खरी बात: अमेठी की हार के बाद स्मृति ईरानी बोलीं- पैतृक सीट छोड़ भाजपा के गढ़ से लड़कर दिखाएं; किसे दी चुनौती?

पार्टी ने जब भी जो भी करने को कहा मैंने किया। कोई मूर्ख ही होगा जो कांग्रेस के गढ़ अमेठी में जाकर चुनाव लड़ने की सोचेगा, पार्टी ने मुझे वहां भेजा और मैंने चुनाव लड़ा। जहां तक टीवी पर लौटने की बात है तो मैंने करीब बीस साल टीवी का शिखर देखा, अपनी मेहनत से कमाने में कोई हर्ज नहीं है। यशवंत राव केलकर जी कहते थे कि सफलता के शिखर को छोड़कर राजनीति में आकर देश को कुछ देना चाहिए, मैंने उनके इस कथन को आत्मसात किया।पार्टी ने मुझे छोड़ा कहां था जो मेरी उम्मीद टूटती, मैं लगातार पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होती रही। क्योंकि आप जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनाव में हरा देते हैं, तो आपको लेकर विश्लेषण और टीका-टिप्पणी बहुत होती है।आपको अपने आपको इतना सीरियसली नहीं लेना चाहिए। आप संगठन का हिस्सा कुछ योगदान देने के लिए बनते हो। आप जब संगठन को योगदान देने के लायक नहीं बचते तो संगठन पर बोझ बन जाते हो और मैं अपने संगठन पर कभी बोझ नहीं बनना चाहती।मेरी पार्टी शुरू से ही महिलाओं को प्रमुखता देती रही है। नरेंद्र मोदी ने 2014 की जीत के बाद सबसे पहले शौचालय बनाने को प्राथमिकता दी और 33 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुलवाए। चार करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनाए गए, जिसमें घर का स्वामित्व महिला के नाम या संयुक्त रूप से दिया गया। मुद्रा लोन में 60 प्रतिशत महिलाएं आगे आईं और मोदी जी ने 33 फीसदी महिला आरक्षण संसद से पारित कराया।जिस अमेठी में आपने 2019 में राहुल गांधी को हराकर इतिहास बनाया वहां से 2024 में चुनाव कैसे हार गईं ?दरअसल गांधी परिवार तो अमेठी में चुनाव लड़ने आया ही नहीं, अगर भरोसा होता तो वायनाड की बजाय अमेठी से लड़ते। हार-जीत दोनों राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

ड्रैगन के बदले सुर: पीएम मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद भरोसा बहाली की बात, सीमा से कारोबार तक क्या बदलेगा?

पेकिंग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया अध्ययन केंद्र के कार्यकारी उपनिदेशक वांग श्यू के मुताबिक राजनीतिक भरोसा केवल शीर्ष नेताओं की मुलाकात से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से बनता है। उन्होंने सीमा मुद्दे के प्रबंधन के लिए संस्थागत तंत्र मजबूत करने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा व्यापार और निवेश को सुरक्षा के नजरिये से देखने से बचने की जरूरत बताई।भारत और चीन के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दा सीमा विवाद है। 2024 में कजान और 2025 में तियानजिन के बाद नई दिल्ली में मोदी-जिनपिंग मुलाकात को चीन संबंधों में स्थिरता की अगली कड़ी के तौर पर देख रहा है। सीमा प्रबंधन में प्रगति, सीमा व्यापार और सीधी उड़ानों की बहाली को इसी प्रक्रिया के सकारात्मक संकेतों के रूप में पेश किया गया है।बीजिंग का जोर फिलहाल सीमा विवाद के तत्काल समाधान से ज्यादा उसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने पर दिखाई देता है, ताकि सीमा का तनाव व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क को प्रभावित न करे। चीनी विशेषज्ञों के अनुसार संस्थागत संवाद मजबूत होने से गलतफहमी और अप्रत्याशित तनाव का जोखिम कम किया जा सकता है। इससे दोनों देशों के लिए दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश बनेगी।आर्थिक रिश्तों को गति देना चीन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में भारतीय थिंक टैंक ब्यूरो ऑफ रिसर्च ऑन इंडस्ट्री एंड इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के सीईओ मोहम्मद साकिब ने कहा कि चीन भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में है और दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। उनके मुताबिक चीन की हार्डवेयर क्षमता और भारत की सॉफ्टवेयर ताकत तथा युवा प्रतिभा एक-दूसरे की पूरक हैं।सीधी उड़ानों की बहाली और चीनी कंप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: अलग-अलग हमलों में चार कुकी लोगों की हत्या, मरने वालों में दो महिलाएं

मणिपुर में रविवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुए अलग-अलग हमलों में चार कुकी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल है। घटनाओं के बाद कुकी संगठनों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और संवेदनशील गांवों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की स्थायी तैनाती की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर संगठनों ने 24 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी और उसके बाद अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद की चेतावनी दी है। टोलन में परिवार पर हमला, दंपती की मौत तामेंगलोंग जिले के टोलन गांव में रविवार तड़के करीब चार बजे हथियारबंद हमलावरों ने एक परिवार के घर पर गोलीबारी की। गांव प्राधिकरण के अनुसार, लिंगजंगाई सिंगसित की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सीनैह सिंगसित को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका नाबालिग बेटा हेनमिनसांग भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है। गांव प्राधिकरण ने हमले के पीछे एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) के संदिग्ध कैडरों का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्राधिकरण ने टोलन और आसपास के कुकी गांवों में केंद्रीय बलों की तत्काल तैनाती और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लॉन्गपी में दो और कुकी नागरिकों की हत्या टोलन की घटना के बाद नोनी जिले के लॉन्गपी कुकी गांव में भी हमला हुआ। कुकी संगठन कोटू के मुताबिक, यहां सेम्पाट गांव के रहने वाले थांगवेल गांगते और जूली गांगते की हत्या कर दी गई। एक अन्य महिला के लापता होने की भी सूचना है। संगठन ने दोनों घटनाओं में एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) की कथित भूमिका क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

दुनिया के तीन ताकतवर नेताओं के बीच खड़ा ये शख्स कौन?: जानें प्रधानमंत्री से क्या कनेक्शन, अफसर की पूरी कहानी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की एक तस्वीर इन दिनों चर्चा में है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं। तीनों नेताओं की यह तस्वीर वायरल हुई तो कैमरे की नजर उनके पीछे खड़े एक युवा भारतीय अधिकारी पर भी गई। दुनिया के तीन बड़े नेताओं के बीच खड़े इस अधिकारी का नाम सिद्धार्थ बाबू है। वे भारतीय विदेश सेवा यानी आईएफएस के 36 वर्षीय अधिकारी हैं और इस समय विदेश मंत्रालय में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तीन बड़े नेताओं के बीच खड़े सिद्धार्थ बाबू की क्या थी जिम्मेदारी? सिद्धार्थ बाबू 2017 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। वे अभी विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया प्रभाग में उप सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में मदद कर रहे थे। सिद्धार्थ बाबू चीनी भाषा जानते हैं और बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को शी जिनपिंग की बात समझने में मदद कर रहे थे। यही वजह थी कि वे इस महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान तीनों नेताओं के पीछे खड़े दिखाई दिए। सिद्धार्थ बाबू कहां के रहने वाले हैं और उन्होंने क्या पढ़ाई की? सिद्धार्थ बाबू मूल रूप से केरल के कोच्चि के रहने वाले हैं। उन्होंने 2012 में मार अथानासियस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ई-कॉमर्स क्षेत्र में काम किया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहली कोशिश में वे परीक्षा पास नहीं कर सके। हालांकि, दूसरी कोशिश में उन्होंने ऑल इंडिया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

बढ़ती ताकत, बढ़ता असर: दुनिया ने भी भारत के दबदबे को माना; ब्रिक्स की ये तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रहीं

बढ़ती ताकत, बढ़ता असर: दुनिया ने भी भारत के दबदबे को माना; ब्रिक्स की ये तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर रहीं अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर भारत का दबदबा आज एक नई ऊंचाई को छू रहा है। ब्रिक्स 2026 के भव्य आयोजन के दौरान सामने आई तस्वीरों ने पूरी दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि वैश्विक मामलों में अब भारत की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के राष्ट्रप्रमुख भारतीय नेतृत्व के इर्द-गिर्द खड़े होकर जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ चर्चा करते दिखाई दिए, वह भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति का सीधा प्रमाण है। क्या दुनिया का केंद्र बिंदु कैसे बन रहा भारत? ब्रिक्स सम्मेलन के मुख्य सत्र और अनौपचारिक मुलाकातों से आई ये तस्वीरें सिर्फ शिष्टाचार भर नहीं हैं, बल्कि यह बदलती वैश्विक व्यवस्था की एक मजबूत तस्वीर हैं। चाहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खुली बातचीत हो, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में सहज संवाद हो, या अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ गर्मजोशी भरा हाथ मिलाना हो। हर तस्वीर में भारत केंद्र बिंदु में दिखाई दे रहा है। ब्रिक्स के मंच पर कैसे दिखी भारत की ताकत? सम्मेलन के दौरान बैठक कक्ष से लेकर मंच के गलियारों तक, हर जगह भारतीय नेतृत्व का आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। जब सभी राष्ट्राध्यक्ष ग्रुप फोटो और महत्वपूर्ण चर्चा के ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

'2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में लागू होगा यूसीसी': पीएम के जन्मदिन पर क्या खास? अमित शाह ने बताई योजना

पीएम मोदी के जन्मदिन पर क्या होगा खास? इस बार एक महीने का अभियान क्यों रखा गया है? पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने से इस अभियान का क्या संबंध है? अभियान को कितने बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है? हर जिले और बूथ तक कैसे पहुंचेगा अभियान? यूसीसी और सेवा अभियान से भाजपा क्या संदेश देना चाहती है? 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है। इस मौके पर भाजपा, उसके सहयोगी दल, पूरा एनडीए कुनबा, कई स्वयंसेवी संगठन और देश की जनता मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे। अमित शाह ने बताया कि इस अभियान को केवल भाजपा के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें सहयोगी दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों की भी भागीदारी होगी। अभियान के जरिए सेवा को केंद्र में रखकर देशभर में लोगों तक पहुंचने की योजना है।पहले गुजरात में और बाद में देशभर में भाजपा पीएम मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाती रही है। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलाया जाता था और कई जगह इसे एक सप्ताह तक भी आयोजित किया जाता था। इस बार अभियान की अवधि बढ़ाकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक की गई है। इसके पीछे पीएम मोदी की लंबी राजनीतिक और संगठनात्मक यात्रा को खास तौर पर सामने रखना है।अमित शाह के मुताबिक, 7 अक्तूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे। उनका यह सफर अभी जारी है। शाह ने कहा कि देश में बहुत कम ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 25 साल तक जनसेवा की है। इसलिए इस साल का सेवा संकल्प अभियान सामान्य जन्मदिन कार्यक्रम से अलग महत्व रखत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

शुभेंदु सरकार की बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों को बंद करने का आदेश; सर्वे में मिली क्या कमियां?

अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री क्षुदिराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरियां हैं, वे चलते रहेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने जून की शुरुआत से राज्य के सभी जिलों में सरकारी और निजी मदरसों का क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण कराया था।सर्वेक्षण में मदरसों के बुनियादी ढांचे, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि करीब 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टुडू ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाना था।मंत्री ने कहा, ‘252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं होने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।’ राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई बार विवाद सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोग ऐसे संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम करते पाए गए।उन्होंने कहा, ‘मदरसों के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामले सामने आए हैं, जब इन संस्थानों से लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियां कर रहे थे।’ घोष ने कहा, ‘कानून के अनुसार और सरकार की अनुमति से चल रहे मदरसे काम करते रहेंगे। लेकिन सरकार मदरसों को मनमाने तरीके से खोलने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।’ विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया: होर्मुज में ईरानी जहाज को बनाया निशाना, एक की मौत-तीन घायल; अमेरिका की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, रविवार तड़के क्वेश्म द्वीप के पास जहाज पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। सरकारी मीडिया ने बताया कि घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नजदीक हुई। हालांकि, जहाज को किसने और किस हथियार से निशाना बनाया, इसकी तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 1 min · National Desk

ब्रिक्स LIVE: 10:50 पर शुरू होगा ब्रिक्स का ओपन सेशन, चार विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिलेंगे प्रधानमंत्री मोदी

08:32 AM, 13-Sep-2026 पीएम मोदी की आज होंगी अहम बैठकें दोपहर 2:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात करेंगे। वहीं शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामफोसा के साथ बैठक निर्धारित है। दोपहर 2:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात करेंगे। वहीं शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामफोसा के साथ बैठक निर्धारित है। 08:30 AM, 13-Sep-2026 ओपन सेशन में शामिल होंगे आउटरीच देशों के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:55 बजे पार्टनर देशों और आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के नेताओं के आगमन से होगी। इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी पार्टनर और आउटरीच देशों के नेताओं की सामूहिक तस्वीर होगी। वहीं सुबह 10:50 बजे ब्रिक्स का ओपन सेशन शुरू होगा, जिसमें सदस्य देशों के साथ-साथ आमंत्रित पार्टनर और आउटरीच देशों के नेता भी हिस्सा लेंगे। 05:25 AM, 13-Sep-2026 ईरान 14 सितंबर को ओमान में करेगा बातचीत, क्या पेजेश्कियन के दिल्ली दौरे के बाद घटेगा तनाव? पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात पर ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, राष्ट् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk

एआई की बेलगाम रफ्तार से टेक दिग्गज परेशान: सभी एक सुर में बोले- कंट्रोल छूटा तो इंटरनेट पर हो जाएगा कब्जा

एआई की बढ़ती क्षमताओं और स्वायत्तता ने अब उसके विकास की रफ्तार को लेकर टेक उद्योग, शोधकर्ताओं और सरकारों के बीच गंभीर बहस छेड़ दी है। डारियो अमोडेई ने धीमी गति, स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन और वैश्विक समन्वय की मांग की है, जिसका सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क ने समर्थन किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ अब सिर्फ तकनीकी बढ़त की कहानी नहीं रह गई है, बल्कि इसकी रफ्तार को लेकर खुद दुनिया की बड़ी एआई कंपनियों के प्रमुखों में चिंता बढ़ने लगी है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने फ्रंटियर एआई के विकास को धीमा करने की अपील की, तो ओपनएआई प्रमुख सैम ऑल्टमैन और एक्सएआई के मालिक एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया। अमोडेई का तर्क है कि एआई के फायदे असाधारण हो सकते हैं, लेकिन अगर इसकी क्षमताएं मानव नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था से कहीं तेज बढ़ीं, तो जोखिम भी उतने ही बड़े होंगे। इसी बहस में गूगल डीपमाइंड के प्रमुख वैज्ञानिक डेमिस हसबिस, एंथ्रोपिक के सलाहकार और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक तथा अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स भी शामिल हो गए। अब सवाल केवल यह नहीं है कि एआई कितना तेज आगे बढ़ सकता है, बल्कि यह भी है कि उसे कितनी तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। रफ्तार पर लगाम क्यों जरूरी? अमोडेई ने अपने ब्लॉग में कहा कि एआई मॉडल की क्षमताओं को बढ़ाने की गति धीमी करनी होगी, हालांकि इससे प्रगति रुकने वाली नहीं है। उनके मुताबिक, थोड़ी रफ्तार कम करने से समाज को सुरक्षा तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण समय मिलेगा। उन्होंने एआई के संभावित लाभ भी गिनाए—अगले 5 से 10 वर्षों में कई गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी सफलता, आर्थिक विकास में तेज वृद्धि, समृद्धि और सशक्तिकरण का विस्तार तथा लोकतंत्र और स्वतंत्रता के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk