खबर का असर: भोले की शरण में पहुंचे बच्चों की गुहार रंग लाई, कांवड़ लेकर घर लौटे तो डीएम ने स्कूल फीस माफ कराई

फीस न भर पाने के कारण पढ़ाई छूटने पर भगवान शिव के भरोसे हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले दिव्यांग दंपती के चार बच्चों की पुकार आखिरकार रंग ले आई। अमर उजाला में 11 अगस्त के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने वाली खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बच्चों की फीस माफ करवाई है। उन्होंने चारों बच्चों को कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाकर दो-दो स्कूल ड्रेस, बैग, किताबों का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन और जूते-मोजे प्रदान किए हैं। डीएम ने बताया कि साधना नगर पालिका इंटर कॉलेज कोसीकलां में पढ़ती है, जिसकी फीस पहले से माफ है। वहीं प्रेरणा की फीस भी माफ थी। शेष दो बच्चों, मुस्कान (6,800 रुपये) और शिवम (5,500 रुपये) की बकाया फीस स्कूल प्रबंधक से बात कर पूरी तरह माफ करवा दी गई है। आदेश दिए गए हैं कि भविष्य में भी इनसे कोई फीस नहीं ली जाएगी। उप जिलाधिकारी छाता, अखिलेश कुमार ने चारों मासूमों को गोद ले लिया है। अब वे इनकी आगे की पूरी पढ़ाई और देखभाल का जिम्मा संभालेंगे।भरत सिंह का कहना है कि फीस न भर पाने और स्कूल से नाम कटने के दर्द से जूझ रहे बच्चों ने शिक्षा की आस में हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। बच्चों का मानना था कि भोलेनाथ ही उनकी राह आसान करेंगे।प्रशासनिक पहल के बाद बच्चों के चेहरों पर दोबारा पढ़ाई शुरू होने की खुशी साफ झलक रही है। जब अधिकारियों को हमारी मजबूरी और समस्या का पता चला, तो उन्होंने तुरंत हमारे घर आकर संपर्क किया। प्रशासन की मदद से हमारे बच्चों की स्कूल फीस माफ हो गई है और उन्हें ड्रेस, किताबें, बैग व पेन जैसी सभी सुविधाएं मिल गई हैं। हमें आवास योजना का लाभ और पहली किस्त भी मिल चुकी है।प्रशासनिक जांच में साम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Google New Launches: गूगल की नई Pixel 11 सीरीज लॉन्च हुई; कीमत और खास फीचर्स में किन बातों ने खींचा ध्यान?

गगूल ने बुधवार को अपनी अगली पीढ़ी की Pixel 11 सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL स्मार्टफोन पेश किए हैं। ये नए स्मार्टफोन कई दिलचस्प फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस के साथ आते हैं। Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL में पीछे की तरफ नया HiLight फीचर दिया गया है। सभी मॉडल लेटेस्ट Tensor G6 प्रोसेसर से लैस हैं। Pixel 11 की भारत में शुरुआती कीमत 89,999 रुपये है, जिसमें 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मिलता है। इसके टॉप-एंड विकल्प (12GB रैम, 512GB स्टोरेज) की कीमत 1,04,999 रुपये है। यह फोन Pistachio, Hibiscus, Frost और Obsidian कलर में उपलब्ध है। Pixel 11 Pro की शुरुआती कीमत 1,19,999 रुपये है, जबकि Pixel 11 Pro XL 1,34,999 रुपये से शुरू होता है। दोनों प्रो मॉडल Canyon, Fog, Olive और ऑल-मैट Obsidian कलर में आते हैं। सभी तीनों स्मार्टफोन 20 अगस्त से Google Store, Flipkart और अन्य रिटेल पार्टनर्स पर उपलब्ध होंगे।Google HDFC Bank क्रेडिट कार्ड EMI खरीद पर 10,000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट दे रहा है। ग्राहक 24 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI और 9,000 रुपये तक का एक्सचेंज बोनस भी पा सकते हैं। इन फोन के साथ छह महीने का Google AI Pro सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा। कंपनी ने नए Pixelsnap Case (4,900 रुपये), Pixelsnap Charger (4,500 रुपये) और Pixelsnap Ring Stand (2,979 रुपये) भी पेश किए हैं।Pixel 11 में एज-टू-एज ग्लास कैमरा बार है, जिसकी मोटाई पिछली पीढ़ी के मॉडल से 40 फीसदी कम है। इसमें 6.3 इंच का Full HD+ AMOLED डिस्प्ले है, जो 120 Hz तक की स्क्रीन रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन में 3,000 nits की पीक ब्राइटनेस और Corning Gorilla Glass Victus 2 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: शासन ने किया स्पष्ट, प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को नहीं मिलेगा मानदेय; मई में खत्म हो चुका है कार्यकाल

प्रदेश में प्रशासक बनाए गए ग्राम प्रधानों को मानदेय देने का नियम नहीं है। इसलिए मानदेय जारी रखने की उनकी मांग पूरी होने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मई में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक बना दिया गया था। शासन के सूत्रों के मुताबिक, प्रशासकों को ग्राम प्रधान का दर्जा नहीं दिया जा सकता। इसलिए उन्हें मानदेय भी नहीं मिल सकता। यहां बता दें कि यूपी में 58213 ग्राम पंचायतें, 827 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। प्रधानों को प्रति माह 5 हजार रुपये देने का प्रावधान है।इसी तरह ब्लॉक प्रमुखों को 11300 रुपये और जिला पंचायत अध्यक्षों को 15500 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। लेकिन, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब ये पदाधिकारी निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं रह गए हैं। जब भी एडीओ पंचायत प्रशासक बनाए गए तो उन्हें भी कोई मानदेय नहीं दिया जाता था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 1 min · National Desk

कंगना का राहुल पर निशाना: कहा- अगर इतालवी मां उन्हें विपक्ष का नेता बनाना नहीं चाहतीं तो उनका क्या वजूद रहता?

कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहली बार संसद को इस तरह मजाक बनते देखा है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं कि उन्होंने छात्रों के साथ कथित तौर पर ऐसा किया या नहीं, लेकिन दूसरी तरफ कहते हैं कि वे उनका जवाब सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं।भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें अब शर्म और मर्यादा जैसी कोई भावना नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि राहुल गांधी किस तरह के व्यक्ति हैं।भाजपा सांसद कंगना ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह अपनी निराशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, उससे उन्हें लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी का यह अंतिम कार्यकाल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जबकि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं।कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। कंगना ने दावा किया कि राहुल गांधी का मानना है कि चाहे सब कुछ राख हो जाए, फिर भी राख पर शासन करेंगे।कंगना ने राहुल गांधी की अन्य गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और उसे बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राहुल गांधी किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या वह क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी परवाह नहीं है।कंगना ने विपक्ष में राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: आकाश आनंद के बहाने जेन जी को साधने की कोशिश में बसपा, यूं ही नहीं अखिलेश-राहुल को अंकल कहा गया

युवाओं को पार्टी के अहम पदों पर जिम्मेदारी देने की घोषणा के बाद बहुजन समाज पार्टी को हालिया जेन जी आंदोलन से संजीवनी मिल सकती है। यही वजह है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने छात्राें के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा को निशाने पर लेकर बसपा को ही युवाओं का हितैषी बताया है। वहीं राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को जेन जी की नब्ज टटोलने की जिम्मेदारी दी गई है। बसपा ने बीते लोकसभा चुनाव के बाद संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाई है। आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने के साथ आजमगढ़ की प्रोफेसर इंदु चौधरी को अहम जिम्मेदारियां सौंपी है। बसपा को सोशल मीडिया पर सक्रिय रखने की जिम्मेदारी आकाश की टीम संभाल रही है। हाथरस के सादाबाद में आकाश की जनसभा के दौरान उनकी टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हैशटैग ‘बहन जी का संदेश’ चलाया, जो चंद मिनटों के भीतर पहले नंबर पर ट्रेंड करने लगा। इस हैशटैग का समर्थन करने वालों में अधिकतर युवा थे। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं तक आकाश का हैशटैग को समर्थन करने का संदेश प्रसारित किया गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 1 min · National Desk

वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: 60 ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए ₹1 लाख करोड़ का टेंडर जारी; किन कंपनियों के बीच टक्कर?

भारतीय वायुसेना के पुराने हो रहे कार्गो विमानों के बेड़े को बदलने की तैयारी तेज हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 60 मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है। इस परियोजना में भारतीय कंपनियों को प्रमुख भूमिका दी गई है। HAL, टाटा और महिंद्रा इस दौड़ में शामिल हैं। किन भारतीय कंपनियों के साथ कौन-सी विदेशी कंपनियां मैदान में हैं? महिंद्रा डिफेंस ने ब्राजील की एम्ब्राएर के साथ साझेदारी की है और उसके C-390 ट्रांसपोर्ट विमान की पेशकश की जाएगी। वहीं, टाटा ने लॉकहीड मार्टिन के साथ हाथ मिलाया है और C-130 विमान की पेशकश करेगा। C-130 पहले से ही भारतीय वायुसेना में विशेष अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कितने विमान भारत में बनाए जाएंगे? इस कार्यक्रम के तहत करीब 20 प्रतिशत विमान सीधे तैयार स्थिति में भारतीय वायुसेना को मिलेंगे। बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है। विमानों का निर्माण भारतीय कंपनियों और मूल विमान निर्माता कंपनियों के बीच संयुक्त उपक्रमों के जरिए किया जाएगा। इस परियोजना में HAL की भी भूमिका रहेगी। वायुसेना के पास अभी कितने C-130J विमान हैं? भारतीय वायुसेना के बेड़े में फिलहाल 12 C-130J Super Hercules विमान हैं। इसके अलावा, वायुसेना Airbus के साथ C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। करीब 70 C-295 विमान वायुसेना में शामिल किए जाने हैं, जिनमें अधिकांश का निर्माण भारत में किया जाएगा। क्या वायुसेना के आधुनिकीकरण का हिस्सा है यह योजना? मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद वायु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

कंगना का राहुल गांधी पर निशाना: कहा- अगर इतालवी मां उन्हें विपक्ष का नेता नहीं बनातीं तो उनका क्या वजूद रहता?

कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहली बार संसद को इस तरह मजाक बनते देखा है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं कि उन्होंने छात्रों के साथ कथित तौर पर ऐसा किया या नहीं, लेकिन दूसरी तरफ कहते हैं कि वे उनका जवाब सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं।भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें अब शर्म और मर्यादा जैसी कोई भावना नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि राहुल गांधी किस तरह के व्यक्ति हैं।भाजपा सांसद कंगना ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह अपनी निराशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, उससे उन्हें लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी का यह अंतिम कार्यकाल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जबकि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं।कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। कंगना ने दावा किया कि राहुल गांधी का मानना है कि चाहे सब कुछ राख हो जाए, फिर भी राख पर शासन करेंगे।कंगना ने राहुल गांधी की अन्य गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और उसे बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राहुल गांधी किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या वह क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी परवाह नहीं है।कंगना ने विपक्ष में राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

झारखंड परीक्षा विवाद: भूख हड़ताल कर रहे चार छात्रों की हालत स्थिर, राहुल क्रांति बोले- CBI जांच तक होगा आंदोलन

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुआ छात्र आंदोलन देशभर में चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे चार छात्र रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चारों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है। डॉक्टर नियमित रूप से उनकी जांच और स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की कोर कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहीं हबीबा और राहुल क्रांति का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। हबीबा को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि राहुल क्रांति को सात अगस्त को अस्पताल लाया गया था। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र प्रताप भी भूख हड़ताल पर हैं और इसी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दोनों जेएसएससी-छात्र मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। राहुल कुमार क्रांति ने बताया कि 2019 से अब तक हुई सभी जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग हम लोगों ने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई जांच से भाग रही है और आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्र अब उग्र हो गए हैं और जब तक सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री का आदेश नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब सभी जिलों और प्रखंडों में शुरू होगा। राज्य सरकार को जगाने के लिए हम लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि चारों छात्रों की हालत स्थिर है। उनकी समय-समय पर जांच की जा रही है और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि देवेंद्र नाथ महत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

सरकार के खिलाफ मंत्री: अलवर में सफाईकर्मियों के समर्थन में धरने पर बैठे मंत्री संजय शर्मा, गहलोत ने उठाए सवाल

नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दे को लेकर बुधवार को विवाद बढ़ गया। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा सफाई कर्मचारियों के साथ नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान निगम परिसर में भारी हंगामा हुआ। मंत्री ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से शहर की व्यवस्थाओं और राज्य सरकार के निर्देशों की पालना को लेकर भी सवाल किए। धरने के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना क्यों कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी वरिष्ठ आईएएस रवि जैन की बात भी नहीं सुन रहे हैं और प्रतीक जूहीकर के निर्देशों की भी पालना नहीं की जा रही। मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों का रवैया ऐसा है, जैसे वे राज्य सरकार से भी बड़े हों। उन्होंने सवाल किया कि जब उनकी और मंत्री झाबरसिंह खर्रा की बात भी नहीं सुनी जा रही है, तो आखिर किसके निर्देश की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि वे शहर की व्यवस्थाओं को लेकर क्या करना चाहते हैं।अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को भी विवाद की स्थिति बनी थी। सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियुक्ति से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। मंगलवार को स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि नगर निगम आयुक्त अपने चैंबर से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

थाली पर महंगाई का वार: जुलाई में 4.45% पर देश की खुदरा महंगाई, क्या और महंगे होंगे प्याज, अदरक और लहसुन?

रसोई घर से लेकर आपकी जेब तक, महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। सरकार द्वारा बुधवार को जारी ताजा आर्थिक आंकड़ों ने आम लोगों की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है। जुलाई के महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) बढ़कर 4.45% पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले महीने यानी जून में 4.38% थी। हालांकि यह आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के 4.50% के अनुमान से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% के तय लक्ष्य से लगातार ऊपर बना हुआ है। यह इस साल नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई शृंखला और नए कंजम्पशन बास्केट को अपनाने के बाद से महंगाई का सबसे उच्चतम स्तर है। प्याज: प्याज की महंगाई दर जून के 4.73% से सीधे छलांग लगाकर जुलाई में 22.54% पर पहुंच गई है। प्याज की महंगाई दर जून के 4.73% से सीधे छलांग लगाकर जुलाई में 22.54% पर पहुंच गई है। लहसुन: लहसुन की महंगाई दर भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई है। लहसुन की महंगाई दर भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई है। अदरक: अदरक ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए; इसकी महंगाई दर 50.41% से बढ़कर सीधे 83.62% के बेहद खौफनाक स्तर पर पहुंच गई है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण खाने-पीने की चीजों (खाद्य पदार्थों) के ऊंचे दाम हैं, जिन्होंने आम जनता के बजट को प्रभावित किया है। खाद्य महंगाई दर (कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स) जून के 5.32% से उछलकर जुलाई में 5.52% पर पहुंच गई है। चिंता की बात यह है कि गांवों में रहने वाले लोगों पर इसकी मार शहरों से ज्यादा पड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.79% रही, जबकि शहरी इलाकों में यह थोड़ा कम यानी 5.05% दर्ज की गई।यदि आप सब्जी मंडी जा रहे हैं, तो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk