चैरिटी और शिक्षा के नाम पर बढ़े संगठन: क्या इनकी आड़ में हो रही आतंकी फंडिंग; खुफिया एजेंसियों ने क्या कहा?

असल में, इनमें से कई संगठन केवल दिखावे के लिए बनाए गए हैं। इनका इस्तेमाल गलत तरीके से हासिल किए गए पैसे को जमा करने के लिए किया जाता है। बाद में इसी पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने या देश के अलग-अलग हिस्सों में मुश्किल पैदा करने के लिए किया जाता है। अधिकारी ने क्या कहा? एक अधिकारी ने बताया कि देश के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया रहा है। इसी वजह से ऐसे दिखावटी संगठनों की संख्या अचानक बढ़ती दिख रही है। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश इसमें सबसे आगे हैं। पाकिस्तान की नीति भारत को धीरे-धीरे कमजोर करने और अलग-अलग जगहों पर परेशानी पैदा करने की रही है। अधिकारी ने बताया कि इस काम की जिम्मेदारी संभाल रहे पाकिस्तानी लोग अपने देश के संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करते। वे विदेश में काम कर रहे अपने एजेंटों से संपर्क करते हैं। इन एजेंटों को भारत में मौजूद अपने साथियों से संपर्क करने और ऐसे दिखावटी संगठन बनाने के लिए कहा जाता है। पैसे का पता लगाना क्यों मुश्किल? खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि ये संगठन आसानी से शक के दायरे में नहीं आते, क्योंकि वे खुले तौर पर कुछ ऐसा नहीं करते, जिससे उन पर शक हो। उन्होंने बताया कि बाद में उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है। लेकिन असली परेशानी उनके पैसे का पता लगाने में होती है। उन्होंने बताया कि पैसा भारत में बैंकिंग व्यवस्था जैसे वैध रास्तों के जरिये लाया जाता है। अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर रकम छोटी-छोटी होती है, क्योंकि भेजने वालों को बैंक के सामने इस लेनदेन का कारण बताना पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकों में पैसा आने के बाद उसे निकाल लिया जाता है। इसके बाद यह पैसा ऐसे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Meta Row: मेटा पर सरकार का कड़ा रुख, क्या सिफारिश प्रणाली से खत्म होगा मध्यस्थ का दर्जा? जानिए क्या चल रहा

क्या फेसबुक और इंस्टाग्राम आपके देखने के लिए कंटेंट खुद चुन रहे हैं? सरकार इसी बुनियादी सवाल पर दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ को घेर रही है। केंद्र सरकार और मेटा के बीच हुई बैठकों में यह बड़ा सवाल सामने आया है कि क्या कंपनी का ‘रिकमेंडेशन सिस्टम’ (कंटेंट की सिफारिश करने वाली प्रणाली) और पैसों के बदले कंटेंट को प्रमोट करना, उसे आईटी कानून के तहत मिलने वाले ‘मध्यस्थ’ (इंटरमीडियरी) के दर्जे के अनुकूल है। यह बहस भारतीय डिजिटल मार्केट और सोशल मीडिया कंपनियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है। मध्यस्थ का सुरक्षा कवच क्यों है खतरे में? भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून की धारा 79 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षित कवच) की कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसके तहत प्लेटफॉर्म पर किसी तीसरे पक्ष (यूजर) द्वारा पोस्ट की गई आपत्तिजनक सामग्री के लिए कंपनी सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं होती, बशर्ते वे कानूनी नियमों और उचित सतर्कता (ड्यू डिलिजेंस) का पालन करें। मोदी के पोस्ट पर विवाद और माफीनामा क्या है? सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मेटा का एल्गोरिदम खुद यह तय करता है कि किस यूजर को कौन सा कंटेंट दिखाया जाए और पैसों के बदले कंटेंट को बढ़ावा (पेड प्रमोशन) देता है, तो वह महज एक माध्यम नहीं रह जाता। ऐसी स्थिति में कंपनी एक ‘पब्लिशर’ (प्रकाशक) की भूमिका में आ जाती है और उसे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। नियमों का पालन न करने पर मेटा यह सुरक्षा कवच खो सकती है, जिससे उस पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे विवाद की हालिया चिंगारी तब भड़की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

सिद्धिविनायक चढ़ावा मामला: फडणवीस का अधिकारियों को आदेश- पांच साल के रिकॉर्ड की जांच करें; क्या है पूरा विवाद?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की पूरी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर के पिछले पांच साल के सभी दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

August 8, 2026 · 1 min · National Desk

PM Modi: 'मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं', IIT दिल्ली में पीएम की बात सुन हंस पड़े छात्र, जानें क्यों कहा ऐसा?

‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं’ आईआईटी दिल्ली में एआई से संबंधित कुछ नई पहलें भी शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री ने इन नई पहलों के लिए भी सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे सभी कार्यक्रम में मौजूद हैं। परंतु उनके मन के किसी कोने में कुछ और भी चल रहा होगा। मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हैं, लेकिन इसे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र भविष्य के लिए एक सपना और एक विजन लेकर चलता है। प्रधानमंत्री की इस बात पर पूरे परिसर में ठहाके लगने लगे। VIDEO | Delhi: Attending the 57th convocation ceremony of IIT Delhi, PM Modi (@narendramodi) says, “You are leaving this place with dreams of doing a lot for the country. Today, several students have received medals for their achievements. I extend my heartfelt congratulations to… pic.twitter.com/KJ7H8oWUpm — Press Trust of India (@PTI_News) August 8, 2026 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 1 min · National Desk

UP: हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे, बिजनौर से होकर जुड़ेगा यूपी का नया मार्ग; दोनों राज्यों की भूमिका तय

धार्मिक पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के पहुंचने से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। दोनों राज्यों के बीच बेहतर सड़क संपर्क से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन भी आसान होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 1 min · National Desk

Paper Leak Row: थरूर ने माना- पेपर लीक के खिलाफ CJP जितना असरदार नहीं रहा कांग्रेस का प्रदर्शन; क्या बोले?

शशि थरूर ने क्या कहा? शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, जंतर-मंतर पर सीजेपी ने जिन मुद्दों को उठाया, उन्हें हम पहले ही उठा चुके थे। हमारे पास ‘छात्रों की गूंज’ अभियान था, जिसमें (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष) राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे। थरूर कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान को सीजेपी के प्रदर्शन जितना लोगों का समर्थन न मिलने की बात से सहमत हुए। उन्होंने कहा, हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमसे कहां गलती हुई? क्या हम छात्रों की बात सुनने में नाकाम रहे? क्या हम जेन जी की नब्ज समझ नहीं पाए? कब शुरू हुआ था सीजेपी का आंदोलन? सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए। बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वहां पैलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल किया गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

UP: मायावती का अखिलेश यादव के 'ब्राह्मण प्रेम'  पर हमला, बोलीं- ‘पीडीए’ में अब ‘पी’ से पंडित करना राजनीतिक छल

बसपा प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ फॉर्मूले को लेकर सपा पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली सर्वसमाज हितैषी अंबेडकरवादी पार्टी है और उत्तर प्रदेश में चार बार इसी आधार पर सरकार चला चुकी है। 1.जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलायी है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व… — Mayawati (@Mayawati) August 8, 2026 पढ़िए मायावती ने क्या कहा मायावती ने आरोप लगाया कि सपा अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के कारण समय-समय पर अपना रंग बदलती रहती है। उन्होंने कहा कि सपा पहले पीडीए में ‘पी’ से पिछड़ा प्रचारित करती थी, लेकिन अब अपरकास्ट, खासकर ब्राह्मण समाज के बसपा से तेजी से जुड़ने और पार्टी द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने से विचलित होकर ‘पी’ से ‘पंडित’ करने लगी है।उन्होंने इसे सपा के राजनीतिक छल और छलावे का प्रमाण बताया। मायावती ने कहा कि ऐसी राजनीति से किसी व्यक्ति को कुछ समय के लिए लाभ मिल सकता है, लेकिन पूरे समाज का भला नहीं हो सकता।बसपा प्रमुख ने सर्वसमाज के लोगों से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि संकीर्ण जातिवादी राजनीति से सतर्क रहना समय की मांग और सर्वसमाज के हित में है। 1. जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त पर अमल करने वाली सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

पेजेशकियन ने ये बातें शुक्रवार (स्थानीय समय) को एक साक्षात्कार में कहीं। यह साक्षात्कार उनके कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ। उन्होंने ईरान सरकार के अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने और युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के फैसले का बचाव किया। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्या कहा? पेजेशकियन ने कहा, जब तक अमेरिका समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता रहेगा, तब तक ईरान भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाता रहेगा। उन्होंने आगे कहा, जहां भी वे (अमेरिकी पक्ष) अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में विफल रहते हैं, वहां हमारी आगे अपनी प्रतिबद्धता निभाने की कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस सप्ताह की शुरुआत में पेजेशकियन ने उन अटकलों को खारिज किया था कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह पूरी मजबूती के साथ अपना काम जारी रखेंगे। उनके ये बयान ईरान के नेतृत्व में समझौते को लेकर कथित ‘मतभेद’ की खबरों के बीच आए। जून में ईरान और अमेरिका ने अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के अंदर बातचीत करनी थी। हालांकि, दोनों देशों के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण अब इन बातचीत का भविष्य साफ नहीं है। होर्मुज के पास दो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं इस बीच, गुरुवार रात ईरान के दक्षिण में स्थित होर्मोजगान प्रांत के केश्म द्वीप पर दो धमाकों की आवाज सुनी गई। अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ये धमाके होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र में ईरानी सशस्त्र बलों और ‘दुश्मन’ के बीच हुई कार्रवाई के कारण हुए। तस्नीम ने जानकार सूत्रों के हवाले से बताया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

भारत छोड़ो आंदोलन के 84 साल: आखिर क्यों गूंजा था 'करो या मरो', कैसे बदल गई आजादी की लड़ाई की दिशा?

भारत छोड़ो आंदोलन के 84 साल: आखिर क्यों गूंजा था ‘करो या मरो’, कैसे बदल गई आजादी की लड़ाई की दिशा? इसी ऐतिहासिक बैठक में गांधीजी ने वह संदेश दिया, जिसने पूरे देश में नई ऊर्जा भर दी करो या मरो । यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ अंतिम जनसंघर्ष का आह्वान था। उसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और ब्रिटिश सरकार से साफ शब्दों में कहा कि अब भारत पर उसका शासन समाप्त होना चाहिए। इसके साथ ही शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे व्यापक और निर्णायक जनआंदोलनों में से एक माना जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत क्यों हुई और इसने भारत की आजादी की लड़ाई की दिशा कैसे बदल दी? आइए जानते हैं… 8 अगस्त 1942, मुंबई का ग्वालिया टैंक मैदान (आज का अगस्त क्रांति मैदान) लोगों से खचाखच भरा हुआ था। मंच पर महात्मा गांधी मौजूद थे। देश के सामने सबसे बड़ा सवाल था क्या भारत अंग्रेजों के अधीन रहते हुए द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन का साथ देता रहेगा या अब अपनी आजादी के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगा? आखिर 1942 में ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस ने अंतिम लड़ाई का फैसला किया? भारत छोड़ो आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ था। इसके पीछे कई वर्षों की राजनीतिक घटनाएं और उस समय की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां थीं। सितंबर 193 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

UP: आटे में 'धीमा जहर'! मैनपुरी में बड़ा खुलासा, 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद; ये बड़ी मिल की गई सील

UP: आटे में ‘धीमा जहर’! मैनपुरी में बड़ा खुलासा, 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद; ये बड़ी मिल की गई सील गेहूं के आटे में टेलकम पाउडर मिलाकर लोगों को बेचा जा रहा है, उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने एक आटा मिल पर कार्रवाई की। जहां से 50 किलो आटा और 43 बोरी टेलकम पाउडर की जब्त की गई। टेलकम पाउडर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। टीम ने आटा मिल को बंद कर दिया है। जिले में एक मिल में टेलकम पाउडर का प्रयोग कर आटा का निर्माण करने की जिलाधिकारी को शिकायत मिली। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार को सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक व टीम के अन्य सदस्य ज्योति खुड़िया स्थित अवैध आटा मिल पर पहुंचे। टीम ने इस दौरान इकाई का संचालन कर रहे अजीत कुमार से जानकारी की तो पता चला कि आटे में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक टेलकम पाउडर मिलने की आशंका है। ऐसे में टीम ने आटे का और टेलकम पाउडर का एक नमूना लिया, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं टीम ने आटा निर्माण इकाई से 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद किया। इसके साथ लगभग 2150 किलोग्राम अपमिश्रित टेलकम पाउडर, जिसकी कीमत करीब 32250 रुपये और करीब 50 किलो आटा जब्त किया है। वहीं अवैध रूप से संचालन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk