Govt Formation LIVE: टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लेगी माकपा, आज बैठक; DMK ने पारित किए चार प्रस्ताव

10:10 AM, 08-May-2026 पलानीस्वामी ने नव-निर्वाचित विधायकों के साथ की बैठक एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के नव-निर्वाचित विधायकों के साथ पुडुचेरी के बाहरी इलाके अरियानकुप्पम के पास एक होटल में बैठक की। इस बैठक में लगभग 40 विधायक मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि वे एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में अच्छी चीजें सामने आएंगी, इसलिए आप सभी एकजुट और धैर्य बनाकर रखें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब टीवीके तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है। एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने गुरुवार को तमिलनाडु के नव-निर्वाचित विधायकों के साथ पुडुचेरी के बाहरी इलाके अरियानकुप्पम के पास एक होटल में बैठक की। इस बैठक में लगभग 40 विधायक मौजूद थे। बैठक करीब एक घंटे तक चली।पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने विधायकों से कहा कि वे एकजुट रहें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में अच्छी चीजें सामने आएंगी, इसलिए आप सभी एकजुट और धैर्य बनाकर रखें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब टीवीके तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है। 08:54 AM, 08-May-2026 पश्चिम बंगाल में लोगों ने दबाव में वोट डाला: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लोगों ने दबाव में वोट डाला। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप को बड़ा झटका!: अमेरिकी अदालत ने खारिज किया नया टैरिफ आदेश, कहा- व्यापार कानून का हुआ गलत इस्तेमाल

व्यापार अधिनियम कानून क्यों बनाया गया था? ट्रंप क्या साबित करने में विफल रहे? अदलात ने क्या दी चेतावनी? ट्रंप के पुराने टैरिफ को कोर्ट ने किया था खारिज कैसे आया यह मामला सामने? ट्रंप पर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने 2-1 के फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल व्यापक व्यापार घाटे और चालू खाता घाटे के आधार पर नहीं कर सकता। अदालत के मुताबिक, यह कानून 1970 के दशक की विशेष बैलेंस ऑफ पेमेंट्स यानी भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए बनाया गया था, न कि आधुनिक दौर के सामान्य व्यापार घाटे के लिए।जज मार्क ए. बार्नेट और क्लेयर आर. केली ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप की घोषणा यह साबित करने में विफल रही कि कानून के जरिए आवश्यक शर्तें पूरी हुई हैं। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में ये टैरिफ लगाए थे।अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति को इतनी व्यापक व्याख्या की अनुमति दे दी जाए, तो उन्हें लगभग असीमित टैरिफ लगाने की शक्ति मिल जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संवैधानिक सवाल खड़ा कर सकता है, क्योंकि टैरिफ और व्यापार नीति तय करने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।दरअसल, इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की पहले वाली टैरिफ व्यवस्था को भी खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत लागू किया था। इसके बाद फरवरी में ट्रंप ने धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए नया टैरिफ लागू किया। यह प्रावधान राष्ट्रपति को अधिकतम 150 दिनों के लिए 15 प्रतिशत तक अस्थायी आयात शुल्क लगाने की अनुमति देता है।ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि अमेरिका के बड़े …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

'जन-गण-मन और वंदे मातरम बराबर नहीं': केंद्र के फैसले पर ओवैसी बोले- संविधान, भारत के लोगों से शुरू होता है

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह एक देवी की स्तुति है। ओवैसी ने क्या कहा? ओवैसी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि जन गण मन भारत और उसके लोगों का उत्सव मनाता है, किसी विशेष धर्म का नहीं। धर्म राष्ट्र नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम लिखने वाले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ब्रिटिश शासन के प्रति सहानुभूति रखते थे और मुसलमानों के प्रति नकारात्मक सोच रखते थे। ओवैसी ने दावा किया कि नेताजी बोस, गांधी, नेहरू और टैगोर ने भी इसे राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार नहीं किया था। संविधान का क्या दिया हवाला? संविधान का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रस्तावना हम भारत के लोग से शुरू होती है, न कि भारत माता के नाम से। उन्होंने कहा कि संविधान भारत को राज्यों का संघ बताता है और देश किसी देवी-देवता के नाम पर नहीं चलता। भाजपा ने किया पलटवार ओवैसी ने यह भी कहा कि संविधान सभा में प्रस्तावना को देवी या ईश्वर के नाम से शुरू करने और उसके नागरिकों की जगह उसकी प्रजा लिखने जैसे संशोधन प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारत यानी भारत के लोग। राष्ट्र कोई देवी नहीं है और यह किसी एक देवी-देवता का नहीं है। इस बीच तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एआईएमआईएम नेतृत्व सांस्कृतिक एकीकरण को धार्मिक अलगाववाद के लिए खतरे के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि मोहम् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

Govt Formation LIVE: विजय बोले- DMK या AIADMK ने सरकार बनाने का किया दावा, तो इस्तीफा देंगे सभी TVK विधायक

08:39 AM, 08-May-2026 Govt Formation LIVE: टीवीके अध्यक्ष विजय ने दी चेतावनी अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने चेतावनी दी है कि अगर डीएमके या एआईएडीएमके में से कोई भी सरकार बनाने का दावा करता है, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। यह फैसला डीएमके और एआईएडीएमके में हुई दो अहम बैठकों के बाद लिया गया। टीवीके को अब शक है कि दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं और उस पार्टी को बाहर कर रही हैं, जिसे जनता का समर्थन मिला है।टीवीके का कहना है कि वह 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए राज्यपाल को उसे सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए। लेकिन इससे पहले राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके पास बहुमत नहीं है। उन्होंने विजय की उस योजना को भी स्वीकार नहीं किया, जिससे बहुमत पूरा किया जा सके। सूत्रों के अनुसार, दूसरी बैठक के बाद राज्यपाल ने कहा कि विजय को 118 विधायकों के समर्थन के पत्र देने होंगे। राजभवन की ओर से कहा गया कि विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत साबित नहीं हुआ है।टीवीके को बहुमत के लिए 10 सीटों की कमी है। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन उसे मिला हुआ है। बाकी सीटों के लिए वाम दलों और कुछ छोटी पार्टियों से बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अदालत जाने की भी तैयारी कर रही है।वहीं, डीएमके ने आज बैठक की जिसमें चार प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन को आपात निर्णय लेने का अधिकार देना शामिल है। डीएमके ने कहा कि उनका लक्ष्य दोबारा चुनाव से बचना और स्थिर सरकार बनाना है। डीएमके ने स्थिति को गंभीर बताते हुए अपने सभी विधायकों को 10 मई तक चेन्नई में रह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

Russia-Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के साथ युद्धविराम की घोषणा की, 8-10 मई तक लागू रहेगा सीजफायर; जानें सबकुछ

सरकारी रूसी न्यूज एजेंसी ताश के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी संघ के राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर व्लादिमीर पुतिन के फैसले के अनुसार, महान देशभक्ति युद्ध में सोवियत लोगों की जीत की 81वीं वर्षगांठ के समारोह के दौरान, 8 मई की आधी रात से 10 मई तक रूस की ओर से युद्धविराम घोषित किया जाता है।चार मई को येवरेन में हुए 8वें यूरोपीय पॉलिटिकल कम्युनिटी समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 9 मई को होने वाली रूस की विक्ट्री परेड का जिक्र करते हुए कहा था कि इस बार शायद परेड में सैन्य उपकरण न दिखें। अगर ऐसा होता है, तो यह कई वर्षों में पहली बार होगा। वे सैन्य उपकरण नहीं ला सकते और उन्हें डर है कि रेड स्क्वायर के ऊपर ड्रोन मंडरा सकते हैं।रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि अगर यूरोपीय संघ के देशों को लगता है कि वे जेलेंस्की के आक्रामक बयानों को नजरअंदाज कर सकते हैं, तो वे गलत हैं। उन्होंने कहा, ‘हम अच्छी तरह जानते हैं कि 9 मई को लेकर पश्चिमी देशों का रवैया क्या है। वे लगातार सोवियत स्मारकों को नष्ट कर रहे हैं, सोवियत सैनिकों की यादों को मिटा रहे हैं और इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।‘रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को में होने वाली विक्ट्री परेड पर संभावित यूक्रेनी ड्रोन हमले की चेतावनी के जवाब में रूस के राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों ने कहा कि रूसी सेना कीव के केंद्र पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर सकती है। उनका कहना था कि अब तक रूस ने ऐसा करने से परहेज किया है, जबकि उसके पास इसकी क्षमता मौजूद है।रूस के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि जेलेंस्की के येवरेन में दिए गए बयानों को लेकर आर्मेनिया के राजदूत को तलब कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu Politics: डीके शिवकुमार बोले- राज्यपाल की तरफ से टीवीके को बहुमत साबित करने का मौका न मिलना गलत

और पढ़ें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के उस कथित फैसले की आलोचना की, जिसमें उन्होंने अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कजगम को सरकार बनाने और विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का मौका देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इस कदम को अलोकतांत्रिक बताया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

May 8, 2026 · 1 min · National Desk

तमिलनाडु का सियासी सस्पेंस: राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को ही बुलाना चाहिए? जानें कानून के जानकारों की राय

तमिलनाडु की 24 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 का है। 23 अप्रैल को हुए चुनावों में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव हासिल किया। हालांकि, कांग्रेस के 5 विधायकों ने विजय को अपना समर्थन दे दिया है, फिर भी उनके पास कुल 113 विधायक ही हो रहे हैं। बहुमत के लिए अभी भी 5 और विधायकों की कमी है। विजय ने पिछले 24 घंटों में दो बार राज्यपाल से मुलाकात की है और सरकार बनाने का मौका मांगा है, लेकिन राज्यपाल की ओर से अभी तक कोई न्योता नहीं मिला है।कानून के कुछ बड़े जानकार मानते हैं कि राज्यपाल के पास सबसे बड़ी पार्टी को बुलाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह का कहना है कि राज्यपाल के लिए सबसे बड़ी पार्टी को न बुलाना “अनुचित” है। उनका तर्क है कि चूंकि किसी दूसरे गठबंधन के पास भी बहुमत नहीं है, इसलिए सबसे बड़े दल को मौका मिलना चाहिए। वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा का भी यही मानना है कि राज्यपाल को तुरंत विजय को न्योता देना चाहिए और उन्हें 10 से 15 दिनों का समय देना चाहिए ताकि वे विधानसभा के अंदर अपना बहुमत साबित कर सकें। उनके अनुसार, सरकार की किस्मत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा में होना चाहिए।दूसरी ओर, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यपाल की जिम्मेदारी एक स्थिर सरकार बनवाने की है। वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी का कहना है कि राज्यपाल को यह पूछने का पूरा हक है कि क्या टीवीके के पास वाकई बहुमत है। अगर विजय बहुमत का समर्थन पत्र नहीं दे पाते हैं, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की नौबत भी आ सकती है। द्विवेदी के अनुसार, विजय को अपने समर्थक विधायक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 8, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु का सियासी सस्पेंस: राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को ही बुलाना चाहिए? जानें कानून के जानकारों की राय

तमिलनाडु की 24 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 118 का है। 23 अप्रैल को हुए चुनावों में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव हासिल किया। हालांकि, कांग्रेस के 5 विधायकों ने विजय को अपना समर्थन दे दिया है, फिर भी उनके पास कुल 113 विधायक ही हो रहे हैं। बहुमत के लिए अभी भी 5 और विधायकों की कमी है। विजय ने पिछले 24 घंटों में दो बार राज्यपाल से मुलाकात की है और सरकार बनाने का मौका मांगा है, लेकिन राज्यपाल की ओर से अभी तक कोई न्योता नहीं मिला है।कानून के कुछ बड़े जानकार मानते हैं कि राज्यपाल के पास सबसे बड़ी पार्टी को बुलाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह का कहना है कि राज्यपाल के लिए सबसे बड़ी पार्टी को न बुलाना “अनुचित” है। उनका तर्क है कि चूंकि किसी दूसरे गठबंधन के पास भी बहुमत नहीं है, इसलिए सबसे बड़े दल को मौका मिलना चाहिए। वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा का भी यही मानना है कि राज्यपाल को तुरंत विजय को न्योता देना चाहिए और उन्हें 10 से 15 दिनों का समय देना चाहिए ताकि वे विधानसभा के अंदर अपना बहुमत साबित कर सकें। उनके अनुसार, सरकार की किस्मत का फैसला राजभवन में नहीं बल्कि विधानसभा में होना चाहिए।दूसरी ओर, कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यपाल की जिम्मेदारी एक स्थिर सरकार बनवाने की है। वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी का कहना है कि राज्यपाल को यह पूछने का पूरा हक है कि क्या टीवीके के पास वाकई बहुमत है। अगर विजय बहुमत का समर्थन पत्र नहीं दे पाते हैं, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की नौबत भी आ सकती है। द्विवेदी के अनुसार, विजय को अपने समर्थक विधायक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar Cabinet: सीएम सम्राट ने गृह विभाग खुद के पास रखा, नीतीश के बेटे निशांत समेत किसे क्या मिला; देखें लिस्ट

01 सम्राट चौधरी सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन, ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं 02 विजय कुमार चौधरी जल संसाधन, संसदीय कार्य 03 बिजेन्द्र प्रसाद यादव वित्त, वाणिज्य-कर 04 श्रवण कुमार ग्रामीण विकास, सूचना एवं जन-संपर्क 05 विजय कुमार सिन्हा कृषि 06 डॉ दिलीप कुमार जायसवाल राजस्व एवं भूमि सुधार 07 निशांत कुमार स्वास्थ्य 08 लेशी सिंह खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण 09 राम कृपाल यादव सहकारिता 10 नीतीश मिश्रा नगर विकास एवं आवास, सूचना प्रावैधिकी 11 दामोदर रावत परिवहन 12 संजय सिंह टाइगर उच्च शिक्षा, विधि 13 अशोक चौधरी भवन निर्माण 14 भगवान सिंह कुशवाहा योजना एवं विकास 15 अरुण शंकर प्रसाद श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास 16 मदन सहनी मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन 17 डॉ संतोष कुमार सुमन लघु जल संसाधन 18 रमा निवास पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण 19 रत्नेश सादा आपदा प्रबंधन 20 कुमार शैलेन्द्र पथ निर्माण 21 शीला कुमारी विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा 22 केदार प्रसाद गुप्ता पर्यटन 23 लक्ष्मण कुमार निशाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण 24 सुनील कुमार ग्रामीण कार्य 25 श्रेयसी सिंह उद्योग, खेल 26 मो0 जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण 27 नन्दकिशोर राम डेयरी, मत्स्य पशु संसाधन 28 शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ऊर्जा 29 प्रमोद कुमार खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति 30 श्वेता गुप्ता समाज कल्याण 31 दिनेशचंद्र दिवाकर शिक्षा 32 रामचन्द्र प्रसाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन 33 संजय कुमार सिंह लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण 34 संजय कुमार गन्ना उद्योग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: पश्चिम बंगाल में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग की; कोलकाता में कल भाजपा विधायक दल की बैठक

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। लोक भवन, पश्चिम बंगाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार जारी किया गया है। Governor of West Bengal, RN Ravi, has issued an Order dissolving the West Bengal Legislative Assembly with effect from 07 May 2026. pic.twitter.com/IuEAylWege जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग कर दिया गया है। यह कदम संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। लोक भवन की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत राज्यपाल को प्राप्त अधिकारों के आधार पर लिया गया है। कार्यकाल पूरा होने के बाद फैसला वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न दो चरणों के चुनाव के बाद विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो गया, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से भंग करने का निर्णय लिया गया। इसी पश्चिम बंगाल में शनिवार को शुभेंदु अधिकारी नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित सभी 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इससे पहले, केंद्रीय पर्यवेक्षक गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुक्रवार शाम चार बजे विधायक दल की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk