पीएम मोदी ने शिलॉन्ग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया। 166 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की लागत करीब 22,860 करोड़ रुपये होगी। इससे असम और मेघालय के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इस कॉरिडोर की मदद से गुवाहाटी से सिलचर के बीच यात्रा का समय साढ़े आठ घंटे से कम होकर सिर्फ पांच घंटे रह जाएगी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा ‘थोड़ी देर पहले यहां हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रेल, कृषि वन ऐसे हर प्रोजेक्ट से बराक घाटी, उत्तर पूर्व का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सारी विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।‘उन्होंने कहा, ‘आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने उत्तर पूर्व को दिल्ली और दिल, दोनों से दूर रखा। कांग्रेस ने उत्तर पूर्व को एक तरह से भुला दिया। लेकिन भाजपा एनडीए की डबल इंजन सरकार ने उत्तर पूर्व को ऐसे कनेक्ट किया है। आज उत्तर पूर्व, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का केंद्र है। लेकिन कांग्रेस ने उत्तर पूर्व को अपने हाल पर छोड़ दिया था। वैसे ही बराक घाटी को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है। जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने ऐसे सीमा निर्धारित की, जिससे बराक घाटी का समुद्र से संपर्क ही टूट गया। जो बराक घाटी कभी व्यापार केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उससे उसकी ताकत ही छीन ली गई। अब भाजपा की डबल इंजन सरकार बराक घाटी को व्यापार का बड़ा केंद्र बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।‘प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज करीब 24 हजार करोड़ रुपये के सिलचर-शिलॉन्ग कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है। जहां कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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