Rahul Gandhi: 'युवाओं के आशियाने पुलिस राज में बदले गए'; लद्दाख पर बोले राहुल- लोकतांत्रिक अधिकार भी कुचले गए

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जुड़े मसले पर पीएम मोदी और केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है। उनकी आवाज दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी जमीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 1 min · National Desk

Op Sindoor: रक्षा मंत्री राजनाथ की दो-टूक, ऑपरेशन सिंदूर भारत की मर्जी से रुका, PAK आतंकवाद का वैश्विक केंद्र

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी इच्छा और शर्तों पर रोकने का फैसला किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय देश लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार था और किसी भी परिस्थिति से निपटने की क्षमता रखता था। दिल्ली में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया और कहा कि आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नीति अब जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने कहा कि अब भारत आतंकवादी हमलों पर केवल कूटनीतिक बयान देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया जहां से भारत पर हमले किए गए थे। हमने यह ऑपरेशन क्षमता की कमी के कारण नहीं रोका, बल्कि इसे अपनी शर्तों पर स्वेच्छा से रोका गया था।राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा भय बिन होय न प्रीति यानी बिना भय के प्रेम संभव नहीं है। यही प्रतिरोध का मूल सिद्धांत है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी यह बात लागू होती है कि मजबूत प्रतिरोध ही शांति और स्थिरता की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस सिद्धांत का वास्तविक उदाहरण है, जिसने दुनिया को भारत की नई रणनीतिक क्षमता का संदेश दिया।राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत की सैन्य क्षमता लगातार मजबूत हुई है और जरूरत पड़ने पर तेजी से बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी से प्रभावित नहीं हुआ। रक्षा मंत्री ने बताया कि भले ही ऑपरेशन सिंदूर मात्र 72 घंटे में पूरा हुआ हो, लेकि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम बंगाल में बना इतिहास: TMC की दो पत्तियों के मुकाबले कमल कितना दमदार? 2021 में अनुमान के उलट आए थे नतीजे

असम 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की आवश्यकता है। 2021 के सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स का एक औसत निकाला जाए तो सामने आता है कि टीएमसी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 143-155 सीटें, भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 121-134 सीटें और संयुक्त मोर्चा (कांग्रेस-माकपा गठबंधन) को 12-17 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। इनमें से तीन एग्जिट पोल्स में तो भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने तक की संभावना जताई थी।2021 के असम विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों में मुख्य रूप से सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत के बीच मुकाबला दिखाया गया था, जिसमें ज्यादातर एजेंसियों ने एनडीए की सत्ता में वापसी का अनुमान लगाया था।126 विधानसभा सीटों वाले असम में जीत के लिए 64 सीटों की जरूरत थी। कई प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी। हालांकि, कुछ एग्जिट पोल्स ने दोनों गठबंधनों के बीच बेहद कड़ी टक्कर और त्रिशंकु विधानसभा होने का अनुमान जताया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

April 30, 2026 · 1 min · National Desk

Caste Census: 'जातीय सर्वे को टालना चाहते हैं पीएम मोदी', जानिए कांग्रेस क्यों लगा रही सरकार पर ये बड़ा आरोप

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा पोस्ट में कहा, ‘प्रधानमंत्री के नाटकीय यू-टर्न की समयरेखा ये है कि 21 जुलाई 2021 को लोकसभा में एक भाजपा सांसद के सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा था कि सरकार ने नीति के तौर पर जातिवार जनसंख्या की गणना नहीं करने का फैसला किया है। इसके बाद 21 सितंबर 2021 को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा कि जातिवार जनगणना के लिए अदालत का कोई भी निर्देश सरकार के नीति-निर्णय में हस्तक्षेप के समान होगा।‘कांग्रेस नेता ने यह भी उल्लेख किया कि 16 अप्रैल 2023 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जनगणना के साथ ही जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। हालांकि 28 अप्रैल 2024 को एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा था कि जातीय जनगणना की मांग अर्बन नक्सल की सोच को दर्शाती है। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगनी चाहिए और साथ ही देश की जनता को यह भी बताना चाहिए कि 30 अप्रैल 2025 को जातीय जनगणना की घोषणा करते समय उनकी सोच कथित अर्बन नक्सल के विचार से कैसे प्रभावित हुई।कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पोस्ट में लिखा, ‘पूरा एक साल बीत चुका है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं है कि जातीय गणना कैसे की जाएगी। विपक्षी दलों, राज्य सरकारों और इस विषय के विशेषज्ञों से कोई बातचीत नहीं की गई है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने 5 मई 2025 को इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को फिर पत्र लिखा था, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उस पत्र में उठाए गए मुद्दे आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में समाप्त हुए संसद के विशेष सत्र के बाद यह और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

US: ट्रंप को धमकी देने के आरोप में फंसे एफबीआई के पूर्व प्रमुख, ट्रंप बोले- जेम्स कोमी बुरे और भ्रष्ट आदमी हैं

डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘अगर कोई भी अपराध के बारे में जानता है तो उन्हें पता होगा कि 86 का मतलब क्या होता है। इसे अपराध की भाषा में हत्या करने के तौर पर देखा जाता है। आपने फिल्मों में देखा होगा कि अपराधी अपने सहयोगियों से किसी के लिए कहते हैं कि उसकी हत्या कर दो और इसके लिए 86 नंबर का इस्तेमाल करते हैं।’ ट्रंप ने कहा कि उनकी जान खतरे में थी और जेम्स कोमी जैसे लोग खतरनाक हो सकते हैं। जेम्स कोमी एक बुरे और भ्रष्ट पुलिस अधिकारी हैं। उन्होंने चुनाव में धोखाधड़ी की। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन की मदद की।जेम्स कोमी, अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं और साल 2017 में ट्रंप ने उन्हें पद से हटा दिया था। बीते साल मई में जेम्स कोमी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में पत्थरों की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें पत्थरों को इस तरह से रखा गया था कि वे ‘86 47’ नंबर दर्शा रहे थे। इसे राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की धमकी माना गया। आपराधिक और कानूनी जगत में 86 नंबर को हत्या करने के कोडवर्ड के रूप में जाना जाता है। वहीं 47 को डोनाल्ड ट्रंप से जोड़ा जा रहा है क्योंकि वे अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: वोटिंग राइट्स एक्ट कमजोर, ओबामा-हैरिस ने बताया लोकतंत्र के लिए काला दिन

अमेरिका में चुनावी कानून को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद फैसला सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लुइसियाना बनाम कैलाइस मामले में 6-3 के बहुमत से ऐसा निर्णय दिया, जिसने वोटिंग राइट्स एक्ट (VRA) की धारा 2 के प्रभाव को काफी हद तक सीमित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब किसी भी चुनावी नक्शे को नस्लीय आधार पर चुनौती देना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो जाएगा। कोर्ट के इस निर्णय ने अमेरिका की राजनीति और नागरिक अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।इस फैसले को जस्टिस सैमुअल अलिटो ने लिखा। उन्होंने कहा कि अदालत को यह मानकर चलना चाहिए कि राज्य सरकारें सद्भावना में काम कर रही हैं। कोर्ट ने नस्लीय गेरिमैंडरिंग और राजनीतिक गेरिमैंडरिंग के बीच फर्क को और स्पष्ट किया। 2019 के एक फैसले के अनुसार, राजनीतिक आधार पर बनाए गए नक्शों को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। अब नए फैसले के बाद, अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि नक्शा नस्लीय भेदभाव के लिए बनाया गया है, तो उसे और अधिक ठोस सबूत पेश करने होंगे।पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले की कड़ी आलोचना की है, जो मतदान अधिकारों से जुड़ा है। ओबामा ने कहा कि यह फैसला वोटिंग राइट्स एक्ट के एक अहम हिस्से को कमजोर करता है। उनके अनुसार इससे राज्यों को यह मौका मिल सकता है कि वे चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं ऐसे तरीके से बदलें, जिससे काले और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का वोटिंग असर कम हो जाए। उन्होंने कहा कि अगर राज्य इसे राजनीतिक वजह बताकर करें, तो इसे रोकना मुश्किल होगा। ओबामा ने इसे लोकतंत्र के लिए एक झटका बताया, लेकिन लोगों से अपील की कि वे हर चुनाव में ज्यादा से ज् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

Lucknow: महिला आरक्षण पर यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र आज, हंगामे के आसार; सपा ने पारित किया अतिनिंदा प्रस्ताव

समाजवादी पार्टी व कांग्रेस द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने के विरोध में बृहस्पतिवार को आहूत विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें भाजपा सरकार निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में निंदा प्रस्ताव रखेंगे, जिसके बाद दलीय नेताओं और विधायकों द्वारा इस पर चर्चा की जाएगी। एक दिवसीय सत्र के दौरान विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा होने के आसार हैं। बता दें कि राज्य सरकार ने बीते दिनों कैबिनेट में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने की विपक्ष की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करने को हरी झंडी दी थी। विशेष सत्र के दौरान देर रात तक महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा होगी। साथ ही महिला सुरक्षा, अधिकार, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों को भी चर्चा में शामिल किया जा सकता है।चर्चा के दौरान महिला सदस्यों को अपनी बात कहने का अधिक अवसर दिया जाएगा। देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे। इससे पहले नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय समेत दलीय नेताओं का संबोधन होगा। साथ ही सदन के पटल पर अध्यादेश, अधिसूचनाएं, नियम आदि रखे जाएंगे। इसके अतिरिक्त यदि कोई विधेयक पुनर्स्थापित किए जाने हैं, तो उन्हें भी पेश किया जाएगा। विशेष सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति बनी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran Crisis: ईरान की अमेरिका को चेतावनी, 'समुद्री डकैती और गुंडागर्दी' पर जल्द होगी अनोखी सैन्य कार्रवाई

ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने बुधवार को बताया कि अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ ‘समुद्री नाकेबंदी’ के रूप में जारी कथित ‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी’ को जल्द ही ‘व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई’ का सामना करना पड़ेगा। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने एक बड़े सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं का कहना है कि ‘धैर्य की भी एक सीमा होती है,’ और अगर अमेरिका अपनी ‘गैरकानूनी’ समुद्री नाकेबंदी को होर्मुज स्ट्रेट में जारी रखता है तो उसे ‘कड़ा जवाब’ देना जरूरी होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 1 min · National Desk

अमेरिका-ईरान युद्ध से पाकिस्तान बेहाल: शहबाज शरीफ ने बयां किया दर्द, तेल संकट से अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका

इस्लामाबाद में आयोजित एक कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज ने आर्थिक आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल 30 करोड़ डॉलर था। अब यह बढ़कर 80 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। भारतीय मुद्रा में यह राशि 7,569,71,42,400 रुपये यानी सात हजार पांच सौ उनहत्तर करोड़ रुपये से अधिक होती है। इस भारी बोझ ने देश की अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त दबाव पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि चालू सप्ताह के दौरान पेट्रोलियम की खपत में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की गई है।प्रधानमंत्री ने कैबिनेट को सूचित किया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टास्क फोर्स रोजाना के आधार पर हालातों की निगरानी कर रही है। शहबाज शरीफ के अनुसार, इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हमेशा ईमानदार कोशिशें की हैं।बैठक के दौरान शहबाज ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी बात की। उन्होंने खुलासा किया कि 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच लगातार 21 घंटे तक मैराथन बातचीत हुई थी। शहबाज ने बताया कि इस बातचीत को सफल बनाने के लिए फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन समन्वित प्रयासों के कारण ही युद्धविराम की अवधि बढ़ाई गई, जो फिलहाल प्रभावी है।प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान के दौरे पर आए थे। उनके साथ कई दौर की बातचीत हुई। अराघची ने आश्वासन दिया है कि ईरान अपने नेतृत्व के साथ चर्चा करने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 30, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान युद्ध से पाकिस्तान बेहाल: शहबाज शरीफ ने बयां किया दर्द, तेल संकट से अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका

इस्लामाबाद में आयोजित एक कैबिनेट बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज ने आर्थिक आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल 30 करोड़ डॉलर था। अब यह बढ़कर 80 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। भारतीय मुद्रा में यह राशि 7,569,71,42,400 रुपये यानी सात हजार पांच सौ उनहत्तर करोड़ रुपये से अधिक होती है। इस भारी बोझ ने देश की अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त दबाव पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि चालू सप्ताह के दौरान पेट्रोलियम की खपत में पिछले सप्ताह की तुलना में कमी दर्ज की गई है।प्रधानमंत्री ने कैबिनेट को सूचित किया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। यह टास्क फोर्स रोजाना के आधार पर हालातों की निगरानी कर रही है। शहबाज शरीफ के अनुसार, इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हमेशा ईमानदार कोशिशें की हैं।बैठक के दौरान शहबाज ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी बात की। उन्होंने खुलासा किया कि 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच लगातार 21 घंटे तक मैराथन बातचीत हुई थी। शहबाज ने बताया कि इस बातचीत को सफल बनाने के लिए फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन समन्वित प्रयासों के कारण ही युद्धविराम की अवधि बढ़ाई गई, जो फिलहाल प्रभावी है।प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान के दौरे पर आए थे। उनके साथ कई दौर की बातचीत हुई। अराघची ने आश्वासन दिया है कि ईरान अपने नेतृत्व के साथ चर्चा करने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 29, 2026 · 2 min · National Desk