Farooq Abdullah Attack: 'मैं निकल रहा था तभी...', फारूक ने खुद बताया उनके साथ क्या हुआ? अमित शाह ने किया फोन

1 of 10 Farooq Abdullah Attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं शादी समारोह स्थल से बाहर निकल रहा था, तभी मैंने पटाखे की आवाज सुनी। तुरंत, मुझे एक कार में ले जाया गया। बाद में, मुझे बताया गया कि एक आदमी पिस्तौल के साथ था जिसने दो गोलियां चलाईं। न तो मैं इस आदमी (आरोपी) को जानता हूं, और न ही मुझे उसके बारे में कोई जानकारी है।" नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि उन पर हुए हमले के बाद यूनियन होम मिनिस्टर अमित शाह ने उनका हालचाल जानने के लिए उन्हें फोन किया था और भरोसा दिलाया था कि मामले की जांच की जाएगी। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 10 हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और स्थानीय पुलिस के जवानों द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके बचाव में जवानों ने जो किया, उसके लिए उनके पास व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस शादी समारोह में कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद थीं, लेकिन उस समय कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। 3 of 10 हमले के बाद मीडिया के सामने फारूक अब्दुल्लाह - फोटो : पीटीआई अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह की कृपा से, मेरी सुरक्षा मेरे साथ थी, और मेरी जान बच गई।" उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बात की, उनका हालचाल जाना और मामले की जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब समाज में नफरत का माहौल हो, तो ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

अविश्वास प्रस्ताव पर ओम बिरला: लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी, नेता प्रतिपक्ष को कभी नहीं रोका; नियम सबसे ऊपर

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आज पहली बार आसन पर आए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना अत्यंत आवश्यक है और नेता प्रतिपक्ष को कभी नहीं रोका गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। ओम बिरला ने बताया कि सदन में पिछले दो दिनों में 12 घंटे से अधिक बहस हुई, ताकि सभी सदस्यों के विचार और चिंताएं सामने आ सकें। उन्होंने कहा “यह सदन 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यहां हर सांसद अपनी जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं के साथ आता है। मैंने हमेशा कोशिश की कि हर सांसद नियमों के तहत अपनी बात रखे। मैं हर उस सांसद को बोलने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता रहा जो कम बोलते थे, क्योंकि बोलने से लोकतंत्र का संकल्प मजबूत होता है।“उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।ओम बिरला ने विपक्ष की शिकायतों का भी जवाब दिया। कुछ सदस्यों का कहना था कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जाता है। इस पर उन्होंने कहा मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि कोई भी हो, उसे सदन में नियमों के तहत बोलने का अधिकार है। कुछ लोगों का मानना था कि सदन के नेता हर नियम से ऊपर हैं। मैं साफ कर दूं कि ऐसा नहीं है। ये नियम मुझे विरासत में मिले हैं और इन्हें पालन करना अनिवार्य है। चाहे प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, नियम 372 के तहत उन्ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia: इराक में हुए हमले में भारतीय की मौत, ईरानी सुसाइड बोट से टक्कर के बाद अमेरिकी तेल टैंकर में लगी आग

जिस जहाज पर हमला हुआ, उसका नाम ‘सेफसी विष्णु’ है। यह अमेरिका का जहाज है और इस पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा है। हमले के समय जहाज पर कुल 28 लोग मौजूद थे। इनमें से एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि बाकी 27 कर्मियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए सभी लोगों को इराक के बसरा शहर ले जाया गया है।जहाज की कंपनी ‘सेफसी’ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। कंपनी ने भारत सरकार से अपील की है कि वह इस हमले की कड़ी निंदा करे। उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। सूत्रों का कहना है कि दुनिया भर के जहाजों पर काम करने वाले नाविकों में 15 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय हैं। ऐसे में किसी भी देश के जहाज पर हमला होने से भारतीयों की जान को सबसे ज्यादा खतरा रहता है।‘सेफसी विष्णु’ कच्चा तेल ढोने वाला एक बड़ा टैंकर है। यह जहाज साल 2007 में बना था। इसकी लंबाई लगभग 228 मीटर और चौड़ाई 32 मीटर है। फिलहाल इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 1 min · National Desk

LPG Crisis: एलपीजी संकट की आशंका के बीच सरकार सक्रिय, सुरेश गोपी बोले- अतिरिक्त आपूर्ति के नए रास्ते खुले

वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि भारत के लिए अतिरिक्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के नए रास्ते खुल रहे हैं और संकट को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आपूर्ति संबंधी मुद्दों के खुलासे पर क्या बोले मंत्री? मंत्री ने बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को संसद में एलपीजी संकट से जुड़े सवालों का जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ आपूर्ति संबंधी मुद्दों का खुलासा कूटनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण सार्वजनिक रूप से नहीं किया जा सकता, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मामलों पर। मौजूदा स्थिति में किसे दी जा रही प्राथमिकता? गोपि ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों से बातचीत कर यह मुद्दा उठाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट का आम लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है और भारत के लिए कुछ राहत या छूट देने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े साझा नहीं किए जा सकते, लेकिन भारत को अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराने के रास्ते बन रहे हैं। मंत्री के अनुसार मौजूदा स्थिति में गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता आपात सेवाओं को दी जा रही है। अस्पतालों और श्मशान घाट जैसी आवश्यक सेवाओं को पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है ताकि जरूरी कामकाज प्रभावित न हो। गैस की कीमतों पर क्या बोले मंत्री? उन्होंने कहा कि मंत्रालय के आकलन के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कई तकनीकी और आपूर्ति से जुड़े पहलुओं पर भारत का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

US में टैरिफ पर नए दांव-पेंच: क्या 52 साल पुराने कानून में हो सकते हैं बदलाव? ट्रंप प्रशासन ने शुरू की जांच

अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार को ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह जांच शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत विदेशी कंपनियों और देशों की औद्योगिक नीतियों की जांच की जाएगी, जिसके बाद उन पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की नीति में बदलाव नहीं हुआ है, केवल इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा करना है।नई जांच के दायरे में कई बड़े व्यापारिक साझेदार देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ, बांग्लादेश, जापान, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, मेक्सिको और ताइवान जैसे देश शामिल हैं। अमेरिकी सरकार इन देशों की उन नीतियों की जांच करेगी जिनसे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इसमें औद्योगिक सब्सिडी, मजदूरी दमन और अमेरिकी बाजार में लगातार व्यापार अधिशेष जैसे मुद्दों को देखा जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस जांच के बाद नए टैरिफ लागू होते हैं तो वैश्विक व्यापार में फिर तनाव बढ़ सकता है। इससे पहले लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिका और उसके कई व्यापारिक साझेदारों के बीच तीखी आर्थिक खींचतान देखने को मिली थी। हालांकि ग्रीर ने कहा कि पिछले साल घोषित व्यापार ढांचे अपने आप में अलग हैं और नई जांच उनसे सीधे जुड़ी नहीं है। फिर भी इन समझौतों को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जा सकता है।ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत एक और जांच शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य जबरन श्रम से बनाए गए उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की संभावना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

CEC: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष एकजुट, आज महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तृणमूल के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद नोटिस देने के लिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। योजना दोनों सदनों में नोटिस देने की है। दरअसल, महाभियोग की प्रक्रिया के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है। सीईसी को हटाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के जजों को हटाने की तरह ही प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है।दरअसल पार्टी चाहती है कि अप्रैल-मई में बंगाल विधानसभा चुनाव में एसआईआर को बड़ा मुद्दा बनाने के लिए इसी सत्र में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो। प्रक्रिया शुरू करने और मुख्य रूप से चर्चा के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। यदि बृहस्पतिवार को नोटिस दिया गया तो इसी सत्र में प्रस्ताव पर चर्चा हो जाएगी। नोटिस में सीईसी पर सरकार के इशारे पर एसआईआर के बहाने जानबूझकर उचित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया गया है।मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह ही होती है। इसके लिए ‘साबित दुर्व्यवहार’ या ‘अक्षमता’ को आधार बनाना होता है। यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है। इसे पास कराने के लिए सदन के कुल सदस्यों के बहुमत और मौजूद व वोट देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: CEC के खिलाफ आज महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष, होर्मुज में ईरानी सेना पर अमेरिका के हमले जारी

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और देश की राजनीति समेत कई बड़े मुद्दे आज सुर्खियों में हैं। संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाअभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दल आज महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि नोटिस पर लोकसभा और राज्यसभा के कई सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इसे पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे से भी जोड़ा जा रहा है। इसी बीच पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक कार्रवाई में कई जहाज और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावें नष्ट की गई हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह जब चाहेंगे तब ईरान के साथ युद्ध समाप्त हो सकता है। युद्ध का असर ऊर्जा बाजार और भारत पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती कीमतों के बीच ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी कर सकता है ताकि बाजार में आपूर्ति बढ़े और कीमतें नियंत्रित रहें। इसी संकट के बीच भारत सरकार ईरान में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटी है। इसके लिए आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकासी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, पश्चिम एशिया के तनाव का असर दिल्ली तक पहुंच गया है। राजधानी में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी देखी जा रही है, जिससे होटल और ढाबा कारोबार प्रभावित हुआ है। इसके अलावा ओमान के सलालाह बंदरगाह पर तेल भंडारण केंद्रों पर ईरानी ड्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict: 'मैं जब चाहूंगा, ईरान से युद्ध खत्म हो जाएगा', अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में हमले और सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी अमेरिकी राष्ट्रपति ने भले ही संकेत दिए हैं कि ईरान में उनके सैन्य अभियान के लक्ष्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं। लेकिन पश्चिम एशिया में हमले और सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है। इससे पहले इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि ईरान पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक जरूरी होगा। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, काट्ज ने कहा कि यह अभियान तब तक बिना किसी समयसीमा के जारी रहेगा, जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते और अभियान का नतीजे तय नहीं हो जाते। काट्ज ने कहा कि तेहरान और पूरे देश में हमले हर दिन जारी रहेंगे और एक-एक करके अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान के लोगों को खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ खड़े होने और उसे हटाने के लिए प्रेरित करना भी है। ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा- ईरान के पास नहीं बची ताकत एक दिन पहले ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से कहा था कि यह युद्ध लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब नौसेना, संचार व्यवस्था और वायुसेना जैसी ताकत नहीं बची है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता बहुत कम रह गई है और उसके ड्रोन लगातार नष्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य दृष्टि से तेहरान के पास अब लगभग कुछ भी नहीं बचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी भी दी कि वह कोई ‘चालाकी’ करने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि ईरान ने जितने भी हमले करने थे, कर दिए हैं और अब अगर उसने कोई गलत कदम उठाया तो उस देश का अंत हो सकता है। ट्रंप ने कहा, अगर उन्होंने कुछ भी गलत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: 'व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण', पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की सख्त टिप्पणी

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक जहाज पर हमला हुआ है। भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि किसी भी हालत में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की जान को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है और अब इन हमलों की गंभीरता और बढ़ती दिखाई दे रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 1 min · National Desk

Farooq Abdullah: पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला पर हमला, फायरिंग में बाल-बाल बचे; डिप्टी सीएम चौधरी भी थे मौजूद

नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग का मामला सामने आया है। हमला उस वक्त हुआ जब वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित राॅयल पार्क में एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के साथ वापस लौट रहे थे। दोनों नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुरानी मंडी निवासी हमलावर कमल सिंह जम्वाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉ. फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। समारोह में शिरकत करने के बाद जैसे ही दोनों नेता बाहर निकल अपनी गाड़ियों की तरफ बढ़ रहे थे तभी वहां मौजूद आरोपी ने गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से शादी समारोह में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद दोनों नेताओं के मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया। आरोपी कमल सिंह के पकड़े जाने के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बोला-20 साल से मारना चाहता था…आज मौका मिला आरोपी कमल सिंह ने पुलिस हिरासत में कहा कि वह 20 साल से डॉ. फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। उसने यह भी कहा कि उसे आज (बुधवार) को मौका मिला। पुलिस और खुफिया एजेंसियां कमल सिंह जम्वाल से कड़ी पूछताछ कर रही हैं। पुलिस पता लगा रही है कि आरोपी हथियार लेकर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचा। इस घटना के बाद पूरे जम्मू शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा में चूक डिप्टी सीएम ने इसे सुरक्षा में चूक बताया। मुख्यमंत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 12, 2026 · 2 min · National Desk