वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का दमदार ट्रायल: 180 KM प्रति घंटे की रफ्तार में भी नहीं छलका पानी, जल्द दिखेगी पटरी पर

भारतीय रेलवे ने हाई-स्पीड ट्रेनों की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने ट्रायल रन के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पकड़कर इतिहास रच दिया। यह सफल परीक्षण सवाई माधोपुर-कोटा-नागदा सेक्शन पर किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रेल मंत्री इसे न्यू जनरेशन ट्रेन बताते हुए भारतीय रेलवे के लिए बड़ा कदम बताया है। मंगलवार शाम रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि कोटा–नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ती यह ट्रेन भारत में विकसित नई पीढ़ी की रेल तकनीक की ताकत को दर्शाती है। इस ट्रायल ने न सिर्फ ट्रेन की गति क्षमता को साबित किया, बल्कि इसके आधुनिक डिजाइन और सुरक्षा मानकों पर भी मुहर लगा दी है। रेल मंत्री द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तकनीकी मजबूती साफ नजर आती है। ट्रायल रन के दौरान जब ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी, उसी समय केबिन में मौजूद एक कर्मचारी वीडियो रिकॉर्ड करता दिखाई देता है। वीडियो में ट्रेन के केबिन के अंदर स्पीडोमीटर के ठीक सामने चार गिलास पानी से भरे रखे हुए नजर आते हैं। Vande Bharat Sleeper tested today by Commissioner Railway Safety. It ran at 180 kmph between Kota Nagda section. And our own water test demonstrated the technological features of this new generation train. pic.twitter.com/w0tE0Jcp2h — Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) December 30, 2025 इसमे सबसे अहम ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

IND W vs SL W Highlights: भारत ने जीत के साथ किया साल का अंत, श्रीलंका को 5-0 से क्लीन स्वीप किया

IND W vs SL W Highlights: भारत ने जीत के साथ किया साल का अंत, श्रीलंका को 5-0 से क्लीन स्वीप किया विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवां टी20 मुकाबला 15 रन से अपने नाम किया। भारत ने इसके साथ ही पांच मैचों की टी20 सीरीज 5-0 से अपने नाम की और श्रीलंका को क्लीन स्वीप कर दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 175 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम निर्धारित ओवर में सात विकेट पर 160 रन ही बना सकी। श्रीलंका के लिए हसिनी परेरा और इमिशा दुलानी ने अर्धशतक लगाए, लेकिन टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। यह पहली बार है जब भारतीय महिला टीम ने घर में 5-0 से जीत दर्ज की है। इमिशा-हसिनी की शानदार साझेदारी भारत के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान चामरी अट्टापट्टू सस्ते में आउट हुईं। अरुंधति रेड्डी ने कप्तान चामरी अट्टापट्टू को आउट कर श्रीलंका को पहला झटका दिया। अट्टापट्टू पांच गेंदों पर दो रन बनाकर आउट हुईं। हालांकि, इसके बाद हसिनी और इमिशा ने पारी को संभाला और पावरप्ले तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। पहला झटका लगने के बाद हसिनी परेरा और इमिशा ने श्रीलंकाई पारी को संभाले रखा। हसिनी और इमिशा के बीच दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी भी पूरी की। वहीं, इमिशा ने भी 38 गेंदों पर पचासा पूरा किया। इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

एक्सक्लूसिव: 'मुझे भी फांसी दे दो': कुलदीप सेंगर की बेटी की गुहार, कहा-हम भी चाहते हैं पीड़िता को सुरक्षा मिले

हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इससे पहले हमें कभी नहीं लगा कि मीडिया में बात रखने की जरूरत है, लेकिन हमें महसूस हुआ कि दूसरे पक्ष की बातों को देशभर में सच मान लिया गया है। तब हमें लगा कि हमें भी अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए। अगर एक भी सबूत है, तो बताइए। अगर मेरे पिता ने एक बार आंख उठाकर भी उनकी तरफ देखा हो, तो मेरे पिता सहित मुझे भी फांसी पर चढ़ा दीजिए।एक बार सबूत तो देखिए। मैंने भी वकालत की पढ़ाई की है। पॉक्सो में पीड़िता के बयान पर भी सजा का प्रावधान है, लेकिन ऐसा तब है, जब पीड़िता का बयान ‘स्टर्लिंग क्वालिटी’ (एक जैसा) का हो। इस मामले में बयान ‘स्टर्लिंग क्वालिटी’ से कोसों दूर है। पहले कहा गया कि घटना दोपहर दो बजे की है, लेकिन उस समय मेरे पिता मेरी मां के साथ गंगा दशहरा से जुड़े कार्यक्रम में थे। तब कहा गया कि घटना शाम छह बजे की है। फिर एफआईआर में कहा गया कि घटना रात आठ-साढ़े आठ बजे की है। सीबीआई ने मेरे पिता की लोकेशन कहीं और की बताई। सीबीआई की चार्जशीट से हमें यह बात पता चली। पीड़िता की उम्र 18 साल से ज्यादा थी। जो घटना का समय बताया गया, उस समय पीड़िता फोन पर बात कहीं बात कर रही थीं। अगर पिता को जमानत मिली थी, तो वकील की मदद से चुनौती दी जा सकती थी, लेकिन उन लोगों ने इंडिया गेट पर जाकर प्रदर्शन करने का रास्ता चुना।यह कहा गया कि उनकी गाड़ी को 11 बार एक ट्रक ने टक्कर मारी। यह कैसे संभव है? सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया था कि वह महज एक हादसा था। मेरे पिता उस मामले में बरी हो चुके हैं। उस वक्त हमें परेशान किया गया, प्रताड़ित किया गया। हम चाहते हैं कि इन लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। पूरे परिवार को सुरक्षा मिले, लेकिन महज इल्जाम लगा-लगाकर उन्होंने एक इं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

Gig Workers Strike: 31 दिसंबर को ठप हो सकती है फूड डिलीवरी, जानिए गिग वर्कर्स की हड़ताल का असर किनपर?

नए साल के जश्न पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के गिग वर्कर्स ने कल यानी 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल का एलान कर रखा है। अगर आप न्यू ईयर पार्टी के लिए ऑनलाइन खाना या जरूरी सामान मंगाने की सोच रहे हैं, तो आपको निराशा हाथ लग सकती है। क्रिसमस पर हुई सांकेतिक हड़ताल के बाद, अब वर्कर्स यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है, जिससे साल के सबसे व्यस्त दिन डिलीवरी सेवाएं पूरी तरह ठप होने की आशंका है। इस हड़ताल की मुख्य वजह क्विक कॉमर्स कंपनियों का ‘10-मिनट डिलीवरी’ मॉडल है, जिसे वर्कर्स जानलेवा और असुरक्षित बता रहे हैं। इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने सरकार को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। इसमें डिलीवरी पार्टनर्स के लिए 24,000 रुपये की मासिक न्यूनतम आय, राइड-हेलिंग ड्राइवरों के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर का रेट और उन्हें ‘पार्टनर’ के बजाय कानूनन ‘वर्कर’ का दर्जा देने की मांग प्रमुख है, ताकि वे श्रम कानूनों के दायरे में आ सकें।यूनियनों ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। वर्कर्स का आरोप है कि कंपनियां मुनाफे के लिए उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही हैं। उनकी मांगों में स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा, काम के घंटों को आठ घंटे तक सीमित करना और बिना किसी ठोस कारण के आईडी ब्लॉक करने की मनमानी पर रोक लगाना शामिल है। वे एल्गोरिद्म में पारदर्शिता और कमीशन कटौती पर अधिकतम 20% की सीमा भी चाहते हैं।यह हड़ताल भारत की गिग इकोनॉमी के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। 31 दिसंबर का दिन फूड डिलीवरी और क्वि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

Budget 2026: 'बजट तैयार करने की प्रक्रिया 2047 के विजन से जुड़ी रहे', अर्थशास्त्रियों संग बैठक में बोले पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नीति आयोग में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आयोजित इस विचार-विमर्श का मुख्य उद्देश्य भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना रहा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ किया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब विभिन्न क्षेत्रों में ‘मिशन मोड’ में सुधार जरूरी है। नीति आयोग में आयोजित इस बैठक का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भरता और संरचनात्मक परिवर्तन: विकसित भारत के लिए एजेंडा’ था। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने इस पर जोर दिया कि विकसित भारत का संकल्प अब केवल सरकारी नीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की एक ‘जन-आकांक्षा’ बन चुका है। उन्होंने कहा, “देश की नीति-निर्धारण और बजट प्रक्रिया को हमेशा 2047 के विजन से जुड़ा रहना चाहिए। हमें विश्व स्तरीय क्षमताएं विकसित करने और वैश्विक बाजारों के साथ गहरे एकीकरण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।” बजट पूर्व बैठक में 2025 में हुए आर्थिक सुधारों के असर पर की गई चर्चा बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों ने वर्ष 2025 के दौरान हुए विभिन्न नीतिगत बदलावों और उनके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। गौरतलब है कि साल 2025 में जीएसटी (GST) स्लैब में बदलाव, आयकर अधिनियम 2025 का लागू होना और बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई जैसे बड़े सुधार देखे गए हैं। प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक कार्यबल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अर्थशास्त्रियों ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक स् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

UAE-Saudi Tension: 'कोई हथियार नहीं भेजे गए..', यमन में धमाके के बाद UAE ने सऊदी अरब के दावे को किया खारिज

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं एक बयान में सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कथित तौर पर यूएई की ओर से उठाए गए कदमों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। इससे दोनों खाड़ी देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब ने आज यूएआई पर यमन में ‘बेहद खौफनाक’ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मुकल्ला बंदरगाह पर ‘सीमित’ हमले किए, जिससे क्षेत्र के दो करीबी सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ गया। ये भी पढ़ें: अरब लीग महासचिव ने की संयंम बरतने की अपील इस बीच, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत ने यमन में बढ़ते तनाव को तुरंत खत्म करने की अपील की। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। घेइत ने कहा कि यह स्थिति उस समय बनी है, जब सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल सरकार (राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद) की मांगों पर प्रतिक्रिया देने में विफल रही है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने वैध सरकार का समर्थन करने वाले सभी सदस्य देशों से इस नाजुक समय में अरब एकजुटता की भावना बनाए रखने, संयम बरतने और यमन की वैध सरकार के समर्थन में एकजुट अरब रुख का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह रुख अरब लीग परिषद की ओर से इस संकट पर पारित किए गए लगातार प्रस्तावों के अनुरूप है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यमन में अपनी ‘आतंकवाद विरोधी’ इकाइयों की तैनाती को स्वेच्छा से समाप्त कर दिया है। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम (डब्ल्यूएएम) के जरिये दी गई। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला हालिया घटनाक्रम की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, 2019 में यमन से सैन्य वापसी के बाद आतंकवाद रोधी इकाइयां ही यूएई की व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

ईरान में आर्थिक भूचाल: एक डॉलर का भाव 14 लाख रियाल के बराबर, जानिए क्या है तेहरान में मची अफरातफरी का कारण

ईरान इस समय साल 2022 के ‘महसा अमीनी’ प्रदर्शनों के बाद के सबसे बड़े नागरिक असंतोष का सामना कर रहा है। सोमवार को ईरान के प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, इसका मुख्य कारण राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ में आई रिकॉर्ड गिरावट और गहराता आर्थिक संकट है। मुद्रा संकट और आसमान छूती महंगाई इस तनाव की सबसे बड़ी वजह ईरानी रियाल का ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच जाना है। सोमवार को रियाल डॉलर के मुकाबले 14.2 लाख (1.42 million) के स्तर पर आ गया। 2015 के परमाणु समझौते के दौरान डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत लगभग 32,000 थी। इस आर्थिक गिरावट ने देश में कई गंभीर संकट पैदा कर दिए हैं। महंगाई चरम पर है। दैनिक जरूरतों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। 21 मार्च से शुरू होने वाले ईरानी नववर्ष में सरकार की ओर से कर बढ़ाने की खबरों ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। पेट्रोल की कीमतों में हालिया बदलावों ने महंगाई के दबाव को और बढ़ा दिया है, इसका सीधा असर परिवहन और रसद पर पड़ा है। बाजारों में हड़ताल और प्रदर्शनों का विस्तार प्रदर्शनों की शुरुआत राजधानी तेहरान से हुई, लेकिन जल्द ही यह इस्फाइन, शिराज और मशहद जैसे अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों तक फैल गई। इस बार के विरोध प्रदर्शनों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू व्यापारी वर्ग की भागीदारी है। तेहरान के ऐतिहासिक ‘ग्रैंड बाजार’ सहित कई महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और हड़ताल पर चले गए। जानकारों के अनुसार, व्यापारियों का यह रुख 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान उनकी भूमिका की याद दिलाता है। राजनीतिक उथ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

Khaleda Zia's funeral: खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होंगे एस जयशंकर, 31 दिसंबर को जाएंगे ढाका

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होंगे। विदेश मंत्री ढाका 31 दिसंबर को रवाना होंगे। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह 31 दिसंबर को ढाका जाएंगे।पीएम मोदी ने लिखा, ‘ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार और बांग्लादेश के समस्त जनमानस के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुखद घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करें।‘दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में उनके योगदान पर पीएम मोदी ने लिखा, ‘बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई उनकी सौहार्दपूर्ण मुलाकात याद है। हम आशा करते हैं कि उनकी दूरदृष्टि और विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी दिशा देती रहेगी।उनकी आत्मा को शांति मिले।‘ये भी पढ़ें:खालिदा जिया ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद मई में देश लौटी थीं। इससे पहले, जनवरी की शुरुआत में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। शेख़ हसीना की सरकार ने इससे पहले कम से कम 18 बार उनके वि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

एक सोशल मीडिया पोस्ट से ₹80,000 करोड़ का नुकसान: रूसी अरबपति ओलेग टिंकोव ने बताई आपबीती, जानिए पूरा मामला

कॉरपोरेट जगत में दिया गया एक छोटा सा बयान कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है, इसका अंदाजा रूस के एक बैंकिंग दिग्गज की आपबीती से पता चलता है। रूस के जाने-माने बैंकर और टिंकॉफ बैंक के संस्थापक ओलेग टिंकोव ने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उनकी ओर से किए गए एक इंस्टाग्राम पोस्ट कारण उन्हें अपनी जीवन भर की कमाई से हाथ धोना पड़ा। इस पोस्ट के कारण उन्हें लगभग 9 अरब डॉलर यानी (करीब 80,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। ओलेग टिंकोव ने अपने एक पोस्ट में यूक्रेन युद्ध को पागलपन करार दिया था। इसके बाद उन्हें क्रेमलिन के दबाव में उन्हें टिंकोव बैंक में अपनी हिस्सेदारी कौड़ियों के दाम बेचनी पड़ी। टिंकोव ने कहा कि उन्हें वास्तविक मूल्य के केवल 3% भाव पर अपने शेयर बेचने पड़े। जिसके करण उन्हें करीब 9 अरब डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। टिंकोव ने बताया कि उन्होंने अपनी रूसी नागरिकता भी छोड़ दी है। क्या था वह इंस्टाग्राम पोस्ट, जो बना बवाल का कारण? साल 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद, टिंकोव बैंक के संस्थापक ओलेग टिंकोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक कड़ा संदेश साझा किया था। उन्होंने इस युद्ध को पागलपन बताते हुए रूसी सेना की तैयारियों और देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए थे। टिंकोव ने लिखा था, “मैं इस पागलपन भरे युद्ध का एक भी लाभार्थी नहीं देख पा रहा हूं। निर्दोष लोग और सैनिक मारे जा रहे हैं।” टिंकोव ने रूसी सैन्य नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि जनरल हैंगओवर से जागे और उन्हें अहसास हुआ कि उनकी सेना की स्थिति कितनी खराब है। टिंकोव ने दावा किया था कि रूस के 90 प्रतिशत लोग इस इस युद्ध के खिलाफ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

SIR : यूपी में फिर बढ़ी एसआईआर की समय सीमा, अब छह जनवरी को आएगी पहली कच्ची सूची; जानें अपडेट

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं संशोधित तिथियों के अनुसार, अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा। संशोधित तिथियों के अनुसार, अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk