केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही संचालन और आचरण से जुड़े स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले विधिवत नोटिस देना होता है और ठोस प्रस्ताव लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना और प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। रिजिजू के अनुसार, सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सदन के भीतर उन्होंने स्वयं राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों और आरोपों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति अपेक्षित गंभीरता और आचरण नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सदन के बाहर राहुल गांधी के बयानों का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा, जबकि सदन के भीतर संसदीय नियमों के तहत औपचारिक नोटि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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