The Bonus Market Update: गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में लौटी हरियाली, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का हाल

शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 18.59 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 80,704.35 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 28.95 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,796.50 अंक पर आ गया।केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होने के चलते रविवार को भी बाजार खुला रहा। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने शेयर बाजार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। इसमें फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का एलान किया गया। इससे बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी।(यह खबर अपडेट की जा रही है) …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 1 min · National Desk

Kolkata Violence: कोलकाता के कंकुलिया रोड पर फायरिंग, देर रात कच्चा बम फेंके जाने की भी खबर; बंगाल पुलिस अलर्ट

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भाजपा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना वहीं इस घटना को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में गुंडे माफिया का राज है। पुलिस भी उनके साथ मिली हुई है। सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। आम आदमी मारे जाते हैं। ये सब ममता बनर्जी के हाथ से बाहर है। ये सरकार जब तक रहेगी इससे बचाव संभव नहीं है।’ #WATCH कोलकाता: भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, “बंगाल में गुंडे माफिया का राज है। पुलिस भी उनके साथ मिली हुई है। सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। आम आदमी मारे जाते हैं। ये सब ममता बनर्जी के हाथ से बाहर है। ये सरकार जब तक रहेगी इससे बचाव संभव नहीं है।” pic.twitter.com/Rrvb5AV6lw — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2026 (ये खबर अपडेट की जा रही है) वहीं इस घटना को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में गुंडे माफिया का राज है। पुलिस भी उनके साथ मिली हुई है। सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। आम आदमी मारे जाते हैं। ये सब ममता बनर्जी के हाथ से बाहर है। ये सरकार जब तक रहेगी इससे बचाव संभव नहीं है।’(ये खबर अपडेट की जा रही है) कोलकाता पुलिस के अनुसार, बीती शाम राजधानी में फिर से हिंसा हुई, इस दौरान बदमाशों ने गोलपार्क के पास हंगामा किया और कथित तौर पर कंकुलिया रोड पर फायरिंग की और बम भी फेंके। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह हमला कुख्यात अपराधी सोना पप्पू के गैंग ने किया था। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: बजट में MSME पर बड़ा दांव; मौसम के बदले मिजाज से राहत नहीं; T20 WC में भारत-PAK मैच पर ICC का बयान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस बजट का मुख्य उद्देश्य रोजगार बढ़ाने और छोटे और मंझले उद्योगों (MSMEs) को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ देश के औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना है। वहीं उत्तर-पश्चिम के साथ मध्य भारत को अभी मौसम के बदले मिजाज से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और आसपास के मैदानी इलाकों में 3 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही पाकिस्तान के टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने और आगामी विश्व कप में शामिल होने के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने प्रतिक्रिया दी है। खेल की वैश्विक संस्था ने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से आधिकारिक सूचना का इंतजार है। दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने रविवार को पाकिस्तान टीम के आगामी विश्व कप में शामिल होने की जानकारी दी और बताया कि उनकी टीम भारत के खिलाफ खेले जाने वाले 15 फरवरी के मुकाबले का बहिष्कार करेगी। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 1 min · National Desk

दो मिनट में पूरा बजट 2026: 1 अप्रैल से बदलेगा आयकर कानून, आपकी कमाई व बचत पर क्या होगा असर दो मिनट में समझिए?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करने का रोडमैप साझा किया है। ‘युवा शक्ति’ और आर्थिक स्थिरता पर केंद्रित इस बजट का कुल आकार लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकारी खजाना खोल दिया है, वहीं राजकोषीय अनुशासन को भी प्राथमिकता दी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जो चालू वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से कम है। आम करदाताओं और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने विदेश यात्रा और शिक्षा को किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को 5 से 20 प्रतिशत के स्लैब से घटाकर सीधे 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यही राहत लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी दी गई है, जहाँ अब टीसीएस की दर 2 प्रतिशत होगी। इसके अलावा, टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को लचीला बनाते हुए ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि व्यापक समीक्षा के बाद तैयार किया गया ‘आयकर अधिनियम 2025’ आगामी 1 अप्रैल 2026 से प्रभाव में आएगा।शेयर बाजार के निवेशकों और विशेषकर ट्रेडर्स के लिए बजट के प्रावधान थोड़े सख्त रहे हैं। सरकार ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की घोषणा की है। फ्यूचर्स पर एसटीटी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 2 min · National Desk

SIR: एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की याचिका

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर जताई कड़ी नाराजगी सुप्रीम कोर्ट पहले से ही एसआईआर मुद्दे पर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को पत्र लिखकर बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को रोकने का आग्रह किया था और इसे मनमाना और गलत प्रक्रिया करार दिया। चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी थी कि मौजूदा रूप में एसआईआर जारी रहने से बड़े पैमाने पर लोगों के वोट देने का अधिकार छिन सकता है और लोकतंत्र की नींव पर चोट लग सकती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 3 जनवरी को लिखे एक पत्र में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर अनियमितताओं, प्रक्रियात्मक उल्लंघनों और प्रशासनिक कमियों से भरी एक बिना योजना वाली, अधूरी तैयारी वाली प्रक्रिया संचालित करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं। सोमवार को शाम 4 बजे उनका मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का कार्यक्रम है। इस मुलाकात में ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ चर्चा करेंगी। ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी होगा। सोमवार को संसद भवन में पार्टी के सांसदों से भी उनकी मुलाकात होने की संभावना है। दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी एसआईआर का सहारा इसलिए ले रही है क्योंकि उसे कुछ महीनों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में अपनी हार दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 2 min · National Desk

Union Budget 2026: 'देश की आर्थिक ताकत को समझें', चीन का जिक्र कर निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर साधा निशाना

#WATCH | Delhi: At the Youth Dialogue on Budget 2026, Finance Minister Nirmala Sitharaman says, “…Elon Musk takes the IMF data to say “wow, is this true”. I don’t remember if he exactly said ‘wow’… China contributes 26% of growth in global GDP. India contributes 17%.… pic.twitter.com/qY53GvKeHC — ANI (@ANI) February 1, 2026 महिलाओं का कार्यबल में आना देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। काम करना या न करना हर महिला का व्यक्तिगत फैसला है। जो महिलाएं काम करना चाहती हैं, उनके लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है। सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि सुरक्षित और सहयोगी कार्यस्थल उपलब्ध हो। श्रम कानून महिलाओं के अनुकूल होने चाहिए। नियोक्ताओं की सोच और कार्यस्थल का व्यवहार सहयोगी होना चाहिए। कार्यस्थल पर आपसी संबंध और वातावरण सकारात्मक होना जरूरी है। मातृत्व अवकाश को कुछ हफ्तों से बढ़ाकर छह महीने किया गया है। मातृत्व अवकाश बढ़ाने का फैसला कामकाजी महिलाओं को सहूलियत देने के लिए लिया गया। वहीं, विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बजट को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रावधानों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर विपक्ष हर बजट की आलोचना एक तय रुख के साथ करता है, जबकि जरूरी है कि यह देखा जाए कि योजनाओं से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और युवाओं को कितना लाभ मिलेगा। उन्होंने संकेत दिया कि बजट की पारदर्शिता पहले से ज्यादा है और बिना पूरी जानकारी के उसे खारिज करना उचित नहीं है।वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि बजट की योजनाएं उनके जीवन से जुड़े मुद्दों को कितना संबोधित करती हैं। टैक्स नीति में सरकार की निरंतरता भी अहम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 2, 2026 · 2 min · National Desk

बजट 2026: यूपी के 45 शहरों के विकास का खुलेगा रास्ता, 900 करोड़ मिलेगा, छोटे शहरों को मिलेंगी शहरी सुविधाएं

केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों से उत्तर प्रदेश के छोटे और मझोले शहरों के विकास को नई गति मिलने जा रही है। बजट में टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के शहरों के लिए आवंटन में 5,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। इसके तहत यूपी के करीब 45 शहरों के विकास का रास्ता खुलेगा और राज्य को लगभग 900 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इस बढ़ोतरी से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उभरते शहरी क्षेत्रों को भी समान रूप से मजबूत किया जाएगा। नगर विकास विभाग के अनुसार, यह राशि पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी।इस फंड से टियर-2 और टियर-3 शहरों में सड़क और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी सुधार, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने, शहरी सेवाओं के विस्तार और उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े रोजगार अवसर बढ़ाने पर काम किया जाएगा।उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। यहां टियर-2 श्रेणी के 15 और टियर-3 श्रेणी के 30 से अधिक शहर हैं। टियर-2 शहरों की आबादी पांच लाख से अधिक जबकि टियर-3 शहरों की आबादी एक से तीन लाख के बीच है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों के सशक्त होने से महानगरों की ओर पलायन घटेगा और संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में भी मददगार साबित होगा।विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई शहरों में काम हो चुका है, लेकिन अब भी छोटे शहरों में नागरिक सुविधाओं को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता है। यह बजट उसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर, झांसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

UP: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री, रखी ये मांग; 7 फरवरी को दिल्ली कूच की दी चेतावनी

आगे किस तरह से विरोध करेंगे? इस सवाल के जवाब में अलंकार ने कहा कि 1989 में देश का सबसे काला कानून एससी-एसटी कानून लागू हुआ। अब यूजीसी कानून ने पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। कोर वोटर सरकार से हट गया है। 85 प्रतिशत लोग एससी-एसटी कानून से प्रभावित होते हैं। 95 फीसदी केस फर्जी होते हैं। इस काले कानून को सरकार 6 फरवरी 2026 को वापस ले ले, अन्यथा 7 फरवरी को महाआंदोलन होगा। राष्ट्र की ओर से हम लोग दिल्ली कूच करेंगे। लोगों से भी आह्वान करेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 1 min · National Desk

Sanjay Raut: 'अजित पवार गुट के कुछ लोग ही नहीं चाहते दोनों का विलय हो', एनसीपी पर संजय राउत का बड़ा दावा

महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया है कि अजित पवार गुट के कुछ लोग खुद एनसीपी के दोनों धड़ों को एक करने के प्रयासों में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर दोनों गुट एक हो जाते, तो कुछ नेताओं की “दुकानें बंद” हो जातीं। इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राउत ने कहा कि अजित पवार ने खुद एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी (एसपी) गुट को साथ लाने की पहल की थी। इसके लिए कई बैठकों का दौर भी चला था। उन्होंने कहा कि अजित पवार को अपने चाचा शरद पवार पर अंत तक भरोसा था। राउत के अनुसार, पार्टी के भीतर ही कुछ लोग इस एकता के खिलाफ थे और वे नहीं चाहते थे कि दोनों गुट फिर साथ आएं।राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि महाराष्ट्र के मराठी नेता और दल एक साथ आएं। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति बांटो और राज करो की है। राउत ने दावा किया कि चाहे एनसीपी हो या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, दोनों दलों की कमान आखिरकार भाजपा के हाथ में है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।राउत ने एनसीपी के नेतृत्व को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह मराठी नेतृत्व वाली पार्टी है और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को सुनिश्चित करना चाहिए कि पार्टी का नेतृत्व मराठी हाथों में रहे। उनका इशारा एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल की ओर माना जा रहा है। इससे पहले राज ठाकरे भी इसी तरह की बात कह चुके हैं।शरद पवार ने हाल ही में कहा था कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की घोषणा 12 फरवरी को हो सकती थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण प्रक्रिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

बजट 2026 पर BJP-कांग्रेस आमने सामने: वैष्णव ने गिनाईं बड़ी घोषणाएं, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने दिखाया आईना

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बजट पेश होने के तुरंत बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। जहां एक ओर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को विकासोन्मुख और भविष्य की नींव रखने वाला बताया, वहीं कांग्रेस सांसद और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट को आर्थिक रणनीति और नेतृत्व दोनों के स्तर पर विफल करार दिया। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बजट भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा हमारा निष्कर्ष साफ है यह बजट आर्थिक रणनीति और इकोनॉमिक स्टेट्समैनशिप की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने योजनाओं, कार्यक्रमों, मिशनों, फंड और समितियों की संख्या बढ़ाने पर ही जोर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा आप खुद कल्पना कर सकते हैं कि इनमें से कितनी योजनाएं अगले साल तक भुला दी जाएंगी।चिदंबरम ने कहा कि आयकर अधिनियम 2026, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होना है, उसके पारित होने के कुछ महीनों बाद ही दरों में बदलाव कर दिए गए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की अधिकांश आबादी आयकर के दायरे में ही नहीं आती, इसलिए इन बदलावों का आम जनता पर सीमित असर होगा। अप्रत्यक्ष करों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए बजट भाषण के सिर्फ कुछ ही पैराग्राफ मायने रखते हैं और उनमें दी गई रियायतें भी बेहद मामूली हैं।पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार पर आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा या तो सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण पढ़ा ही नहीं या फिर जानबूझकर उसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया। चिदंबरम ने अमेरिका द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ, चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, FDI को लेकर अनिश्चितता और लगातार हो रहे FPI आउटफ्लो जैसे गंभी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk