TOP News: बांग्लादेश में मतदान आज, अमर उजाला के मंच पर शब्द साधकों का सम्मान; पहाड़ों पर बर्फ का अलर्ट

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं देश-दुनिया में आज कई अहम मोर्चों पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमर उजाला शब्द सम्मान 2025 समारोह में सुर और साहित्य का खास संगम दिखा, जहां उस्ताद शुजात हुसैन खान की सितार प्रस्तुति के बीच कई प्रमुख साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने शब्द और संगीत के रिश्ते को केंद्र में रखा। दूसरी ओर बांग्लादेश में आम चुनाव हो रहे हैं। राजनीतिक अस्थिरता, अंतरिम सरकार के फैसलों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों के बीच कड़ी सुरक्षा में मतदान कराया जा रहा है, जबकि नतीजों की विश्वसनीयता पर भी बहस जारी है। वहीं, मौसम के मोर्चे पर उत्तर भारत में नया बदलाव दिख रहा है। पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने का अनुमान है। सियासत में कांग्रेस पर एक नई किताब के हवाले से राष्ट्रीय हितों से समझौते के आरोपों को लेकर विवाद गहराया है। विदेश मोर्चे पर ईरान ने अमेरिका पर भरोसा कम होने की बात कही है और साफ किया है कि वह बातचीत और जवाबी कार्रवाई दोनों के लिए तैयार है। मुंबई के भायखला में एक 18 मंजिला इमारत में लिफ्ट गिरने से पांच लोग घायल हुए हैं। बैंकिंग क्षेत्र में आरबीआई ने लोन के साथ जबरन बीमा बेचने पर सख्त रुख दिखाया है। खेल जगत में भारत-पाकिस्तान टी20 मुकाबले से पहले बयानबाजी तेज है। वहीं मनोरंजन जगत में जानी ने अरिजीत सिंह के साथ तस्वीरें साझा कर भावुक संदेश दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पुलिस कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 12, 2026 · 2 min · National Desk

बांग्लादेश में आज चुनाव: कब तक आएंगे नतीजे, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के बीच क्या हैं सुरक्षा इंतजाम

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं बांग्लादेश में आज (12 फरवरी) को चुनाव के लिए क्या समय निर्धारित किया गया है? इसमें कितनी पार्टियां मैदान में हैं और कितने उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं? कौन-कौन इस चुनाव में वोट डाल सकता है? बीते दिनों में धार्मिक और राजनीतिक हिंसा के क्या आंकड़े सामने आए हैं? अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं? बांग्लादेश में इस चुनाव के लिए क्या मुद्दे हैं? आइये जानते हैं… बांग्लादेश में आज (12 फरवरी) को आम चुनाव का आयोजन किया जाना है। इन चुनावों पर भारत से लेकर अमेरिका और चीन से लेकर पाकिस्तान तक की नजर बनी हुई है। खासकर बांग्लादेश में लगातार बदलती स्थिति को देखते हुए। दरअसल, भारत के इस पड़ोसी मुल्क में प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद से धार्मिक हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे लेकर कई संगठनों ने आंकड़े भी जारी किए हैं। दूसरी तरफ इन चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इन चुनाव में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने सबसे बड़ी पार्टी- आवामी लीग को ही प्रतिबंधित करवा दिया। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही हैं, जो कि निष्पक्ष चुनाव के दावों पर भी प्रश्न चिह्न लगा रही हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 12, 2026 · 2 min · National Desk

Iran-US: अमेरिका पर भरोसा नहीं कर पा रहा ईरान, विदेश मंत्री अराघची बोले- हम बातचीत और जंग दोनों के लिए तैयार

एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरान अब भी अमेरिका के साथ बातचीत चाहता है, लेकिन पूरा भरोसा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में जब बातचीत चल रही थी, उसी दौरान हमला हुआ, जो ईरान के लिए खराब अनुभव रहा। उनके मुताबिक सैन्य हमले और धमकियां किसी देश की तकनीकी प्रगति को नहीं रोक सकतीं। इसलिए स्थायी समाधान सिर्फ कूटनीति से ही निकलेगा।अराघची ने दोहराया कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और यह देश का संप्रभु अधिकार है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए 5 प्रतिशत से कम संवर्धन की जरूरत होती है। तेहरान रिसर्च रिएक्टर के लिए 20 प्रतिशत तक संवर्धन का ईंधन चाहिए, जिसका उपयोग कैंसर इलाज के लिए मेडिकल आइसोटोप बनाने में होता है। उन्होंने कहा कि प्रतिशत से ज्यादा जरूरी यह है कि कार्यक्रम का मकसद शांतिपूर्ण है। ईरान इस बात की गारंटी देने को भी तैयार है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सिर्फ परमाणु कार्यक्रम पर बात करेगा। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों पर कोई बातचीत नहीं होगी। अराघची ने कहा कि ये मांगें बिल्कुल स्वीकार नहीं हैं। दूसरी तरफ इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू चाहते हैं कि ईरान से होने वाली किसी भी डील में मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय संगठनों का मुद्दा भी शामिल हो।ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर बातचीत नाकाम होती है और नया हमला होता है तो ईरान जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल इस्राइल और अमेरिका की बमबारी के बाद ईरान की सैन्य तैयारी संख्या और गुणवत्ता दोनों में बढ़ी है। उन्होंने नेतन्याहू को युद्ध भड़काने वाला नेता बताया और आरोप ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 12, 2026 · 2 min · National Desk

