पाकिस्तानी घुसपैठिया गिरफ्तार: अंधेरे में बॉर्डर क्रॉस किया, BSF जवानों ने दबोचा, मोहम्मद अशफाक से क्या मिला?

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगी कंटीली तार के पास पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है। घुसपैठिए की गिरफ्तारी सोमवार की देर रात हुई है। यह गिरफ्तारी बॉर्डर पर बीपीओ राजाताल के पास की गई है। आरोपी को पकड़ने के बाद उसे थाना घरिंडा की पुलिस के हवाले किया गया है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की पहचान पाकिस्तान स्थित जिला शेखूपुरा के मुरीदके निवासी मोहम्मद अशफाक के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से पाकिस्तान करंसी के आठ हजार रुपये, मोबाइल और तीन सिम बरामद किए गए हैं।बीएसएफ की 181 कंपनी के कमांडेंट राकेश नेगी ने पुलिस को बताया कि उनके जवान राजाताल बीओपी के पास गश्त कर रहे थे। इस दौरान कंटीली तार के पास एक व्यक्ति को आते देखा। जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। जब उसकी पहचान पूछी गई तो उसने अपनी पहचन पाकिस्तानी नागरिक के रूप में बताई है।एक दिन पहले पंजाब के सरहदी एरिया तरनतारन से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने खेमकरण सेक्टर से 10 किलो हेरोइन के साथ पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया था। बीएसएफ और एनसीबी की टीमें को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी तस्कर के गिरफ्तार होने के बाद इस इलाके में विस्फोटक और हथियार भी छिपे हो सकते हैं।एनसीबी ने पकड़े गए आरोपी की पहचान पाकिस्तान के जिला कसूर स्थित चट्टिया गांव निवासी अबू बक्कर के रूप में बताई है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल और कुछ पाकिस्तानी करंसी भी बरामद हुई है। आरोपी के कब्जे से मिले मोबाइल ने कई संदिग्धों के नंबर भी मिले हैं। कुछ नंबर डिलीट भी हैं। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन से आरोपी के कई अहम खुलासे हो सकत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

कौन हैं अली लारीजानी?: कभी शांति नेता के रूप में जाने जाते थे, अब अमेरिका-इस्राइल को सबक सिखाने की दी चेतावनी

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। इस कठिन समय में जो नाम सबसे आगे आया है, वह है अली लारीजानी। कभी शांत और व्यवहारिक नेता माने जाने वाले लारीजानी अब अमेरिका और इस्राइल को खुली चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान इस हमले का ऐसा जवाब देगा जिसे दुनिया याद रखेगी। खामेनेई और आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत के 24 घंटे के भीतर लारीजानी ने सरकारी टीवी पर आकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और जियोनिस्ट शासन ने ईरानी राष्ट्र के दिल में आग लगा दी है, अब हम उनके दिलों में आग लगाएंगे। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर इस्राइली जाल में फंसने का आरोप भी लगाया। इस समय लारीजानी ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव हैं और संक्रमण काल में अहम भूमिका निभा रहे हैं।अली लारीजानी का जन्म 3 जून 1958 को इराक के नजफ में हुआ था। उनका परिवार ईरान की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। उनके पिता मिर्जा हाशेम आमोली बड़े धार्मिक विद्वान थे। उनके भाई भी न्यायपालिका और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। इसी कारण कभी इस परिवार को ईरान का केनेडी परिवार भी कहा गया।लारीजानी सिर्फ धार्मिक पृष्ठभूमि से नहीं आए। उन्होंने शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से गणित और कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली। बाद में तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शन में मास्टर्स और पीएचडी की। उनका शोध 18वीं सदी के जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांट पर था। यही कारण है कि उन्हें लंबे समय तक एक बौद्धिक और व्यावहारिक नेता माना गया।1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उन्होंने आईआरजीसी जॉइन किया। बाद में वह स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: आईआरजीसी का दावा- ईरानी हमलों में 650 अमेरिकी सैनिक हताहत, विमानवाहक पोत भी हटा पीछे

07:19 PM, 03-Mar-2026 आंशिक बंदी के बाद जॉर्डन ने दोबारा खोला हवाई क्षेत्र जॉर्डन की सिविल एविएशन रेगुलेटरी कमीशन ने देश का हवाई क्षेत्र फिर से खोलने की घोषणा की है। सोमवार रात से लागू आंशिक बंदी को अब वापस ले लिया गया है। कमीशन ने बयान में कहा कि विस्तृत जोखिम मूल्यांकन और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद यह निर्णय लिया गया। हालिया क्षेत्रीय तनाव के चलते सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से सीमित किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी। एयरलाइंस और यात्रियों को नवीनतम निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। हवाई क्षेत्र खुलने से उड़ानों के संचालन में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है। जॉर्डन की सिविल एविएशन रेगुलेटरी कमीशन ने देश का हवाई क्षेत्र फिर से खोलने की घोषणा की है। सोमवार रात से लागू आंशिक बंदी को अब वापस ले लिया गया है। कमीशन ने बयान में कहा कि विस्तृत जोखिम मूल्यांकन और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय के बाद यह निर्णय लिया गया। हालिया क्षेत्रीय तनाव के चलते सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से सीमित किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जाएगी। एयरलाइंस और यात्रियों को नवीनतम निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। हवाई क्षेत्र खुलने से उड़ानों के संचालन में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है। 07:17 PM, 03-Mar-2026 ईरान ने खाद्य और कृषि उत्पादों के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध ईरान ने युद्ध जैसे हालात के बीच बड़ा फैसला लेते हुए सभी खाद्य और कृषि उत्पादों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: अमेरिका-इस्राइल-ईरान टकराव पर भारत की नजर, विदेश मंत्रालय ने बताया- राष्ट्रीय हित में लिए जा रहे फैसले

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि 28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद ही भारत ने गहरी चिंता जताई थी। उस समय भी सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात न बिगाड़ने की अपील की गई थी। मंत्रालय ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में हालात और बिगड़े हैं और संघर्ष दूसरे देशों तक फैलता दिख रहा है।बयान में कहा गया कि लगातार हमलों से जानमाल का नुकसान बढ़ा है और सामान्य जीवन तथा आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। भारत इस क्षेत्र का नजदीकी पड़ोसी है और यहां की सुरक्षा व स्थिरता से उसके सीधे हित जुड़े हैं। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय है।विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल के हमलों में कुछ भारतीयों की मौत और लापता होने की खबरें भी आई हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार समुदाय के संपर्क में हैं और समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं।सरकार ने साफ किया कि भारत की व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला इसी क्षेत्र से गुजरती है। किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। भारत ने समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों का भी विरोध किया है।विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थक है। संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील की गई है। इस बीच कांग्रेस और विपक्षी दलों ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं, लेकिन कई विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सतर्क और संतुलित रुख अपनाया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

Iran Warning: अमेरिका-इस्राइल का साथ दिया तो माना जाएगा युद्ध की कार्रवाई, ईरान ने यूरोप को दी कड़ी चेतावनी

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि अगर यूरोप ने अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में किसी भी रूप में भाग लिया, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘डिफेंसिव एक्शन’ के नाम पर भी अगर कोई देश अमेरिका-इस्राइल अभियान में शामिल होता है, तो उसे आक्रामकता माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।यह प्रतिक्रिया जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को खत्म करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं। ईरान ने इसे सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की तैयारी बताया है।जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वे सीधे युद्ध में शामिल नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।ब्रिटेन ने अमेरिकी बलों को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। वहीं फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा है कि यदि सहयोगी देश मदद मांगते हैं, तो फ्रांस उनकी रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।फ्रांस ने बताया कि प्रभावित देशों में लगभग चार लाख फ्रांसीसी नागरिक मौजूद हैं। हालात बिगड़ने पर उन्हें वाणिज्यिक और सैन्य उड़ानों के जरिए निकाला …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: PM मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से की बात, दुबई से लौटे 23 भारतीय

05:11 PM, 03-Mar-2026 पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से की बात खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों में हालिया हमलों पर चिंता जताई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने करीबी संबंधों को दोहराते हुए सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों में हालिया हमलों पर चिंता जताई और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने करीबी संबंधों को दोहराते हुए सहयोग और समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। 04:42 PM, 03-Mar-2026 दुबई से सकुशल लौटे महाराष्ट्र के 23 पर्यटक मध्य पूर्व में तनाव के बीच दुबई गए महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले के 23 पर्यटक सकुशल भारत लौट आए हैं। खाड़ी क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें रद्द होने से उनकी वापसी टल गई थी। पर्यटकों ने बताया कि उनके होटल के प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

'हर तरफ मिसाइलें, सहम गए थे बच्चे': हमलों के बीच कैसे बीते खौफनाक दिन; मस्कट से लौटे भारतीयों ने सुनाई दास्तां

खबरों के अनुसार, इस्राइल-अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने उन देशों पर मिसाइल हमले किए जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ईरान ने दुबई, बहरीन और कुवैत समेत कई देशों को निशाना बनाया, जिसके बाद वहां आम लोगों की जान मुश्किल में पड़ गई।मस्कट से दिल्ली पहुंची एक यात्री अनीशा अग्रवाल ने बताया कि मिसाइलों को हवा में ही रोका जा रहा था, जिससे हम डर गए और हमने वापस लौटने का फैसला किया। सरकार ने स्थिति को बहुत अच्छे से संभाला। हमारे साथ बच्चे थे, इसलिए हम बहुत चिंतित थे। मिसाइलों की आवाज से बच्चे सहम गए थे। वहां के हालात देखकर हम घबरा गए थे। मिसाइलों को रोकने से होने वाली तेज आवाजों से बच्चे परेशान हो रहे थे।मस्कट से लौटे एक अन्य यात्री ने कहा कि हम वहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे, इसलिए वापस आ गए। मिसाइल रोकने वाली प्रणाली बहुत अच्छे से काम कर रही थी। मुझे डर नहीं था, लेकिन बच्चों के कारण हमने भारत लौटना ही बेहतर समझा। अब यहां आकर सब ठीक लग रहा है।एक यात्री आदिल ने बताया कि वहां अनिश्चितता का माहौल था। कई उड़ानें रद्द हो रही थीं, जिससे हमें अपनी फ्लाइट छूटने का डर था। हमने मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। भारत लौटकर मैं बहुत राहत और खुशी महसूस कर रहा हूं। अब हवाई सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं और मेरी वापसी की यात्रा आसान रही।ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कुछ दिनों के लिए हवाई अड्डों का संचालन बंद कर दिया गया था। इस वजह से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हजारों भारतीय फंस गए थे और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब दुबई और अबू धाबी से कई उड़ानों का संचालन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Tension: खाड़ी संकट की आंच भारत तक, लंदन से मुंबई का किराया नौ लाख रुपये हुआ, जानिए सबकुछ

इस्राइल- अमेरिका की सैन्य कार्रवाई भले ईरान में हो रही हो, लेकिन उसका असर भारत के आम यात्रियों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बाधा और अस्थायी एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार को स्थिति इतनी भयंकर रही कि लंदन से मुंबई आने का किराया कुछ यूरोपीय एयरलाइंस में प्रति यात्री 9 लाख रुपये तक पहुंच गया। इकॉनमी क्लास का टिकट जहां सामान्यतः 20 से 50 हजार रुपये के बीच होता है। वहीं वह 2.9 लाख रुपये तक बिकता दिखा। बिजनेस क्लास का किराया 1.2 से 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 9 लाख रुपये तक पहुंच गया। क्यों बढ़े किराये इतने ज्यादा? एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि मुख्य कारण रूट का लंबा हो जाना है। खाड़ी क्षेत्र से बचते हुए उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे: उड़ान समय बढ़ रहा है। ईंधन लागत में इजाफा हो रहा है। क्रू ड्यूटी टाइम और ऑपरेशनल खर्च बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में उड़ाने हो रही रद्द लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। सोमवार को करीब 700 उड़ानें रद्द हुईं। मंगलवार को भी बंगलूरू, मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट्स से लगभग 230 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। कोलकाता से भी प्रतिदिन करीब 20 उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। जब बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होती हैं, तो सीटों की उपलब्धता घट जाती है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई के बीच भारी अंतर पैदा हो जाता है। सीमित सीटों पर ज्यादा यात्रियों की मांग किरायों को असामान्य स्तर तक धकेल देती है। यात्रियों को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त उड़ानें हो रही संचालित भारतीय कंपनियां जैसे एअर इंडिया और इंडिगो भी बढ़े हुए किराय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया का घमासान: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से अमेरिका के खजाने और हथियारों के भंडार पर कितना असर? जानिए सबकुछ

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव अब एक खुले सैन्य युद्ध में बदल गया है। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए साझा हवाई हमलों के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है। इस वैश्विक घटनाक्रम के बीच यह समझना बेहद जरूरी है कि इस युद्ध का अमेरिका के रक्षा बजट, अर्थव्यवस्था और सैन्य स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ क्या है और इसके तात्कालिक परिणाम क्या रहे? आइए इसे आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं। 28 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका ईरान के भीतर एक प्रमुख युद्ध अभियान चला रहा है, इसका उद्देश्य ईरान के मिसाइल उद्योग को नष्ट करना है। पेंटागन ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। अमेरिकी गोला-बारूद भंडार पर अपडेट देते हुए दो टूक कहा कि युद्ध हमेशा चलते रह सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर है और इन हथियारों की उपलब्धता लगभग असीमित है। अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और 11 ईरानी जहाजों को नष्ट किया है। इस हमले के पहले चरण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके तेहरान स्थित परिसर में मौत हो गई। ईरानी रेड क्रीसेंट के आंकड़ों के अनुसार, 130 स्थानों पर अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मौजूदा भंडार के दम पर युद्ध लंबे समय तक और प्रभावी ढंग से लड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये हथियार अन्य देशों के सबसे उन्नत हथियारों से भी बेहतर हैं। उन्होंने साफ कहा कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

‘छात्राें का दर्द महसूस करता हूं, खुद वहीं से आया हूं’, विनीत कुमार ने ‘हैलो बच्चों’ को बताया खास प्रोजेक्ट

इस किरदार की तैयारी कैसी रही? इस किरदार की तैयारी गहरी रिसर्च और लगातार ऑब्जर्वेशन मांगती थी, क्योंकि यह अलख पांडे से प्रेरित है, जिन्हें लाखों बच्चे फॉलो करते हैं। कोशिश यही थी कि मेरी तरफ से कोई कसर न रह जाए। असली फीडबैक दर्शक ही देंगे जब शो देखेंगे। मेरे लिए एक व्यक्तिगत फायदा यह था कि बचपन से ही मेरे घर में टीचिंग का माहौल रहा है। मेरे पिता गणितज्ञ हैं इसलिए शिक्षकों के धैर्य, समर्पण और स्टूडेंट्स की जर्नी को मैं बहुत करीब से समझता हूं। बचपन की कोई ऐसी घटना जो आज भी दिल में बसी हो? मेरे घर में शिक्षा और मदद का माहौल हमेशा रहा है। एक बार पापा मंदिर गए तो उन्हें एक लड़का मिला जो फीस न दे पाने की वजह से कॉलेज नहीं जा पा रहा था। पापा उसे घर लाए और हम सबको साफ निर्देश दिया कि उसकी हर जरूरत का ध्यान रखना है। पापा ने उसे हमें पढ़ाने के लिए लगा दिया और इस तरह वो खुद भी पढ़ता था और पैसे भी कमाता था। आगे जाकर उसी एक घंटे की क्लास ने उसकी पूरी हायर एजुकेशन का खर्च संभाल लिया। जिस दिन उसे अच्छी नौकरी मिली उसने पापा के पैर छूकर धन्यवाद कहा। यह घटना मेरे लिए जीवन भर की सीख रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk