Assembly Bypolls Updates: दतिया में एक बजे तक 48% मतदान, बांकीपुर में नहीं बढ़ी रफ्तार; मांजलपुर का क्या हाल?

01:51 PM, 30-Jul-2026 दतिया उपचुनाव: दोपहर एक बजे तक 48.91% मतदान दोपहर एक बजे तक दतिया सीट 48.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, बांकीपुर सीट पर 20.01 फीसदी और गुजरात की मांजलपुर सीट पर 21.66 फीसदी वोटिंग हुई है। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर वोटिंग की रफ्तार शुरू से तेज है। दोपहर एक बजे तक दतिया सीट 48.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, बांकीपुर सीट पर 20.01 फीसदी और गुजरात की मांजलपुर सीट पर 21.66 फीसदी वोटिंग हुई है। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर वोटिंग की रफ्तार शुरू से तेज है। 01:07 PM, 30-Jul-2026 वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद: भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण है। माताएं, बहनें, माता-पिता, अभिभावक, चाचा-चाची, दादा-दादी, सभी वोट डालने के लिए बाहर आए हैं। हम चाहते हैं कि मतदान का प्रतिशत जितना हो सके उतना अधिक हो। हमें उम्मीद है कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ेगा। हर कोई हमें अपना आशीर्वाद दे रहा है, खासकर माताएं और बहनें। मैं बांकीपुर का बेटा हूं और वे मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं। 12:16 PM, 30-Jul-2026 किस सीट पर कितने प्रतिशत मतदान हुआ? बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अब तक लगभग 11.50% मतदान दर्ज किया गया। मंजलपुर विधानसभा उपचुनाव में अब तक लगभग 14.24% मतदान दर्ज किया गया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में अब तक लगभग 32.53% मतदान दर्ज किया गया। 11:14 AM, 30-Jul-2026 मांजलपुर उपचुनाव: भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर, शुरुआती तीन घंटों में 6.06% हुआ मतदान गुजरात की वडोदरा सीट के अंतर्गत आने वाली मांजलपुर विधानसभा पर उपचुनाव के लिए आज सुबह से वोटिंग जारी है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

UP Weather: फिर ठिठका मानसून, अब तीन अगस्त तक पड़ सकती है बेचैन करने वाली उमस-गर्मी; ये है आज का पूर्वानुमान

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दायरा कुछ दिनों के लिए एक बार फिर सिमटने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार से बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी तराई के जिलों तक सीमित रहेगी। यह स्थिति तीन अगस्त तक बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार से दो दिन तक 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चल सकती है। सहारनपुर और बिजनौर समेत तराई के जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं। वहीं, दक्षिणी जिलों, मध्य प्रदेश से सटे इलाकों और कुछ अन्य क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।बुधवार को कानपुर में सबसे अधिक 81 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मेरठ में 80.8 मिमी, बिजनौर में 72 मिमी और मुजफ्फरनगर में 68.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून ट्रफ अभी सामान्य स्थिति में है। हालांकि, तीन-चार अगस्त के आसपास इसके फिर उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इससे प्रदेश में एक बार फिर व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Farmers Protest: मांगों को लेकर सड़क पर डटे किसान तो उनकी बाट जोह रहा परिवार, जानिए अन्नदाताओं के घर के हाल

नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हजारों किसान अपनी 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर तीन दिन से सड़कों पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक वे आंदोलन खत्म कर वापस घर नहीं लौटेंगे। लेकिन किसानों के इस आंदोलन का असर अब सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी तस्वीर नर्मदापुरम के गांवों में भी दिखाई देने लगी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 1 min · National Desk

यूपी: प्रदेश में फिर से ठिठका मानसून, अब तीन अगस्त तक पड़ सकती है बेचैन करने वाली उमस-गर्मी; पूर्वानुमान जारी

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दायरा कुछ दिनों के लिए एक बार फिर सिमटने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार से बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी तराई के जिलों तक सीमित रहेगी। यह स्थिति तीन अगस्त तक बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार से दो दिन तक 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चल सकती है। सहारनपुर और बिजनौर समेत तराई के जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं। वहीं, दक्षिणी जिलों, मध्य प्रदेश से सटे इलाकों और कुछ अन्य क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।बुधवार को कानपुर में सबसे अधिक 81 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मेरठ में 80.8 मिमी, बिजनौर में 72 मिमी और मुजफ्फरनगर में 68.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून ट्रफ अभी सामान्य स्थिति में है। हालांकि, तीन-चार अगस्त के आसपास इसके फिर उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इससे प्रदेश में एक बार फिर व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

MP: नहीं रहे आधुनिक जंगल युद्ध प्रणाली के योद्धा रिटायर्ड ब्रिगेडियर बसंत कुमार, 1971 की जंग में थी अहम भूमिका

