'आजकल नरेंद्र मोदी रात में सोते नहीं हैं': राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना, RSS को लेकर कही यह बात

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर लोगों को अपनी बात रखने से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रही उत्तराखंड की एक महिला का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का अवसर देना है। क्या जंतर-मंतर पर छात्रों को अपनी बात रखने से रोका गया? राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे। उनके मुताबिक, छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह कहा जाता है कि जंतर-मंतर पर व्यवस्था बनाई जाएगी और लोगों को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। क्या उत्तराखंड की महिला के मामले का भी राहुल ने किया जिक्र? उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनसे सरकार के लोगों को हटाने की बात कही थी। राहुल ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया कर्मी निजी तौर पर मानते हैं कि जो हो रहा है, वह सही नहीं है, लेकिन नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण खुलकर बोल नहीं पाते। राहुल गांधी ने कहा कि देश में एक राष्ट्रीय भावना भी होती है। उनके मुताबिक, इसका मतलब यह है कि लोग कुछ लोगों को अपनी बनाई हुई व्यवस्था देश पर थोपने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अब अपनी बात खुलकर रख रहा है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। राहुल गांधी ने एक महिला का जिक्र क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Parliament: संसद के मानसून सत्र के आज आखिरी दिन लोकसभा में क्या हुआ? जानिए राज्यसभा में कितना हुआ काम

राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच भी सरकार ने सदन में खान और खनिज संशोधन विधेयक पारित करा लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि कल वे हल्द्वानी गए, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। वहां आज भाजपा के नेताओं ने शुद्धिकरण हवन किया। खरगे ने कहा कि यह लोकतंत्र और देश के लिए ठीक नहीं है। खरगे ने चेताया कि इससे देश बंटेगा। इस मुद्दे पर आज राज्यसभा में खूब हंगामा हुआ। हालांकि भाजपा नेता जेपी नड्डा ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। लोकसभा स्थगित होने के बाद भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। सपा सांसदों ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर सराकर को घेरा। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने तय किया है कि वे कनाट प्लेस के हनुमान मंदिर जाएंगे। अब भगवान हनुमान ही भगवान राम के चंदे की सुरक्षा कर सकेंगे।कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि ‘सरकार सदन चलवाने में असफल रही। सदन तभी चलता है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष बातचीत करें और सदन चलाने का रास्ता ढूंढें। लेकिन सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरे सत्र में सदन में उपस्थित नहीं हुए। इससे क्या संकेत मिलता है? इससे पता चलता है कि उनके लिए सदन का कोई महत्व नहीं है और इसलिए उन्होंने लगातार सदन की अवहेलना की।‘मानसून सत्र जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और अमित शाह के सदन नहीं आने के मुद्दे पर खासा हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कुल 37 घंटे, 49 मिनट ही काम हुआ। इस दौरान 12 विध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: लाल किला ब्लास्ट में अल-कायदा कनेक्शन कैसे सामने आया? UN से एनआईए की चार्जशीट तक क्या-क्या पता चला?

मुख्य आरोपी कौन था? चार्जशीट में डॉ. उमर उन नबी को मुख्य आरोपी बताया गया था। वह धमाके में इस्तेमाल कार में मौजूद था और विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। एनआईए ने डीएनए जांच के जरिए उसकी पहचान की। एजेंसी के मुताबिक, वह फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में मेडिसिन का पूर्व सहायक प्रोफेसर था। उसकी मौत के कारण उसके खिलाफ आरोपों को समाप्त करने का प्रस्ताव चार्जशीट में रखा गया था। इस मामले में कितने आरोपी हैं? 14 मई 2026 को दाखिल पहली चार्जशीट में 10 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें डॉ. उमर उन नबी के अलावा आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल थे। एनआईए के मुताबिक, जांच जम्मू-कश्मीर के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर तक फैली थी। चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री शामिल की गई थी। उस समय तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। मामले की जांच चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जारी रही। 27 जून 2026 को एनआईए ने तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। इनमें जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज उर्फ जफर शामिल थे। इसके बाद इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की संख्या 13 हो गई। एनआईए को जांच में और क्या मिला? एनआईए के मुताबिक, आरोपियों ने प्रतिबंधित हथियार हासिल किए थे। जांच में एके-47, क्रिंकोव राइफल और देशी पिस्तौल जैसे हथियारों की अवैध खरीद का भी उल्लेख किया गया। एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क के सदस्यों ने रॉकेट और ड्रोन से लगाए जाने वाले विस्फो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली दंगा केस में बड़ा फैसला: कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 आरोपी किए बरी, कहा- गवाह की गवाही शक के घेरे में

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने गुरुवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी बनाए गए 13 व्यक्तियों को बरी कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह की गवाही संदेह के घेरे में थी। इस कारण आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हो सके। अदालत ने कहा कि गवाह की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे थे। ऐसे में किसी भी आरोपी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।दंगा मामलों में अक्सर गवाहों की पहचान और उनकी गवाही की सत्यता एक बड़ी चुनौती होती है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा। आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सिद्धांत को दर्शाता है।अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह की गवाही में कई विसंगतियां थीं। उसकी बातों में विरोधाभास भी सामने आए। इन विसंगतियों के कारण गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह उत्पन्न हुआ। न्यायिक प्रणाली में गवाह की गवाही का पुख्ता होना आवश्यक है। यदि गवाह की गवाही कमजोर हो, तो आरोपी को बरी किया जा सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

‘सवाल पूछते हैं, जवाब नहीं सुनते’: संसद में हो रहे विरोध पर कंगना का राहुल पर हमला, कहा- ये कैसा व्यवहार है?

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को संसद में विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे सरकार से जवाब तो मांगते हैं, लेकिन साथ ही चर्चा होने भी नहीं देते। रनौत ने कहा, ‘यह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने यहां का माहौल पूरी तरह से खराब कर दिया है। हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।’ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच उनकी ये टिप्पणी आई है।विपक्ष दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि इस मामले पर संसद में चर्चा हो सकती है। बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अमित शाह छात्र विरोध-प्रदर्शन पर चर्चा में भाग लेने और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। कंगना ने विपक्ष से क्या सवाल किया? रनौत ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘एक तरफ राहुल गांधी गृह मंत्रालय से सवाल पूछते हैं, फिर भी वे कहते हैं कि वे गृह मंत्रालय को बोलने नहीं देंगे। यह कैसा व्यवहार है?’ वे चर्चा की मांग करते हैं, लेकिन जब मौका दिया जाता है, तो वे कहते हैं कि उन्हें जवाब नहीं चाहिए।’ बता दें कि अमित शाह ने विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर विस्तार से चर्चा करने और उनका जवाब देने की पेशकश की थी। हालांकि, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री का भाषण सुनने में दिलचस्पी नहीं रखता, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था। विपक्ष पर क्या आरोप लगाया? रनौत ने विपक्ष पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar: तेजस्वी के आंदोलन से पहले छात्र गोलीकांड पर सरकार का बड़ा फैसला, इन हथियारों के इस्तेमाल पर लगी रोक

एक दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीवान में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाए जाने वाले मामले पर 19 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की थी। लेकिन, इससे पहले सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस मामले में बड़ा निर्णय लिया है। बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से विधि-व्यवस्था ड्यूटी और भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल अब केवल उग्रवाद, आतंकवाद और बड़े अपराधियों से जुड़े मामलों में ही किया जाएगा। विधि-व्यवस्था या भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिस अधिकारी या जवान इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

अभेद्य किले में तब्दील दिल्ली: राजधानी में सुरक्षा कड़ी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस, कंटीले तारों वाले बैरिकेड्स लगे

15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले आज 13 अगस्त को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इस रिहर्सल के कारण दिल्ली के कई इलाकों में यातायात संबंधी प्रतिबंध लागू किए गए। #WATCH | Delhi: Delhi Police conducts rigorous vehicle checking at the Aya Nagar border as security arrangements are intensified across the national capital ahead of Independence Day celebrations pic.twitter.com/lXMSObNbLJ — ANI (@ANI) August 13, 2026 #WATCH | Delhi: Police intensify security arrangements ahead of Independence Day. pic.twitter.com/mPpo3uwAvp — ANI (@ANI) August 13, 2026 पूरी दिल्ली किले में तब्दील है। जगह जगह बैरिकेट लगा रखे हैं और पुलिस के जवान तैनात हैं। आया नगर बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। यह कदम स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है। पुलिस का लक्ष्य समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाना है। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त को ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी थी। यह एडवाइजरी विशेष रूप से लाल किले के आसपास के मार्गों से बचने की सलाह देती है।राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत किया गया है। दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा इंतजामों को तेज कर दिया है। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद: कन्नड़ संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, तमिलनाडु से बस सेवा जारी

तमिलनाडु के ट्रक चालकों को दिए गुलाब यह प्रदर्शन कोप्पल तालुक के हिटलनाल टोल गेट पर हुआ। यह जगह राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। कर्नाटक बंद के तहत केरावे युवा सेना के नेता विजयकुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु नंबर के ट्रकों को रोका। प्रदर्शनकारियों ने ट्रक चालकों से भिड़ने के बजाय उन्हें गुलाब दिए। यह गुलाब देना एक प्रतीकात्मक तरीके से विरोध जताने का हिस्सा था। फूल देते हुए विजयकुमार ने ट्रक चालकों से कहा, हम शांति पसंद करने वाले लोग हैं। हमें उकसाने की कोशिश न करें। प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने कावेरी जल नियमन समिति यानी सीडब्ल्यूआरसी के एक निर्देश का विरोध किया। इस निर्देश में कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। बंद का आह्वान किसने किया था? प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए- फूल ले लो, पानी मत मांगो। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में दखल दिया। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई। कोप्पल में हुआ यह प्रदर्शन 13 अगस्त को कर्नाटक ओक्कुटा संगठन की ओर से बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का हिस्सा था। यह बंद सीडब्ल्यूआरसी के पानी छोड़ने के निर्देश के विरोध में बुलाया गया था। कोप्पल जिला इकाई की ओर से जारी एक पत्र के मुताबिक, बंद का नेतृत्व कर्नाटक ओक्कुटा के प्रदेश अध्यक्ष वाटाल नागराज कर रहे थे। प्रदर्शन का तालमेल कर्नाटक रक्षणा वेदिके युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष बीजन्ना राजन्ना और सुवर्ण कर्नाटक युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष टीके नायक को करना था। संगठनों ने राज्यभर में सुबह 6 बजे से प्रदर्शन करने का आह्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 200 अंक गिरा, निफ्टी 24350 से फिसला

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अनसुलझी स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक जोखिमों के दबाव के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे गिरकर 95.40 पर आ गया। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 172.48 अंक गिरकर 77,786.41 पर आ गया। इसी तरह पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 90.35 अंक की गिरावट के साथ 24,343.50 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पैक से टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंफोसिस प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटरनल और एनटीपीसी जैसे शेयर लाभ में रहे। वैश्विक बाजारों का रुख कैसा रहा? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि अमेरिका-ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर जारी गतिरोध से कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति घरेलू इक्विटी के लिए प्राथमिक चिंता का विषय है। इससे निवेशकों की भावना पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 88.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। रिसर्च एनालिस्ट फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसिल्वन राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

सीजेपी के सौरव दास के परिवार से पूछताछ: केंद्र पर लगाया डराने का आरोप; पुडुचेरी पुलिस ने क्या वजह बताई?

सौरव दास ने क्या-क्या कहा? सौरव दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पुलिस को उनके घर जाने का आदेश किसने दिया। इसके पीछे वजह क्या थी। दास ने लिखा, दो घंटे पहले पुडुचेरी पुलिस मेरे घर पहुंची और परिवार से कई तरह के सवाल किए। पुडुचेरी पुलिस परेशान क्यों कर रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन वाली सरकार उनके परिवार को ‘डरा’ रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के स्वभाव के मुताबिक नहीं है। उन्होंने कहा, पुडुचेरी में भाजपा सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? पुडुचेरी सरकार का चरित्र ऐसा नहीं है। यह केंद्र सरकार के कहने पर किया जा रहा है। दास ने आगे आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें चुप कराने के लिए डराना है। उन्होंने कहा कि इससे वह अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने से पीछे नहीं हटेंगे। ये भी पढ़ें: उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, अगर इसका मकसद मुझे डराकर चुप कराना है, तो यह काम नहीं करेगा। इससे मैं डरकर पीछे नहीं हटूंगा। इससे बेहतर व्यवस्था बनाने का हमारा संकल्प और मजबूत होगा। ऐसी व्यवस्था जिसमें पुलिस कानून का पालन करे, न कि गुंडों की तरह व्यवहार करे। उन्होंने पुलिस के उनके घर पर जाने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, केंद्र सरकार के कहने पर पुडुचेरी सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है? गृह मंत्री शाह के पुडुचेरी दौरे पर उठाए सवाल दास ने केंद्रीय गृह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk