प्रधानमंत्री कार्नी ने बताया कि आग लगने के समय सैन्यकर्मी प्रशिक्षण ले रहे थे। मृत चार सैनिकों के परिवारों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। घायलों की सही संख्या तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। घायलों का इलाज वैनराइट, एडमंटन, रेड डियर और कैलगरी के अस्पतालों में किया जा रहा है। प्रभावित सैनिकों में रिजर्व सैन्यकर्मी और कनाडा की प्रतिष्ठित रेजिमेंट प्रिंसेस पेट्रीशिया कैनेडियन लाइट इन्फैंट्री के जवान भी शामिल हैं। ये सैनिक देश के अलग-अलग सैन्य अड्डों से प्रशिक्षण के लिए वैनराइट पहुंचे थे। कार्नी ने इसे देश की जमीन पर शांतिकाल में सेना के साथ हुई सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक बताया। उन्होंने मृतकों और घायलों के सम्मान में देशभर की संघीय इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने की घोषणा की।आग के बाद बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पतालों में पहुंचाया गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा। अल्बर्टा के कई अस्पतालों ने ‘कोड ऑरेंज’ घोषित किया। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज के लिए आपात व्यवस्था करनी पड़ रही है। एडमंटन के रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सक वॉरेन थिर्स्क ने बताया कि घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि शहर के अस्पतालों पर असाधारण दबाव पड़ गया। एडमंटन क्षेत्र में एंबुलेंस की उपलब्धता भी बेहद कम हो गई थी। अधिकारियों ने लोगों से संभव होने पर यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाने से बचने की अपील की। वैनराइट के मेयर ब्रूस प्यू ने कहा कि स्थानीय अस्पताल इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए नहीं बना था। घायलों को हेलीकॉप्टर और विमानों से दूसरे अस्पतालों में भी भेजा गया।कनाडाई सेना ने कहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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