TOP News: 54 साल बाद फिर चांद की ओर नासा की उड़ान; उत्तर भारत में मौसम अस्थिर; आर्मेनिया को पुतिन की चेतावनी

54 साल बाद नासा ने चांद की ओर नई उड़ान भरी। आर्टेमिस-II मिशन के तहत एस्ट्रोनॉट 10 दिन तक चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे, जिससे अंतरिक्ष खोज का नया अध्याय शुरू होगा। वहीं उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है, बारिश-ओलावृष्टि और उमस से आम लोग बेहाल हैं। रूस ने आर्मेनिया को चेतावनी दी है कि वह एक साथ EU और रूस-नेतृत्व वाले आर्थिक ब्लॉक में नहीं रह सकता। महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना के 68 लाख खाते बंद किए गए, e-KYC न कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 1 min · National Desk

54 साल बाद फिर चांद की उड़ान: नासा का आर्टेमिस-II मिशन लॉन्च; 10 दिन तक चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे एस्ट्रोनॉट

करीब 54 साल बाद इंसान एक बार फिर चांद की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पहला मानव मिशन आर्टेमिस-II भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ। इस मिशन में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और जेरेमी हैनसेन सवार हैं, जिन्हें एसएलएस रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। यह 10 दिन की यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से करीब 4.06 लाख किलोमीटर दूर तक ले जाएगी, जो अब तक की सबसे लंबी मानव अंतरिक्ष यात्रा मानी जा रही है। आर्टेमिस-II मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब तक जाएंगे, लेकिन वहां उतरेंगे नहीं। यह एक परीक्षण मिशन है, जिसका उद्देश्य भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए जरूरी तकनीक और क्षमताओं को परखना है। पूरा मिशन करीब 10 दिनों में पूरा होगा और अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे। Liftoff. The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon. Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc — NASA (@NASA) April 1, 2026 नासा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों को इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने का न्योता दिया है। एजेंसी ने कहा कि यह मिशन इंसानों को चांद और आगे मंगल ग्रह तक बसाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।नासा का आर्टेमिस-II मिशन चांद की परिक्रमा से कहीं आगे की कहानी है। यह पहली बार डीप स्पेस में मानव शरीर की वास्तविक परीक्षा लेने जा रहा है। चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सुरक्षा सीमा से बाहर जाकर कॉस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict LIVE: पश्चिम एशिया तनाव पर भारत-अजरबैजान की अहम चर्चा, भारतीयों की निकासी पर जताया आभार

01:08 AM, 02-Apr-2026 भारत-अजरबैजान की अहम चर्चा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अजरबैजान के बीच कूटनीतिक स्तर पर अहम बातचीत हुई है। अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने भारत के राजदूत अभय कुमार से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की।बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर चिंता जताई। खासतौर पर ईरान में जारी हालात और उसके असर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय पक्ष ने ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में अजरबैजान द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।पिछले कुछ हफ्तों में कई भारतीय नागरिक ईरान से निकलकर जमीनी रास्ते से अजरबैजान पहुंचे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब क्षेत्र में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इस बैठक में भारत और अजरबैजान के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित संवाद से आपसी सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भी अहम बताया गया। भारतीय कंपनी ONGC विदेश की अजरबैजान के तेल क्षेत्रों और पाइपलाइन प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी को द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने की CCS की अहम बैठक, जरूरी चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। यह इस मुद्दे पर दूसरी विशेष बैठक थी। पीएम मोदी ने बैठक में जरूरी चीजों की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 2, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने की CCS की अहम बैठक, जरूरी चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। यह इस मुद्दे पर दूसरी विशेष बैठक थी। पीएम मोदी ने बैठक में जरूरी चीजों की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 1, 2026 · 1 min · National Desk

Aviation: इंडिगो ने फिर किराये में ईंधन सरचार्ज बढ़ाने का किया एलान, जानें यात्रियों की जेब पर क्या होगा असर

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का एलान किया है। यह कदम एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में हुई तेजी के कारण उठाया गया है। कंपनी ने इससे पहले 14 मार्च को फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

April 1, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: बहरीन में अमेजन के डाटा सेंटर पर बरसीं ईरानी मिसाइलें, बैंकिंग सिस्टम ठप

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बटेलको के मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया है। पहली नजर में यह हमला किसी टेलीकॉम कंपनी पर लग सकता है, लेकिन इसकी इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, इसी बिल्डिंग से दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी ‘अमेजन वेब सर्विसेज’ (एडब्ल्यूएस) का पूरा सिस्टम ऑपरेट हो रहा था। यह इतिहास में पहली बार है जब ईरान ने सीधे तौर पर किसी अमेरिकी टेक कंपनी के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, डाटा सेंटर को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद बहरीन और उसके आस-पास के देशों में अफरा-तफरी का माहौल है। अमेजन के सर्वर डाउन होने की वजह से कई बड़े कॉर्पोरेट नेटवर्क, स्थानीय बैंकिंग सिस्टम और एयरलाइन रिजर्वेशन सिस्टम अचानक ठप पड़ गए हैं।बहरीन के गृह मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि देश की ‘सिविल डिफेंस’ टीमें मौके पर आग बुझाने के काम में जुटी हुई हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों को देखते हुए सरकार ने अभी तक कंपनी के नाम, इसमें हुए नुकसान या किसी के हताहत होने का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है।हाल ही में ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ ने खुलेआम चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका और इस्राइल से जारी जंग के बीच अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएंगे। ईरान ने कहा था कि वह इस क्षेत्र में काम कर रही उन सभी कंपनियों को निशाना बना सकता है जिनके तार अमेरिका से जुड़े हैं। ईरान ने बाकायदा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एपल जैसी दिग्गज कंपनियों का नाम लेकर उन्हें आगाह किया था।पश्चिम एशिया संकट के बाद अमेजन एक्टिव मोड में आ गया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 1, 2026 · 2 min · National Desk

क्या ईरान से जीत नहीं पाया अमेरिका: 13 हजार एयरक्राफ्ट, 100x रक्षा बजट, फिर क्यों मैदान छोड़ रहे ट्रंप?

क्या ईरान से जीत नहीं पाया अमेरिका: 13 हजार एयरक्राफ्ट, 100x रक्षा बजट, फिर क्यों मैदान छोड़ रहे ट्रंप? यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर दुनिया के सबसे ताकतवर देश की शक्ति ईरान के मकाबले कितनी ज्यादा है? इस जबरदस्त ताकत के बावजूद अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने में अब तक नाकाम क्यों रहा है? ईरान अपनी किन खासियतों और रणनीतियों का फायदा उठाने में सफल रहा है? आइये जानते हैं… इस्राइल-अमेरिका की तरफ से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध को अब एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। इस युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इशारा किया कि अमेरिका जल्द ही ईरान युद्ध से बाहर निकल सकता है। उन्होंने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाए बिना ही युद्ध का अंत किया जा सकता है। ट्रंप के बयान के बाद अटकलें हैं कि अब ईरान में युद्ध का अंत जल्द हो सकता है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज न खुलवा पाना अमेरिका के लिए एक बड़ी नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है। पहले जानें- ईरान के मुकाबले कितना ताकतवर है अमेरिका? आंकड़ों के लिहाज से अमेरिका की सैन्य शक्ति ईरान की तुलना में कहीं अधिक और उन्नत है। दूसरी ओर ईरान अपनी भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति के कारण एक बेहद गंभीर चुनौती पेश करता रहा है, जो दोनों देशों की सैन्य ताकत में अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 1, 2026 · 2 min · National Desk

आरबीआई का बड़ा कदम: UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम

भारत में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 अप्रैल 2026 से लोकप्रिय यूपीआई (यूपीआई) प्लेटफॉर्म सहित सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य हो गया है। आरबीआई के इस कदम से अब केवल पिन डालकर पेमेंट करना संभव नहीं होगा, इससे ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी। क्या हैं नए नियम और इसका असर? आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, बैंक और गैर-बैंक संस्थाओं सहित सभी भुगतान प्रणाली सेवा का संचालन करने वाली कंपनियों और प्रतिभागियों को 1 अप्रैल, 2026 तक इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। केंद्रीय बैंक ने बैंक धोखाधड़ी को कम करने और जवाबदेही में सुधार के लिए यह व्यवस्था लागू की है। दोहरे सत्यापन की अनिवार्यता: आज से उपयोगकर्ताओं को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करके लेन-देन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बजाय, उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी), फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को वेरिफाई करना होगा। आज से उपयोगकर्ताओं को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करके लेन-देन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बजाय, उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी), फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को वेरिफाई करना होगा। पिन चोरी होने पर भी सुरक्षा: इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी को आपका पिन पता भी चल जाए, तो भी दोहरे सत्यापन के बिना अनधिकृत भुगतान सफल नहीं हो सकेंगे। इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी को आपका पिन पता भी चल जाए, तो भी दोहरे सत्यापन के बिना अनधिकृत भुगतान सफल नहीं हो सकेंगे। ओट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 1, 2026 · 2 min · National Desk

'यह हमारी जंग नहीं है': ईरान युद्ध के बीच ब्रिटेन ने भी छोड़ा ट्रंप का साथ! होर्मुज पर बुलाई 35 देशों की बैठक

दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में शामिल नहीं होगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है।उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नाटो सहयोगी देशों की तरफ से ब्रिटेन पर इस जंग में कूदने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वह देश की सेना को किसी ऐसे आक्रामक अभियान का हिस्सा नहीं बनने देंगे, जिससे ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचे।वहीं, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने एलान किया है कि जंग की मार झेल रहे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ब्रिटेन इसी हफ्ते करीब 35 देशों की एक ‘महाबैठक’ की मेजबानी करने जा रहा है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने बताया कि इस बेहद संवेदनशील बैठक की अध्यक्षता ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर करेंगी। हालांकि, उन्होंने बैठक के सटीक दिन का खुलासा अभी नहीं किया है।प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि इस चर्चा में हम उन सभी कूटनीतिक और राजनीतिक कदमों का आकलन करेंगे, जो हम होर्मुज की आजादी को बहाल करने के लिए उठा सकते हैं। हमारा मकसद वहां फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरी सामानों की आवाजाही को फिर से शुरू करना है। कीर स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक के बाद हम सैन्य योजनाकारों को भी एक साथ लाएंगे। उनका काम यह देखना होगा कि युद्ध खत्म होने के बाद हम अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल कैसे करें, जिससे इस समुद्री रास्ते को हमेशा के लिए सुरक्षित और सुलभ बनाया जा सके।इस महाबैठक में वे देश शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में एक साझा बयान पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 1, 2026 · 2 min · National Desk