिया और उन्हें धमकी दी।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने घटना के बाद हॉस्टल का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों छात्राओं को धमका रहे थे। महाराष्ट्र प्रदेश यूथ कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष अक्षय जैन ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का समर्थन किया था।हालांकि, एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अथर्व कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता हॉस्टल परिसर में प्रवेश कर रहे थे और छात्राओं पर शनिवार के कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे।पुणे के डीसीपी हसन गौहर ने कहा, “हमें दो गुटों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर हमने कुछ लोगों को नारे लगाते और सड़क जाम करने की कोशिश करते हुए पाया; उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।” …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

सीट का समीकरण: बीते 10 में पांच चुनाव BJP के नाम, 12 साल से सपा का दबदबा, ऐसा है ठाकुरद्वारा का चुनावी इतिहास

सीट का समीकरण: बीते 10 में पांच चुनाव BJP के नाम, 12 साल से सपा का दबदबा, ऐसा है ठाकुरद्वारा का चुनावी इतिहास पहले जानते हैं ठाकुरद्वारा सीट के बारे में उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं में से एक जिला मुरादाबाद है। जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें- ठाकुरद्वारा, कांठ, बिलारी, मुरादाबाद शहर, मुरादाबाद ग्रामीण और कुंदरकी शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ में आज हम मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट की बात करेंगे। मुरादाबाद जनपद की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट 1952 में ही अस्तित्व में आ गई थी। ठाकुरद्वारा विधानसभा के पहले विधायक शिव स्वरूप सिंह थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की थी। ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट का जातीय समीकरण मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, ठाकुर-चौहान और जाटव (SC) आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 20% हैं। इसके बाद ठाकुर-चौहान मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 17% और जाटव मतदाताओं की करीब 10% है, जबकि सैनी मतदाता लगभग 9% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं। इस क्षेत्र में मुस्लिम और ठाकुर-चौहान मतदाता सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज को लेकर US कर रहा क्या तैयारी?: इधर ट्रंप ने दी ईरान को धमकी, उधर रूबियो ने की ओमान को साधने की कोशिश

ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ आर्थिक कदमों का यह मतलब नहीं है कि अमेरिका के पास सैन्य विकल्प सीमित हो गए हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘नहीं, बिल्कुल नहीं। इसका सिर्फ मतलब है कि हम देख रहे हैं कि क्या होता है। उनके पास पैसा नहीं है, उनके पास नौसेना नहीं है, उनके पास वायुसेना नहीं है, वे अपने सैनिकों को वेतन नहीं दे रहे हैं, वे अपनी पुलिस को वेतन नहीं दे रहे हैं, वहां 350 प्रतिशत महंगाई है।‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘‘हम बस यह देखेंगे कि क्या होता है और जैसा कि आप जानते हैं, सीमा पर हमारा पूरा नियंत्रण है। हमारे पास पूरी तरह नियंत्रण है। अगर आप नाकाबंदी को देखें, तो हमारे पास होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े पूरे क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण है।’’ ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते में रुचि रखता है, लेकिन उसने अभी तक उन शर्तों को स्वीकार नहीं किया है, जिन्हें वॉशिंगटन चाहता है।उन्होंने कहा, ‘‘तो वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मेरी राय में वे सही डील करने के लिए तैयार नहीं हैं।’’ ट्रंप का यह बयान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनाव के बीच आया है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने ईरान को वित्तीय, कारोबारी या सरकारी समर्थन देने वाले देशों को बहुत गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वॉशिंगटन में अमेरिका में ओमान के राजदूत तलाल अल रहबी से मुलाकात की। दोनों ने आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग को दोहराया। ओमान के वॉशिंगटन स्थित दूतावास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।ओमान के दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महामहिम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk