केरल की राजनीति में इस बार वेणुगोपाल फैक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है। अलाप्पुझा से सांसद वेणुगोपाल को लेकर केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने जो रिपोर्ट दी है, वह उनके पक्ष में झुकती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 63 में से करीब 43 विधायकों और राज्य के सभी सांसदों ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। वेणुगोपाल राहुल गांधी के बेहद करीबी हैं। अब फैसला राहुल गांधी को लेना है कि क्या वह अपने खास सिपहसालार को दिल्ली की राजनीति से हटाकर केरल की कमान सौंपेंगे?मुख्यमंत्री पद के लिए वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला भी मजबूती से डटे हैं। सतीशन ने बतौर नेता प्रतिपक्ष एलडीएफ सरकार के खिलाफ शानदार माहौल बनाया था, जिसके चलते मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) जैसी सहयोगी पार्टियां उनके पक्ष में हैं। वहीं, रमेश चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा पार्टी के लिए त्याग किया है, इसलिए इस बार उनकी वरिष्ठता का सम्मान होना चाहिए। सतीशन की उम्र 61 साल है जबकि चेन्निथला 69 वर्ष के हैं।पिछले कुछ दिनों से केरल में समर्थकों के बीच छिड़े ‘पोस्टर वॉर’ से आलाकमान काफी नाराज दिखा। पार्टी नेतृत्व की सख्ती के बाद वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथला ने संयुक्त अपील जारी की। शनिवार रात से ही पूरे केरल में नेताओं के समर्थन वाले फ्लेक्स बोर्ड और पोस्टर हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हाईकमान का फैसला सबको मान्य होगा।वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने दिल्ली में जारी गतिरोध के बीच बड़ा बयान देते हुए नेतृत्व के संकट पर विराम लगा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आत्मविश्वास के साथ कहा कि सब कुछ सुलझा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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