ट्रंप बनाम सुप्रीम कोर्ट: जन्मसिद्ध नागरिकता से टैरिफ तक, US राष्ट्रपति के किन फैसलों पर अदालत ने लगाई रोक?

ट्रंप बनाम सुप्रीम कोर्ट: जन्मसिद्ध नागरिकता से टैरिफ तक, US राष्ट्रपति के किन फैसलों पर अदालत ने लगाई रोक? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके दूसरे कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट से लगातार कानूनी झटके मिल रहे हैं। मंगलवार को अदालत ने जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) सीमित करने से जुड़े उनके कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया। यह पहली बार नहीं है, जब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के किसी अहम फैसले पर रोक लगाई हो या उसे खारिज किया हो। इससे पहले भी कई अदालतें उनकी प्रमुख नीतियों और कार्यकारी आदेशों के खिलाफ फैसले दे चुकी हैं। आइए जानते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने अब तक ट्रंप के किन-किन फैसलों को झटका लगा है। टैरिफ आदेश रद्द हुआ टैरिफ यानी विदेशों से आने वाले सामान पर लगाया जाने वाला आयात शुल्क के मामले में डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था। 20 फरवरी 2026 को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए कई आयात शुल्कों (टैरिफ) पर फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने एक पुराने कानून का सहारा लेकर कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगा दिया था। उनका कहना था कि इससे अमेरिका के हितों की रक्षा होगी और व्यापार घाटा कम होगा। लेकिन कोर्ट ने कहा कि कर और टैरिफ लगाने का अधिकार मुख्य रूप से संसद के पास है।राष्ट्रपति अपनी का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

India-Iran: प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन से फोन पर की बात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और आगे की स्थिति से अवगत कराया। ईरान अमेरिका शांति समझौते के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत है। इससे पहले मार्च में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की थी और ईद-नौरोज की शुभकामनाएं दी थीं। Spoke with the President of Iran, Dr. Masoud Pezeshkian, on the recent developments in West Asia. Welcomed the progress made in the negotiations and expressed hope that continued efforts will lead to lasting peace in the region. Reiterated the importance of freedom of navigation… — Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में हुए शांति समझौते का स्वागत किया और दोहराया कि भारत का लगातार यह रुख रहा है कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।पीएम मोदी ने विशेष रूप से समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को निर्बाध बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता के लिए समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा हुई। उन्होंने वार्ता म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

UP: सपा के मुख्य सचेतक पद से विधायक कमाल अख्तर का इस्तीफा, बोले- अखिलेश जी ने मुझे आदेश दिया था

मुरादाबाद के विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में समाजवादी पार्टी के दल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ विवाद सामने आने के बाद आया है। हालांकि इस्तीफे के कारणों पर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विवाद को सुलझाने के लिए हाल ही में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोनों पक्षों के साथ बैठक भी की थी। माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन अब कमाल अख्तर के इस्तीफे ने अटकलों को फिर हवा दे दी है।कमाल अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है, तथा जो भी आदेश मिलेगा, उसका सदैव पालन करता रहूंगा।बता दें कि जुलाई 2024 में मनोज कुमार पांडे के मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा देने के बाद कमाल अख्तर को सपा ने यह जिम्मेदारी सौंपी थी।वर्तमान में मनोज कुमार पांडे प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 1 min · National Desk

PM Modi Gifts: पीतल का कछुआ, टोडा शॉल, कांचीवरम सिल्क, प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स दौरे में किसको क्या दिया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा संपन्न कर सोमवार को स्वदेश लौट आए। लोकाचार के तहत भारत के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति, स्पीकर, उपराष्ट्रपति आदि को कुछ उपहार भेंट किए। सभी तोहफों में भारत की माटी की सुगंध साफ महसूस की जा सकती है। इनमें उत्तर से लेकर दक्षिण, पूरब से लेकर पश्चिम भारत का रंग रचा बसा है। सेशेल्स के राष्ट्रपति को क्या दिया ? सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को मुरादाबादी शिल्पकारों के हुनर की मिसाल भेंट की। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की प्रसिद्ध पीतल शिल्पकला से तैयार यह कलात्मक कछुआ भारत की उत्कृष्ट हस्तशिल्प परंपरा का प्रतीक है। बारीक नक्काशी और आकर्षक फिनिश से सुसज्जित यह कलाकृति भारतीय दर्शन में ज्ञान, स्थिरता, धैर्य और दीर्घायु का प्रतीक माने जाने वाले कछुए का प्रतिनिधित्व करती है। यह उपहार सेशेल्स के प्रतिष्ठित एल्डाब्रा जायंट टॉर्टॉइज से भी जुड़ता है और दोनों देशों के बीच प्रकृति संरक्षण के साथ ही मित्रता के साझा मूल्यों को दर्शाता है। संसद की स्पीकर के उपहार में क्या खास? प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा को टोडा कढ़ाई वाली शॉल भेंट की। तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों में रहने वाले टोडा जनजाति की पारंपरिक कढ़ाई से बनी यह शॉल सफेद सूती कपड़े पर लाल और काले आकर्षक डिजाइनों से सुसज्जित है। ‘पुखूर’ नामक विशिष्ट हस्तकढ़ाई तकनीक से तैयार यह शॉल टोडा समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा और हस्तकला कौशल का प्रतीक है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्वदेशी विरासत को दर्शाती है, जो सेशेल्स की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की भावना से भी मेल खाती है। सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

US: परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ कतर रवाना, फिर ईरान वार्ता से क्यों कर रहा इनकार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि मंगलवार को दोहा में होने वाली कूटनीतिक बातचीत बेहद अहम है। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका अपने रुख पर कायम है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। ट्रंप ने कहा, ‘कल दोहा में बैठक होगी। देखते हैं कि इसमें क्या होगा। यह बैठक अहम भी है और नहीं भी। ये साफ है कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने होंगे। हम नहीं चाहते कि उनके पास परमाणु हथियार हो और वे इसके लिए तैयार भी हैं।’ ट्रंप ने इस दौरान ये भी कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें कम हुई हैं।ट्रंप जहां दोहा में होने वाली बैठक को अहम बता रहे हैं। वहीं ईरान ने दोहा में किसी औपचारिक बातचीत से ही इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते किसी भी तकनीकी और राजनीतिक बातचीत से साफ इनकार किया है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माल बाघेई ने ये जरूर स्वीकार किया कि एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा के दौरे पर है। उन्होंने कहा कि दोहा में सिर्फ मौजूदा समझौते के अनुच्छेद 11 को लेकर बात होगी। बाघेई ने कहा कि दोहा आ रहे अमेरिकी प्रतिनिधि का ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है।इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि अगर अमेरिका, ईरान पर हमला नहीं करता है तो हम भी अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान धमकियों का मजबूती से जवाब देगा। सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में पेजेशकियान ने लिखा, ‘आपसी समझ एक दोतरफा प्रक्रिया है। अगर अमेरिकी पक्ष समझौते का पालन करता है तो हम भी अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरा करेंगे।‘राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बगैर पेजेशकियान ने कहा, बेकार की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

Weather: पूर्वोत्तर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, उत्तर-पश्चिम में गर्मी का सितम; जुलाई में राहत के आसार

दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके चलते आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। विशेषतौर पर असम बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि वहां अरुणाचल में बारिश से उफनती नदियों का पानी भी आ रहा है। अकेले असम में 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि दोनों राज्यों में सड़कें, पुल टूट गए हैं और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी, लू और उमस ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते से राहत की बारिश की उम्मीद है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 1 min · National Desk

कर्नाटक में SIR शुरू: सीएम DK शिवकुमार की अपील- प्रक्रिया में हिस्सा लें, वरना छिन सकता है वोट का अधिकार

मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में एक मीडिया वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार जीवन जीने के अधिकार जैसा है। इसलिए हर किसी को अपना वोट सुरक्षित रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि जो लोग इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे, उन्हें भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल हो सकती है। इन योजनाओं में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य और आवास योजनाएं शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सरकार अभी किसी की योजना बंद नहीं कर रही है, लेकिन जानकारी का सत्यापन करना बहुत जरूरी है।यह विशेष अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाएंगे। वे मतदाताओं को छपे हुए फॉर्म देंगे, जिसमें मतदाता सूची की मौजूदा जानकारी होगी। हर व्यक्ति को अपना अलग फॉर्म भरकर उस पर अपनी नई फोटो लगानी होगी और इसे 29 जुलाई से पहले जमा करना होगा। अगर कोई व्यक्ति घर पर मौजूद नहीं है, तो परिवार का दूसरा सदस्य उसकी जगह फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है। पांच अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा।डीके शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि यह नियम हर नागरिक के लिए है, चाहे उसका पद कुछ भी हो। उन्होंने कहा, ‘भले ही मैं कर्नाटक का मुख्यमंत्री हूं, लेकिन मुझे भी यह फॉर्म भरना और जमा करना होगा। अगर मैं ऐसा नहीं करता हूं, तो मेरा नाम भी मतदाता सूची से हट जाएगा और मेरा वोट मान्य नहीं रहेगा।‘सरकार ने मतदाताओं की मदद के लिए राज्य भर में 37,464 मतदाता सुविधा केंद्र और 11,856 बीएलओ सुविधा केंद्र बनाए हैं। कुल मिलाकर 49,320 हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

'अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की खबरें निराधार': सेना ने दावों को किया खारिज, कहा-सीमा पर नियंत्रण में स्थित

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र ताक्सिंग के एक स्थानीय संगठन ‘नाह वेलफेयर सोसाइटी’ ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस संगठन के अध्यक्ष केरू चाडर ने दावा किया था कि चीनी सेना पिछले 10 से 15 वर्षों में धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ी है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि चीन ने स्थानीय नाह आदिवासी समुदाय की पारंपरिक शिकार, पशु चराई और कृषि भूमि पर नियंत्रण कर लिया है। दावे के मुताबिक, जो क्षेत्र साल 2020 तक पूरी तरह भारत के नियंत्रण में थे, वहां अब पीएलए ने सड़कें, पुल और स्थायी सैन्य शिविर बना लिए हैं। इस संगठन ने विशेष रूप से पांच संवेदनशील स्थानों, ओयिंग, पनियार, मरपन, पोत्रंग झील और तिनदिंगतांग का नाम लिया था, जो स्थानीय लोगों के लिए पवित्र धार्मिक महत्व रखते हैं।स्थानीय संगठन के इस पत्र के सामने आते ही राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। नाचो क्षेत्र के विधायक नाकाप नालो और पूर्व विधायक पकंगा बागे ने इस विषय को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग की थी, ताकि सीमावर्ती नागरिकों का डर दूर हो सके। दूसरी तरफ, अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी केंद्र सरकार से इस संवेदनशील मामले पर तुरंत स्थिति स्पष्ट करने और सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी।बढ़ते विवाद को देखते हुए भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान ने तुरंत स्थिति साफ की। सैन्य सूत्रों के अनुसार, एलएसी पर भारतीय सैनिक लगातार और बेहद मुस्तैदी से लॉन्ग-रेंज पैट्रोलिंग (एलआरपी) करते हैं। चीन के साथ सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी सीमाओं में काम करते …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk

Petrol-Diesel: पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर 1 जुलाई से हटेगी पाबंदी, जानिए सरकार की ओर से क्या एलान किया गया

भारत में पेट्रोल और डीजल के बड़े खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन में जो रुकावटें आई थीं, उसे देखते हुए भारत सरकार ने इसी महीने ईंधन की बिक्री पर कुछ सख्त पाबंदियां लागू की थीं। अब स्थिति का आकलन करने के बाद सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर इन प्रतिबंधों को खत्म करने का एलान कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्या नया आदेश जारी किया है? सोमवार को सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में साफ किया गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। इस सरकारी आदेश के मुताबिक, ईंधन की खरीद और बिक्री को लेकर लागू की गई यह रोक 1 जुलाई से पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी। इसका सीधा सा अर्थ है कि आने वाली 1 जुलाई से पेट्रोल पंपों और रिटेल स्टेशनों पर पहले की तरह ही सामान्य रूप से ईंधन उपलब्ध होने लगेगा। ईंधन की बिक्री पर अचानक क्यों लगानी पड़ी थी पाबंदी? दरअसल, यह पूरा मामला वैश्विक हालातों से जुड़ा हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर की आपूर्ति शृंखलाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। विदेशी बाजार में सप्लाई चेन बाधित होने की वजह से भारत के स्थानीय बाजारों में भी ईंधन की आपूर्ति को लेकर दबाव बन गया था। सरकार को यह आशंका थी कि अगर स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो सकती है। इसी घरेलू संकट को टालने के लिए सरकार ने इसी महीने ये प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के दौरान किन नियमों का पालन करना पड़ रहा था? सरकार की ओर से लगाई गई इस पाबंदी का सबसे ज्यादा असर व्यावसायिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk

UP: सीएम योगी बोले- 'साइकिल' चलेगी तो दंगे होंगे, इसलिए जनता ने पंचर कर दी; सपा-कांग्रेस पर जमकर बरसे

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक शासन किया, लेकिन बांग्लादेश से आए प्रताड़ित हिंदू परिवारों, गरीबों, दलितों और वंचितों की चिंता कभी नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की राजनीति केवल तुष्टिकरण तक सीमित रही, जबकि भाजपा सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन दुर्भाग्यपूर्ण था और उसी का परिणाम है कि हजारों परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बाद में बांग्लादेश में प्रताड़ना झेलने वाले हिंदू परिवारों को अब भारत में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन के माध्यम से इन परिवारों को न्याय मिला है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत में लगभग 2,500 विस्थापित परिवारों यानी करीब 15 हजार लोगों को नागरिकता और भूमि अधिकार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे करीब 55 हजार परिवारों को चरणबद्ध तरीके से अधिकार दिलाने का अभियान चल रहा है। इसकी शुरुआत पीलीभीत से हुई। बाराबंकी, बहराइच में भी यह क्रम चल रहा है। अभी कुछ मामलों में वन विभाग और केंद्र सरकार की अनुमति मिलते ही अन्य परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा। पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में 569.11 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने करीब ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। कहा कि सपा और कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों की चिंता है। ‘बबुआ’ पर तंज: 12 बजे उठने वालों क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk