पश्चिम बंगाल: क्या दुर्गा पूजा के बाद बढ़ेगा बस किराया, कितना इजाफा चाहते हैं संचालक; सरकार ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, मेरी राय में बस किराया काफी समय से बढ़ाया जाना बाकी है। दुर्गा पूजा के बाद इस पर फैसला होगा। मंत्री ने कहा कि किराया बढ़ने के बाद बस संचालकों को यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देनी होंगी। सड़कों पर बसों का संचालन बेहतर होना चाहिए। इसमें एसी बसें भी शामिल हैं। बैठक में किन लोगों से बात हुई? अर्जुन सिंह ने परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक परिवहन विभाग के मैदान स्थित अस्थायी कार्यालय में हुई। इसमें निजी बस संचालकों के कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें बस सिंडिकेट की संयुक्त परिषद, शहर उपनगरीय सेवा और पश्चिम बंगाल बस एवं मिनीबस मालिक संघ के प्रतिनिधि शामिल थे। सरकारी बसों का किराया पहले क्यों नहीं बढ़ा? मंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी परिवहन बसों को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में उनका किराया पहले ही बढ़ जाना चाहिए था। बस मालिकों ने क्या मांग रखी? पश्चिम बंगाल बस एवं मिनीबस मालिक संघ के प्रतिनिधि पीएन बोस ने बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें बसों पर लगाए जाने वाले जुर्माने का मुद्दा भी शामिल था। सड़क टोल के किराये में अंतर की बात भी उठी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और देश के दूसरे हिस्सों में सड़क टोल की दरें अलग हैं। बोस के मुताबिक, मंत्री ने इन सभी मुद्दों पर ध्यान देने का भरोसा दिया। क्या बस मालिकों को राहत मिलेगी? बैठक में बस संचालकों के लिए एक बार की राहत पैकेज पर भी चर्चा हुई। हालांकि, सरकार ने तुरंत कोई पक्का आश्वासन नहीं दिया। अभी बस का किराया कितना है? अभी सरकार के तय किराये के अनुसार पहले चरण का बस किराया सात रुपये है। लेकिन निजी बस संचालक गुपचुप तरीके से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...