Iran-UAE: भारत में भिड़ गए ईरान और यूएई के विदेश मंत्री, ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर हुआ भारी विवाद

दरअसल, गुरुवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक का पहला सत्र चल रहा था। इसी दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और यूएई के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार के बीच जमकर जुबानी जंग शुरू हो गई। मामला इतना ज्यादा बिगड़ गया कि बैठक में मौजूद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को बीच-बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा। लावरोव ने हस्तक्षेप करके दोनों मंत्रियों को शांत कराया। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब यूएई के मंत्री ने ईरान पर अपने पड़ोसी देशों पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया। इसके जवाब में ईरान के मंत्री ने भी यूएई को खरी-खोटी सुनाई और दोनों के बीच तनातनी बहुत अधिक बढ़ गई।इस बैठक में अपने संबोधन के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने खुद को पीड़ित बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका और इस्राइल के अवैध विस्तारवाद और युद्ध भड़काने वाली नीतियों का शिकार हुआ है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे अमेरिका और इस्राइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की कड़ी निंदा करें। इसके साथ ही, अरागची ने कहा कि दुनिया को पश्चिमी देशों के वर्चस्व के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स को एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद करनी चाहिए जहां सिर्फ ताकतवर की ही बात न मानी जाए। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में सीधे तौर पर यूएई का नाम नहीं लिया था।जब यूएई के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार के बोलने की बारी आई, तो उन्होंने सीधे तौर पर ईरान का नाम लिया। अल मरार ने ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह कई पड़ोसी देशों पर हमले कर रहा है। यूएई की इस बात पर ईरान के विदेश मंत्री तुरंत भड़क गए। उन्होंने जवाब देते हु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 15, 2026 · 2 min · National Desk

UP: एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह पर प्राथमिकी दर्ज, राजा भैया की पत्नी भानवी की अर्जी पर कोर्ट ने दिया था आदेश

धोखाधड़ी से कंपनी हड़पने के आरोप में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी की अर्जी पर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अलोक वर्मा ने सात मई को इंस्पेक्टर हजरतगंज को अक्षय के अलावा कुछ अन्य पर मामला दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। भानवी की ओर से अर्जी में कहा गया कि उन्होंने अक्षय प्रताप सिंह व अन्य के साथ मिलकर 10 फरवरी 2014 को एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया। फर्म में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया। फर्म के नाम पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की चल अचल संपत्ति बनाई गई। इन पर अक्षय प्रताप सिंह का कब्जा है।आरोप है कि अक्षय प्रताप और उनके सहयोगियों ने फर्म की संपत्तियों को हड़पने के लिए पंजीकरण के अभिलेखों में हेरफेर कर फर्जी अभिलेख बनवाए। इनमें भानवी के जाली हस्ताक्षर कर 15 नवंबर 2020 को कूटरचित कागज बनाए गए। फर्म के पंजीकरण का पता भी बदल कर अक्षय प्रताप सिंह के लखनऊ स्थित निजी आवास का करा लिया गया।अर्जी पर विशेष एसीजेएम कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल सिंह एवं रामदेव यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 15, 2026 · 2 min · National Desk

नीट परीक्षा रद्द होने पर एक्शन में सरकार: शिक्षा मंत्री के घर देर शाम तक चली बैठक, NTA के अफसर भी रहे मौजूद

गुरुवार देर शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर यह उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बड़ी बैठक का मुख्य मकसद नीट (यूजी) परीक्षा को नए सिरे से कराने की तैयारियों की गहन समीक्षा करना था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा को सही ढंग से आयोजित करने से जुड़े हर एक पहलू पर बहुत ही बारीकी और विस्तार से चर्चा की गई। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की कोई चूक न हो।केंद्रीय शिक्षा मंत्री के घर हुई इस खास बैठक में शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने मुख्य रूप से हिस्सा लिया। इनके अलावा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और सीबीएसई (CBSE) के चेयरपर्सन भी इस अहम चर्चा का हिस्सा बने।इस बैठक में केवल एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ही मौजूद नहीं थे, बल्कि स्कूलों के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के आयुक्तों (कमिश्नरों) ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नई परीक्षा की तैयारियों को लेकर इस चर्चा में भाग लिया।दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को हुई नीट परीक्षा को रद्द करने का एक बहुत बड़ा ऐलान किया था। यह कड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इस परीक्षा में कई तरह की बड़ी गड़बड़ियों और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों के बाद छात्रों का भरोसा जीतने और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अब यह परीक्षा नए सिरे से कराई जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 15, 2026 · 2 min · National Desk

कोलकाता के डीसीपी पर ED का शिकंजा: डिप्टी पुलिस कमिश्नर शांतनु सिन्हा गिरफ्तार; पूर्व सीएम ममता से थी करीबी

कोलकाता से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता के डिप्टी पुलिस कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को एक कथित वसूली रैकेट में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एक संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई, जिसमें कुख्यात अपराधी सोना पप्पू और व्यवसायी जय कामदार के नाम भी सामने आए हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और इसे संगठित अपराध और भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, डिप्टी पुलिस कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद वह ED के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। हालांकि, जांच के दौरान उन पर सहयोग न करने और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया गया। ईडी अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए गए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।यह पूरा मामला कथित रूप से एक बड़े वसूली रैकेट से जुड़ा हुआ है, जिसमें अपराधी सोना पप्पू और व्यवसायी जय कामदार के बीच आर्थिक लेन-देन और अवैध वसूली के नेटवर्क की जांच चल रही थी। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस नेटवर्क में कुछ प्रभावशाली लोगों की भी भूमिका हो सकती है, जिसके चलते मामले की जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए कथित रूप से अवैध धन की वसूली और उसे अलग-अलग माध्यमों से घुमाने की कोशिश की गई।ईडी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि गिरफ्तार अधिकारी से पूछताछ के दौरान असहयोग की स्थिति बनी रही। एजेंसी का दावा है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए। इसके ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

'नेता विपक्ष की भूमिका बस दिखावा': CEC की नियुक्ति पर सुप्रीम टिप्पणी, पूछा पैनल में स्वतंत्र सदस्य क्यों नहीं

देश में चुनाव आयोग के शीर्ष पदों मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के कानून पर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने कहा कि मौजूदा चयन प्रणाली में कार्यपालिका का प्रभाव इतना अधिक दिखाई देता है कि यह चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है। यह टिप्पणी उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे, 2023 के उस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसके तहत सीईसी और ईसीएस की नियुक्ति प्रक्रिया तय की गई है। सुनवाई अभी पूरी नहीं हुई है और मामले की अगली तारीख पर आगे विचार किया जाएगा।वर्तमान कानून के अनुसार चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं। इसी संरचना पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्वतंत्र सदस्य को शामिल क्यों नहीं किया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि इस व्यवस्था में निर्णय प्रक्रिया लगभग तय हो जाती है, क्योंकि दो सदस्य सरकार से जुड़े होते हैं और तीसरे सदस्य का प्रभाव सीमित रह जाता है।सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि चयन समिति में विपक्ष के नेता की भूमिका केवल प्रतीकात्मक बनकर रह जाती है। कोर्ट ने सवाल किया कि यदि अंतिम निर्णय 2:1 के अनुपात में पहले से ही तय है, तो इस समिति में संतुलन का दावा कितना वास्तविक है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या किसी कैबिनेट मंत्री से यह उम्मीद की जा सकती है कि वह प्रधानमंत्री के निर्णय के खिलाफ जाएगा।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि केवल स्वतंत्रता का दावा पर्याप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी से रूसी विदेश मंत्री की मुलाकात, आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर हुई अहम बातचीत

चर्चा के दौरान यूक्रेन और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर भारत का स्पष्ट और पुराना रुख एक बार फिर सामने रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या या संघर्ष का समाधान निकालने के लिए बातचीत और कूटनीति ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत पर जोर दिया।प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि लावरोव ने प्रधानमंत्री को दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में हुए 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद से द्विपक्षीय रिश्तों में कितनी प्रगति हुई है। उस समय प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात हुई थी।मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सर्गेई लावरोव से राष्ट्रपति पुतिन को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजने का आग्रह किया। इस बैठक ने भारत और रूस के बीच मजबूत होते रिश्तों और वैश्विक शांति के प्रति साझा चिंताओं को एक बार फिर सामने रखा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 1 min · National Desk

UP: दिल्ली में सीएम योगी की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात, राजनीतिक गलियारों से हलचल; इस बात की चर्चा

उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे चली इस बैठक में नए मंत्रियों को विभाग आवंटन और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक समीकरणों पर फोकस गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इस भेंट की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभागों के बंटवारे पर अंतिम फैसला हो गया है। 10 मई को हुए विस्तार में छह नए चेहरों को मंत्री बनाया गया था, जबकि दो राज्य मंत्रियों को कैबिनेट रैंक दी गई। चार दिन बाद भी विभाग न मिलने से अटकलें तेज थीं, जो अब शाह-योगी बैठक के बाद लगभग सुलझ गई हैं। इस बार विभागों का बंटवारा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मिशन-2027 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह चौधरी के माध्यम से पश्चिमी यूपी के जाट मतदाताओं को साधने, मनोज पांडेय (सपा छोड़कर आए) के जरिए ब्राह्मण समुदाय को जोड़ने और कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर व कैलाश राजपूत जैसे नए मंत्रियों के माध्यम से दलित तथा पिछड़े वर्गों में सरकार की पैठ बढ़ाने की रणनीति है। जानकारों का मानना है कि योगी और शाह ने नए मंत्रियों को ऐसे विभाग देने पर सहमति जताई है, जिनसे वे अपने समुदाय और क्षेत्र में भाजपा की छवि को और मजबूत कर सकें।राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बैठक 2027 के चुनावी समीकरणों को साधने की दिशा में अहम कदम है। विभागों की घोषणा जल्द होने की संभावना है, जिसके बाद योगी सरकार पूरे दम पर चुनावी तैयारियों में जुट जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

पीएम की अपील का असर: बाइक से विधान भवन पहुंचे सीएम फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मंत्रियों ने छोटा किया काफिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। इसी क्रम में कई मंत्रियों ने अपने काफिले के आकार को कम कर दिया है। वहीं, आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को विधान भवन मोटरसाइकिल से पहुंचे। यहां वह नए विधान परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद उठाए गए उपायों का हिस्सा है। मंत्रालय तक पैदल जाना चुना फडणवीस अपने आवास ‘वर्षा’ से मोटरसाइकिल पर दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन पहुंचे। उनके साथ भाजपा नेता और मंत्री आशीष शेलार भी थे। ईंधन बचाने के उद्देश्य से इसी तरह का एक कदम उठाते हुए राज्य मंत्री नितेश राणे ने मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने के लिए मंत्रालय (राज्य सचिवालय) तक पैदल जाना चुना। बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने कई मितव्ययिता उपायों की घोषणा की, जिनमें उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के काफिले में वाहनों की संख्या को आधा करना और मंत्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरों को रद्द करना शामिल है। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बाद राज्य के सूचना एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और अन्य मंत्रियों ने भी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर ईंधन संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के जवाब में अपने काफिलों का आकार कम करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायडू के पुत्र लोकेश ने गुरुवार को अपने सुरक्षा कर्मचारियों को अपने काफिले में वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया। यह भी पढ़ें- बंगाल के स्कूलों में वंदे मातरम गीत ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Red Fort Blast: एनआईए ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों में आरोपपत्र

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को नई दिल्ली की एक विशेष अदालत में लाल किले के पास हुए कार धमाके के मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने 10 नवंबर, 2025 को हुए इस हमले में कथित संलिप्तता के लिए 10 लोगों को नामजद किया है। इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। एनआईए के अनुसार, सहित सभी 10 आरोपी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH)’ से जुड़े थे, जिसे अल-कायदा से प्रेरित संगठन बताया गया है। मुख्य आरोपी उमर उन नबी की इस धमाके में मौत हो गई थी। उसके अलावा नौ अन्य आरोपियों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।डॉ. नबी के अलावा, चार्जशीट में नामित अन्य व्यक्तियों में आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं।एनआई की जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रोफेशनल थे। 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में उन्होंने “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय किया और “Operation Heavenly Hind” शुरू किया था। एनआईए की जांच से पता चला कि “Operation Heavenly Hind” के तहत, आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती की, AGuH की हिंसक जिहादी विचारधारा का सक्रिय रूप से प्रचार किया, हथियार और गोला-बारूद जमा किया, और बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर विस्फोटक बनाए। एजेंसी ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था।एनआईए की जांच से यह भी पता चला कि आरोपी प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद में भी शामिल थे, जिनमें एक AK-47 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

एक्शन में शुभेंदु सरकार: तिलजला अग्निकांड के बाद कोलकाता में चला बुलडोजर, अवैध फैक्ट्री जमींदोज

जीजे खान रोड स्थित एक बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर मंगलवार दोपहर आग लगी थी। अवैध रूप से चल रही इस चमड़ा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का अभाव था। हादसे में दो मजदूरों की मौत और पांच के घायल होने की रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की। बुधवार दोपहर रिपोर्ट सामने आते ही मुख्यमंत्री ने अवैध ढांचे को तुरंत ध्वस्त करने का आदेश दिया। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की भारी तैनाती की गई है।इस बीच दमकल एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में पर्यवेक्षण, निरीक्षण और सुरक्षा नियमों को लागू करने में गंभीर लापरवाही पाए जाने के कारण प्रगति मैदान फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर और ऑफिसर-इन-चार्ज गौतम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है जिसे एक महीने के भीतर पूरा करना होगा, और निलंबन अवधि के दौरान वे फायर मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘यह सब नीयत का खेल है। पिछली तृणमूल सरकार की मंशा कभी जनता की सुरक्षा की नहीं थी। उन्होंने अवैध ऊंची इमारतें बनाने वाले उपद्रवियों को संरक्षण दिया।’ पॉल ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि इन अवैध निर्माणों के पीछे टेबल के नीचे भारी लेन-देन हुआ है, जिससे तृणमूल के नेताओं ने फायदा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इन गरीब मजदूरों की मौत का जवाब कौन देगा?भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि तृणमूल ने कट-मनी संस्कृति से पूरे सिस्टम को तबाह कर दिया था। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk