Secret Meeting: चीन-पाकिस्तान की नेपाल में गुप्त बैठक, अरुणाचल में माहौल बिगाड़ने की साजिश; मिले पुख्ता सबूत

इस बैठक में भारत को अस्थिर करने के लिए अरुणाचल प्रदेश के नाम पर साजिश का एक रोडमैप तैयार किया गया। इसके लिए बाकायदा चीन और पाकिस्तान में नेपाल के स्थानीय पत्रकारों से लेकर समाजसेवियों व दक्षिणी नेपाल के मधेशिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों को चिन्हित कर टास्क देने की पूरी योजना बनाई गई। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को लगातार मिल रहे इनपुट के आधार पर इस बात के पुख्ता प्रमाण मिल चुके हैं कि भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए चीन और पाकिस्तान नेपाल की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पाकिस्तान और चीन के सात प्रमुख अधिकारी शामिल थे। तकरीबन पौने दो घंटे चली इस बैठक में चीन की ओर से भारत को अस्थिर करने के लिए अरुणाचल प्रदेश का जिक्र किया गया। बैठक 20 फरवरी को मनाए जाने वाले अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर माहौल खराब करने के लिए की गई थी। इसके लिए बाकायदा चीन ने 23 स्थानीय लोगों का चयन किया था।इस योजना के तहत नेपाल के उन लोगों को चयनित किया गया था जो कि चीन के अलग-अलग हिस्सों में बीते दो वर्षों के दौरान यात्रा करके आए थे। हालांकि यह बात अलग है चीन और पाकिस्तान की बड़ी साजिश जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तवांग को अपना हिस्सा बताने का नैरेटिव सेट करने की थी पूरी तरह फ्लॉप हो गई। इसमें योजना यह बनाई गई थी कि नेपाल के इन 23 लोगों में से कुछ लोगों को भारत भेजा जाएगा। अभी भी इसमें से 14 लोगों को नॉर्थ ईस्ट जाकर पूरी जानकारियां इकट्ठा करने के लिए भेजने की योजना बनाई जा रही है।केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट के आधार पर इस बात की भी पुष्टि हुई है कि इस पूरी योजना के पीछे चीन के चेंगदू स्थित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पश्चिमी थिएटर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 22, 2026 · 2 min · National Desk

US Tariff: ट्रंप के 15% टैरिफ से भी भारत को लाभ, अगले महीने भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता संभव

दवाएं और जैविक उत्पाद : 8.1 अरब डॉलर टेलीकॉम उपकरण: 6.5 अरब डॉलर कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर : 5.3 अरब डॉलर पेट्रोलियम उत्पाद: 4.1 अरब डॉलर वाहन और ऑटो पार्ट्स : 2.8 अरब डॉलर सोने और कीमती धातु के आभूषण: 3.2 अरब डॉलर रेडीमेड कपड़े : 2.8 अरब डॉलर लोहा और इस्पात उत्पाद : 2.7 अरब डॉलर कच्चा तेल : 4.5 अरब डॉलर पेट्रोलियम उत्पाद : 3.6 अरब डॉलर कोयला और कोक : 3.4 अरब डॉलर कट और पॉलिश हीरे : 2.6 अरब डॉलर इलेक्ट्रिक मशीनरी : 1.4 अरब डॉलर विमान और पुर्जे : 1.3 अरब डॉलर सोना : 1.3 अरब डॉलर स्टील, एल्युमिनियम-कॉपर पर 50% का सेक्टोरल टैरिफ पहले की तरह जारी रहेगा। कुछ ऑटो कंपोनेंट्स पर 25% का शुल्क भी लागू रहेगा। सेवाओं के क्षेत्र में भारत ने 28.7 अरब डॉलर का निर्यात और 25.5 अरब डॉलर का आयात किया। कुल मिलाकर भारत को लगभग 44.4 अरब डॉलर का व्यापार लाभ मिला। टैरिफ या आयात शुल्क वह टैक्स है, जो कोई देश दूसरे देश से आयात होने आने वाले सामान पर लगाता है। जब कोई कंपनी विदेश से सामान मंगाती है, तो उसे सरकार को यह शुल्क देना पड़ता है। आमतौर पर कंपनियां यह अतिरिक्त खर्च ग्राहकों से वसूल लेती हैं। यानी टैरिफ बढ़ता है तो सामान महंगा हो जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत सामान्य आयात शुल्क है और सरकार 15% अतिरिक्त टैरिफ लगा देती है, तो कुल शुल्क 20% हो जाएगा।भारत-अमेरिका के बीच पहले चरण के व्यापार समझौते का कानूनी मसौदा तैयार करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी से वाशिंगटन में बैठक करेगा। दोनों देश अगले माह समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।रेसिप्रोकल टैरिफ यानी पारस्परिक शुल्क शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले अमेरिका ने किया। 2 अप्रैल 2025 को ट्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 22, 2026 · 2 min · National Desk

Jammu : वैष्णो देवी भवन पर आतंकी हमले का अलर्ट, अभेद्य किले में तब्दील धर्मनगरी, चप्पे-चप्पे पर तैनात जवान

खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी हाई अलर्ट के बाद धर्मनगरी कटड़ा और माता वैष्णो देवी भवन की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। खुफिया इनपुट के अनुसार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के चांदनी चौक सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों, विशेषकर वैष्णो देवी भवन को निशाना बनाने की फिराक में है। इस चेतावनी के बाद पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियां सतर्क मोड पर हैं। सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए कटड़ा के प्रवेश द्वारों से लेकर भवन परिसर तक अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों की तैनाती की गई है। क्विक रिस्पांस टीम को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये यात्रा मार्ग पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।सुरक्षा बल न केवल श्रद्धालुओं बल्कि यात्रा मार्ग पर सेवा देने वाले घोड़ा, पिट्ठू और पालकी मजदूरों की भी निरंतर जांच कर रहे हैं। कटड़ा से सटी सभी पुलिस चौकियों पर नाकाबंदी कर हर आने-जाने वाले वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।भवन परिसर में पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया विभाग की टीमें संयुक्त रूप से निगरानी कर रही हैं। अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। धर्मनगरी तक सभी संवेदनशील स्थानों पर निरंतर गश्त की जा रही है। पुलिस व सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 22, 2026 · 2 min · National Desk

Middle East: मिडिल ईस्ट पर इस्राइल का हक? अमेरिकी राजदूत के बयान से मचा बवाल, अरब देशों का तीखा विरोध

इस्राइल में अमेरिका के राजदूत माइक हुकाबी के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। हुकाबी ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस्राइल को मध्य पूर्व के बड़े हिस्से पर अधिकार हो सकता है। उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी रूढ़िवादी कमेंटेटर टकर कार्लसन को दिए इंटरव्यू में की। कार्लसन ने बाइबिल के संदर्भ में पूछा था कि क्या इस्राइल को उस भूभाग पर अधिकार है, जो आज पूरे मिडिल ईस्ट के बड़े हिस्से में फैला है। इस पर हुकाबी ने कहा अगर वे सब ले लें तो भी ठीक होगा। हालांकि बाद में उन्होंने जोड़ा कि इस्राइल फिलहाल अपने क्षेत्र का विस्तार नहीं चाहता और उसे अपने वैध क्षेत्र में सुरक्षा का अधिकार है।हुकाबी के बयान के बाद सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अरब लीग (League of Arab States) ने कड़ी आपत्ति जताई। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसे अत्यधिक उग्र और अस्वीकार्य बयानबाजी बताया और अमेरिकी विदेश विभाग से स्पष्टीकरण की मांग की। मिस्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन कहा और दोहराया कि इस्राइल का कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्रों या अन्य अरब भूमि पर कोई संप्रभु अधिकार नहीं है। अरब लीग ने कहा कि ऐसे बयान क्षेत्र में धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं को भड़काने का काम करते हैं।1948 में स्थापना के बाद से इस्राइल की सीमाएं कई युद्धों, संघर्ष विराम समझौतों और शांति संधियों के चलते बदलती रही हैं। 1967 के छह-दिवसीय युद्ध में इस्राइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम, गाजा, सिनाई प्रायद्वीप और गोलान हाइट्स पर कब्जा किया था। बाद में मिस्र के साथ शांति समझौते के तहत सिनाई खाली किया गया और 2005 में गाजा से एकतरफा वापसी की गई।हाल के महीनों में इस्राइल न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 22, 2026 · 2 min · National Desk

Video: ब्राजील राष्ट्रपति के सम्मान में दावत, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी भी हुए शामिल; राष्ट्रपति भवन में आयोजन

#WATCH | Delhi: President Droupadi Murmu received President Luiz Inácio Lula da Silva of Brazil at Rashtrapati Bhavan and hosted a banquet in his honour. pic.twitter.com/4ug328zDFc — ANI (@ANI) February 21, 2026 इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैडम, आप दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के राष्ट्रपति पद संभालने वाली दूसरी महिला हैं और भारत के आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली महिला हैं। इससे साबित होता है कि शिक्षा में निवेश करना किसी देश की किस्मत बदलने का सबसे अच्छा तरीका है।‘वहीं राष्ट्रपति ने एआई इम्पैक्ट समिट में उनकी भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने पिछले वर्ष ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स और कॉप-30 शिखर सम्मेलनों की सफल मेजबानी के लिए उन्हें बधाई भी दी।लूला दा सिल्वा के सम्मान में दी गई दावत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘इस स्टेट विजिट के दौरान भारत में आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। एक बार फिर नई दिल्ली में एक सच्चे दोस्त का स्वागत करना हमारे लिए खास खुशी की बात है। मुझे पता है कि यह आपकी भारत की छठा दौरा है। आपके प्रत्येक यात्रा के साथ हमारे मित्रपूर्ण संबंध और भी मजबूत हुई है।‘राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी व्यापार और निवेश, रक्षा, तेल और गैस, जैव-ईंधन, कृषि और पशुधन, स्वास्थ्य सेवा और पारंपरिक चिकित्सा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल सहयोग और साइबर सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रही है। इस बात पर जोर देते हुए कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। राष्ट्रपति ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 22, 2026 · 2 min · National Desk

कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?: पहले इन विवादों में रह चुके हैं शंकराचार्य, अब पॉक्सो के मामले में घिरे

कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?: पहले इन विवादों में रह चुके हैं शंकराचार्य, अब पॉक्सो के मामले में घिरे और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। चाहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से दूर रहने की बात हो, राहुल गांधी के बचाव और निंदा से जुड़ा बयान हो या अखिलेश यादव के माफी मांगने की घटना हो या यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से वाद-विवाद की। आइये जानते हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कौन हैं और उनका नाम कब-कब चर्चा में आया… हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। चाहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से दूर रहने की बात हो, राहुल गांधी के बचाव और निंदा से जुड़ा बयान हो या अखिलेश यादव के माफी मांगने की घटना हो या यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से वाद-विवाद की। उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीते कई दिनों से सुर्खियों में बने हुए हैं। इस बीच अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ इलाहाबाद जिला न्यायालय की विशेष पॉक्सो अदालत ने बच्चों के यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। बताया गया है कि यह मुकदमा आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिया है। अब जानें- कैसा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को स्थगित करें', कांग्रेस की मांग- शर्तों पर हो फिर से विचार

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को अमान्य घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने शनिवार को सरकार से अंतरिम व्यापार समझौते को रोककर समझौते की शर्तों पर फिर से विचार करने की मांग की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पुनर्विचार दौरान भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाए और सरकार अमेरिकी पक्ष को किसी भी प्रकार की आयात उदारीकरण की अनुमति नहीं दे।रमेश ने पूरे समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें साफ करना चाहिए कि क्या वह ट्रंप के इस बयान से सहमत हैं कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कुछ भी नहीं बदला है।कांग्रेस नेता ने पूछा, “क्या मोदी ट्रंप से इस बात पर सहमत हैं कि भारत के साथ व्यापार समझौता अभी भी लागू है?” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।उन्होंने दावा किया कि भारत-अमेरिका अंतरिम समझौता भारतीय किसानों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा और उनकी आजीविका को खतरे में डाल देगा। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्टीकरण मिलने तक इस समझौते को रोक देना चाहिए और समझौते पर नए सिरे से बातचीत करने का आह्वान किया। कांग्रेस नेता ने कहा “अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत महत्वपूर्ण है और हमारी सरकार को इस व्यापार समझौते को फिलहाल स्थगित रखना चाहिए।“रमेश ने कहा, “हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री साफ तौर पर बताएं कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत की नीति की समीक्षा की जाएगी और स्पष्टीकरण आने तक हम आयात उदारीकरण का रुख नहीं अपनाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यह देश के लाखों किसानों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Shikhar Dhawan Wedding: शादी के बंधन में बंधे शिखर धवन और सोफी, क्या आपने देखी गब्बर की दुल्हनिया की तस्वीर?

Shikhar Dhawan Wedding: शादी के बंधन में बंधे शिखर धवन और सोफी, क्या आपने देखी गब्बर की दुल्हनिया की तस्वीर? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने अपनी जिंदगी की नई पारी की शुरुआत कर दी है। ‘गब्बर’ के नाम से मशहूर धवन ने शनिवार को अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड रहीं सोफी शाइन के साथ निजी समारोह में सात फेरे लिए। शादी का कार्यक्रम बेहद सादगी और करीबी दोस्तों तथा परिवार की मौजूदगी में संपन्न हुआ। 2025 में सार्वजनिक किया था रिश्ता धवन और सोफी पिछले कुछ वर्षों से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने अपने रिश्ते को साल 2025 में सार्वजनिक किया था। दोनों को पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान दुबई में साथ देखा गया था, जिसके बाद उनके रिश्ते की चर्चा तेज हो गई थी। शादी से पहले धवन ने अपने संगीत समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा था, ‘संगीत नाइट…लगभग धवन’ इन तस्वीरों में दोनों बेहद खुश और उत्साहित नजर आ रहे थे। चहल ने साझा की धवन और सोफी की शादी की तस्वीरें इस खास मौके पर धवन के पूर्व साथी खिलाड़ी युजवेंद्र चहल ने भी सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें साझा कर नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। धवन और सोफी ने इसी साल जनवरी में सोशल मीडिया के जरिए अपनी सगाई की घोषणा की थी। उस समय धवन ने लिखा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal: ममता बनर्जी के साथ मंच पर दिखे भाजपा सांसद, केंद्र पर लगाया भेदभाव का आरोप; चुनाव से पहले अटकलें तेज

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं महाराज के संबंध हाल के महीनों में भाजपा के साथ तनावपूर्ण रहे हैं। मंच पर बैठे और वरिष्ठ मंत्रियों व टीएमसी नेताओं आरोप बिस्वास और इंद्रनील सेन के साथ उनका स्वागत किया। उन्हें सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, आपकी मौजूदगी से हमें सम्मान मिला है। खुश रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भाजपा सांसद ने केंद्र पर क्या आरोप लगाया? मुख्यमंत्री के रूप में बनर्जी का यह राजनीतिक नहीं कार्यक्रम था। अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों को बढ़ाते हुए महाराज ने बाद में पत्रकारों से कहा, केंद्र सरकार ने हमारे समुदाय के साथ भेदभाव किया है, जो बड़ी उम्मीदों के साथ भारत में शामिल हुआ था। मौजूदा सरकार सहित कई सरकारों की ओर से कई वर्षों तक हमारे क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की गई है। जब उन्हें याद दिलाया गया कि वह केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का हिस्सा हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, क्या मैं भारत के विकास के बारे में बात नहीं कर सकता? क्या हम देश का हिस्सा नहीं हैं? ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने पहले भी की थी महाराज से मुलाकात पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के चुनाव कुछ महीनों में होने हैं। इससे पहले, ममता बनर्जी कई बार महाराज के कूच बिहार स्थित आवास पर उनसे मिली थीं और महाराज ने उनका पारंपरिक स्कार्फ और ‘गुवा पान’ (पान) से स्वागत किया। टीएमसी ने 2024 में भाजपा से कूच बिहार लोकसभा सीट जीतकर वर्तमान सांसद निसिथ प्रमाणिक को लगभग 40 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव के नतीजों से यह अटकलें बढ़ी हैं कि महाराज के प्रभाव के कारण नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं, क्योंकि वह क्षेत्र के राजबंशी समुदाय के एक बड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर के उद्योगों के लिए पीएम उत्सर्जन मानक हुए और सख्त, CAQM ने दिए निर्देश

दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शनिवार को एक निर्देश जारी किया। जिसमें इलाके के उद्योगों के लिए 50 मिलीग्राम प्रति एनएम3 का ज्यादा सख्त पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) एमिशन स्टैंडर्ड का प्रस्ताव दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित मानक से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सीएक्यूएम ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सिफारिशों पर विचार किया है। ये सिफारिशें आईआईटी कानपुर द्वारा किए गए अध्ययनों पर आधारित थीं। सीपीसीबी द्वारा गठित तकनीकी समिति ने भी इन मानकों का समर्थन किया। आयोग का मानना है कि 50 मिलीग्राम प्रति एनएम3 का पीएम उत्सर्जन मानक तकनीकी रूप से प्राप्त करने योग्य है। यह मानक पर्यावरणीय रूप से भी आवश्यक है, जैसा कि एक अधिकारी ने बताया।सीएक्यूएम के निर्देशानुसार, दिल्ली-एनसीआर में संचालित उद्योगों पर यह सीमा लागू होगी। इसमें सीपीसीबी द्वारा चिह्नित 17 अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योग शामिल हैं। लाल श्रेणी के मध्यम और बड़े वायु-प्रदूषणकारी उद्योग भी इसके दायरे में आएंगे। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर वाली कपड़ा उद्योग और भट्टी वाले धातु उद्योग भी शामिल हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk