अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार को ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह जांच शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत विदेशी कंपनियों और देशों की औद्योगिक नीतियों की जांच की जाएगी, जिसके बाद उन पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की नीति में बदलाव नहीं हुआ है, केवल इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा करना है।नई जांच के दायरे में कई बड़े व्यापारिक साझेदार देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, यूरोपीय संघ, बांग्लादेश, जापान, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, मेक्सिको और ताइवान जैसे देश शामिल हैं। अमेरिकी सरकार इन देशों की उन नीतियों की जांच करेगी जिनसे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इसमें औद्योगिक सब्सिडी, मजदूरी दमन और अमेरिकी बाजार में लगातार व्यापार अधिशेष जैसे मुद्दों को देखा जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस जांच के बाद नए टैरिफ लागू होते हैं तो वैश्विक व्यापार में फिर तनाव बढ़ सकता है। इससे पहले लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिका और उसके कई व्यापारिक साझेदारों के बीच तीखी आर्थिक खींचतान देखने को मिली थी। हालांकि ग्रीर ने कहा कि पिछले साल घोषित व्यापार ढांचे अपने आप में अलग हैं और नई जांच उनसे सीधे जुड़ी नहीं है। फिर भी इन समझौतों को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जा सकता है।ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत एक और जांच शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य जबरन श्रम से बनाए गए उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की संभावना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US में टैरिफ पर नए दांव-पेंच: क्या 52 साल पुराने कानून में हो सकते हैं बदलाव? ट्रंप प्रशासन ने शुरू की जांच
अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार को ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह जांच शुरू की है। इस प्रक्रिया के तहत विदेशी कंपनियों और देशों की औद्योगिक नीतियों की जांच की जाएगी, जिसके बाद उन पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की नीति में बदलाव नहीं हुआ है, केवल इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा करना है।नई जांच के दायरे में कई बड़े