राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया का राष्ट्रीयकरण करना चाहते हैं। अभी अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया एक संघीय प्रणाली है जिसमें संविधान प्रत्येक राज्य को अपने-अपने तरीके से चुनाव कराने की छूट देता है। हालांकि अमेरिकी संविधान में प्रावधान है कि अमेरिकी कांग्रेस चुनाव नियमों में बदलाव कर सकती है। अब राष्ट्रपति ट्रंप अपने विधायी बहुमत के दम पर चुनाव प्रक्रिया को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहेगा।प्रस्तावित कानून में मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता के प्रमाण के रूप में अपडेट ड्राइवर लाइसेंस, एक वैध अमेरिकी पासपोर्ट, या जन्म प्रमाण के साथ कोई अन्य वैध सरकारी फोटो आईडी या नागरिकता का प्रमाण दिखाना अनिवार्य होगा। अभी ईमेल के जरिए भी मतदाता पंजीकरण हो सकता है, लेकिन नए कानून के तहत लोगों को व्यक्तिगत तौर पर चुनाव अधिकारी कार्यालय जाकर पंजीकरण कराना होगा और अपने वैध दस्तावेज पेश करने होंगे। साथ ही अमेरिका के हर राज्यों को अपने मतदाताओं की सूची अमेरिकी सुरक्षा विभाग के पास जमा करनी होगी। अमेरिकी सुरक्षा विभाग अपने डेटाबेस से इस मतदाता सूची का मिलान करेगा। साफ है कि इस प्रक्रिया से अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया केंद्रीकृत होगी।‘सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी एक्ट’ (SAVE Act) फरवरी में प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित किया गया था और अब यह जल्द सीनेट में पेश किया जाएगा। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सहयोगियों इसे पारित करने के लिए दबाव बना रहे हैं। वर्तमान में सीनेट में रिपब्लिकन का बहुमत है, 53-47, और प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमेरिका में SIR जैसा कानून: वोट करने के लिए देना होगा नागरिकता का सबूत, ईरान जंग के बीच ट्रंप ला रहे SAVE एक्ट
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया का राष्ट्रीयकरण करना चाहते हैं। अभी अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया एक संघीय प्रणाली है जिसमें संविधान प्रत्येक राज्य को अपने-अपने तरीके से चुनाव कराने की छूट देता है। हालांकि अमेरिकी संविधान में प्रावधान है कि अमेरिकी कांग्रेस चुनाव नियमों में बदलाव कर सकती है। अब राष्ट्रपति ट्रंप अपने विधायी बहुमत के दम पर चुनाव प्रक्रिया को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय तक सत्ता म