लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आज पहली बार आसन पर आए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना अत्यंत आवश्यक है और नेता प्रतिपक्ष को कभी नहीं रोका गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। ओम बिरला ने बताया कि सदन में पिछले दो दिनों में 12 घंटे से अधिक बहस हुई, ताकि सभी सदस्यों के विचार और चिंताएं सामने आ सकें। उन्होंने कहा “यह सदन 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यहां हर सांसद अपनी जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं के साथ आता है। मैंने हमेशा कोशिश की कि हर सांसद नियमों के तहत अपनी बात रखे। मैं हर उस सांसद को बोलने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता रहा जो कम बोलते थे, क्योंकि बोलने से लोकतंत्र का संकल्प मजबूत होता है।“उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।ओम बिरला ने विपक्ष की शिकायतों का भी जवाब दिया। कुछ सदस्यों का कहना था कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका जाता है। इस पर उन्होंने कहा मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि कोई भी हो, उसे सदन में नियमों के तहत बोलने का अधिकार है। कुछ लोगों का मानना था कि सदन के नेता हर नियम से ऊपर हैं। मैं साफ कर दूं कि ऐसा नहीं है। ये नियम मुझे विरासत में मिले हैं और इन्हें पालन करना अनिवार्य है। चाहे प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, नियम 372 के तहत उन्ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अविश्वास प्रस्ताव पर ओम बिरला: लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जरूरी, नेता प्रतिपक्ष को कभी नहीं रोका; नियम सबसे ऊपर
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आज पहली बार आसन पर आए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना अत्यंत आवश्यक है और नेता प्रतिपक्ष को कभी नहीं रोका गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। ओम बिरला ने बताया कि सदन में पिछले दो दिनों में 12 घंटे से अधिक बहस हुई, ताकि सभी सदस्यों के विचार और चिंताएं सामने आ सकें। उन्होंने कहा "यह सदन 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता ह