IND vs PAK: भारत के लिए खुशखबरी, पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे अभिषेक शर्मा; कप्तान सूर्यकुमार ने दी जानकारी

अभिषेक ने पिछले साल एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ दो टी20 मैचों में 31 और 74 रन बनाए थे, जबकि फाइनल में वह सिर्फ 5 रन पर आउट हुए थे। बावजूद इसके भारत ने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। कम समय में अभिषेक शर्मा भारत के उभरते हुए टी20 सितारे बन गए हैं। 39 मैचों में 1297 रन बनाते हुए उन्होंने दो शतक और आठ अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 135 रन है, जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में बनाया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 1 min · National Desk

अमेरिका ने कैसे भड़काया ईरान में प्रदर्शन: ट्रंप ने डॉलर को बनाया हथियार, क्यों यह बाकी देशों के लिए 'अलर्ट'

अमेरिका ने कैसे भड़काया ईरान में प्रदर्शन: ट्रंप ने डॉलर को बनाया हथियार, क्यों यह बाकी देशों के लिए ‘अलर्ट’ और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप सरकार में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऐसा क्या कहा है, जिससे दुनिया में हलचल मच गई है? यह डॉलर शॉर्टेज क्या होता है? अमेरिका की यह नीति कितनी कारगर रही है? और अब आगे क्या हो सकता है? आइये जानते हैं… अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान में नवंबर-दिसंबर से जारी प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने संसद में एक सुनवाई के दौरान बताया कि ईरान में प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ था। बेसेंट के मुताबिक, वॉशिंगटन ने ‘डॉलर की कमी’ (डॉलर शॉर्टेज) पैदा कर ईरान की मुद्रा- ईरानी रियाल को ऐतिहासिक निम्नतम स्तर पर पहुंचा दिया और लोगों को सड़कों पर आंदोलन के लिए उतरने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने इस पूरी रणनीति को इकोनॉमिक स्टेटक्राफ्ट यानी आर्थिक कूटनीति करार दिया है, जिसमें बिना किसी सैन्य कार्रवाई या गोली चलाए दुश्मन देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की गई है। बेसेंट ने कहा कि इस नीति ने काम किया है, क्योंकि दिसंबर में उनकी अर्थव्यवस्था चरमरा गई। वे आयात करने में सक्षम नहीं हैं और यही कारण रहा कि लोग सड़कों पर उतर आए। इससे पहले पिछले साल मार्च में बेसेंट न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

कैसे हुआ था पुलवामा का आतंकी हमला: कब-किसने दिया अंजाम, पाकिस्तान की क्या थी भूमिका; भारत ने कैसे दिया जवाब?

कैसे हुआ था पुलवामा का आतंकी हमला: कब-किसने दिया अंजाम, पाकिस्तान की क्या थी भूमिका; भारत ने कैसे दिया जवाब? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पुलवामा में हमले को आतंकियों ने कब-कैसे अंजाम दिया? पुलवामा आतंकी हमला 14 फरवरी को हुआ था जब 78 वाहनों का काफिला 2500 जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। ये काफिला अवंतीपोरा के पास लेथीपोरा में नेशनल हाइवे 44 से गुजर रहा था। दोपहर करीब 3.30 बजे 350 किलो विस्फोट से भरी एक एसयूवी काफिले में घुसी और भयंकर धमाका हुआ। जिस बस से एसयूवी टकराई उसके परखच्चे उड़ गए। निशाना बनी थी 76वें बटालियन की बस। चारों तरफ शवों का ढेर और खून। धमाका इतना भयंकर था कि कुछ देर के लिए सन्नाटा पैदा हो गया। जब तक बाकी जवान होश संभालते वहां का मंजर खौफनाक हो चला था। 40 जवान शहीद हो चुके थे। ये भी पढ़ें: पुलवामा हमले के 7 साल: आतंक के बदलते चेहरे की चुनौती, बदली सुरक्षा व्यवस्था से नकेल; अब संयुक्त रणनीति पर काम पुलवामा आतंकी हमला 14 फरवरी को हुआ था जब 78 वाहनों का काफिला 2500 जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। ये काफिला अवंतीपोरा के पास लेथीपोरा में नेशनल हाइवे 44 से गुजर रहा था। दोपहर करीब 3.30 बजे 350 किलो विस्फोट से भरी एक एसयूवी काफिले में घुसी और भयंकर धमाका हुआ। जिस बस से एसयूवी टकराई उसके परखच्चे उड़ गए। निशाना बनी थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बंगाल में चुनाव, क्या इसलिए बाबरी का बवाल? विश्लेषकों ने बताया मस्जिद वाली सियासत का सच

बीते हफ्ते बाबरी का शोर बंगाल से उत्तर प्रदेश तक सुनाई दिया। एक तरफ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद का निर्माण शुरू कराया। वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे है वह दिन आने वाला नहीं है। बाबरी मस्जिद अब कभी भी नहीं बनने वाली है। बाबरी पर चल रही इसी सियासत पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, पीयूष पंत, राकेश शुक्ल, अजय सेतिया और अनुराग वर्मा मौजूद रहे। रामकृपाल सिंह: वोट के लिए कहा गया है कि साम, दाम, दंड भेद सब चलता है। यह विशुद्ध रूप से वोटबैंक की राजनीति है। इसके पीछे न तो किसी का बाबर से मोह है न ही किसी और से है। ये अपने वोटबैंक को सुनिश्चित करने की कोशिश है। इसमें धर्म कहीं भी नहीं है। अजय सेतिया: हुमायूं कबीर ने खुद कहा है कि मेरा राजनीतिक कद बढ़ रहा है। इसलिए वो खुद मान रहे हैं कि मुद्दा राजनीतिक है इसका धर्म या बाबर से कोई मतलब नहीं है। ये दंगा फैलाने की भूमिका बांधी जा रही है। ये हिंदू और मुस्लिमों को लड़ाने की कोशिश की जा रही है। अनुराग वर्मा: बाबर का नाम लाना और उस मस्जिद को बनाना यह बताने के लिए है कि हम किस सेंटिमेंट के साथ चुनाव में जा रहे हैं। मुस्लिमों का विश्वास पहले कांग्रेस से हटा, अब उनका विश्वास क्षेत्रीय पार्टियों से भी हट रहा है। अब उन्हें अपना नेता चाहिए। पश्चिम बंगाल में उसी का प्रयोग हो रहा है। वो चाहते हैं कि तनाव हो, जितना ज्यादा तनाव होगा उतना ज्यादा ध्रुवीकरण होगा। पीयूष पंत: इस तरह के मुद्दे निश्चित रूप से मतदाताओं पर असर डालते हैं। कु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?

आखिर भारतीय बाजार में अचानक इतनी दहशत क्यों है? ट्रिगर क्या था? जवाब: भारतीय शेयर बाजार के आईटी शेयरों में आई सुनामी का केंद्र बिंदु 30 जनवरी 2026 है। इसी दिन अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोवर्क प्लेटफॉर्म के लिए 11 नए ऑटोमेशन प्लग-इन्स लॉन्च किए। यह खबर जंगल की आग की तरह फैली क्योंकि ये प्लग-इन्स उन कार्यों को मिनटों में कर सकते हैं, जिनके लिए भारतीय आईटी कंपनियां हजारों इंजीनियरों का इस्तेमाल करती थीं। इसे विश्लेषकों ने ‘SaaSpocalypse’ यानी (सॉफ्टवेयर सेवाओं का अंत) जैसे नामों से नवाजा है। सवाल: क्या एआई वाकई भारतीय आईटी कंपिनयों के ‘बिजनेस मॉडल’ को खत्म खत्म कर सकता है? जवाब: खतरा वास्तविक और गंभीर है। भारतीय आईटी कंपनियों का का पारंपरिक बिजनेस मॉडल ‘श्रम मध्यस्थता’ और ‘प्रति घंटा बिलिंग’ पर आधारित रहा है। यानी, जितने ज्यादा लोग और जितने ज्यादा घंटे, उतना ज्यादा मुनाफा। लेकिन एंथ्रोपिक के आने के बाद कहानी ही बदल गई है। यह कुछ अलग ही फंडे पर काम कर रहा है। जैसे- डेटा एनालिस्ट प्लग-इन: पहले जिस डेटा को साफ करने और विजअलाइज करने में विश्लेषकों की टीम को हफ्ते लगते थे और हजारों डॉलर खर्च होते थे, अब वही काम एआई बिना मानवीय हस्तक्षेप के 2-3 दिनों में कर रहा है। और लागत आ रही है? मात्र 30-40 डॉलर प्रति हर महीने।, दूसरी चीज है- लीगल प्लग-इन: हजारों पन्नों के कॉन्ट्रैक्ट और दस्तावेजों की समीक्षा अब एआई मिनटों में कर रहा है। जब महीनों का काम मिनटों में होगा और इंसान की जरूरत नहीं होगी, तो कंपनियां बिल किस बात का बनाएंगी? यही वह डर है जिसने ब्रोकरेज फर्मों को यह कहने पर मजबूर कर दिया है कि आईटी सेवा प्रदाता कंपनियों का 40% तक का राजस्व जोखिम में है। सवाल: …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs PAK: भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं पाकिस्तान के ये पांच खिलाड़ी, उस्मान तारिक से रहना होगा सतर्क

IND vs PAK: भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं पाकिस्तान के ये पांच खिलाड़ी, उस्मान तारिक से रहना होगा सतर्क और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भारत और पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर टी20 विश्व कप में आमने-सामने होंगी। इस वैश्विक टूर्नामेंट में जब भी इन दोनों टीमों का मुकाबला हुआ है तो पारा काफी चढ़ा रहता है। इस बार में कुछ ऐसा ही नजारा देखने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच काफी तनावपूर्ण माहौल रहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि इसका असर मैदान पर भी दिख सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच इससे पहले जब एशिया कप में मुकाबले खेले गए थे तो काफी विवाद हुआ था। भारत और पाकिस्तान का मैच हमेशा खास होता है और दुनियाभर के क्रिकेट फैंस की नजर इस मैच पर होती है। इसी वजह से इसे महामुकाबला भी कहा जाता है। दोनों टीमें अपने स्तर पर कागजों में काफी मजबूत हैं, लेकिन आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत का पलड़ा प्रतिद्वंद्वी टीम पर हमेशा ही भारी रहा है। भारत के पास कई दमदार खिलाड़ी हैं जो पाकिस्तानी आक्रामण को धवस्त कर सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान के पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। आइए जानते हैं पाकिस्तान के वो कौन से पांच खिलाड़ी हैं जो भारत को कर सकते हैं परेशान… साहिबजादा फरहान पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

Amit Shah: 'राहुल गांधी की नीति है झूठ बोलो, जोर से बोलो और बार-बार दोहराओ', अमित शाह ने क्यों कही ये बात?

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की तरफ से हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्र की नीतियों पर दिए बयान के बाद सियासत गरमा गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले में राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया और झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है। शाह ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों में किसानों और मछुआरों के हित पूरी तरह सुरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी आरोप लगाया कि वह झूठ फैला रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा की एक रैली में शाह ने कहा कि राहुल गांधी रोजाना झूठ बोलने की नई परंपरा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की नीति है झूठ बोलो, जोर से बोलो और बार-बार दोहराओ। शाह ने कहा कि लेकिन लोग अब आपकी झूठ फैक्टरी को पहचान चुके हैं। पीएम मोदी ने किसानों-मछुआरों का हित सुरक्षित किया- शाह इसके साथ ही शाह ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत अमेरिका के साथ हाल ही में हुए समझौते में किसानों और मछुआरों के हितों की 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यूपीए सरकार के दौरान किसानों के हितों की अनदेखी हुई और उनका फायदा नहीं हुआ। इसके साथ ही अमित शाह ने यह भी भरोसा जताया कि 2029 में भी पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार केंद्र में सत्ता में आएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुडुचेरी में आयोजित रैली में पुडुचेरी के तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि नारायणासामी की सरकार ने पुडुचेरी को गांधी परिवार के लिए एक एटीएम बना दिया था। उन्होंने खुलकर कहा कि पीजी और डिप्लोमा सीटों की नीला …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

Politics: 'इतने नासमझ व्यक्ति को नेता विपक्ष कैसे बनाया?' राहुल गांधी के आरोपों पर पीयूष गोयल का तीखा पलटवार

अमेरिका और भारत के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को लेकर देशभर से मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। केंद्र सरकार इसे भारत की बड़ी जीत के तौर पर सामने रख रहा है। वहीं विपक्ष इसे भारत की हार और अमेरिका की जीत के तौर पर बता रहा है। इसी बीच इस व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि इतने नासमझ व्यक्ति को नेता विपक्ष कैसे बना गया। गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अर्थव्यवस्था को समझे बिना गलत बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह नहीं समझ पा रही है कि जिस आदमी को अर्थव्यवस्था की कोई समझ नहीं है, उनके पास झूठ, धोखा और ट्वीट करने वाले बयानों के अलावा कुछ भी नहीं है, वह सच से हजारों मील दूर हैं।बता दें कि राहुल गांधी ने दावा किया था कि अगर बांग्लादेश अमेरिका से सूत या कपास खरीदता है तो उसे अमेरिका में शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) पर कपड़ा निर्यात करने की छूट मिलती है। इसपर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को भी यही सुविधा मिलेगी। अगर भारतीय निर्यातक अमेरिका से कपास या सूत खरीदकर यहां प्रोसेस करेंगे और फिर अमेरिका को निर्यात करेंगे, तो उन्हें भी जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह प्रावधान पहले से मौजूद है।गोयल ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की कपास उत्पादन क्षमता आगे बढ़ेगी और उसकी मांग भी बढ़ेगी। आयात करके यहां प्रोसेस कर फिर निर्यात करने की नीति कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह वर्षों से विदेशी व्यापार नीति का हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बना SEZ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

Asaduddin Owaisi: 'भारत माता की जय से संविधान की शुरुआत नहीं होती', वंदे मातरम विवाद पर क्या बोले ओवैसी

तेलंगाना में हुए नगरपालिका चुनाव और फिर सामने आए नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक साथ कई संसद, हिजाब, वंदे मातरम समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। ओवैसी ने कहा कि यह वफादारी की परीक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ‘वी द पीपल’ यानी ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ से। ओवैसी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता का मूल अधिकार देता है। ऐसे में किसी की देशभक्ति को किसी नारे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रीय गान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है? ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी वफादारी का कोई प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि हर नागरिक को अपने धर्म और विचारों के अनुसार जीने की आजादी है और यही संविधान की भावना है। उन्होंने तेलंगाना में हुए चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना नगरपालिका चुनाव के दौरान भाजपा नेता हर पांच मिनट में उनका नाम तीन बार लेते थे, जिससे ऐसा लगता है कि वे उन्हें पसंद करते हैं। इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा कि अगर वे चाहें तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं।ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना में उनकी पार्टी संरचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रहा है, जबकि सरकार केवल तब लाभान्वित होती है जब संसद काम नहीं करती। उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष ने जो दस्तावेज पेश किया, वह सार्वजनिक दस्तावेज था और सरकार इसे खारिज नहीं कर रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk

Cabinet: सरकार ने दिल्ली, हरियाणा व महाराष्ट्र से जुड़ी बड़ी रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी, जानिए क्या है तैयारी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने रेल मंत्रालय की तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इनकी कुल लागत लगभग 18,509 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। इनमें ये लाइन शामिल हैं कसारा- मनमाड तीसरी और चौथी लाइन, दिल्ली-अंबाला तीसरी और चौथी लाइन, बल्लारी-होसपेटे तीसरी और चौथी लाइन परियोजनाओं का उद्देश्य क्या? सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से रेलवे की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे यातायात सुगम होगा, परिचालन दक्षता बढ़ेगी और सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार आएगा। मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए भीड़भाड़ कम करने और संचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। तीनों परियोजनाएं किन-किन राज्यों को कवर करेंगी? तीनों परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। इनसे करीब 3,902 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 97 लाख है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, हम्पी (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल), बल्लारी किला, तुंगभद्रा बांध और अन्य धार्मिक व ऐतिहासिक स्थानों तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही ये रूट कोयला, स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक, कंटेनर और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे प्रमुख माल परिवहन के लिए अहम हैं। क्षमता वृद्धि से अतिरिक्त 96 मिलियन टन प्रतिवर्ष माल ढुलाई की संभावना है। क्या-क्या मिलेगा लाभ? ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 14, 2026 · 2 min · National Desk