Ind Vs Pak: 'बांग्लादेशी खिलाड़ी पर हंगामा, पाकिस्तान के साथ क्यों खेलना?' विश्वकप विवाद पर बोले इमरान मसूद

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच न खेलने के पाकिस्तान के फैसले पर कांग्रेस नेताओं ने रविवार को प्रतिक्रिया दी। पार्टी के सांसद इमरान मसूद ने कहा, भारत को उनके खिलाफ खेलने पर विचार ही क्यों करना चाहिए? बीसीसीआई को इस पर सोचना चाहिए और देश के सम्मान से कोई समझौता नहीं करना चाहिए। जब हमने एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिया था, तब इतना हंगामा हुआ था, तो फिर पाकिस्तानियों के साथ मैच क्यों खेलना चाहते हैं? हमें नहीं खेलना चाहिए। हमने यह बात पहले दिन से कही है। उनके साथ हमारा कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए। हमें शुरुआत से ही मना कर देना चाहिए था और पहले ही साफ कर देना चाहिए था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 1 min · National Desk

UP: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री, रखी ये मांग; 7 फरवरी को दिल्ली कूच की दी चेतावनी

आगे किस तरह से विरोध करेंगे? इस सवाल के जवाब में अलंकार ने कहा कि 1989 में देश का सबसे काला कानून एससी-एसटी कानून लागू हुआ। अब यूजीसी कानून ने पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। कोर वोटर सरकार से हट गया है। 85 प्रतिशत लोग एससी-एसटी कानून से प्रभावित होते हैं। 95 फीसदी केस फर्जी होते हैं। इस काले कानून को सरकार 6 फरवरी 2026 को वापस ले ले, अन्यथा 7 फरवरी को महाआंदोलन होगा। राष्ट्र की ओर से हम लोग दिल्ली कूच करेंगे। लोगों से भी आह्वान करेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 1 min · National Desk

Air India: एअर इंडिया ने शुरू की शंघाई-दिल्ली उड़ान, गलवां झड़प के छह साल बाद बहाल हुई हवाई सेवा

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं एअर इंडिया ने रविवार को शंघाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान शुरू की। इसके साथ ही दोनों शहरों के बीच करीब छह साल बाद हवाई सेवाएं फिर से शुरू हुईं। शंघाई-पुडोंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली शंघाई-नई दिल्ली उड़ान रवाना हुई, जिसमें बोइंग 787 विमान पर 230 से अधिक यात्री सवार थे। शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 1 min · National Desk

बजट 2026 पर BJP-कांग्रेस आमने सामने: वैष्णव ने गिनाईं बड़ी घोषणाएं, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने दिखाया आईना

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बजट पेश होने के तुरंत बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। जहां एक ओर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को विकासोन्मुख और भविष्य की नींव रखने वाला बताया, वहीं कांग्रेस सांसद और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट को आर्थिक रणनीति और नेतृत्व दोनों के स्तर पर विफल करार दिया। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बजट भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा हमारा निष्कर्ष साफ है यह बजट आर्थिक रणनीति और इकोनॉमिक स्टेट्समैनशिप की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने योजनाओं, कार्यक्रमों, मिशनों, फंड और समितियों की संख्या बढ़ाने पर ही जोर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा आप खुद कल्पना कर सकते हैं कि इनमें से कितनी योजनाएं अगले साल तक भुला दी जाएंगी।चिदंबरम ने कहा कि आयकर अधिनियम 2026, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होना है, उसके पारित होने के कुछ महीनों बाद ही दरों में बदलाव कर दिए गए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की अधिकांश आबादी आयकर के दायरे में ही नहीं आती, इसलिए इन बदलावों का आम जनता पर सीमित असर होगा। अप्रत्यक्ष करों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए बजट भाषण के सिर्फ कुछ ही पैराग्राफ मायने रखते हैं और उनमें दी गई रियायतें भी बेहद मामूली हैं।पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार पर आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा या तो सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण पढ़ा ही नहीं या फिर जानबूझकर उसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया। चिदंबरम ने अमेरिका द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ, चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, FDI को लेकर अनिश्चितता और लगातार हो रहे FPI आउटफ्लो जैसे गंभी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

