आज का शब्द: निदान और केदारनाथ अग्रवाल की कविता- जो न होना था हुआ ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- निदान, जिसका अर्थ है- आदि कारण या मूल कारण। प्रस्तुत है केदारनाथ अग्रवाल की कविता- जो न होना था हुआ जो न होना था, हुआ; हुआ जो यह हुआ- अनजाना हुआ। अब जो आए, नए आए, अलौकिक का नया संस्करण लाए, मंत्र मारते, झूमते-झामते- इतराए। लौकिक ऊँट की नाक अलौकिक की नकेल से नाथने आए; ऊँट को चोटी पर चढ़ाने आए, न पाई उँचाई को पाने आए, न लौकिक ऊँट को नाथ पाए- न चोटी पर चढ़ा पाए- न चढ़ पाए- न निदान समझ पाए- विह्वल बिलबिलाए। हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o 6 hours ago …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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