Canada Firing: कनाडा के स्कूल में गोलीबारी, हमलावर समेत 10 की मौत; जांच में जुटी पुलिस

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के अनुसार, छह लोग स्कूल के भीतर मृत पाए गए, दो शव एक संबंधित आवास से बरामद हुए और एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। कम से कम दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि लगभग 25 लोगों का इलाज गैर-गंभीर चोटों के लिए किया जा रहा है।पुलिस ने कनाडा में एक स्कूल में हुई गोलीबारी के संदिग्ध की पहचान 18 वर्षीय युवती के रूप में की है। युवती को लेकर पहले भी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें दर्ज की गई थीं। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के उप आयुक्त ड्वेन मैकडॉनल्ड ने बुधवार को कहा कि हमलावर वैन रूट्सलार का मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इतिहास था। उन्होंने बताया कि संदिग्ध हमलावर की मां और सौतेले भाई भी स्कूल के पास एक घर में मृत पाए गए थे।पुलिस ने बताया कि संदिग्ध हमलावर भी स्कूल परिसर में मृत मिला और प्रारंभिक जांच में मामला जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी अन्य संदिग्ध या खतरे की आशंका नहीं है। घटना के दौरान स्कूल को लॉकडाउन कर दिया गया था। स्थानीय पादरी जॉर्ज रोवे ने कहा कि कई अभिभावक सामुदायिक केंद्र में अपने बच्चों की खबर का इंतजार करते रहे। स्कूल को सप्ताह भर के लिए बंद कर दिया गया है और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने इसे बेहद दुखद घटना बताया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी शोक व्यक्त करते हुए अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए। उन्होंने कहा कि टंबलर रिज में माता-पिता, दादा-दादी, बहनें, भाई अपने प्रियजनों के बिना जागेंगे। पूरा देश आपके साथ शोक मना रहा है और कनाडा आपके साथ खड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय पुलिस बल दो मिनट के भीतर मौक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 12, 2026 · 2 min · National Desk

Naravane Book Controversy: नोटिस के बाद पेंगुइन रैंडम हाउस के दफ्तर पहुंची दिल्ली पुलिस, ढाई घंटे तक की जांच

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ को नोटिस जारी कर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक को लेकर दर्ज मामले में और सीक्रेट एक्ट व कॉपी राइट की धाराएं भी जोड़ी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार को गुरुग्राम में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ऑफिस में पहुंची और करीब ढाई घंटे तक जांच पड़ताल की। टीम वहां से कुछ कागजात भी अपने साथ लाई है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया, जब पुस्तक की स्थिति और अनधिकृत संस्करणों के कथित अवैध प्रसार के विरोध में दावे किए जा रहे हैं, जिससे प्रकाशक, पूर्व सेना प्रमुख और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां एक व्यापक सार्वजनिक विवाद में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार विशेष प्रकोष्ठ ने नोटिस के माध्यम से प्रकाशक से औपचारिक रूप से संपर्क कर कई सवाल पूछे हैं और उनके विस्तृत जवाब मांगे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 12, 2026 · 1 min · National Desk

Russia: 'ट्रंप के अलावा किसी से नहीं सुना', तेल खरीद पर भारत को लेकर अमेरिका के दावे पर भड़के लावरोव

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ‘भारत के किसी नेता ने नहीं दिया बयान’ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संसद में बताया कि उन्होंने ट्रंप के अलावा किसी और से यह नहीं सुना कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा। लावरोव ने कहा कि न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही भारत के किसी दूसरे नेता ने ऐसा कोई बयान दिया है। ‘ट्रंप के दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता’ उन्होंने यह भी कहा कि रूस को किसी ने भी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है कि भारत ने तेल आयात रोक दिया है। इसलिए केवल ट्रंप के दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता। रूस ने कहा कि भारत के साथ उसका उर्जा और व्यापार सहयोग मजबूत और लाभदायक है। ‘दबाव के लिए विभिन्न तरीके अपना रहा अमेरिका’ लावरोव ने अमेरिका पर यह भी आरोप लगाया कि वह दबाव के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि भारत व दूसरे देशों को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी उर्जा नीति के तहत भारत जैसे देशों महंगा अमेरिकी ईंधन खरीदने के लिए मजबूर करना चाहता है। ये भी पढ़ें: रूस से तेल खरीद पर भारत की स्थिति क्या है? भारत की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि उसने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है या नहीं। भारत कई बार कह चुका है कि उसकी उर्जा नीति राष्ट्रीय हित और बाजार की जरूरतों पर आधारित है, न कि किसी बाहरी दबाव पर। इसलिए रूस के विदेश मंत्री लावरोव का कहना है कि ट्रंप दावा करने वाले अकेले व्यक्ति हैं और ऐसा कोई आधिकारिक फैसला भारत या रूस की ओरसे नहीं लिया गया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संसद में बताया कि उन्होंने ट्रंप के अलावा किसी और से यह नहीं सुना कि भा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 11, 2026 · 2 min · National Desk

Naravane Book Controversy: नोटिस के बाद पेंगुइन रैंडम हाउस के दफ्तर पहुंची दिल्ली पुलिस, ढाई घंटे तक की जांच

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ को नोटिस जारी कर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक को लेकर दर्ज मामले में और सीक्रेट एक्ट व कॉपी राइट की धाराएं भी जोड़ी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार को गुरुग्राम में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ऑफिस में पहुंची और करीब ढाई घंटे तक जांच पड़ताल की। टीम वहां से कुछ कागजात भी अपने साथ लाई है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया, जब पुस्तक की स्थिति और अनधिकृत संस्करणों के कथित अवैध प्रसार के विरोध में दावे किए जा रहे हैं, जिससे प्रकाशक, पूर्व सेना प्रमुख और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां एक व्यापक सार्वजनिक विवाद में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार विशेष प्रकोष्ठ ने नोटिस के माध्यम से प्रकाशक से औपचारिक रूप से संपर्क कर कई सवाल पूछे हैं और उनके विस्तृत जवाब मांगे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 11, 2026 · 1 min · National Desk

हड़ताल: क्या कल बैकों में ठप रहेगा कामकाज? एसबीआई और दूसरे बैंकों ने ग्राहकों को क्या सलाह दी, जानिए सबकुछ

12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल और भारत बंद के आह्वान के बीच ग्राहकों के मन में बैंकों की शाखाओं के खुलने या न खुलने के बारे में संशय बना हुआ है। प्रमुख बैंक कर्मचारी यूनियनों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) के साथ मिलकर इस हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। हड़ताल पर असमंजस को दूर करते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई सहित अन्य प्रमुख बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि गुरुवार को बैंकिंग सेवाओं पर इसका आंशिक असर दिख सकता है। ग्राहकों की चिंताओं को संबोधित करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और यूको बैंक ने आधिकारिक बयान जारी किए हैं। एसबीआई ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा है कि बैंक ने अपनी शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की है, लेकिन हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। इसी तरह, बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी साफ कर दिया है कि वे सुचारू संचालन के लिए कदम उठा रहे हैं, लेकिन अगर हड़ताल प्रभावी होती है, तो शाखाओं और कार्यालयों का कामकाज बाधित हो सकता है। यूको बैंक ने भी लगभग यही रुख अपनाते हुए सेवाओं में व्यवधान की आशंका जाहिर की है।गुरुवार को हो रहे देशव्यापी हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) जैसे प्रमुख संगठनों ने किया है। ये संगठन प्रस्तावित लेबर कोड (श्रम संहिताओं) का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें वे श्रमिकों के खिलाफ और ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण के लिए कड़ी शर्तों वाला मानते हैं। इसके अलावा, बैंक यूनियनें लंबे समय स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 11, 2026 · 2 min · National Desk

बांग्लादेश में कल चुनाव: कब तक आएंगे नतीजे, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के बीच क्या हैं सुरक्षा इंतजाम

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं आइये जानते हैं कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव के लिए क्या समय निर्धारित किया गया है? इसमें कितनी पार्टियां मैदान में हैं और कितने उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं? कौन-कौन इस चुनाव में वोट डाल सकता है? बीते दिनों में धार्मिक और राजनीतिक हिंसा के क्या आंकड़े सामने आए हैं? अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं? बांग्लादेश में इस चुनाव के लिए क्या मुद्दे हैं? आइये जानते हैं… बांग्लादेश में कल (12 फरवरी) को आम चुनाव का आयोजन किया जाना है। इन चुनावों पर भारत से लेकर अमेरिका और चीन से लेकर पाकिस्तान तक की नजर बनी हुई है। खासकर बांग्लादेश में लगातार बदलती स्थिति को देखते हुए। दरअसल, भारत के इस पड़ोसी मुल्क में प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद से धार्मिक हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे लेकर कई संगठनों ने आंकड़े भी जारी किए हैं। दूसरी तरफ इन चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इन चुनाव में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने सबसे बड़ी पार्टी- आवामी लीग को ही प्रतिबंधित करवा दिया। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही हैं, जो कि निष्पक्ष चुनाव के दावों पर भी प्रश्न चिह्न लगा रही हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 11, 2026 · 2 min · National Desk

Parliament: राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार, शाम 5 बजे तक मांगा जवाब; गलत बयानी के आरोप

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही संचालन और आचरण से जुड़े स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले विधिवत नोटिस देना होता है और ठोस प्रस्ताव लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना और प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। रिजिजू के अनुसार, सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सदन के भीतर उन्होंने स्वयं राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों और आरोपों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति अपेक्षित गंभीरता और आचरण नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सदन के बाहर राहुल गांधी के बयानों का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा, जबकि सदन के भीतर संसदीय नियमों के तहत औपचारिक नोटि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 11, 2026 · 2 min · National Desk