पहले यह दीक्षांत समारोह 2 अगस्त को होना था। सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि, समारोह से सिर्फ दो दिन पहले टीआईएसएस ने इसे टाल दिया था। संस्थान ने इसके पीछे ‘अचानक सामने आई परिस्थितियों’ को वजह बताया था।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान ने कहा था कि दीक्षांत समारोह ‘अनुकूल माहौल’ में नहीं हो सकता है। उसने यह भी कहा था कि समारोह कराने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, गणमान्य लोगों और मेहमानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। इससे कैंपस की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती थीं।टीआईएसएस ने समारोह टालने के पीछे की कोई खास वजह नहीं बताई थी। हालांकि, छात्रों और अधिकारियों ने सीजेआई के तय दौरे से जुड़े संभावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी।अब 22 अगस्त को होने वाले दीक्षांत समारोह के निमंत्रण में सीजेआई सूर्य कांत की जगह डॉ. सीएस प्रमेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। अचानक समारोह टलने से डिग्री लेने वाले छात्रों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हो गई थी। इनमें से कई लोग 2 अगस्त के समारोह के लिए यात्रा की व्यवस्था पहले ही कर चुके थे।इसके बाद टीआईएसएस ने कहा था कि समारोह टलने से प्रभावित छात्रों को उनकी स्थिति के आधार पर आर्थिक मदद दी जाएगी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यह मदद हर छात्र के मामले को अलग-अलग देखकर दी जाएगी। अब 86वां दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को होगा।यह विवाद तब शुरू हुआ, जब राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी (नालसार) के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखा। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाने के किसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
CJI: TISS के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट नहीं होंगे सीजेआई; किस शख्सियत को मिला न्योता, कब होगा कार्यक्रम?
पहले यह दीक्षांत समारोह 2 अगस्त को होना था। सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि, समारोह से सिर्फ दो दिन पहले टीआईएसएस ने इसे टाल दिया था। संस्थान ने इसके पीछे 'अचानक सामने आई परिस्थितियों' को वजह बताया था।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान ने कहा था कि दीक्षांत समारोह 'अनुकूल माहौल' में नहीं हो सकता है। उसने यह भी कहा था कि समारोह कराने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, गणमान्य लोगों और मेहमानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। इससे कैंपस की सामान्य गतिविधियां भी प