एक्सप्लेनर: अमेरिका में रखा अपना सोना क्यों निकाल रहे यूरोपीय देश, ये कैसे संकट की आहट; भारत का क्या हाल?

एक्सप्लेनर: अमेरिका में रखा अपना सोना क्यों निकाल रहे यूरोपीय देश, ये कैसे संकट की आहट; भारत का क्या हाल? आइये जानते हैं कि अमेरिका में किन-किन देशों ने ऐतिहासिक तौर पर अपने सोने का भंडारण किया है? अब किन-किन यूरोपीय देशों ने अमेरिका से अपना सोना निकालना शुरू कर दिया है? इसकी वजह क्या है? रूस का मामला कैसे यूरोपीय देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर रहा है? यूरोप के इस कदम के मायने क्या हो सकते हैं? आइये जानते हैं… पहले जानें- अमेरिका में किस देश का कितना सोना रखा है? आइये जानते हैं कि अमेरिका में किन-किन देशों ने ऐतिहासिक तौर पर अपने सोने का भंडारण किया है? अब किन-किन यूरोपीय देशों ने अमेरिका से अपना सोना निकालना शुरू कर दिया है? इसकी वजह क्या है? रूस का मामला कैसे यूरोपीय देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर रहा है? यूरोप के इस कदम के मायने क्या हो सकते हैं? अमेरिका से करीब छह हजार किलोमीटर दूर अटलांटिक महासागर के पार यूरोप में इस वक्त हलचल मची है। इसका शोर अभी तेज नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञ इसे शांत तूफान मान रहे हैं। दरअसल, एक के बाद एक कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका में रखा अपना सोना या तो वापस मंगाना शुरू कर दिया है या इसके लिए कोई और सुरक्षित ठिकाना ढूंढ कर सोने को वहां भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्यों अमेरिका में अपना सोना रख रहे हैं ये देश? दूसरे विश्व युद्ध के बाद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

पेपर लीक पर भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना: कहा- झारखंड में पेपर लूट हुई थी, महिलाओं के मुद्दे पर कैसे घेरा?

सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष की चुप्पी पर क्यों उठाए सवाल? कांग्रेस में महिला मंत्रियों की संख्या पर क्या बोले त्रिवेदी? राहुल गांधी पर त्रिवेदी ने किस तरह का हमला किया? दोनों मुद्दों को लेकर भाजपा ने क्या राजनीतिक संदेश दिया? त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली में परीक्षाओं के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने वाले राजनीतिक दल झारखंड की घटना पर चुप हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस मामले में ‘गांधी के तीन बंदरों’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि झारखंड के अभ्यर्थियों और देशभर के युवाओं के बीच इस मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर नाराजगी है। त्रिवेदी ने कहा कि इस मामले पर उनकी चुप्पी अभ्यर्थियों के मन में चीख की तरह गूंज रही है।भाजपा सांसद ने कांग्रेस में महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिए जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चार राज्यों में सत्ता में है, लेकिन उसके पास केवल तीन महिला मंत्री हैं। त्रिवेदी ने इसे ‘बहुत नाइंसाफी’ बताया और कहा कि राहुल गांधी तथा खरगे इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने खरगे को संबोधित करते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के पिता से भी उम्र में बड़े हैं और उन्हें राहुल का मार्गदर्शन करना चाहिए, न कि उनके प्रभाव में काम करना चाहिए।त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर बेहद तीखी और व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आने पर उनका परिचय ‘मुल्लाओं और मौलवियों के संरक्षक, सनातन धर्म के विनाशक और घुसपैठियों के रक्षक’ के रूप में कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक तरफ ‘पितृसत्ता खत्म करो’ का नारा देते हैं, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस में महिला मंत्रियों को एक-एक करके हटा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

टाटा संस में उत्तराधिकार की रेस: नरेंद्रन और सौरभ सबसे आगे; क्या एनएसई के सीईओ आशीष साबित होंगे 'डार्क हॉर्स'?

क्या आशीष चौहान की तकनीकी और नियामक समझ उन्हें सबसे आगे खड़ा करेगी? टाटा संस की चेयरमैनशिप के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रमुख आशीष चौहान का नाम सबसे चौंकाने वाला और दिलचस्प माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वे एक अप्रत्याशित लेकिन बेहद मजबूत विकल्प साबित हो सकते हैं। आशीष चौहान का प्रोफाइल पारंपरिक टाटा क्रेडेंशियल्स से काफी अलग है। वे टेक्नोलॉजी, कैपिटल मार्केट्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और बड़े संस्थानों के निर्माण के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। चौहान ने आईआईटी बॉम्बे से स्नातक किया है और उनके पास आईआईएम कलकत्ता से पोस्ट ग्रेजुएट मैनेजमेंट डिग्री है। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईडीबीआई बैंक में भी काम किया है। वह 1990 के दशक में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की स्थापना करने वाले शुरुआती अधिकारियों में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एमडी और सीईओ के रूप में कार्य किया और 2022 में फिर से एनएसई के प्रमुख के रूप में वापस आए। बीएसई में रहते हुए उन्होंने एक ब्रोकर-संचालित एक्सचेंज को एक पेशेवर रूप से प्रबंधित कॉर्पोरेट संस्थान में बदला। वर्तमान में वे एनएसई को एक कठिन दौर से निकालते हुए इसके 30,000 करोड़ रुपये के विशाल आईपीओ की तैयारी कर रहे हैं, जो भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होने जा रहा है। इस आईपीओ के बाद एनएसई का मूल्य लगभग पांच लाख करोड़ रुपये आंका जाएगा, जो इसे बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल कर देगा। चौहान को एक शांत और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वाले ‘कॉर्पोरेट ट्रबलशूटर’ के रूप में जाना जाता है, जो बिना किसी आक्रामक सार्वजनिक मुद्रा के कठिन परिस्थितियों को संभालते है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी की हुई पहचान: लश्कर-ए-ताइबा से था कनेक्शन, पाकिस्तानी नागरिक निकला यासिर

यूसमर्ग में ऑपरेशन अशदर के दूसरे दिन सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई पिछले दो दिनों से चल रहा आतंकवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। सेना और पुलिस ने अशदर गली के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में जारी मुठभेड़ के दूसरे दिन ऑपरेशन अशदर के तहत एक आतंकी को मार गिराया। उसके कब्जे से एके-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षाबलों को इलाके में चार से पांच और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में उनकी तलाश के लिए घेराबंदी जारी है। सेना की चिनार कोर के अनुसार, सटीक खुफिया सूचना पर अशदर गली क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा था।यह क्षेत्र यूसमर्ग के दूधपथरी से करीब आठ घंटे की कठिन पैदल चढ़ाई वाला है। सेना की 53 राष्ट्रीय राइफल्स, 10 पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीमें बुधवार से ही इस इलाके में आतंकियों की तलाश में जुटी थीं। वीरवार को जंगल में संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर जवानों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। इसके जवाब में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी के बाद आतंकी घने जंगल में छिप गए। शुक्रवार सुबह अभियान दोबारा तेज किया गया और मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। मारे गए आतंकी की अभी पहचान नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, उसके पाकिस्तानी होने की आशंका है। साथ ही लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं, कश्मीर जोन के आईजीपी सुजीत कुमार भी मुठभेड़ स्थल के पास पहुंचे और अभियान का जायजा लिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

नेपाल बाढ़ LIVE: चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान, भारतीय टीम जुटी; मृतकों का आंकड़ा 1344 पहुंचा

10:45 AM, 05-Sep-2026 नेपाल के दार्चुला में भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद, निचले इलाकों में अलर्ट नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का प्रवाह बाधित हो गया। नदी का रास्ता बंद होने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का प्रवाह बाधित हो गया। नदी का रास्ता बंद होने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 09:51 AM, 05-Sep-2026 चिलिमे सुरंग में भारतीय टीम क्या कर रही है? भारतीय सुरंग बचाव दल ने शुक्रवार को चिलिमे सुरंग के अंदर अभियान चलाया। टीम का प्रयास सुरंग के पानी और मलबे से प्रभावित हिस्सों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों की तलाश करने का है। भारी उपकरणों को सुरंग तक पहुंचाने और बचाव अभियान को गति देने के लिए एक अस्थायी ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है। टीम ने सुरंग के भीतर सुरक्षा रस्सियां लगाई हैं, जबकि पानी और मलबे से बाधित हिस्सों में फ्लोट और पंप भी तैनात किए जा रहे हैं। रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी गांव के पास स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना का इलाका बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। सुरंग के कई हिस्से पानी और मलबे से बाधित हो गए थे, जिसके कारण वहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। अब भारतीय टीम सुरंग के अंदर आगे बढ़कर प्रभावित हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि खोज और बचाव अभिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

अपनों से ही हार गई थी पहलवान अश्विनी: पिता के बयान से आया नया मोड़, बताया बेटी ने क्यों उठाया खौफनाक कदम?

जिस मां ने खेल के मैदान में हर मुश्किल से लड़कर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई, वही जिंदगी की जंग में अपनों के सामने हार गई। महाराष्ट्र के धाराशिव में 30 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की पहलवान अश्वनी पॉल ने अपने बच्चों सहित खाई में कूदकर शुक्रवार को आत्महत्या कर ली थी। इसमें उसके पांच साल के बेटे और दो साल की एक बेटी की भी जान चली गई, जबकि दूसरी नन्ही बेटी जिंदगी के लिए जूझ रही है। अब इस मामले में एक नया खुलासा हुआ। अश्वनी के पिता ने पति और ससुराल वालों पर पैसों, सोने और ऑटो रिक्शा के लिए कथित प्रताड़ना का आरोप लगाया है। महिला ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीते थे। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 1 min · National Desk

एक्सप्लेनर: 450 साल पुराना दुनिया का नक्शा कितना बदला, कैसे अफ्रीकी देश के चलते भारत को मिल सकता है न्याय?

एक्सप्लेनर: 450 साल पुराना दुनिया का नक्शा कितना बदला, कैसे अफ्रीकी देश के चलते भारत को मिल सकता है न्याय? ब्रिटेन सहित 164 देशों का समर्थन नया नक्शा अफ्रीका को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है। नए नक्शे को टोगो ने पेश किया जबकि अफ्रीकी संघ के सदस्यों ने पुरजोर समर्थन किया। मानचित्र सुधार प्रस्ताव फ्रांस और ब्रिटेन सहित 164 देशों के समर्थन से पारित हो गया। अमेरिका इकलौता देश रहा, जिसने इसके खिलाफ मतदान किया और छह देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। 16वीं शताब्दी से उपयोग हो रहे मर्केटर मानचित्र की आलोचना की जाती रही है क्योंकि यह अफ्रीका को ग्रीनलैंड के समान आकार का दिखाता है, जबकि वास्तव में यह उससे 14 गुना बड़ा है। अब वैश्विक नक्शों में बदलाव करना जरूरी इस प्रस्ताव पर मतदान कि अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब आने वाले दिनों में दुनियाभर में दिखाए-पढ़ाए जाने वाले वैश्विक नक्शों में बदलाव करना जरूरी हो जाएगा और उसकी जगह नए नक्शे ले लेंगे। इतना ही नहीं मौजूदा नक्शे में दिखने वाले महाद्वीप के साथ भारत और कई देशों की स्थिति में बड़ा बदलाव हो जाएगा। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक नक्शे पर बदलाव कराने का दम रखने वाले इस प्रस्ताव की जरूरत क्यों पड़ी? अब प्रस्ताव मंजूर हो चुका है तो क्या-क्या बदल सकता है? आइये जानते हैं… नया नक्शा अफ्रीका को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

गोरखपुर: गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया प्राकट्योत्सव, पूजा-अर्चना के बाद लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया

भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया।गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे।गोरक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

नेपाल में बाढ़ से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित: 1295 मौतें; सरकार के राहत अभियान पर क्या आरोप लगे?

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीआरआरएमए ने यह रिपोर्ट तैयार की है। प्राधिकरण ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में रिपोर्ट पेश की। बाढ़ में मरने वालों की संख्या कितनी हुई? अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1,295 हो गई। प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ी है। नेपाल में इतनी तबाही कैसे हुई? 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिरा था। इसके बाद अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों के शहरों और गांवों में भारी तबाही मचाई। कई इलाकों में बाढ़ के बाद बड़ी तबाही का मंजर देखने को मिला। सरकार की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं। शिक्षण संस्थानों को हुए नुकसान से 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। कितने अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान? बाढ़ प्रभावित इलाकों में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। तीन अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कितनी सड़कें और पुल टूटे? करीब 55 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही होती थी। इसके अलावा 37 ऐसे पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जिनसे वाहन गुजरते थे। 68 झूला पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, नुकसान का विस्तृत आकलन अभी पूरा नहीं हुआ है। सरकार पर क्या आरोप लगा? इस बीच नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन नरसिंह केसी ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने बचाव और राहत अभियान के तालमेल में कमी का आरोप लगाया। केसी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि बचाव और र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

बारिश का रेड अलर्ट: आगरा में आज बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल, डीएम ने जारी किया आदेश

जिलाधिकारी मनीष बंसल की ओर से जारी यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल की ओर से जारी यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा।कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आगरा जनपद में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 1 min · National Desk