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के योद्धा और नक्सली उग्रवाद के खिलाफ देश में आधुनिक जंगल युद्ध प्रणाली के शिल्पकार रहे ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बसंत कुमार पंवार का महू में निधन हो गया। बुधवार को उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। 77 वर्षीय पंवार के दो पुत्र हैं। दोनों बेटे वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान एक युवा अधिकारी के रूप में पंवार ने सीमा पार अभियानों में हिस्सा लिया। उन्होंने मुक्ति वाहिनी के लड़ाकों के साथ मिलकर कई घात लगाकर हमलों का नेतृत्व किया और ढाका की ओर बढ़ने वाले अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना व मिजोरम और छत्तीसगढ़ पुलिस बलों में पांच दशक से अधिक समय तक राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपनी सेवाएं समर्पित कीं।3 मार्च 1949 को इंदौर में जन्मे बसंत कुमार पंवार दिसंबर 1969 में मराठा लाइट इन्फैंट्री की पहली बटालियन में कमीशंड अधिकारी बने। 1971 के युद्ध के दौरान 95 माउंटेन ब्रिगेड के अधीन सेवा देते हुए उन्होंने कमालपुर और बक्शीगंज में दुश्मन के ठिकानों पर हमलों का नेतृत्व किया। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक टंगाइल पैराड्रॉप अभियान में एक महत्वपूर्ण संपर्क अधिकारी की भूमिका निभाई। अपने 36 वर्षों के गौरवशाली सैन्य करियर में उन्होंने 1 मराठा लाइट इन्फैंट्री की कमान संभाली और मिजोरम के वैरेंगटे स्थित सेना के काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वारफेयर स्कूल (सीआईजेडब्ल्यूएस) के कमांडेंट रहे। वर्ष 2004 में उन्होंने पहले भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ की निगरानी भी की। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित किया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल पर फिर बढ़ा विवाद, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इस याचिका में मध्य प्रदेश के धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराने के निर्देश का पालन न करने का आरोप लगाया गया है। 24 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा वी मोहना की पीठ ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, पीठ के जल्दी स्थगित होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई कब होगी? वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने इस मामले का जिक्र तब किया जब बेंच दिन भर की कार्यवाही समाप्त करने वाली थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, ‘आप अहमदी को वैकल्पिक स्थल का विवरण क्यों नहीं देते?’ वरिष्ठ अधिवक्ता ने क्या कहा? अहमदी ने कहा, ‘आपके आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थल 1.3 किलोमीटर दूर है और (जिला) कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा है कि केवल यही स्थल आवंटित किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि अदालत के पहले के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। विधि अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने एक अन्य स्थान की पहचान कर ली है। उन्होंने पीठ के सामने कहा कि ’ नहीं, नहीं। हम फिर मिले। हमें एक और जगह मिल गई है। हालांकि, अहमदी ने प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अनुपयुक्त और बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि भोजशाला स्थल के पास एक दरगाह है, और उसके सामने जमीन है जिसे आवंटित किया जा सकता है। कोर्ट ने पिछले सुनवाई में क्या कहा? 14 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Ragging Cases: रैगिंग के मामलों में यूपी देश में सबसे आगे, आखिर सख्ती के बावजूद क्यों नहीं थम रहीं शिकायतें?

देश में रैगिंग रोकने के लिए लगातार सख्ती की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश अब भी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के बावजूद वर्ष 2022 से 22 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश के मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की 825 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें वर्ष 2026 में 22 जुलाई तक 135 शिकायतें शामिल हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और रैगिंग रोकने के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कितने मामले दर्ज हुए? देशभर से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 22 जुलाई 2026 तक कुल 4,024 रैगिंग शिकायतें दर्ज की गईं। इस सूची में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इसके बाद पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार का स्थान है। खास बात यह है कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या अधिक होने के बावजूद वहां शिकायतों की संख्या उत्तर प्रदेश की तुलना में कम रही। वर्ष 2025 में यूजीसी ने रैगिंग रोकने में विफल रहने पर 18 मेडिकल कॉलेजों समेत 107 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 97, वर्ष 2023 में 154, वर्ष 2024 में 188, वर्ष 2025 में 251 और वर्ष 2026 में 22 जुलाई तक 135 शिकायतें दर्ज की गईं। मध्य प्रदेश में इसी अवधि में क्रमशः 73, 82, 87, 117 और 63 मामले सामने आए। राजस्थान में 32, 42, 54, 75 और 44 शिकायतें दर्ज हुईं। दिल्ली में 18, 26, 31, 33 और 27 मामले सामने आए। उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Ragging Cases: रैगिंग के मामलों में यूपी देश में सबसे आगे, आखिर सख्ती के बावजूद क्यों नहीं थम रहीं शिकायतें?

देश में रैगिंग रोकने के लिए लगातार सख्ती की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश अब भी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के बावजूद वर्ष 2022 से 22 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश के मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की 825 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें वर्ष 2026 में 22 जुलाई तक 135 शिकायतें शामिल हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और रैगिंग रोकने के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कितने मामले दर्ज हुए? देशभर से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से 22 जुलाई 2026 तक कुल 4,024 रैगिंग शिकायतें दर्ज की गईं। इस सूची में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इसके बाद पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार का स्थान है। खास बात यह है कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या अधिक होने के बावजूद वहां शिकायतों की संख्या उत्तर प्रदेश की तुलना में कम रही। वर्ष 2025 में यूजीसी ने रैगिंग रोकने में विफल रहने पर 18 मेडिकल कॉलेजों समेत 107 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 97, वर्ष 2023 में 154, वर्ष 2024 में 188, वर्ष 2025 में 251 और वर्ष 2026 में 22 जुलाई तक 135 शिकायतें दर्ज की गईं। मध्य प्रदेश में इसी अवधि में क्रमशः 73, 82, 87, 117 और 63 मामले सामने आए। राजस्थान में 32, 42, 54, 75 और 44 शिकायतें दर्ज हुईं। दिल्ली में 18, 26, 31, 33 और 27 मामले सामने आए। उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 27, 2026 · 2 min · National Desk

BJP: धर्मेंद्र प्रधान ने पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की थी, फिर क्या हुआ? कैलाश विजयवर्गीय ने बताई पूरी कहानी

विदेशी ताकतों की साजिश को लेकर विजयवर्गीय ने क्या दावा किया? धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने से क्यों रोका गया? कांग्रेस पर हमला बोलते हुए क्या कहा? राहुल गांधी और आरएसएस पर क्या बोले विजयवर्गीय? इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने हर जिम्मेदारी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाई। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन शुरू होते ही प्रधान ने भाजपा अध्यक्ष से कहा था कि अगर पार्टी को जरूरत लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। लेकिन उस समय पार्टी अध्यक्ष ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए वह न तो इस्तीफा दें और न ही इस बारे में किसी से चर्चा करें।कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन विदेशी ताकतों की योजना को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो हिंसा फैलाकर भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले बांग्लादेश और श्रीलंका में भी देखने को मिली थीं। विजयवर्गीय ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की साजिश को नाकाम कर दिया, जो हिंसा के जरिए भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। मैं उनके इस फैसले के लिए उन्हें बधाई देता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान हर जिम्मेदारी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाई।विजयवर्गीय ने दावा किया कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने भाजपा अध्यक्ष से कहा था कि यदि पार्टी को उचित लगे तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने उस समय कहा कि इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 26, 2026 · 2 min · National Desk

भोजशाला: प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से की चर्चा, नमाज को लेकर नहीं बनी बात, 350 पुलिसकर्मी तैनात

धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। जुमे की नमाज के लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक स्थान को लेकर मुस्लिम पक्ष और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मुस्लिम समाज ने प्रशासन द्वारा सुझाई गई जगह पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुरुवार देर रात प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया। काफी देर तक चली बैठक के बाद भी स्थान को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी। जावरा और इंदौर की कंपनियां तैनात आज शुक्रवार सुबह से ही शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में दोपहर के समय सुनवाई प्रस्तावित है। प्रशासन ने इससे पहले ही पूरी तैयारी कर ली है। जावरा और इंदौर से पुलिस की दो विशेष कंपनियां धार पहुंच चुकी हैं। नगर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 350 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों, भोजशाला परिसर और चालीस पीर दरगाह पर पुलिस बल मौजूद है। साथ ही नगर में पुलिस के मोबाइल वाहन और दोपहिया गश्ती दल लगातार भ्रमण कर रहे हैं। तयशुदा जमीन के पास ही नमाज अदा करना चाहते हैं मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने मीडिया से चर्चा में कहा, “प्रशासन ने हमें चालीस पीर की जगह बताई थी, जो कमाल मौला मस्जिद से लगभग दो किलोमीटर दूर है। हमने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। सर्वोच्च न्यायालय में हाजी मुनीर अहमद साहब की याचिका में हमने एक आवेदन भी प्रस्तुत किया है। उसमें हमने स्पष्ट कहा है कि हमारी आपत्ति दूरी को लेकर है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि यथासंभव सबसे निकट स्थान पर नमाज की व्यवस्था की जाए। इससे अंतिम आदेश पर कोई प्रभाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 24, 2026 · 2 min · National Desk