दो मिनट में पूरा बजट 2026: 1 अप्रैल से बदलेगा आयकर कानून, आपकी कमाई व बचत पर क्या होगा असर दो मिनट में समझिए?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए ‘विकसित भारत’ की नींव को और मजबूत करने का रोडमैप साझा किया है। ‘युवा शक्ति’ और आर्थिक स्थिरता पर केंद्रित इस बजट का कुल आकार लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार ने विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग पर सरकारी खजाना खोल दिया है, वहीं राजकोषीय अनुशासन को भी प्राथमिकता दी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जो चालू वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से कम है। आम करदाताओं और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने विदेश यात्रा और शिक्षा को किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर टीसीएस की दर को 5 से 20 प्रतिशत के स्लैब से घटाकर सीधे 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। यही राहत लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर भी दी गई है, जहाँ अब टीसीएस की दर 2 प्रतिशत होगी। इसके अलावा, टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को लचीला बनाते हुए ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि व्यापक समीक्षा के बाद तैयार किया गया ‘आयकर अधिनियम 2025’ आगामी 1 अप्रैल 2026 से प्रभाव में आएगा।शेयर बाजार के निवेशकों और विशेषकर ट्रेडर्स के लिए बजट के प्रावधान थोड़े सख्त रहे हैं। सरकार ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की घोषणा की है। फ्यूचर्स पर एसटीटी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

जालंधर पहुंचे PM मोदी: डेरा सच्चखंड बल्लां में हुए नतमस्तक, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास के नाम पर रखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आदमपुर एयरपोर्ट का नाम महान संत श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने का उद्घाटन किया। इस मौके पर डेरा सचखंड बल्लां सहित विभिन्न स्थानों से पहुंची संगत और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट के नए नाम का औपचारिक ऐलान किया, पूरा परिसर रविदास शक्ति के नारों से गूंज उठा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हलवारा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। PM Shri @narendramodi participates in 649th Jayanti celebration of Sant Ravidass Ji in Jalandhar, Punjab. https://t.co/exWdogMGdt — BJP (@BJP4India) February 1, 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का जीवन समरसता, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों से समाज को नई दिशा दी और भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद की। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना, उनकी शिक्षाओं के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास है।इस अवसर पर पंजाब के सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, संत समाज, संगत और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। संगत ने गुरु रविदास जी की तस्वीरों और झंडों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का संगम साफ नजर आया।राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर किया जाना पंजाब की दलित राजनीति और सामाजिक चेतना के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इसे राज्य में सामाजिक संतुलन और सम्मान की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है।सुबह से ही डेरा परिसर में रौनक बढ़ने लगी और द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: 'दमन, क्रूरता और मानवाधिकार हनन का इतिहास जगजाहिर', बलूचिस्तान पर भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में शांति भंग करने में कथित भारतीय भूमिका को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की पुरानी रणनीति है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हम पाकिस्तान की ओर से लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं। ये उसकी अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की सदाबहार रणनीति के अलावा कुछ नहीं हैं।‘रणधीर जायसवाल ने कहा कि हर बार किसी हिंसक घटना के बाद इस तरह के निराधार आरोप दोहराने के बजाय पाकिस्तान को क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान देना चाहिए। जायसवाल ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि वहां दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघनों का इतिहास जगजाहिर है।भारतीय विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान सेना के उस दावे के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि भारत बलूचिस्तान में शांति भंग करने के प्रयासों में शामिल आतंकवादी तत्वों का समर्थन कर रहा है।पाकिस्तान सेना के अनुसार, बलूचिस्तान प्रांत में चलाए गए कई आतंकवाद-रोधी अभियानों में कम से कम 15 पाकिस्तानी सैनिक और 92 उग्रवादी मारे गए हैं। सेना ने बताया कि ये अभियान तब शुरू किए गए, जब जातीय बलूच समूहों से जुड़े उग्रवादियों ने क्वेटा, मस्तूंग, नुश्की, दल्बंदीन, खारन और पंजगुर सहित कई इलाकों में हमले किए।बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने कहा कि ये हमले प्रांत में क्वेटा, ग्वादर, मकरम, हुब, चमन, नसीराबाद सहित विभिन्न स्थानों पर किए गए। वहीं, संघीय सूचना मंत्री अता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

भारत ने बजट में किस देश को क्या दिया?: बांग्लादेश के लिए सहायता कम हुई, चाबहार बंदरगाह पर आवंटन गायब

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के लिए बजट का एलान कर दिया है। इसमें भारत के पड़ोसी और अन्य सहयोगी देशों के लिए वित्तीय सहायता की भी घोषणा की गई है। भूटान से लेकर श्रीलंका और बांग्लादेश से लेकर अफ्रीकी देशों तक की मदद के लिए राशि का एलान किया गया है। हालांकि, इस बजट में एक चौंकाने वाली बात यह रही कि चाबहार बंदरगाह के लिए सहयोग राशि वाली पंक्ति को 2026-27 के लिए खाली छोड़ा दिया गया। ऐसे में चाबहार बंदरगाह परियोजना में भारत की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रतिशत के मामले में सबसे बड़ी कटौती बांग्लादेश की सहायता राशि में की गई है, जिसे आधा (50%) कर दिया गया है।इन दोनों देशों के बजट में ₹50-50 करोड़ की कमी की गई है।बीते दिनों में कई हलकों में यह भी चर्चा हुई कि भारत आने वाले समय में अमेरिका के दबाव में चाबहार बंदरगाह योजना से बाहर भी हो सकता है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले ही धमकी दी थी कि ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच धमकी दी थी कि उससे व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी के अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया जाएगा। भारत पर पहले ही अमेरिका की तरफ से कुल 50 फीसद टैरिफ लगाया जा चुका है। इसमें 25 फीसदी आयात शुल्क व्यापार के मसले पर, जबकि अतिरिक्त 25 फीसदी रूस से तेल खरीद को लेकर लागू है। ऐसे में जब ट्रंप प्रशासन की तरफ से ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ का एलान किया गया तो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस तक ने कहा कि भारत ने ट्रंप के दबाव में ईरान के चाबहार बंदरगाह पर नियंत्रण छोड़ दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चाबहार पर जनता के करीब 1100 करोड़ रुपये लगाए थे, जो कि अब बर्बाद हो चुके हैं। तब भारत के विदेश मंत्रालय ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi on Budget 2026: वित्त मंत्री ने बजट में की अहम घोषणाएं, पीएम ने बजट को देशहित में बताया

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कई क्षेत्रों के लिए बड़े एलान किए। इसके बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज का बजट ऐतिहासिक है। इसमें देश की नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब झलकता है। महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट प्रस्तुत कर नया रिकॉर्ड बनाया है। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। ये भारत के उज्जवल भविष्य की नींव को भी सशक्त करता है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा और गति मिलेगी।जो क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं, उससे साहसी और प्रतिभाशाली युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। ये बजट ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस और ह्यूमन सेंट्रिक अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करता है। आज का बजट ऐसा अनोखा है, जिसमें आर्थिक घाटे को कम करने पर फोकस किया गया है। महंगाई पर अंकुश लगाने पर भी जोर दिया गया है। बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का भी समन्वय है।ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है। दुनिया के एक भरोसेमंद लोकतांत्रिक साझेदार और विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।पीएम मोदी ने कहा, अलग-अलग सेक्टर्स में लीडर्स, इनोवेटर्स और क्रिएटर्स तैयार होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk

Union Budget 2026: बैंगनी साड़ी में अपना 9वां बजट पेश करने पहुंची वित्त मंत्री, देखें तस्वीरें

1 of 5 बैंगनी साड़ी में अपना 9वां बजट पेश करने पहुंची वित्त मंत्री - फोटो : PTI Finance Minister Nirmala Sitharaman Union Budget Look: हर साल 1 फरवरी को जब देश की नजरें आम बजट पर टिकी होती हैं, तब संसद भवन में पेश होने वाले आंकड़ों के साथ-साथ एक और चीज भी चर्चा का विषय बन जाती है—वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अंदाज़। बजट भाषण से पहले ही उनके पहनावे को लेकर लोगों में उत्सुकता बनने लगती है और जैसे ही वह संसद पहुंचती हैं, उनकी साड़ी खास ध्यान खींच लेती है। निर्मला सीतारमण की पहचान सिर्फ एक सशक्त वित्त मंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और सादगी को मंच देने वाली नेता के रूप में भी बन चुकी है। वह अक्सर हैंडलूम साड़ियों को चुनती हैं, जिसके जरिए भारतीय हथकरघा, कारीगरों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। मोदी सरकार के तीनों कार्यकाल में अब तक पेश किए गए आठ बजटों के दौरान उन्होंने अलग-अलग रंगों, डिज़ाइनों और क्षेत्रीय कारीगरी वाली साड़ियों को अपनाया है। इस साल बजट के दिन भी उनका लुक परंपरा और गंभीरता का संतुलित उदाहरण नजर आया। उन्होंने गहरे बैंगनी रंग की साड़ी पहनी थी, जिस पर बेहद सूक्ष्म और सादा बॉर्डर दिखाई देता है। आइए आपको उनकी इस साड़ी की खासियत बताते हैं। : हर साल 1 फरवरी को जब देश की नजरें आम बजट पर टिकी होती हैं, तब संसद भवन में पेश होने वाले आंकड़ों के साथ-साथ एक और चीज भी चर्चा का विषय बन जाती है—वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का अंदाज़। बजट भाषण से पहले ही उनके पहनावे को लेकर लोगों में उत्सुकता बनने लगती है और जैसे ही वह संसद पहुंचती हैं, उनकी साड़ी खास ध्यान खींच लेती है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 5 बैंगनी साड़ी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 1, 2026 · 2 min · National Desk