आज का शब्द: निदान और केदारनाथ अग्रवाल की कविता- जो न होना था हुआ

आज का शब्द: निदान और केदारनाथ अग्रवाल की कविता- जो न होना था हुआ ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- निदान, जिसका अर्थ है- आदि कारण या मूल कारण। प्रस्तुत है केदारनाथ अग्रवाल की कविता- जो न होना था हुआ जो न होना था, हुआ; हुआ जो यह हुआ- अनजाना हुआ। अब जो आए, नए आए, अलौकिक का नया संस्करण लाए, मंत्र मारते, झूमते-झामते- इतराए। लौकिक ऊँट की नाक अलौकिक की नकेल से नाथने आए; ऊँट को चोटी पर चढ़ाने आए, न पाई उँचाई को पाने आए, न लौकिक ऊँट को नाथ पाए- न चोटी पर चढ़ा पाए- न चढ़ पाए- न निदान समझ पाए- विह्वल बिलबिलाए। हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o 6 hours ago …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 1 min · National Desk

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस: सात विदेशियों को डिफॉल्ट बेल, परिवार से मिलने जाएंगे यूएस-यूक्रेन, तिहाड़ से रिहा

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद सात विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिका के नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत दे दी है। अदालत ने सभी को अपने परिवार से मिलने के लिए एक महीने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति भी दी है। इसके साथ ही अदालत ने उनके पासपोर्ट भी वापस करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के मुताबिक, मैथ्यू आरोन वानडाइक अमेरिका जाएंगे, जबकि छह यूक्रेनी नागरिक यूक्रेन जाकर अपने परिवार से मिल सकेंगे। यह यात्रा एक महीने की अवधि के लिए होगी। हालांकि, विदेश जाने से पहले उन्हें अदालत की ओर से तय शर्तों और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।इन सातों विदेशी नागरिकों को अदालत से डिफॉल्ट बेल मिली है। आसान भाषा में समझें तो जांच एजेंसी की ओर से तय कानूनी समयसीमा के भीतर जांच पूरी कर जरूरी आरोपपत्र दाखिल नहीं होने जैसी स्थिति में आरोपी को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसी आधार पर अदालत ने सातों को राहत दी है।सुनवाई के दौरान अदालत ने सातों के पासपोर्ट उन्हें जारी करने का निर्देश दिया। पासपोर्ट मिलने के बाद ही वे अदालत की अनुमति और तय शर्तों के मुताबिक विदेश यात्रा कर सकेंगे। यानी जेल से बाहर आने के साथ ही उन्हें परिवार से मिलने के लिए देश छोड़ने की भी कानूनी अनुमति मिल गई है।ये भी पढ़ें:यह मामला म्यांमार में कथित ट्रेनिंग कैंप से जुड़ा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA कर रही है। मामले में गिरफ्तार किए गए इन विदेशी नागरिकों को लंबे समय से तिहाड़ जेल में रखा गया था। अब विशेष NIA अदालत के आदेश के बाद सात …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk

आईपीएल 2027: अश्विन ने उठाया राज से पर्दा, जहीर खान से पहले इस दिग्गज को कोच बनाना चाहती थी चेन्नई सुपर किंग्स

आईपीएल 2027: अश्विन ने उठाया राज से पर्दा, जहीर खान से पहले इस दिग्गज को कोच बनाना चाहती थी चेन्नई सुपर किंग्स चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने स्टीफन फ्लेमिंग के उत्तराधिकारी की तलाश के दौरान कई बड़े नामों पर विचार किया था। भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि आशीष नेहरा भी फ्रेंचाइजी के कोचिंग प्लान में शामिल थे। हालांकि, अंत में सीएसके ने जहीर खान को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया। फ्लेमिंग के बाद शुरू हुई नए कोच की तलाश स्टीफन फ्लेमिंग लंबे समय तक सीएसके के मुख्य कोच रहे। बाद में उन्होंने इंग्लैंड की रेड-बॉल टीम की जिम्मेदारी संभाल ली। इसके बाद सीएसके ने नए हेड कोच की तलाश शुरू की और इस दौरान कई भारतीय और विदेशी कोचों के नाम पर चर्चा हुई। रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि आशीष नेहरा भी किसी समय इस दौड़ में शामिल थे। उन्होंने कहा, ‘कई कोचों के साथ बातचीत हुई थी। अगर मैं गलत नहीं हूं तो आशीष नेहरा भी किसी समय इस फ्रेम में थे।’ कई भारतीय और विदेशी नामों पर हुई चर्चा अश्विन के मुताबिक, सीएसके की तलाश सिर्फ आशीष नेहरा तक सीमित नहीं थी। फ्रेंचाइजी ने दो अन्य भारतीय दिग्गजों और कई विदेशी कोचों से भी संपर्क किया था। हालांकि, कुछ संभावित डील अलग-अलग कारणों से पूरी नहीं हो सकीं। अश्विन ने बताया कि कुछ विदेशी कोच एक साल के कॉन्ट्रैक्ट के लिए तैयार नहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: बसपा में आसान नहीं होगी ईशान आनंद की राह, पार्टी में जड़ें जमा चुके आकाश की जगह लेना होगा चुनौती

बहुजन समाज पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक बनाए गए ईशान आनंद के सामने अब संगठन को एकजुट रखने के साथ उसका विस्तार करने की चुनौती है। फिलहाल उन्हें यूपी और उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों की जिम्मेदारी संभालनी है, लेकिन अगले वर्ष यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव में पार्टी उन्हें जेन-जी के चेहरे के रूप में पेश कर सकती है। इससे पार्टी को युवाओं का समर्थन भी मिल सकता है। दरअसल, बसपा से आकाश आनंद के बाहर होने के बाद उनके समर्थकों में मायूसी है। उनको हटाने के फैसले के बाद कई पदाधिकरियों, कार्यकर्ताओं ने पार्टी से मुंह भी मोड़ लिया था। अब ईशान को फिर से उन्हें पार्टी के साथ जोड़ना है ताकि चुनावी मुहिम पर इसका असर न पड़े। वहीं दूसरी ओर ताजपोशी के बाद ईशान को परिवार के भीतर असंतोष का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि आकाश आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के फैसले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और अपने सियासी भविष्य को लेकर भी कोई संकेत नहीं दिया है। इन हालात में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजरें आकाश और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के अगले कदम पर टिकी हैं।जानकारों की मानें तो ईशान के लिए आगे की राह आसान नहीं है। बीते दिनों पार्टी में हुए घटनाक्रम के बाद कुछ राष्ट्रीय पदाधिकारियों को इसका जिम्मेदार बताया जा रहा था। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि वह ईशान की राह में रोड़ा बन सकते हैं। हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती का राजनीतिक अनुभव ईशान को मिलेगा, जिससे वह अधिक मजबूत होकर सियासत में अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा का निधन, दो दिन से बुखार था, नोएडा के अस्पताल में तोड़ा दम; सीएम ने जताया दुख

सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि विधायक छोटेलाल वर्मा पिछले दो दिन से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राजपुर चुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले गए। रास्ते में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दाैरान विधायक ने दम तोड़ दिया। विधायक की माैत की जानकारी मिलते ही समर्थकों में शोक की लहर दाैड़ गई। सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि विधायक छोटेलाल वर्मा पिछले दो दिन से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राजपुर चुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले गए। रास्ते में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई।इसके बाद उन्हें नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दाैरान विधायक ने दम तोड़ दिया। विधायक की माैत की जानकारी मिलते ही समर्थकों में शोक की लहर दाैड़ गई। आगरा के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा की पिछले कुछ दिन से तबीयत खराब थी। इसके बाद उन्हें आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले जा रहे थे, रास्ते में उन्होंने नोएडा के अस्पताल में दम तोड़ दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

एथलेटिक्स में पदक का खाता खुला: सीमा को कांस्य, एशियाड में 16 साल बाद महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में मेडल

सीमा शुरुआत से ही पदक की दौड़ में बनी हुई थीं। एक समय वह चौथे स्थान पर खिसक गई थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की और सुनिश्चित किया कि कम से कम कांस्य पदक भारत की झोली में आ सके। इस तरह एथलेटिक्स में मौजूदा एशियन गेम्स में भारत को पहला पदक मिला है। भारत की सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स की महिला 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया है। वह भारत की तीसरी महिला एथलीट हैं जिन्हें एशियाड में महिला 10000 मीटर में पदक मिला है। 16 साल बाद भारत को महिला 10000 मीटर में पदक मिला है। सीमा ने 32:50.05 मिनट में रेस खत्म की और वह तीसरे स्थान पर रहीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 1 min · National Desk

राहुल गांधी का बड़ा दावा: कहा- भाजपा कई राज्यों में लगातार जीत रही, हमें 100% यकीन कि चुनावों में धांधली हुई

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में चुनावी व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गड़बड़ियां हुई हैं और उनके पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ा मामला है। 𝐌𝐫. 𝐆𝐲𝐚𝐧𝐞𝐬𝐡 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫 𝐦𝐮𝐬𝐭 𝐫𝐞𝐬𝐢𝐠𝐧 𝐢𝐦𝐦𝐞𝐝𝐢𝐚𝐭𝐞𝐥𝐲. 🔹We are not going to let democracy be destroyed in India and sit silent, and the people responsible for this are going to be punished. 🔹The two Election Commissioners have done a wise thing, and I… pic.twitter.com/pQnc4wIpkN — Congress (@INCIndia) September 24, 2026 राहुल गांधी ने कहा कि वह यह बात बिना आधार के नहीं कह रहे हैं। उनके मुताबिक, उनके पास मौजूद जानकारी और सबूत इस बात को 100 प्रतिशत निश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं कि भारतीय चुनावों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने विशेष रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों का जिक्र किया।राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के वोट की सुरक्षा करना आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर वोट की व्यवस्था कमजोर होती है तो संविधान अपनी ताकत खो देता है और उसके बाद कानून तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी असर पड़ता है।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग वह संवैधानिक संस्था है, जिसे देश के मतदाताओं के वोट की रक्षा करनी चाहिए। राहुल के मुताबिक, वोट की सुरक्षा में गड़बड़ी केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर पड़ता है।राहुल गांधी ने भाजपा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

एफएसएसएआई का प्रस्ताव: अब ‘पनीर’ के नाम से नहीं बिकेंगे एनालॉग डेयरी उत्पाद, कंपनियों को बदलनी होगी लेबलिंग

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नकली पनीर के निर्माण और बिक्री पर एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर के संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाना और उन्हें असली उत्पाद उपलब्ध कराना है। इस संशोधन के तहत, ‘डेयरी संदर्भ में एनालॉग’ श्रेणी में पहले से लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत उत्पादों को अब पनीर शब्द का उपयोग बंद करना होगा। यह प्रतिबंध उनके नामकरण, लेबलिंग या विपणन में सख्ती से लागू होगा। क्या है एनालॉग पनीर और यह क्यों है चिंता का विषय? खाद्य नियामक का कहना है कि यह कदम उत्पादों की प्रकृति और संरचना के बारे में उपभोक्ताओं को गलत जानकारी देने से रोकेगा। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और असली पनीर की पहचान आसान होगी। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों को नए नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। एनालॉग पनीर ऐसे उत्पाद होते हैं जो देखने में पनीर जैसे लगते हैं। हालांकि, उनमें दूध के ठोस पदार्थ कम होते हैं या उन्हें वनस्पति तेलों जैसे अन्य अवयवों से बनाया जाता है। ये उत्पाद अक्सर कम लागत पर तैयार किए जाते हैं। इनकी संरचना और पोषण मूल्य असली पनीर से काफी अलग होते हैं। उपभोक्ताओं को अक्सर यह पता नहीं होता कि वे असली पनीर नहीं खरीद रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और वित्तीय हितों को नुकसान पहुंच सकता है। एफएसएसएआई का यह कदम इसी धोखे को रोकने के लिए है। उत्पादकों पर क्या होगा असर? इस अधिसूचना से एनालॉग पनीर बनाने वाले उत्पादकों को अपने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: एसआईआर में अब तक कटे कितने नाम, सबसे ज्यादा किस राज्य में कम हुए मतदाता, बाकियों के आंकड़े क्या?

एक्सप्लेनर: एसआईआर में अब तक कटे कितने नाम, सबसे ज्यादा किस राज्य में कम हुए मतदाता, बाकियों के आंकड़े क्या? अब एक अखबार में छपी रिपोर्ट के बाद से चुनाव आयोग की एसआईआर में भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एसआईआर शुरू होने के बाद से ही दो चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली और इसके बदलते नियमों पर सवाल उठाए हैं। दावा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विवेक जोशी की ओर से इससे जुड़े मुद्दों को 10 महीने में 14 बार उठाया गया। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से ही विपक्ष ने अब पूरी एसआईआर की प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है और आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त, दो आयुक्तों वाले चुनाव आयोग में एसआईआर से जुड़े कई फैसलों पर सहमति नहीं थी। इन दलों ने एसआईआर की प्रक्रिया को गड़बड़ बताया है। भारत के अलग-अलग राज्यों में एक साल से ज्यादा समय से जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता रहा है। एसआईआर की समयसीमा और इसके तरीके को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। कई राजनीतिक दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग मनमाने ढंग से नाम काट रहा है और बड़े स्तर पर वैध वोटरों के दस्तावेजों की कमी बताकर उनसे मतदान का सांविधानिक अधिकार छीन रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच यह जानना अहम है कि आखिर देश के किन-किन राज्यों में अब तक एसआईआर की प्रक्रि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk

सेवा संकल्प यात्रा: प्रतिभागियों से प्रधानमंत्री मोदी ने की बातचीत, कहा- सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों से बातचीत की। सेवा यात्री 10 समूहों में वड़नगर से वाराणसी तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। इसके साथ ही बातचीत में झाबुआ जिले के एक गांव में ‘मोदी फालिया’ नाम रखे जाने और युवाओं के समर्थन का भी जिक्र हुआ। प्रतिभागियों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक पुरानी कहावत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘एक पुरानी कहावत है कि जब कोई यात्रा से लौटता है और आप उन्हें प्रणाम करते हैं, तो उस यात्रा से मिले आध्यात्मिक पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले व्यक्ति को मिल जाता है। इसलिए आज, इन सभी ‘सेवा यात्रियों’ को नमन करके, मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा ले रहा हूं।‘पीएम मोदी ने हिस्सा लेने वालों से अपना ध्यान रखने को कहा और इस बात पर जोर दिया कि सेवा ही मुख्य मकसद होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सेवा हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए। हमें सिर्फ उपदेश देकर नहीं, बल्कि खुद सेवा करके सेवा का संदेश देना चाहिए। हम अपने कामों से सेवा का संदेश देंगे, सिर्फ बातों से नहीं।‘उन्होंने कहा कि हिस्सा लेने वालों का व्यवहार लोगों को यह दिखाना चाहिए कि चाहे कितनी भी राजनीतिक ताकत क्यों न मिल जाए, रास्ता सेवा का ही होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा व्यवहार लोगों को यह दिखाना चाहिए कि चाहे हमें कितनी भी बड़ी राजनीतिक ताकत क्यों न मिले, हमारा रास्ता सेवा का ही रहता है।‘पीएम मोदी ने कहा, ‘हम सेवा के इस रास्ते से कभी नहीं भटकेंगे। हम चाहे कितनी भी बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर लें, हम हमेशा ‘सेवा परमो धर्म’ (सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है) के सिद्धांत का पालन करते हुए आगे बढ़ेंगे। कुल 35,500 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 24, 2026 · 2 min · National Desk