A WhatsApp spokesperson says, “We’ve announced the option for people to reserve their preferred username on WhatsApp. The ability to use a username is not yet live and will roll out slowly later this year. To protect against impersonation, we’ve held the highest-profile names —… pic.twitter.com/fG0xmtEthl — ANI (@ANI) July 1, 2026 आईटी मंत्रालय का मानना है कि यूजरनेम फीचर की मदद से जालसाज सरकारी एजेंसियों, बैंकों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बना सकते हैं। इससे लोगों की पहचान चोरी करना और उन्हें ठगना आसान हो जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि जब तक वह सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यह फीचर रोलआउट नहीं होगा। सरकार ने मेटा से पूछा है कि उन पर आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।विवाद के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा चक्र तैयार किए गए हैं। व्हाट्सएप ने सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और बड़े ब्रांड्स के नाम पहले ही सुरक्षित (रिजर्व) कर लिए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।सुरक्षा के लिए कंपनी ने नियम बनाया है कि किसी को मैसेज भेजने के लिए उसका सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। साथ ही, अगर कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप यूजर को बताएगा कि वह अकाउंट नया है, किसी दूसरे देश का है या आपके बीच कोई कॉमन ग्रुप है।इस फीचर के आने के बाद लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी। यूजरनेम अधिकतम 35 अक्षरों का हो सकता है। यह पूरी तरह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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