पंजाब कांग्रेस: दो चरणों की कवायद भी खत्म नहीं कर सकी गुटबाजी, खुलकर सामने आई थी खेमेबाजी
पंजाब कांग्रेस: दो चरणों की कवायद भी खत्म नहीं कर सकी गुटबाजी, खुलकर सामने आई थी खेमेबाजी दूसरे चरण में उन्होंने ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाने की कोशिश की। बघेल की दोनों चरणों की कवायद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं कर पाई हालांकि, इस पूरी कवायद के दौरान जिस तरह गुटबाजी बघेल की जनसभा में मंचों तक पहुंची, उससे साफ हो गया कि कांग्रेस के भीतर की खाई आसानी से भरने वाली नहीं है। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म कराने के लिए हाईकमान ने भूपेश बघेल को प्रभारी बनाकर भेजा था। बघेल ने भी संगठन को साधने के लिए दो चरणों में कवायद की। पहले चरण में करीब एक सप्ताह पंजाब में रहकर उन्होंने अलग-अलग खेमों के नेताओं से मुलाकात कर उनके बीच की नाराजगी समझने और संवाद का रास्ता निकालने का प्रयास किया। करीब एक महीने से ज्यादा समय तक पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के बीच अंदरूनी कलह व मतभेद को दूर करने के लिए बघेल ने नेताओं से वन-टू-वन संवाद किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, भारत भूषण आशु, त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, गुरप्रीत सिंह कंगर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। चन्नी खेमे के नेताओं के साथ हुई बैठकों में प्रद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...