LPG: 92700 मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहे शिवालिक और नंदा, सरकार ने बताया- कालाबाजारी के खिलाफ देशभर में छापेमारी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार सक्रिय है। भारत की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गई हैं। एक तरफ जहां भारी मात्रा में एलपीजी गैस लेकर विशाल टैंकर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार में आपूर्ति शृंखला को बाधित करने वालों के खिलाफ एजेंसियों ने सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को सरकार की ओर से बताया गया कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के एलपीजी टैंकर इस समय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज पास को पार कर चुके हैं और भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह एक बड़ा ऊर्जा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है, क्योंकि ये दोनों पोत कुल मिलाकर 92,700 मीट्रिक टन गैस का बड़ा शिपमेंट लेकर आ रहे हैं।जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि तय योजना के मुताबिक, ये वाणिज्यिक जहाज पश्चिमी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों- मुंद्रा पोर्ट और कांडला पोर्ट पर एंकर करेंगे। शेड्यूलिंग के अनुसार ये शिपमेंट 16 और 17 मार्च को भारत पहुंच जाएंगे। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आवक से घरेलू बाजार में ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी और औद्योगिक व घरेलू मांग को सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा।पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है; हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार की स्टॉक की कमी की सूचना नहीं मिली है। शर्मा ने बताया कि घबराहट में बुकिंग के मामले अब भी बहुत अधिक हैं। उन्होंने कहा, “जो आंकड़ा मैंने कल आपके साथ साझा किया था - लगभग 75 से 76 लाख बुकिंग - वह अब बढ़कर लगभग 88 लाख हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...