Venezuela: वेनेजुएला भूकंप में अब तक 2200 मौतें, मृतकों का आंकड़ा बढ़ने पर मेक्सिको की मशहूर बचाव टीम रवाना

भूकंप के करीब एक हफ्ते बाद भी वेनेजुएला में हालात बेहद खराब हैं। सबसे ज्यादा असर ला गुआरा राज्य में हुआ है, जहां कई बहुमंजिला इमारतें और घर जमींदोज हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमें दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। हालांकि, समय बीतने के साथ अब जीवित बचे लोगों के मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। मेक्सिको से रवाना हुए 39 वर्षीय स्वयंसेवक जर्मन बेलो अपने साथ बचाव उपकरणों के अलावा बड़ी संख्या में ‘बॉडी बैग’ भी ले जा रहे हैं, ताकि मृतकों के शवों को सम्मान के साथ निकाला जा सके।‘टोपोस’ मेक्सिको का एक नागरिक बचाव संगठन है। इसकी शुरुआत 1985 में मेक्सिको सिटी में आए भीषण भूकंप के बाद हुई थी। स्पेनिश भाषा में ‘टोपोस’ का मतलब ‘छछूंदर’ (Moles) होता है। इस टीम को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि इसके सदस्य मलबे के बीच बनी बेहद संकरी जगहों और छेदों में रेंगकर घुस जाते हैं। ये लोग थर्मल कैमरे और संवेदनशील माइक्रोफोन जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं ताकि मलबे के नीचे दबी हल्की सी आहट या शरीर की गर्मी को पहचाना जा सके।बचाव कार्य के दौरान यह टीम एक खास तकनीक अपनाती है। जब कोई बचावकर्मी हवा में मुट्ठी बंद करके हाथ उठाता है, तो इसका मतलब होता है ‘बिल्कुल खामोश हो जाएं’। यह संकेत मिलते ही वहां मौजूद अन्य लोग चुप हो जाते हैं। इस सन्नाटे में बचावकर्मी मलबे के नीचे कान लगाकर सुनते हैं कि कहीं से कोई आवाज या खटखटाहट तो नहीं आ रही। इसके बाद फावड़े और हथौड़ों की मदद से धीरे-धीरे मलबा हटाया जाता है ताकि मलबे के और ज्यादा गिरने का खतरा न रहे।मेक्सिको सिटी के एयरपोर्ट पर एक भावुक पल देखने को मिला। जब वेनेजुएला के एक इंजीनियर डिएगो बेजरानो को पता चला कि जर्मन बे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चोरी: अपनों की घुसपैठ के लिए शुरू से ही बुना गया तानाबाना, आउटसोर्सिंग से लगी पूरी व्यवस्था में सेंध

राममंदिर में चढ़ावे में कथित सेंध का रास्ता अचानक नहीं बना, बल्कि धनराशि की गणना प्रक्रिया की व्यवस्था बनने के समय ही इसके लिए जमीन तैयार कर ली गई थी। सूत्रों के अनुसार चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में बाहरी लोगों की घुसपैठ कराने करने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी को बीच में लाया गया। इसी व्यवस्था के जरिये बाद में कथित तौर पर चढ़ावा चोरी में शामिल लोग नियमित रूप से गिनती कक्ष तक पहुंचते रहे। जांच के घेरे में ये बड़े सवाल एसओपी में अधिकृत कर्मियों की व्यवस्था होने के बावजूद निजी एजेंसी की जरूरत क्यों पड़ी? आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारियों का पुलिस व बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किसने कराया? गिनती कक्ष में प्रवेश की अंतिम अनुमति किस स्तर से जारी होती थी? बैंक के पर्यवेक्षण की व्यवस्था होने के बावजूद कथित अनियमितताएं लंबे समय तक कैसे नहीं पकड़ी गईं? क्या पूरी व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए शुरुआत से ही सुनियोजित तरीके से ‘अपने’ लोगों को शामिल कराया गया? ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच चढ़ावे को लेकर समझौता हुआ था। इसमें दानपात्र की नकदी, सोना और चांदी की गणना के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तय किया गया था। एसओपी का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना था।इसी व्यवस्था में बड़ी सेंध आउटसोर्सिंग के जरिए लगी। समझौते की मूल भावना यह थी कि गिनती कक्ष में केवल ट्रस्ट और बैंक के अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहेंगे। लेकिन करोड़ों की गणना के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत का हवाला देकर बैंक ने वाराणसी की निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी की सेवाएं ले लीं।एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को गिनती कक्ष तक नियम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

कब आएगा पीएम-सीएम को पद से हटाने वाला बिल?: संसदीय समिति की मुहर जल्द संभव, जानें क्या है मामला

इन विधेयकों में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अगर प्रधानमंत्री, कोई केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री गिरफ्तार होते हैं और लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ना होगा। यह नियम उन अपराधों पर लागू होगा जिनमें कम से कम पांच साल की जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी के 31वें दिन संबंधित व्यक्ति की कुर्सी अपने आप चली जाएगी।भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी इस संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता कर रही हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, रिटायर्ड जजों, वकीलों, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं से लंबी चर्चा की है। अपराजिता सारंगी ने पहले कहा था कि राजनीति को अपराध मुक्त करने की जरूरत पर समिति में सभी की राय एक जैसी थी।विपक्ष के कई दलों ने इस समिति से दूरी बना ली है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि ये विधेयक कानून के उस बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ हैं, जिसमें किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक उसका दोष साबित न हो जाए। विपक्ष का आरोप है कि इन विधेयकों का मकसद उन राज्यों को अस्थिर करना है जहां एनडीए की सरकार नहीं है।एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में यह बदलाव सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी इसे आपराधिक न्याय प्रणाली के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक दुरुपयोग के दरवाजे खुल जाएंगे और संवैधानिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी। वहीं, आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने इन विधेयकों को जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाए।सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक भी पेश किए हैं। मौजूदा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता का आया भूकंप, फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

अफगानिस्तान में बुधवार देर रात 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रात 11:27 बजे (भारतीय समय) दर्ज किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान में 36.443 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.391 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई 173 किलोमीटर मापी गई। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 1 min · National Desk

'टिन्नू ने धोखा देकर सपा नेता को सूचना दी': चंदा चोरी मामले में चंपत राय का छलका दर्द, कहा- मेरी भूमिका नहीं

राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर रिमांड अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा। मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने रिमांड अर्जी में कहा है कि मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए आरोपी से 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ आवश्यक है। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए आरोपी अविनाश शुक्ला ने अदालत को बताया कि उसकी ओर से कोई अधिवक्ता नहीं है। उसने अपना पक्ष रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर अदालत ने प्राधिकरण के सचिव को अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया और रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी। अब नजर अदालत के फैसले पर है। यदि पुलिस रिमांड मंजूर होती है तो जांच एजेंसी आरोपी से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की धनराशि, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। इसके बाद कुछ अन्य बरामदगी भी हो सकती है। वहीं, चोरी में शामिल अन्य नए चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

इस महीने कब आएगा पीएम-सीएम को पद से हटाने वाला बिल?: संसदीय समिति की मुहर जल्द संभव, जानें क्या है मामला

इन विधेयकों में एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अगर प्रधानमंत्री, कोई केंद्रीय मंत्री या मुख्यमंत्री गिरफ्तार होते हैं और लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ना होगा। यह नियम उन अपराधों पर लागू होगा जिनमें कम से कम पांच साल की जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी के 31वें दिन संबंधित व्यक्ति की कुर्सी अपने आप चली जाएगी।भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी इस संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता कर रही हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, रिटायर्ड जजों, वकीलों, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं से लंबी चर्चा की है। अपराजिता सारंगी ने पहले कहा था कि राजनीति को अपराध मुक्त करने की जरूरत पर समिति में सभी की राय एक जैसी थी।विपक्ष के कई दलों ने इस समिति से दूरी बना ली है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि ये विधेयक कानून के उस बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ हैं, जिसमें किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक उसका दोष साबित न हो जाए। विपक्ष का आरोप है कि इन विधेयकों का मकसद उन राज्यों को अस्थिर करना है जहां एनडीए की सरकार नहीं है।एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में यह बदलाव सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी इसे आपराधिक न्याय प्रणाली के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक दुरुपयोग के दरवाजे खुल जाएंगे और संवैधानिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी। वहीं, आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने इन विधेयकों को जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाए।सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक भी पेश किए हैं। मौजूदा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

व्हाट्सएप यूजरनेम: 'नए फीचर से नहीं हो सकेगी पहचान की चोरी', सरकार की रोक के बाद मेटा की सफाई; जानें सबकुछ

A WhatsApp spokesperson says, “We’ve announced the option for people to reserve their preferred username on WhatsApp. The ability to use a username is not yet live and will roll out slowly later this year. To protect against impersonation, we’ve held the highest-profile names —… pic.twitter.com/fG0xmtEthl — ANI (@ANI) July 1, 2026 आईटी मंत्रालय का मानना है कि यूजरनेम फीचर की मदद से जालसाज सरकारी एजेंसियों, बैंकों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बना सकते हैं। इससे लोगों की पहचान चोरी करना और उन्हें ठगना आसान हो जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि जब तक वह सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यह फीचर रोलआउट नहीं होगा। सरकार ने मेटा से पूछा है कि उन पर आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।विवाद के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा चक्र तैयार किए गए हैं। व्हाट्सएप ने सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और बड़े ब्रांड्स के नाम पहले ही सुरक्षित (रिजर्व) कर लिए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।सुरक्षा के लिए कंपनी ने नियम बनाया है कि किसी को मैसेज भेजने के लिए उसका सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। साथ ही, अगर कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप यूजर को बताएगा कि वह अकाउंट नया है, किसी दूसरे देश का है या आपके बीच कोई कॉमन ग्रुप है।इस फीचर के आने के बाद लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी। यूजरनेम अधिकतम 35 अक्षरों का हो सकता है। यह पूरी तरह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs ENG Live Score: श्रेयस अय्यर ने 38 गेंदों पर पूरा किया अर्धशतक, शिवम भी क्रीज पर मौजूद

11:14 PM, 01-Jul-2026 IND vs ENG Live Score: श्रेयस का पचासा कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में 38 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया है। श्रेयस का साथ देने के लिए शिवम दुबे क्रीज पर मौजूद हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में 38 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया है। श्रेयस का साथ देने के लिए शिवम दुबे क्रीज पर मौजूद हैं। 11:09 PM, 01-Jul-2026 IND vs ENG Live Score: तिलक वर्मा आउट भारत को तिलक वर्मा के रूप में चौथा झटका लगा है। तिलक साकिब महमूद की गेंद पर लियाम डॉवसन को कैच थमा बैठे। तिलक 13 गेंदों पर एक चौके की मदद से 13 रन बनाकर आउट हुए। भारत को तिलक वर्मा के रूप में चौथा झटका लगा है। तिलक साकिब महमूद की गेंद पर लियाम डॉवसन को कैच थमा बैठे। तिलक 13 गेंदों पर एक चौके की मदद से 13 रन बनाकर आउट हुए। 11:00 PM, 01-Jul-2026 IND vs ENG Live Score: भारत के 100 रन पूरे भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है। भारत के लिए श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया है। भारत के लिए श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा क्रीज पर मौजूद हैं। 10:41 PM, 01-Jul-2026 IND vs ENG Live Score: अभिषेक आउट अभिषेक शर्मा तीसरे बल्लेबाज के रूप में आउट होकर पवेलियन लौट गए हैं। अभिषेक शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन सैम करन ने उन्हें अपना शिकार बनाया। अभिषेक 24 गेंदों पर छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 59 रन बनाकर आउट हुए। अभिषेक और श्रेयस के बीच तीसरे विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी हुई। अभिषेक शर्मा तीसरे बल्लेबाज के रूप में आउट होकर पवेलियन लौ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 1, 2026 · 2 min · National Desk

'टिन्नू ने धोखा देकर सपा नेता को सूचना दी': चंदा चोरी मामले में चंपत राय का छलका दर्द, कहा- मेरी भूमिका नहीं

राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर रिमांड अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा। मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने रिमांड अर्जी में कहा है कि मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए आरोपी से 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ आवश्यक है। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए आरोपी अविनाश शुक्ला ने अदालत को बताया कि उसकी ओर से कोई अधिवक्ता नहीं है। उसने अपना पक्ष रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर अदालत ने प्राधिकरण के सचिव को अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया और रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी। अब नजर अदालत के फैसले पर है। यदि पुलिस रिमांड मंजूर होती है तो जांच एजेंसी आरोपी से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की धनराशि, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। इसके बाद कुछ अन्य बरामदगी भी हो सकती है। वहीं, चोरी में शामिल अन्य नए चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 1, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एकांतवास में चंपत राय बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में सेवा हुई पूरी

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण से उपजे हालात को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने लगभग एक सप्ताह तक अयोध्या में प्रवास कर पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया। बताया जा रहा है कि इस आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट संघ के शीर्ष नेतृत्व को भेज दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद संघ ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अयोध्या पहुंचे। आधिकारिक तौर पर उनका दौरा संघ के एक वर्ग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बताया गया, लेकिन प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न स्तरों पर लोगों से मुलाकात कर फीडबैक भी जुटाया। बताया जाता है कि इस दौरान संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों, रामभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और मंदिर व्यवस्था से जुड़े जानकारों से अलग-अलग बातचीत की गई। बातचीत के दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि चढ़ावा प्रकरण को लेकर उनकी क्या राय है और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली के प्रति उनकी क्या धारणा बनी है। घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा सूत्रों के अनुसार, फीडबैक के दौरान ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी प्रतिक्रियाओं और तथ्यों को संकलित कर एक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 1, 2026 · 2 min · National Desk