UP Cabinet Extension: योगी कैबिनेट का दूसरा विस्तार आज, दोपहर 3:30 बजे छह नए मंत्री लेंगे शपथ; तैयारियां जारी

योगी- दो सरकार के कैबिनेट के विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए दूसरा विस्तार रविवार को होगा। कैबिनेट में रिक्त छह पदों पर ही नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। फिलहाल जिन लोगों के नाम की चर्चा है, उनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के अलावा सपा के बागी विधायक व पूर्व मंत्री मनोज पांडेय और पूजा पाल, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान के नाम तय माने जा रहे हैं। इनमें कुछ लोगों ने तीन बजे जनभवन पहुंचने की पुष्टि भी की है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जनभवन में राज्यपाल से आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। तमाम अटकलों के विपरीत मंत्रिमंडल विस्तार में फिलहाल रिक्त छह पदों पर नए मंत्रियों की नियुक्ति करने का फैसला किया गया है। 2027 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले होने वाले इस विस्तार में जातीय समीकरण को साधने के लिहाज से नाम तय किए गए हैं। जिसमें ब्राम्हणों की नाराजगी दूर करने के लिए सपा कद्दावर ब्राम्हण चेहरा रहे मनोज पांडेय का नाम तय किया गया है।वहीं, पिछड़े समाज और पश्चिमी यूपी के समीकरण को साधने के लिहाज से जाट समाज के पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जैसे बड़े चेहरे को भी मंत्री बनाया जाना तय है। इसके अलावा सपा की ही बागी विधायक पूजा पाल और भाजपा की वरिष्ठ विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर भाजपा ओबीसी और दलित के साथ ही महिला समीकरण को भी दुरुस्त करना चाहती है। वाराणसी से एमएलसी और ओबीसी चेहरा हंसराज विश्वकर्मा भी शपथ लेंगे।हालांकि सरकार और संगठन की ओर से इन नामों की कोई अधिकृत तौर पर जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक इनमें से कई लोगों को फोन स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu CM Oath LIVE: तमिलनाडु में 'विजय' युग का आगाज, आज शपथ लेंगे TVK प्रमुख; 13 मई को बहुमत परीक्षण

01:52 AM, 10-May-2026 थलपति विजय के राज्याभिषेक की तैयारी; 13 मई तक साबित करेंगे बहुमत विजय चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता देते हुए 13 मई तक सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों और फिल्मी सितारों के शामिल होने की उम्मीद है। विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और पारदर्शी शासन का संकल्प लिया था, जिसे अमलीजामा पहनाने की चुनौती अब उनके कंधों पर है। शपथ लेने के तुरंत बाद, नए मुख्यमंत्री की ओर से कुछ प्रमुख जनहितकारी योजनाओं और वादों से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। समारोह स्थल पर भारी भीड़ को देखते हुए ड्रोन के जरिए पल-पल की निगरानी रखी जा रही है। विजय चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता देते हुए 13 मई तक सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है। इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों और फिल्मी सितारों के शामिल होने की उम्मीद है।विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और पारदर्शी शासन का संकल्प लिया था, जिसे अमलीजामा पहनाने की चुनौती अब उनके कंधों पर है। शपथ लेने के तुरंत बाद, नए मुख्यमंत्री की ओर से कुछ प्रमुख जनहितकारी योजनाओं और वादों से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। समारोह स्थल पर भारी भीड़ को देखते हुए ड्रोन के जरिए पल-पल की निगरानी रखी जा रही है। 01:24 AM, 10-May-2026 पिछले घंटों की घटनाक्रम टीवीके ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली में सीएम पद पर माथापच्ची: केरल में सड़कों से हटे पोस्टर और बैनर, क्या गुटबाजी छोड़ एकजुट हुई कांग्रेस?

