Explainer: सरकार लाई नई सुविधा, क्या अब ऑनलाइन ठगी के बाद घर बैठे मिलेगा पैसा, कैसे काम करेगा ये सिस्टम?
इस मॉड्यूल की आखिर जरूरत क्यों पड़ी? 2022 में साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की संख्या 10.29 लाख थी। 2024 में यह बढ़कर 22.68 लाख पहुंच गई। यानी केवल दो वर्षों में साइबर घटनाओं की संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई। मोबाइल रेस्टोरेशन मॉड्यूल क्या है? पहले पीड़ित को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता था? बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते थे। पुलिस कार्यालय जाना पड़ता था। दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। कई बार अदालत की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ती थी। भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है। यूपीआई, नेट बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया ने करोड़ों लोगों को ऑनलाइन दुनिया से जोड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के 86 प्रतिशत से अधिक घर इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल सेवाएं बढ़ीं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी बढ़े।आज साइबर अपराध केवल OTP फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं। अपराधी अब डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, पार्ट-टाइम जॉब स्कैम, KYC अपडेट धोखाधड़ी, फेक कस्टमर केयर और सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अगर पीड़ित समय रहते शिकायत कर भी दे और पैसा बैंकिंग सिस्टम में फ्रीज हो जाए, तब भी उसकी वापसी की प्रक्रिया बेहद जटिल रहती थी। MRM इसी समस्या का समाधान बनने का दावा करता है।मोबाइल रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) एक ऑनलाइन रिफंड सिस्टम है, जिसे I4C ने विकसित किया है। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि साइबर ठगी की रकम अपराधी के खाते में फ्रीज कर दी गई है, तो पीड़ित घर बैठे उसे वापस पाने की प्रक्रिया शुरू कर सके।अब इस पूरी प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन किया जा रहा है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...