कब जाएंगे नकवी: कितना बचा है एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल, पाकिस्तान के बाद किसे मिलेगी कमान?

कब जाएंगे नकवी: कितना बचा है एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का कार्यकाल, पाकिस्तान के बाद किसे मिलेगी कमान? सिर्फ एशिया कप ही नहीं, नकवी से जुड़े ऐसे कई विवाद रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट के साथ-साथ एशियाई क्रिकेट को भी सवालों के घेरे में रखा है। ऐसे में फैंस तंग आकर सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं कि एसीसी की कुर्सी पर नकवी आखिर कब तक रहेंगे? नकवी के बाद एसीसी की कमान किसके हाथ में जाएगी? साथ ही नकवी के अब तक के कार्यकाल से जुड़े तमाम विवादों के बारे में भी जानेंगे… पिछले कुछ वर्षों में एक नाम जो एशियाई क्रिकेट में लगातार विवादों में रहा है, वह है- मोहसिन नकवी। महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले 2025 पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी। कब खत्म होगा नकवी का कार्यकाल? मोहसिन नकवी ने तीन अप्रैल 2025 को एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद पर चुना गया था। यानी मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म होगा। उनके कार्यकाल के साथ ही पाकिस्तान ने एसीसी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। एसीसी अध्यक्ष पद रोटेशन के आधार पर सदस्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, भेंट चढ़ी तीन जिंदगियां: 3 दिन तक भटका परिवार, नहीं बचे जुड़वा बच्चे और मां

पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, भेंट चढ़ी तीन जिंदगियां: 3 दिन तक भटका परिवार, नहीं बचे जुड़वा बच्चे और मां छह अस्पतालों तक पहुंचने के बावजूद निशा और उसके जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका। आखिरकार, काशीपुर के एक निजी अस्पताल में निशा की मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद गर्भ से निकाले गए दोनों बच्चों में से एक पहले ही मृत था जबकि दूसरे ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया। यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पहाड़ और आसपास के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद उन खामियों पर भी बड़ा सवाल है, जिनकी कीमत मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। छह अस्पतालों तक पहुंचने के बावजूद निशा और उसके जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका। आखिरकार, काशीपुर के एक निजी अस्पताल में निशा की मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद गर्भ से निकाले गए दोनों बच्चों में से एक पहले ही मृत था जबकि दूसरे ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया।यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पहाड़ और आसपास के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद उन खामियों पर भी बड़ा सवाल है, जिनकी कीमत मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। पहाड़ों के कठिन जीवन व बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की भेंट इस बार एक गर्भवती चढ़ी है। इनोलू गांव की गर्भवती निशा को बचाने की कोशिश में उसका परिवार तीन दिन तक रामनगर से हल्द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

खरी बात: अमेठी की हार के बाद स्मृति ईरानी बोलीं- पैतृक सीट छोड़ भाजपा के गढ़ से लड़कर दिखाएं; किसे दी चुनौती?

पार्टी ने जब भी जो भी करने को कहा मैंने किया। कोई मूर्ख ही होगा जो कांग्रेस के गढ़ अमेठी में जाकर चुनाव लड़ने की सोचेगा, पार्टी ने मुझे वहां भेजा और मैंने चुनाव लड़ा। जहां तक टीवी पर लौटने की बात है तो मैंने करीब बीस साल टीवी का शिखर देखा, अपनी मेहनत से कमाने में कोई हर्ज नहीं है। यशवंत राव केलकर जी कहते थे कि सफलता के शिखर को छोड़कर राजनीति में आकर देश को कुछ देना चाहिए, मैंने उनके इस कथन को आत्मसात किया।पार्टी ने मुझे छोड़ा कहां था जो मेरी उम्मीद टूटती, मैं लगातार पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होती रही। क्योंकि आप जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनाव में हरा देते हैं, तो आपको लेकर विश्लेषण और टीका-टिप्पणी बहुत होती है।आपको अपने आपको इतना सीरियसली नहीं लेना चाहिए। आप संगठन का हिस्सा कुछ योगदान देने के लिए बनते हो। आप जब संगठन को योगदान देने के लायक नहीं बचते तो संगठन पर बोझ बन जाते हो और मैं अपने संगठन पर कभी बोझ नहीं बनना चाहती।मेरी पार्टी शुरू से ही महिलाओं को प्रमुखता देती रही है। नरेंद्र मोदी ने 2014 की जीत के बाद सबसे पहले शौचालय बनाने को प्राथमिकता दी और 33 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुलवाए। चार करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनाए गए, जिसमें घर का स्वामित्व महिला के नाम या संयुक्त रूप से दिया गया। मुद्रा लोन में 60 प्रतिशत महिलाएं आगे आईं और मोदी जी ने 33 फीसदी महिला आरक्षण संसद से पारित कराया।जिस अमेठी में आपने 2019 में राहुल गांधी को हराकर इतिहास बनाया वहां से 2024 में चुनाव कैसे हार गईं ?दरअसल गांधी परिवार तो अमेठी में चुनाव लड़ने आया ही नहीं, अगर भरोसा होता तो वायनाड की बजाय अमेठी से लड़ते। हार-जीत दोनों राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

गुरुग्राम: 'ऑपरेशन सफेद सागर' का हिस्सा रहे पूर्व वायुसेना अधिकारी पर हमला, लोहे की रॉड से मारा; क्या है मामला

आरोप है कि पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें कई जगहों पर भेजा और फिर कार पार्क करने से इनकार कर दिया। जब गुप्ता कार पीछे कर रहे थे, तभी एक पार्किंग कर्मचारी ने उनकी कार के शीशे पर वार किया। विरोध करने पर कर्मचारी ने लोहे की रॉड से उनके हाथ और सिर पर दो बार हमला किया। इससे उनके सिर से खून बहने लगा। गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोपी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 1 min · National Desk

ज्वेरेव यूएस ओपन चैंपियन: जर्मन खिलाड़ी ने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी बेन शेल्टन को दी मात, कड़े मुकाबले में जीते

यूएस ओपन 2026 का खिताब अलेंक्जेंडर ज्वेरेव ने अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में 29 साल के चैंपियन जर्मन खिलाड़ी ने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी बेन शेल्टन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में ज्वेरेव ने 23 साल के अमेरिकी युवा को चार सेट तक चले मुकाबले में 6-3, 7-6 (7-2), 5-7, 6-2 से मात दी। पहला सेट हारने के बाद शेल्टन ने वापसी का पूरा प्रयास किया और दोनों के बीच दूसरा सेट टाइब्रेकर तक खिंचा। तीसरे सेट में शेल्टन ने ज्वेरेव को चौंकाया और उन्होंने अपने घरेलू स्टेडियम (न्यूयॉर्क) पर करियर का पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल जीतने की उम्मीदें बरकरार रखीं। हालांकि, चौथे और अंतिम सेट में ज्वेरेव ने शेल्टन को चारों खाने चित्त करते हुए करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया। चैंपियन बनने वाले खिलाड़ी ज्वेरेव के माता-पिता इरिना ज्वेरेवा और अलेक्जेंडर ज्वेरेव सीनियर भी टेनिस खिलाड़ी रहे, दोनों ने सोवियत संघ का प्रतिनिधित्व किया था। बड़े भाई मिशा भी पेशेवर टेनिस खिलाड़ी थे। एक सत्र में 23 मुकाबले जीतकर हमवतन बोरिस बेकर का रिकॉर्ड 36 साल बाद तोड़ने वाले ज्वेरेव ने सेमीफाइनल में रूस के खिलाड़ी कैरेन अबगारोविच को हराया था। साढ़े तीन घंटे तक चले फाइनल मुकाबले के बाद यूएस ओपन 2026 के चैंपियन बने ज्वेरेव, 40 लाख पाउंड का इनाम मिला। बेहतरीन खेल भावना का परिचय देते हुए ज्वेरेव ने अमेरिकी युवा शेल्टन से कहा, ‘अगर मुझे इस बात पर अपना सारा पैसा दांव पर लगाना हो, तो मैं शर्त लगाऊंगा कि आप एक दिन यह ट्रॉफी जरूर जीतेंगे। ’ ’ इसी साल जून में फ्लेवियो कोबोली को हराकर पहला ग्रैंड स्लैम खिताब- फ्रेंच ओपन जीतने वाले ज्वेरेव जुलाई में विंबलडन का फाइनल मुकाबला यानिक सिनर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

हिंदी दिवस: मोबाइल स्क्रीन पर नई पहचान बना रही है राजभाषा, तकनीक के साथ बदला अंदाज; जानकारों ने कहा विस्तार

हिंदी दिवस पर भाषा के जानकारों का कहना है कि किसी भाषा की ताकत इस बात से तय होती है कि वह आम लोगों की जिंदगी में कितनी आसानी से इस्तेमाल हो रही है। तकनीक ने हिंदी के इस्तेमाल को आसान बनाया है। अब मोबाइल में हिंदी लिखने के लिए अलग से व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ती। बोलकर भी हिंदी में संदेश लिखा जा सकता है।दिल्ली के युवाओं की बातचीत में हिंदी के साथ अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल आम है। सोशल मीडिया पर ‘क्या कर रहे हो’ की जगह ‘kya kar rahe ho’ लिखना भी इसी बदलाव का हिस्सा है। हिंदी विशेषज्ञ राकेश उपाध्याय के अनुसार, भाषा का यह रूप युवाओं की जरूरत और उनकी बातचीत के तरीके से बन रहा है। इसे हिंदी के कमजोर होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, तकनीक ने हिंदी लिखने की मुश्किल काफी कम कर दी है। मोबाइल में हिंदी का विकल्प होने के साथ आवाज से लिखने की सुविधा ने इसे और आसान बनाया है। इससे उन लोगों को भी फायदा हो रहा है, जो हिंदी टाइप नहीं कर पाते।इंटरनेट पर पढ़ाई से लेकर नौकरी, कारोबार और मनोरंजन तक हिंदी में सामग्री उपलब्ध है। यूट्यूब और दूसरे डिजिटल मंचों पर हिंदी में जानकारी देने वाले कई चैनल लोगों तक पहुंच बना रहे हैं। इससे हिंदी बोलने और समझने वाले लोगों के लिए इंटरनेट की दुनिया पहले से ज्यादा आसान हुई है।दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अनिल चौहान कहते हैं कि हिंदी को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय तकनीक, शिक्षा और रोजगार से जोड़ना जरूरी है। नई पीढ़ी जिस माध्यम पर सबसे ज्यादा समय बिता रही है, हिंदी को भी उसी माध्यम पर मजबूत जगह बनानी होगी। हिंदी दिवस पर सबसे बड़ी चुनौती हिंदी को केवल एक दिन की भाषा बनाने से बचाना है। हिंदी जितनी मोबा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

ड्रैगन के बदले सुर: पीएम मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बाद भरोसा बहाली की बात, सीमा से कारोबार तक क्या बदलेगा?

पेकिंग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया अध्ययन केंद्र के कार्यकारी उपनिदेशक वांग श्यू के मुताबिक राजनीतिक भरोसा केवल शीर्ष नेताओं की मुलाकात से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से बनता है। उन्होंने सीमा मुद्दे के प्रबंधन के लिए संस्थागत तंत्र मजबूत करने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा व्यापार और निवेश को सुरक्षा के नजरिये से देखने से बचने की जरूरत बताई।भारत और चीन के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दा सीमा विवाद है। 2024 में कजान और 2025 में तियानजिन के बाद नई दिल्ली में मोदी-जिनपिंग मुलाकात को चीन संबंधों में स्थिरता की अगली कड़ी के तौर पर देख रहा है। सीमा प्रबंधन में प्रगति, सीमा व्यापार और सीधी उड़ानों की बहाली को इसी प्रक्रिया के सकारात्मक संकेतों के रूप में पेश किया गया है।बीजिंग का जोर फिलहाल सीमा विवाद के तत्काल समाधान से ज्यादा उसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने पर दिखाई देता है, ताकि सीमा का तनाव व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क को प्रभावित न करे। चीनी विशेषज्ञों के अनुसार संस्थागत संवाद मजबूत होने से गलतफहमी और अप्रत्याशित तनाव का जोखिम कम किया जा सकता है। इससे दोनों देशों के लिए दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश बनेगी।आर्थिक रिश्तों को गति देना चीन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में भारतीय थिंक टैंक ब्यूरो ऑफ रिसर्च ऑन इंडस्ट्री एंड इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के सीईओ मोहम्मद साकिब ने कहा कि चीन भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में है और दोनों देशों के बीच सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। उनके मुताबिक चीन की हार्डवेयर क्षमता और भारत की सॉफ्टवेयर ताकत तथा युवा प्रतिभा एक-दूसरे की पूरक हैं।सीधी उड़ानों की बहाली और चीनी कंप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

आज का राशिफल: मेष-कर्क राशि वालों की चमकेगी किस्मत! नौकरी और प्रेम के मामले में जानें क्या कहते हैं सितारे

1 of 13 14 सितंबर का राशिफल - फोटो : amar ujala Aaj Ka Rashifal 14 September 2026: आज 14 सितंबर 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और नए अवसर लेकर आ सकती है। किसी राशि के जातकों को करियर और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं, तो किसी को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। प्रेम, परिवार, नौकरी, व्यापार, धन और स्वास्थ्य के लिहाज से भी आज का दिन अलग-अलग राशियों के लिए अलग प्रभाव लेकर आएगा। आज का राशिफल आपको यह समझने में मदद करेगा कि आपका दिन किस दिशा में आगे बढ़ सकता है और किन मामलों में आपको विशेष सावधानी रखनी चाहिए। जानिए 14 सितंबर 2026 का आज का राशिफल, आपके सितारे क्या कहते हैं और आज आपको किन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। तो आइए बिना देर किए जानते हैं आज का राशिफल (Today Horoscope), दैनिक राशिफल (Daily Horoscope) और 14 सितंबर 2026 का भविष्यफल, जिसमें जानेंगे आपके करियर, धन, प्रेम, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े खास संकेत। 2 of 13 आज का राशिफल - फोटो : amarujala मेष राशि आज आपका ध्यान परिवार और घरेलू मामलों पर अधिक रहेगा। मंगल का प्रभाव आपको जबरदस्त ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास देगा, लेकिन इसी वजह से जल्दबाजी या गुस्सा भी बढ़ सकता है। सोच-विचार को व्यावहारिक बनाए रखें। प्रेम जीवन में पार्टनर का अच्छा सहयोग मिलेगा, हालांकि जरूरत से ज्यादा भावनात्मक अपेक्षाएं रिश्ते में तनाव ला सकती हैं। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए दिन अच्छा है, लेकिन भावनाओं में बहकर अनावश्यक खर्च न करें। करियर में सक्रियता बनी रहेगी और सहकर्मियों से तालमेल अच्छा रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में धैर्य रखना आप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 2 min · National Desk

तीरंदाज धीरज ने इतिहास रचा: विश्व कप फाइनल की रिकर्व स्पर्धा में जीता स्वर्ण पदक, पहले भारतीय पुरुष बने

भारतीय रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं। उन्होंने जापान के नाकानिशी जुन्या को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ धीरज ने भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज के लिए 16 साल का इंतजार खत्म किया। जयंत तालुकदार अंतिम पुरुष रिकर्व तीरंदाज थे जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 14, 2026 · 1 min · National Desk

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: अलग-अलग हमलों में चार कुकी लोगों की हत्या, मरने वालों में दो महिलाएं

मणिपुर में रविवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुए अलग-अलग हमलों में चार कुकी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल है। घटनाओं के बाद कुकी संगठनों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और संवेदनशील गांवों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की स्थायी तैनाती की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर संगठनों ने 24 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी और उसके बाद अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद की चेतावनी दी है। टोलन में परिवार पर हमला, दंपती की मौत तामेंगलोंग जिले के टोलन गांव में रविवार तड़के करीब चार बजे हथियारबंद हमलावरों ने एक परिवार के घर पर गोलीबारी की। गांव प्राधिकरण के अनुसार, लिंगजंगाई सिंगसित की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सीनैह सिंगसित को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका नाबालिग बेटा हेनमिनसांग भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है। गांव प्राधिकरण ने हमले के पीछे एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) के संदिग्ध कैडरों का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्राधिकरण ने टोलन और आसपास के कुकी गांवों में केंद्रीय बलों की तत्काल तैनाती और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लॉन्गपी में दो और कुकी नागरिकों की हत्या टोलन की घटना के बाद नोनी जिले के लॉन्गपी कुकी गांव में भी हमला हुआ। कुकी संगठन कोटू के मुताबिक, यहां सेम्पाट गांव के रहने वाले थांगवेल गांगते और जूली गांगते की हत्या कर दी गई। एक अन्य महिला के लापता होने की भी सूचना है। संगठन ने दोनों घटनाओं में एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) की कथित भूमिका क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 13, 2026 · 2 min · National Desk