UAE-Saudi Tension: 'कोई हथियार नहीं भेजे गए..', यमन में धमाके के बाद UAE ने सऊदी अरब के दावे को किया खारिज

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं एक बयान में सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कथित तौर पर यूएई की ओर से उठाए गए कदमों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। इससे दोनों खाड़ी देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब ने आज यूएआई पर यमन में ‘बेहद खौफनाक’ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मुकल्ला बंदरगाह पर ‘सीमित’ हमले किए, जिससे क्षेत्र के दो करीबी सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ गया। ये भी पढ़ें: अरब लीग महासचिव ने की संयंम बरतने की अपील इस बीच, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत ने यमन में बढ़ते तनाव को तुरंत खत्म करने की अपील की। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। घेइत ने कहा कि यह स्थिति उस समय बनी है, जब सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल सरकार (राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद) की मांगों पर प्रतिक्रिया देने में विफल रही है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने वैध सरकार का समर्थन करने वाले सभी सदस्य देशों से इस नाजुक समय में अरब एकजुटता की भावना बनाए रखने, संयम बरतने और यमन की वैध सरकार के समर्थन में एकजुट अरब रुख का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह रुख अरब लीग परिषद की ओर से इस संकट पर पारित किए गए लगातार प्रस्तावों के अनुरूप है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यमन में अपनी ‘आतंकवाद विरोधी’ इकाइयों की तैनाती को स्वेच्छा से समाप्त कर दिया है। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम (डब्ल्यूएएम) के जरिये दी गई। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला हालिया घटनाक्रम की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, 2019 में यमन से सैन्य वापसी के बाद आतंकवाद रोधी इकाइयां ही यूएई की व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

ईरान में आर्थिक भूचाल: एक डॉलर का भाव 14 लाख रियाल के बराबर, जानिए क्या है तेहरान में मची अफरातफरी का कारण

ईरान इस समय साल 2022 के ‘महसा अमीनी’ प्रदर्शनों के बाद के सबसे बड़े नागरिक असंतोष का सामना कर रहा है। सोमवार को ईरान के प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, इसका मुख्य कारण राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ में आई रिकॉर्ड गिरावट और गहराता आर्थिक संकट है। मुद्रा संकट और आसमान छूती महंगाई इस तनाव की सबसे बड़ी वजह ईरानी रियाल का ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच जाना है। सोमवार को रियाल डॉलर के मुकाबले 14.2 लाख (1.42 million) के स्तर पर आ गया। 2015 के परमाणु समझौते के दौरान डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत लगभग 32,000 थी। इस आर्थिक गिरावट ने देश में कई गंभीर संकट पैदा कर दिए हैं। महंगाई चरम पर है। दैनिक जरूरतों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। 21 मार्च से शुरू होने वाले ईरानी नववर्ष में सरकार की ओर से कर बढ़ाने की खबरों ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। पेट्रोल की कीमतों में हालिया बदलावों ने महंगाई के दबाव को और बढ़ा दिया है, इसका सीधा असर परिवहन और रसद पर पड़ा है। बाजारों में हड़ताल और प्रदर्शनों का विस्तार प्रदर्शनों की शुरुआत राजधानी तेहरान से हुई, लेकिन जल्द ही यह इस्फाइन, शिराज और मशहद जैसे अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों तक फैल गई। इस बार के विरोध प्रदर्शनों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू व्यापारी वर्ग की भागीदारी है। तेहरान के ऐतिहासिक ‘ग्रैंड बाजार’ सहित कई महत्वपूर्ण व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और हड़ताल पर चले गए। जानकारों के अनुसार, व्यापारियों का यह रुख 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान उनकी भूमिका की याद दिलाता है। राजनीतिक उथ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

Rajasthan: उदयपुर सांसद बोले- मुझे थप्पड़ मारने की कोशिश की गई, जान से मारने की मिली धमकी; रोत को लेकर यह कहा

उदयपुर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान हुए विवाद को लेकर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत आमने-सामने आ गए हैं। दोनों सांसदों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने जारी अपने लिखित बयान में आरोप लगाया कि दिशा बैठक के दौरान बीएपी सांसद राजकुमार रोत और आसपुर विधायक उमेश डामोर ने उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां कीं। रावत का कहना है कि बैठक के दौरान उनके साथ थप्पड़ मारने की कोशिश की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।डॉ. रावत ने आरोप लगाया कि सांसद राजकुमार रोत डूंगरपुर को अलगाववाद का टापू बनाना चाहते हैं और आदिवासी अंचल के विकास से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रोत स्कूलों में मिड-डे मील योजना बंद कराने का षड्यंत्र कर रहे हैं, जो बच्चों और गरीब परिवारों के हितों के खिलाफ है।सांसद रावत ने कहा कि राजकुमार रोत ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भ्रष्ट बताते हुए यह टिप्पणी की कि वे राशन सामग्री गुजरात ले जाकर बेच देती हैं। रावत के अनुसार यह बयान सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अपमान है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।डॉ. रावत ने कहा कि दिशा बैठक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 101 बिंदुओं पर आधारित होती है, जिसका मकसद जनकल्याण और विकास कार्यों की समीक्षा करना है। उनका आरोप है कि बैठक के दौरान सांसद रोत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक छींटाकशी करते रहे, जो एक जनप्रतिनिधि के आचरण के अनुरूप नहीं है।उदयपुर सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए जनकल्याणक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

Khaleda Zia's funeral: खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होंगे एस जयशंकर, 31 दिसंबर को जाएंगे ढाका

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होंगे। विदेश मंत्री ढाका 31 दिसंबर को रवाना होंगे। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह 31 दिसंबर को ढाका जाएंगे।पीएम मोदी ने लिखा, ‘ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार और बांग्लादेश के समस्त जनमानस के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुखद घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करें।‘दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में उनके योगदान पर पीएम मोदी ने लिखा, ‘बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई उनकी सौहार्दपूर्ण मुलाकात याद है। हम आशा करते हैं कि उनकी दूरदृष्टि और विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी दिशा देती रहेगी।उनकी आत्मा को शांति मिले।‘ये भी पढ़ें:खालिदा जिया ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद मई में देश लौटी थीं। इससे पहले, जनवरी की शुरुआत में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। शेख़ हसीना की सरकार ने इससे पहले कम से कम 18 बार उनके वि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

एक सोशल मीडिया पोस्ट से ₹80,000 करोड़ का नुकसान: रूसी अरबपति ओलेग टिंकोव ने बताई आपबीती, जानिए पूरा मामला

कॉरपोरेट जगत में दिया गया एक छोटा सा बयान कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है, इसका अंदाजा रूस के एक बैंकिंग दिग्गज की आपबीती से पता चलता है। रूस के जाने-माने बैंकर और टिंकॉफ बैंक के संस्थापक ओलेग टिंकोव ने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उनकी ओर से किए गए एक इंस्टाग्राम पोस्ट कारण उन्हें अपनी जीवन भर की कमाई से हाथ धोना पड़ा। इस पोस्ट के कारण उन्हें लगभग 9 अरब डॉलर यानी (करीब 80,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। ओलेग टिंकोव ने अपने एक पोस्ट में यूक्रेन युद्ध को पागलपन करार दिया था। इसके बाद उन्हें क्रेमलिन के दबाव में उन्हें टिंकोव बैंक में अपनी हिस्सेदारी कौड़ियों के दाम बेचनी पड़ी। टिंकोव ने कहा कि उन्हें वास्तविक मूल्य के केवल 3% भाव पर अपने शेयर बेचने पड़े। जिसके करण उन्हें करीब 9 अरब डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। टिंकोव ने बताया कि उन्होंने अपनी रूसी नागरिकता भी छोड़ दी है। क्या था वह इंस्टाग्राम पोस्ट, जो बना बवाल का कारण? साल 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद, टिंकोव बैंक के संस्थापक ओलेग टिंकोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक कड़ा संदेश साझा किया था। उन्होंने इस युद्ध को पागलपन बताते हुए रूसी सेना की तैयारियों और देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए थे। टिंकोव ने लिखा था, “मैं इस पागलपन भरे युद्ध का एक भी लाभार्थी नहीं देख पा रहा हूं। निर्दोष लोग और सैनिक मारे जा रहे हैं।” टिंकोव ने रूसी सैन्य नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि जनरल हैंगओवर से जागे और उन्हें अहसास हुआ कि उनकी सेना की स्थिति कितनी खराब है। टिंकोव ने दावा किया था कि रूस के 90 प्रतिशत लोग इस इस युद्ध के खिलाफ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 2 min · National Desk

SIR : यूपी में फिर बढ़ी एसआईआर की समय सीमा, अब छह जनवरी को आएगी पहली कच्ची सूची; जानें अपडेट

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं संशोधित तिथियों के अनुसार, अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा। संशोधित तिथियों के अनुसार, अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी: भक्ति व उल्लास में डूबी रामनगरी; अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर होगा ध्वजारोहण

भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उत्सवी माहौल के बीच भक्तिमय उल्लास में रामनगरी अयोध्या डूबी हुई है। हर तरफ जय श्रीराम का उद्घोष गूंज रहा है। नए साल के आगमन के मौके पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रतिष्ठा द्वादशी, पुराने साल की विदाई और नए साल के आगमन का सुखद सहयोग बन गया है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk

BMC Poll: सीट बंटवारे पर महायुति में टकराव, अठावले ने लगाया विश्वासघात का आरोप, 38 सीटों पर लड़ने का किया एलान

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं खबर अपडेट की जा रही है… महाराष्ट्र की सियासत में महायुति के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास अठावने ने बीएमसी चुनाव के लिए सीट बंटवारे में अपनी पार्टी को बाहर रखे जाने को विश्वासघात करार दिया। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी सीटों पर भाजपा और शिवसेना को समर्थन देती रहेगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk

कौन हैं रेहान वाड्रा?: लंदन से पढ़े, तीन पीढ़ियों के शौक को बनाया पेशा; विवाद में भी घसीटे गए प्रियंका के बेटे

2021 में दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में रेहान की फोटोग्राफी की पहली प्रदर्शनी लगी थी। इस शो की थीम रोशनी, अंतरिक्ष और समय पर आधारित थी। बताया जाता है कि इस प्रदर्शनी के जरिए उन्होंने अपनी आंख पर लगी उस चोट के अनुभवों को साझा किया था, जो उन्हें 2017 में क्रिकेट खेलते हुए लगी थी। इस प्रदर्शनी के दौरान रेहान ने एक मीडिया संस्थान से कहा था- “अपनी आंख की चोट के बाद मैंने काफी ब्लैक एंड व्हाइट शूटिंग शुरू की। मैंने इसके जरिए उस परिप्रेक्ष्य को समझने की कोशिश की कि कोई अंधेरे में रोशनी को कैसे देखता है।“मजेदार बात यह है कि जिस फोटोग्राफी के शौक को रेहान वाड्रा ने पेशा बनाया, कभी उसे लेकर उनके नाना राजीव गांधी बेहद जुनूनी थे। यहां तक कि उनकी मां प्रियंका गांधी वाड्रा भी फोटोग्राफी की दुनिया में उतरने को बेताब थीं। उन्हें यह जुनून और प्रतिभा अपने पिता से ही मिला था, जिन्होंने 12 साल की प्रियंका को तब कैमरे की बारीकियां समझाई थीं। बताया जाता है कि प्रियंका गांधी वाड्रा खुद अपनी फोटोग्राफी पर प्रदर्शनी कर चुकी हैं। हालांकि, दोनों ही बाद में राजनीतिक दुनिया में सक्रिय हो गए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk

UP: तीन साल कैद... भूख और जुल्म, कंकाल बन गई जवान बेटी, रिटायर्ड सीनियर क्लर्क की मौत के बाद ऐसे हाल में मिली

दरअसल, शहर के हिंद टायर वाली गली में रहने वाले एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सेवानिवृत्त कर्मी के घर में काम करने वाले नौकर दंपती पर पिता-पुत्री को कमरे में कैद रखने और इलाज न कराने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।हिंद टायर गली में रेलवे से सेवानिवृत्त सीनियर क्लर्क ओमप्रकाश सिंह राठौर (70) का मकान है। उनकी पत्नी रेणुका की मौत वर्ष 2016 में हो चुकी है जबकि उनकी 27 वर्षीय बेटी रश्मि मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सोमवार को ओमप्रकाश की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।सूचना पर मृतक के भाई अमर सिंह और अन्य परिजन जब मौके पर पहुंचे तो उन्हें ओमप्रकाश के शव के पास ही बेटी रश्मि बेहद दयनीय स्थिति में मिली। मृतक के भाई अमर सिंह का आरोप है कि ओमप्रकाश अपनी बेटी के साथ अलग मकान में रहते थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 30, 2025 · 1 min · National Desk