केरल की राजनीति में इस बार वेणुगोपाल फैक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है। अलाप्पुझा से सांसद वेणुगोपाल को लेकर केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने जो रिपोर्ट दी है, वह उनके पक्ष में झुकती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 63 में से करीब 43 विधायकों और राज्य के सभी सांसदों ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। वेणुगोपाल राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। अब फैसला राहुल गांधी को लेना है कि क्या वह अपने खास सिपहसालार को दिल्ली की राजनीति से हटाकर केरल की कमान सौंपेंगे?मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला भी मजबूती से डटे हैं। सतीशन ने बतौर नेता प्रतिपक्ष एलडीएफ सरकार के खिलाफ शानदार माहौल बनाया था, जिसके चलते मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) जैसी सहयोगी पार्टियां उनके पक्ष में हैं। वहीं, रमेश चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा पार्टी के लिए त्याग किया है, इसलिए इस बार उनकी वरिष्ठता का सम्मान होना चाहिए। सतीशन की उम्र 61 साल है जबकि चेन्निथला 69 वर्ष के हैं।पिछले कुछ दिनों से केरल में समर्थकों के बीच छिड़े ‘पोस्टर वॉर’ से आलाकमान काफी नाराज दिखा। पार्टी नेतृत्व की सख्ती के बाद वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथला ने संयुक्त अपील जारी की। शनिवार रात से ही पूरे केरल में नेताओं के समर्थन वाले फ्लेक्स बोर्ड और पोस्टर हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हाईकमान का फैसला सबको मान्य होगा।वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने दिल्ली में जारी गतिरोध के बीच बड़ा बयान देते हुए नेतृत्व के संकट पर विराम लगा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आत्मविश्वास के साथ कहा कि सब कुछ सुलझा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु में सरकार बनाने का रास्ता साफ: राज्यपाल से मिले विजय, कल सुबह 10 बजे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही उथल-पुथल मची अब पूरी तरह से खत्म हो गई है। टीवीके के प्रमुख सी. जोसेफ विजय कल राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। सबसे बड़ी पार्टी के नेता के रूप में विजय ने शनिवार को चेन्नई के लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 120 विधायकों के मजबूत समर्थन के साथ सरकार बनाने का अपना दावा आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया। कांग्रेस… सबसे पहले समर्थन देने वाले दलों में से एक। इनके पास 5 विधायक हैं। सबसे पहले समर्थन देने वाले दलों में से एक। इनके पास 5 विधायक हैं। भाकपा… भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने “स्थिर और लोकतांत्रिक शासन” के लिए अपना समर्थन दिया है। इनके पास दो विधायक हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने “स्थिर और लोकतांत्रिक शासन” के लिए अपना समर्थन दिया है। इनके पास दो विधायक हैं। माकपा… मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी आधिकारिक तौर पर टीवीके को समर्थन पत्र सौंपा है। इनके पास दो विधायक हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी आधिकारिक तौर पर टीवीके को समर्थन पत्र सौंपा है। इनके पास दो विधायक हैं। वीसीके… थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने आज (9 मई) अपना समर्थन पत्र सौंपकर सस्पेंस खत्म कर दिया। इनके पास दो विधायक हैं। थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने आज (9 मई) अपना समर्थन पत्र सौंपकर सस्पेंस खत्म कर दिया। इनके पास दो विधायक हैं। आईयूएमएल… इस दल के दो विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। इसके बाद से अब बहुमत की संख्या 121 पहुंच गई है। इस घटनाक्रम के बाद अब नई सरकार के शपथ ग्रहण की भव्य तैया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

केरल में सीएम को लेकर फंसा पेच: खरगे के आवास पर तीन घंटे हुई बैठक, फिर भी नहीं बन सकी सहमति

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में केरल कांग्रेस के कई कद्दावर नेता शामिल हुए, जिनमें वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नितला प्रमुख हैं। यह बैठक राज्य में कांग्रेस के मजबूत प्रदर्शन के बाद नेतृत्व परिवर्तन को अंतिम रूप देने के खास उद्देश्य से बुलाई गई थी। हालांकि, लंबी चर्चा और लगातार विचार-विमर्श के बावजूद फैसला सार्वजनिक नहीं किया जा सका, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी के अंदर अभी और भी आंतरिक बातचीत होनी बाकी है। अब यह पूरा मामला दिल्ली दरबार यानी आलाकमान के हाथों में चला गया है और मुख्यमंत्री चुनने का अंतिम फैसला पूरी तरह से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ दिया गया है। बैठक के बाद सभी बड़े नेता कुछ समय के लिए फिर खरगे के आवास लौटे और बाद में वहां से रवाना हो गए।राज्य के सभी नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने मिलकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है और अपनी तरफ से गेंद आलाकमान के पाले में डाल दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने जानकारी दी है कि सभी कांग्रेस विधायकों ने एक पंक्ति के प्रस्ताव (वन-लाइन रेजोल्यूशन) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस प्रस्ताव के जरिए विधायकों ने राज्य के नए मुख्यमंत्री का चुनाव करने का पूरा अधिकार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व यानी हाईकमान को सौंप दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब विधायक दल की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कोई आपसी खींचतान या विवाद नहीं होगा।विधायकों का प्रस्ताव मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगेगी। दीपा दासमुंशी ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस मामले में अंतिम निर्णय लेंगे। ये …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

CBI की कार्रवाई: 27337 करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापे, जानिए सबकुछ

देश के बैंकिंग सेक्टर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले कथित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मुंबई में 17 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बैंक फंड की हेराफेरी के बड़े मामलों पर जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है। छापेमारी के मुख्य केंद्र और आरोपी कंपनियां सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के तहत किया गया है। जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे। इसके साथ ही उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों को भी खंगाला गया, जिनके खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक फंड को डायवर्ट (हेराफेरी) करने के लिए किया गया था। शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। 27,337 करोड़ का वित्तीय नुकसान और फर्जीवाड़ा इस पूरे कथित घोटाले का वित्तीय प्रभाव बेहद व्यापक है। अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में सरकारी बैंकों और LIC को कुल मिलाकर लगभग 27,337 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि फंड डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल की गईं कई बिचौलिया कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और अब तक की कार्रवाई सार्वजनिक क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

भारत के नए CDS: पाकिस्तान-चीन मामलों के विशेषज्ञ हैं एनएस राजा सुब्रमणि, जनरल अनिल चौहान की लेंगे जगह

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वह 30 मई को कार्यकाल पूरा कर रहे जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे। रक्षा मामलों, खासकर पाकिस्तान और चीन से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। सैन्य करियर की शुरुआत लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि का जन्म एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से प्रशिक्षण हासिल किया। 14 दिसंबर 1985 को उन्हें गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला। 40 साल का लंबा अनुभव करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में अहम जिम्मेदारियां संभालीं। असम में ऑपरेशन राइनो के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और मध्य सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाली। बड़े पदों पर जिम्मेदारी उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना के प्रमुख स्ट्राइक कोर समेत दो कोर की कमान संभाली और चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी काम किया। इसी वजह से उन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं का गहरा जानकार माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) रहे। इससे पहले वह सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। फिलहाल वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने कजाखस्तान में डिफेंस अटैची, सैन्य खुफिया विभाग में डिप्टी डायरेक्टर जनरल और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर जैस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

UP: देवबंद में दो बीघा के लिए भारी बवाल, दो समुदाय भिड़े, पथराव और लाठीचार्ज में कई घायल, छावनी बना क्षेत्र

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए जनपद के कई थानों का पुलिस बल भी बुलाना पड़ा। पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में दो बीघा जमीन को लेकर शनिवार को बड़ा बवाल हो गया। जमीन पर कब्जे को लेकर ठाकुर और अनुसूचित समाज के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। इस दौरान दो महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद बताया जा रहा है कि देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव लालवाला में स्थित दो बीघा जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शनिवार को जब एक पक्ष ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया तो दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर पथराव में बदल गई। अचानक हुए इस बवाल से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप अनुसूचित पक्ष का आरोप है कि भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर पुलिस ने उन पर एकतरफा लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं ठाकुर पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन उन्होंने खरीदी हुई है और जब वे वहां पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने विरोध करते हुए उन पर पथराव शुरू कर दिया। बवाल में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला, कहा ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में करेंगे लोकतंत्र की रक्षा

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। इसके साथ आज मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हुआ। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के साथ लंबे समय से सत्ता पर राज कर रही है ममता बमर्जी की टीएमसी को उखाड़ फेंका है। सुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हरा कर मुख्यमंत्री की सीट हासिल की। शपथ ग्रहण के बाद टीएमसी के नेता और डायमंड हार्बर सीट से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण बताया है। चुनाव की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उन्होंने लिखा “हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था। लोकतांत्रिक संस्थाएं, जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं। इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।” आग उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती से लेकर ईवीएम को लाने-ले जाने और उनके रखरखाव से जुड़े आरोपों तक जैसे कि कंट्रोल यूनिट का मेल न खाना, कई ऐसी परेशान करने वाली घटनाएं हुईं, जिनसे लाखों लोगों के मन में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या लोगों के असली जनादेश का सम्मान किया गया है। मैंने पहले ही वोटों की गिनती वाले केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज जारी करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

ममता सोशल मीडिया पर अब भी खुद को लिख रहीं मुख्यमंत्री: प्रोफाइल में किया बदलाव, पर नहीं हटाया सीएम वाला टैग

ममता बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल में कुछ बदलाव जरूर किए हैं। उन्होंने अपनी जानकारी में ‘15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा’ शब्द जोड़ दिए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री का टैग अब भी बरकरार है। चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने पद छोड़ने से इनकार किया था, जिसकी झलक अब उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भी दिख रही है।इससे पहले राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया था। इस विधानसभा का कार्यकाल सात मई को ही पूरा हो गया था। राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया था।ममता बनर्जी 2011 से लगातार 15 साल तक सत्ता में रहीं। 2021 में वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी थीं। लेकिन 2026 के चुनाव में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं। हार के बाद उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर सीटों की चोरी का आरोप लगाया था। अब राज्य में भाजपा की नई सरकार बन चुकी है और शुभेंदु अधिकारी ने कमान संभाल ली है। फिलहाल ममता बनर्जी का सोशल मीडिया स्टेटस चर्चा का विषय बना हुआ है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk