क्रिकेट मैच के दौरान भारत के समर्थन पर हिंसा: राजस्थान में जश्न के दौरान विवाद, पथराव-गोलीबारी में युवती गंभीर

खैरथल-तिजारा जिले में भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान जश्न मनाने को लेकर हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र के बाधोड़ा घुमकड़ गांव की बताई जा रही है, जहां फायरिंग के दौरान एक युवती गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों के अनुसार रविवार रात करीब साढ़े दस बजे परिवार के लोग घर की छत पर बैठकर क्रिकेट मैच देख रहे थे। इसी दौरान भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह द्वारा एक ओवर में लगातार दो विकेट लेने पर घर के लोगों ने खुशी में ताली बजाकर जश्न मनाया। आरोप है कि पास में मौजूद कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे विवाद बढ़ गया।बताया जा रहा है कि देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ देर बाद करीब 15 से 20 लोग इकट्ठे होकर पीड़ित परिवार के घर के बाहर पहुंच गए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान पथराव भी किया गया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति छत पर चढ़ गया और वहां से फायरिंग कर दी। गोली घर में मौजूद 30 वर्षीय भजनो बाई के सिर को छूते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत किशनगढ़ बास अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने युवती के सिर पर नौ टांके लगाए हैं।घटना में युवती के मामा रिकु के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

आइरिस लावन को भारत में पनाह दिए जाने पर क्या बोली सरकार?: संसद में जयशंकर ने बताया- ईरानी समकक्ष मदद के आभारी

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक मानवीय कदम उठाते हुए ईरान के जहाज आईरिस लावन को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि इस फैसले के लिए ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन भारत ने स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर यह फैसला लिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 1 min · National Desk

Nishikant Dubey: भाजपा सांसद ने राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा' बताया, चीन के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने चीन के मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चल रही है, जबकि वह इस विषय पर सदन में बोलना चाहते थे। दुबे ने विपक्ष और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और “लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा” जैसा नेता उन्होंने लोकतंत्र में पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि नासमझी को घमंड में बदलकर विपक्ष लगातार बयानबाजी कर रहा है। 1962 के युद्ध का जिक्र उन्होंने कहा कि सवाल चीन का है और पूरी दुनिया जानती है कि चीन पहले भारत का पड़ोसी नहीं था। उस समय नेपाल, भूटान और तिब्बत तीन बफर स्टेट थे। 1950 में तिब्बत पर चीन का नियंत्रण स्थापित होने के बाद चीन भारत का पड़ोसी बना। दुबे ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में चीन ने लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, जिसमें अक्साई चिन शामिल है, पर कब्जा कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भी कई सवाल अनुत्तरित रहे। #WATCH | Delhi: On his tweet, BJP MP Nishikant Dubey says, “The Parliament is not functioning. I wanted to speak on this subject in the Parliament. Such an impotent opposition and the Leader of Propaganda, who is ignorant and by turning ignorance into arrogance, the kind of… pic.twitter.com/CredyHeaI9 — ANI (@ANI) March 9, 2026 इंदिरा गांधी पर भी तीखी टिप्पणी उन्होंने आरोप लगाया कि 1969 में तत्कालीन सरकार के गृहमंत्री विद्याचरण शुक्ला ने संसद में कहा था कि चीन ने 1962 के बाद किस तरह अपने जासूसों को दूतावास के जरिए सक्रिय किया और भारत में आर्थिक तथा वैचारिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की। निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर भी तीख …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal: सीएम का BJP पर धरना स्थल पर पर्चे बांटने का आरोप, TMC कार्यकर्ताओं से कहा- पकड़कर पुलिस के हवाले करो

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और ‘उसकी एजेंसियां’ कोलकाता में उनके धरनास्थल पर पर्चे बांट रही थी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दें। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

March 9, 2026 · 1 min · National Desk

'आधी रात में याचिका लिखी थी क्या?': PIL में वकील ने ऐसा क्या कहा, जिससे नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट; लगा दी फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक वकील की तरफ से दायर किए गए पांच याचिकाओं को ‘असंगत और बेवजह’ बताते हुए पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) खारिज कर दिए। इनमें से एक याचिका में मांग की गई थी कि यह जांच की जाए कि प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ यानी नकारात्मक ऊर्जा होती है या नहीं। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वकील सचिन गुप्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या आप आधी रात को ये सारी याचिकाएं तैयार करते हो? सीजेआई ने इन याचिकाओं को अस्पष्ट, असंगत और बिना आधार वाली बताया। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे। उन्होंने वकील को कई पीआईएल दायर करने पर फटकार लगाई। बता दें कि प्याज और लहसुन वाली याचिका में यह भी कहा गया था कि जैन धर्म के लोग इसे ‘तामसिक’ भोजन मानते हैं और इन्हें नहीं खाते। इसपर सीजेआई ने पूछा कि आप जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं? वकील ने क्या दलील दी? सीजेआई की सख्त चेतावनी सीजेआई के फटकार के बाद वकील ने जवाब दिया कि यह आम समस्या है और गुजरात में किसी ने खाने में प्याज इस्तेमाल करने पर तलाक भी लिया। इस पर सीजेआई ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर अगली बार आप ऐसी बेवजह याचिका लाएंगे, तो आप देखेंगे कि हम क्या करेंगे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गुप्ता की तरफ से दायर चार अन्य पीआईएल भी खारिज कर दीं। इनमें से एक में शराब और तंबाकू उत्पादों में हानिकारक सामग्री को नियंत्रित करने की मांग थी, दूसरी में संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने की बात थी, और तीसरी में शास्त्रीय भाषाओं के घोषणा के लिए दिशा-निर्देश मांगने की याचिका थी। पीठ ने कहा कि इन याचिकाओं में मांगे अस्पष्ट थीं और इनके लिए कोई कानूनी आधार नहीं था। स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

करूर भगदड़ मामला: अभिनेता विजय से सीबीआई फिर करेगी पूछताछ, समन देकर कहा- मंगलवार को पेश हों

करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए मंगलवार को फिर से तलब किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच इससे पहले अभिनेता से 12 और 19 जनवरी को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है। जांच के दौरान सीबीआई को कुछ नए तथ्यों और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए विजय को दोबारा बुलाया गया है।इसी के मद्देनजर उन्हें एक नया नोटिस जारी किया गया है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई उस दुखद भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह मामला मूल रूप से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा संभाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली। सीबीआई इस मामले से संबंधित सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके। न्यायिक निगरानी और निष्पक्ष जांच पर जोर पिछले साल अक्तूबर में, शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति का गठन भी किया गया था, जिसका उद्देश्य सीबीआई की जांच की निगरानी करना है। जनता के विश्वास को बहाल करने का प्रयास सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे के महेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया था कि करूर भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

Nishikant Dubey: भाजपा सांसद ने राहुल गांधी को कहा 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा', चीन के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर घेरा

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने चीन के मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद नहीं चल रही है, जबकि वह इस विषय पर सदन में बोलना चाहते थे। दुबे ने विपक्ष और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इतना कमजोर विपक्ष और “लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा” जैसा नेता उन्होंने लोकतंत्र में पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि नासमझी को घमंड में बदलकर विपक्ष लगातार बयानबाजी कर रहा है। 1962 के युद्ध का जिक्र उन्होंने कहा कि सवाल चीन का है और पूरी दुनिया जानती है कि चीन पहले भारत का पड़ोसी नहीं था। उस समय नेपाल, भूटान और तिब्बत तीन बफर स्टेट थे। 1950 में तिब्बत पर चीन का नियंत्रण स्थापित होने के बाद चीन भारत का पड़ोसी बना। दुबे ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध में चीन ने लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, जिसमें अक्साई चिन शामिल है, पर कब्जा कर लिया। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भी कई सवाल अनुत्तरित रहे। #WATCH | Delhi: On his tweet, BJP MP Nishikant Dubey says, “The Parliament is not functioning. I wanted to speak on this subject in the Parliament. Such an impotent opposition and the Leader of Propaganda, who is ignorant and by turning ignorance into arrogance, the kind of… pic.twitter.com/CredyHeaI9 — ANI (@ANI) March 9, 2026 उन्होंने आरोप लगाया कि 1969 में तत्कालीन सरकार के गृहमंत्री विद्याचरण शुक्ला ने संसद में कहा था कि चीन ने 1962 के बाद किस तरह अपने जासूसों को दूतावास के जरिए सक्रिय किया और भारत में आर्थिक तथा वैचारिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की। निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर भी तीखी टिप्पणी की। बाद में राहुल गां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

JP Nadda: ‘वहीं बैठे रहोगे और घटते जाओगे’, जयशंकर के बयान के दौरान हंगामा; नड्डा बोले- विपक्ष फैला रहा अराजकता

राज्यसभा में सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्री एस जयशंकर बयान देने के लिए खड़े हुए। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने शोर-शराबा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल संसद में अराजकता और हंगामा पैदा करना है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शोक-संदर्भ और सूचीबद्ध दस्तावेज पेश होने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर को बयान देने के लिए आमंत्रित किया। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बोलने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने पर खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष भारत की आर्थिक स्थिरता और वहां काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा व आजीविका को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर लघु अवधि की चर्चा कराने की मांग भी की।सभापति ने खरगे से कहा कि वे बाद में उन्हें बोलने का मौका देंगे और विदेश मंत्री को अपना बयान देने के लिए कहा। जैसे ही जयशंकर ने बोलना शुरू किया, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और खरगे को पूरा बोलने देने की मांग करने लगे। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।विदेश मंत्री का बयान समाप्त होने के बाद सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को देश के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे लगातार मंत्रियों के जवाब के दौरान सदन से वॉकआउट कर रहे हैं। नड्डा के मुताबिक विपक्ष का मकसद केवल हंगामा और अव्यवस्था फैल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

Rupee All-Time Low: पश्चिम एशिया तनाव का असर; डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, टूटकर 92.5 तक गिरा

भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25% से ज्यादा उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकता है।एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक, डॉलर-रुपया जोड़ी फिलहाल अपने नए ऑल-टाइम हाई के आसपास 92.30-92.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। तकनीकी चार्ट के आधार पर फिलहाल ट्रेंड अमेरिकी डॉलर के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहा है। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk

'युद्ध का कोई उद्देश्य साफ नहीं': पूर्व अमेरिकी NSA ने ईरान से जंग पर जताई चिंता, ट्रंप की रणनीति की आलोचना की

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद भी ये संघर्ष कम होने के बजाय और भयावह रूप लेता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के ईरान के साथ युद्ध को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ ही ट्रंप की ईरान के साथ युद्ध नीति की आलोचना भी की है। उन्होंने कहा है कि युद्ध एक स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य के बिना भटक सकता है, भले ही अमेरिकी सैन्य अभियान सामरिक स्तर पर सफल दिख रहे हों। सुलिवन ने सीएनएन के शो ‘फरेद जकारिया जीपीएस’ में कहा कि अमेरिकी सेना बहुत कुशल, साहसी और पेशेवर है, लेकिन युद्ध का अंतिम उद्देश्य अब भी साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है, और अब तक सात सैनिकों की जान जा चुकी है। उनका कहना है कि प्रशासन ने युद्ध के लिए कई अलग-अलग वजहें बताई हैं, लेकिन कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है, और यह समय के साथ बदलती रहती हैं। रणनीति की कमी और बड़े जोखिम की संभवना सुलिवन ने आगे कहा कि युद्ध के शुरुआती एक हफ्ते से भी ज्यादा समय बाद अस्पष्ट रणनीति एक गंभीर जोखिम है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला में पहले की कार्रवाई से गलत सबक लेने की भी आलोचना की। उनका कहना है कि इससे यह संदेश जा सकता है कि अमेरिका कहीं भी, किसी भी समय सैन्य बल का इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ ही सुलिवन ने चेतावनी दी कि इस युद्ध के अनपेक्षित भू-राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं, जिससे खासकर रूस को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रूस अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों की जानकारी हासिल कर ईरान को मदद दे सकता है। यूक्रेन और चीन पर असर इसके अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 9, 2026 · 2 min · National Desk