IRIS Lavan: संकट में फंसे ईरान ने क्यों जताया भारत का आभार? US की बमबारी के बीच युद्धपोत की सुरक्षा पर की बात

इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रायसीना डायलॉग-2026 में कहा कि यह फैसला पूरी तरह मानवीय आधार पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि जहाज और उसका चालक दल अचानक बदली भू-राजनीतिक परिस्थितियों में फंस गए थे। भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आईआरआईएस लावन ने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लिया था और 15-25 फरवरी के बीच हुए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन- 2026 के तहत ईरानी नौसेना की तैनाती के हिस्से के रूप में इस क्षेत्र में मौजूद था।सूत्रों ने बताया कि श्रीलंका के दक्षिण में आईआरआईएस देना की घटना से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से इस जहाज को तत्काल ठहराने का अनुरोध किया था। 28 फरवरी को भारत को यह अनुरोध मिला था, जिसमें बताया गया था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है और उसे कोच्चि में खड़ा करना जरूरी है। भारत ने एक मार्च को इस अनुरोध को स्वीकार किया और इसके बाद 4 मार्च को आईआरआईएस लावन कोच्चि बंदरगाह पहुंच गया। फिलहाल जहाज के चालक दल के सदस्य कोच्चि में नौसैनिक सुविधाओं में रह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जहाज पर कुल 183 सदस्य हैं, जिन्हें भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 1 min · National Desk

Bihar CM: जदयू भी भाजपा के साथ करेगी खेला? JDU प्रदेश अध्यक्ष बोले- सीएम नीतीश कुमार को जनादेश मिला है

‘25 से 30 फिर से नीतीश’- नारे के बाद बिहार चुनाव में जीत के तीन महीने के दरम्यान जिस तरह से नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा, उससे चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके साथ खेला कर दिया। अब भाजपा के साथ भी खेला होने के आसार सामने आए हैं। पहली बार जनता दल यूनाईटेड के किसी जिम्मेदार पदाधिकारी ने खुलकर कहा है कि अभी मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली नहीं हुई है तो नए सीएम के नाम की चर्चा का सवाल ही बेकार है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने शनिवार को नए सीएम के चेहरे पर चल रही चर्चाओं का जवाब देते हुए सवाल किया- “जब हमारे नेता ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ही नहीं दिया तो यह सवाल ही बेकार और बेमतलब का है।” और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 1 min · National Desk

Google CEO Salary: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी में छप्परफाड़ इजाफा; मिलेंगे ₹6361 करोड़, समझिए क्या गणित

क्या इस पैकेज में बिजनेस से जुड़ा कोई नया इसेंटिव भी जोड़ा गया है? हां, इस डील की एक बड़ी खासियत इसके नए इंसेंटिव्स हैं। गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्ट-अप ‘विंग’ की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर (लगभग 3217 करोड़ रुपये) तक के स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े हैं। इसमें वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर (लगभग 1195 करोड़ रुपये) और विंग एविएशन के लिए 4.5 करोड़ डॉलर (लगभग 413 करोड़ रुपये) की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो तीन साल बाद उनके ‘फेयर वैल्यू’ के आधार पर तय होंगे और शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं। पिचाई को इतना भारी-भरकम पैकेज क्यों दिया जा रहा है? उनकी उपलब्धियां क्या हैं? भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में कंपनी में शामिल होने के बाद क्रोम ब्राउज़र विकसित करने और एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अल्फाबेट के बोर्ड का मानना है कि पिचाई की अगुवाई में वेमो और विंग ऑटोनॉमस ड्राइविंग व डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति कर रहे हैं। इसके अलावा, अगस्त 2015 में जब पिचाई ने सीईओ का पद संभाला था, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में सात गुना बढ़कर लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया (जनवरी में यह 4 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर गया था)। हालांकि शुरुआत में चैटजीपीटी के लॉन्च के समय उन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में धीमी गति का आरोप लगा था, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी करते हुए गूगल के सर्च इंजन में कटिंग-एज एआई मॉडल्स सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किए। साथ ही, उन्होंने कंपनी को बड़े एंटीट्रस्ट (एकाधिकार) मुकदमों के सबसे बुरे परिणामों से भी बचाकर बाहर निकालने में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

चीन की औद्योगिक ताकत से कैसे मुकाबला करेगा भारत?: राहुल बोले- पड़ोसी देश की प्रणाली बेजोड़, लेकिन अलोकतांत्रिक

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं राहुल गांधी टेक्नोपार्क में आईटी क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद कर रहे थे। इस दौरान सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, चीन ने औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। जबकि अमेरिका, भारत और दुनिया के कई देश केवल खपत (कंजम्प्शन) ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा, असली रोजगार औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में होता है, न केवल खपत में। कांग्रेस नेता ने कहा, निराश करने वाली बात यह है कि भारत ने चीन को औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा करने दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, चीन ने एक शानदार औद्योगिक प्रणाली खड़ी की है, जिसका मुकाबला दुनिया में कोई नहीं कर सकता। भारत को चीन की दबाव वाली व्यवस्था पसंद नहीं है। वहां (चीन) लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने आगे कहा, अगर भारत अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए मजबूत औद्योगिक उत्पादन प्रणाली खड़ी कर लेता है, तो यह भारत और दुनिया के लिए बहुत बड़ी सेवा होगी। ये भी पढ़ें: राहुल गांधी ने एक और चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल सैन्य ताकत तेजी से इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी की तकनीक ओर बढ़ रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध व पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष में भी यह देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, इस तकनीक पर अभी चीन का दबदबा है, न कि भारत, अमेरिका या यूरोप का और यह एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा, भारत अकेला ऐसा देश है, जो ईंधन से चलने वाले इंजन से बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर की दिशा में बड़े पैमाने पर बदलाव कर सकता है। इस बदलाव को करने के लिए भारत के पास जरूरी पैमाना है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

सीएम ममता बनर्जी की हुंकार: धरने के दूसरे दिन कहा- दिल्ली की सरकार दया पर टिकी, ज्यादा दबाव डाला तो गिरा दूंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने धरना कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ज्यादा दबाव बनाया गया तो वह दिल्ली की सरकार भी गिरा सकती हैं। उन्होंने कहा, मैं जानती हूं चंद्रबाबू नायडू की दया पर तुम्हारी सरकार बनी हुई है। कोलकाता में जारी धरना मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि बंगाल की जनता को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “वोट काटकर बंगाल को बांटने की कोशिश पहले भी की गई, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। बंगाल लड़ना जानता है और यहां के लोग लोकतंत्र की रक्षा करना भी जानते हैं।ममता बनर्जी ने केंद्र की गठबंधन राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली की मौजूदा सरकार सहयोगी दलों के सहारे टिकी हुई है। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू का नाम लेते हुअ कहा, कुछ लोग दूसरों की दया पर टिके हुए हैं, और यदि स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो वह दिल्ली की सत्ता को भी चुनौती देने से पीछे नहीं हटेंगी।मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के मुद्दे को लेकर भी संकेतात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह सब कुछ जानती हैं कि राज्यपाल को क्यों हटाया गया, लेकिन फिलहाल इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगी। इतना जरूर कहा कि राज्यपाल को धमकी दी गई थी।धरना मंच से मुख्यमंत्री ने महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि आगामी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वे काली साड़ी पहनकर और बर्तनों के साथ सड़कों पर उतरें तथा गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं।ममता बनर्जी ने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है और केंद्र सरकार इस पर कोई ठोस कदम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Amit Shah: सरकार-संगठन की समीक्षा के साथ भाजपा का चुनावी शंखनाद, जनसभा के लिए हरिद्वार चुनने के ये तीन कारण

हरिद्वार से शंखनाद के ये तीन अहम कारण 2022 की कसक : पिछले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की 11 सीटों में से भाजपा मात्र तीन सीटें (हरिद्वार, भेल रानीपुर, रुड़की) ही भाजपा के खाते में आई थीं। बाकी सीटें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय के खाते में गई थीं। शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरके इस गढ़ को वापस पाने की कवायद है। हिंदुत्व का केंद्र : हरिद्वार से निकलने वाला संदेश पूरे राज्य और देश की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करता है। मैदानी समीकरण : उत्तराखंड की सत्ता की राह हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों से होकर गुजरती है। इन जिलों में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को लगातार अच्छी सीटें मिलती रही हैं। लिहाजा, यहां पकड़ मजबूत करना भाजपा की प्राथमिकता है। ये भी पढे़ं…LPG Price Hike: देहरादून में 68 रुपये बढ़े घरेलू सिलिंडर के दाम, कमर्शियल की कीमतों में करीब 150 की बढ़ोतरी जनसभा के बाद बनेगी मिशन 2027 की रणनीति गृह मंत्री शाह की जनसभा के बाद एक निजी होटल में भाजपा की टोली बैठक होगी। पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि टोली बैठक में कोर ग्रुप के 14 सदस्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, महामंत्री संगठन अजय कुमार, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पांच लोकसभा, दो राज्यसभा सांसद, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत के अलावा नौ अन्य प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार, तरुण बंसल, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा शामिल होंगे। माना जा रहा है कि शाह तीसरी लगातार जीत को पुख्ता करने के सूत्र बताएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Diplomacy: 'भारत वो देश, जो किसी भी पक्ष से बात कर सकता है', वैश्विक तनाव के बीच बोले फिनलैंड के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति स्टब ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। मुंबई में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने इस मुलाकात का जिक्र किया। स्टब ने कहा, भारत के प्रधानमंत्री के साथ तीन घंटे बिताना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात थी। हमने विश्व भर के संघर्षों, चीन, अमेरिका, रूस और यूरोप के साथ संबंधों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी व्यापक और सार्थक बातचीत की। स्टब ने कहा कि आधुनिक संघर्ष स्थानीय युद्धों से आगे बढ़कर क्षेत्रीय संकट बन गए हैं। उन्होंने कहा स्थिति नाजुक है। स्टब ने क्षेत्र में तनाव कम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही देश झगड़ों से दूर रहने की कोशिश करें, लेकिन कोई भी इसके ग्लोबल असर से बचा नहीं जा सकता, क्योंकि इससे तेल की कीमतें, व्यापार और समुद्री मार्ग हमेशा प्रभावित होते हैं।फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत की संतुलित विदेश नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत को वैश्विक संघर्षों में कई पक्षों से संबंध बनाए रखने में मदद करती है। स्टब के अनुसार, भारत उन दुर्लभ देशों में से है जो लगभग सभी से बात कर सकता है। इसकी विदेश नीति व्यावहारिक और यथार्थवादी है। भारत के गहरे गठबंधन नहीं हैं, जो इसे काफी खुला बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत के रूस, यूक्रेन और अमेरिका के साथ संबंध उसे कूटनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में रखते हैं।यूक्रेन में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए स्टब ने कहा कि रूस का आक्रमण रणनीतिक रूप से विफल रहा है। रूस यूक्रेन को रूसी बनाना चाहता था, लेकिन यूक्रेन यूरोपीय बन गया। वह नाटो के विस्तार को रोकना चाहता था, पर फिनलैंड और स्वीडन इसमें शामिल हो गए। रूस यूरोप का सैन्यीकरण कम करना चाहता था, लेक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar CM: बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में मिलने लगी बधाइयां; अभी नीतीश कुमार सीएम, कतार में और कितने नाम?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से राज्यसभा जाने का एलान किया है तब से एक सवाल सबसे अधिक पूछा जा रहा है? वह बिहार के मुख्यमंत्री से जुड़ा। लोग कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री? इस सवाल पर खूब चर्चा कर रहे हैं। हर गली, नुक्कड़, चौक-चौराहे, गांव से लेकर शहर तक यह सवाल चर्चा में है। लोग अपने अपने हिसाब से कुछ चेहरे को मुख्यमंत्री बता रहे हैं। कुछ जाति के चश्मे से तो कुछ सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम अमित शाह, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, भाजपा विधायक संजीव चौरसिया समेत कुछ अन्य दिग्गजों की तस्वीर साझा करते हुए लोग उन्हें मुख्यमंत्री बनने की अग्रिम बधाई दे रहे। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में कुछ ऐसे चेहरों सामने आए हैं, जो खूब सूर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं… सियासी गलियारे से लेकर गांव के मचान तक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। कुछ जगह तो यह चर्चा हो रही है कि सम्राट चौधरी को गृह मंत्री अमित शाह खूब पसंद करते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर की एक रैली में अमित शाह ने जनता से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था। भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है। इधर, सम्राट चौधरी रविवार को गृ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

'ईरान पर नहीं रूकेंगे हमले': अमेरिका ने अब तक 3000 ठिकानों पर बरपाया कहर, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' तेज; Video जारी

U.S. forces have struck over 3,000 targets in the first week of Operation Epic Fury, and we are not slowing down. pic.twitter.com/Nqn30feTQA — U.S. Central Command (@CENTCOM) March 7, 2026 इस सैन्य वृद्धि के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की। उन्होंने कहा कि ईरान के आत्मसमर्पण के बिना कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने जोर दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर इस्राइल, ईरान के नेतृत्व बदलने के बाद ही किसी समझौते पर विचार करेंगे। उन्होंने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ का नारा भी दिया। ट्रंप ने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद वे ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेंगे। ये घटनाक्रम 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद आए हैं। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइली संपत्तियों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए। इस्राइल ने भी तेहरान और लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखे हैं।खामेनेई की मौत के बाद, ट्रंप ने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की इच्छा जताई। उन्होंने वेनेजुएला के राजनीतिक घटनाक्रम में अपनी भागीदारी से इसकी तुलना की। ट्रंप ने दिवंगत सर्वोच्च नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई के संभावित उत्तराधिकार की आलोचना की। उन्होंने मोजतबा को कमजोर और अस्वीकार्य बताया। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान में सद्भाव और शांति लाने वाले नेता को पसंद करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि खामेनेई की नीतियों को जारी रखने से अमेरिका के साथ फिर से संघर्ष हो सकता है।रिपोर्टों में कहा गया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar: जदयू में शामिल होने से पहले एक्टिव हुए निशांत कुमार, MLA संग कर रहे बैठक; नीतीश कुमार आज कहां जाएंगे?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद आज अहले सुबह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने शनिवार की सुबह संजय झा के आवास पर श्रवण कुमार, विजय चौधरी समेत 29 विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चाएं हुईं। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहां वह विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर जदयू के कार्यकर्ता काफी भड़के हुए थे। गुस्सा इतना था कि सीएम हाउस जा रहे संजय गांधी को भी कार्यकर्ताओं ने वहां से खदेड़ दिया था। इतना ही नहीं जदयू के प्रदेश कार्यालय में भी हंगामा होता रहा। मजबूरन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास में विधायकों और एमएलसी की बैठक करनी पड़ी, जिसमें उन्होंने काफी दवाब देते हुए अपने नेताओं को माहौल शांत करने की अपील की। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भावुक भी हो गए थे।जदयू कार्यालय में पुरुष कार्यकर्ता के साथ-साथ महिला कार्यकर्ता भी नीतीश कुमार के इस निर्णय से आक्रोशित हैं। महिला कार्यकर्ताओं ने इस बात का ठीकरा अपने ही वरीय नेताओं संजय गांधी, संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी पर फोड़ा। महिला कार्यकर्ता ने कहा कि यही लोग जयचंद हैं, जिन्होंने भाजपा के इशारे पर यह खेल किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये भूंजा पार्टी करने वाले ही असली साजिशकर्ता हैं। इसको सभी बातों की जानकारी थी, लेकिन इनलोगों ने अपना फायदा देखते हुए पार्टी को रसातल में भेजने का काम किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर राज्यसभा गए तो सभी मह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk