जम्मू-कश्मीर: शोपियां में CRPF वाहन हादसे का शिकार, पहलगाम में ITBP बंकर से टकराई गाड़ी, 11 सुरक्षाकर्मी घायल

पहला हादसा शोपियां जिले के जैनापोरा इलाके में वाची मुख्य सड़क पर सोमवार शाम सीआरपीएफ का बंकर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक जवान भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, सीआरपीएफ की 178वीं बटालियन का बीपी बंकर वाहन पुलिस पोस्ट वाची में तैनात था। वाची मुख्य सड़क पर चलते समय वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे पलट गया। घटना के तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को सीएचसी जैनापोरा में भर्ती कराया गया। सभी को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। शोपियां जिले हादसे में घायलों की सूची 1-इंस्पेक्टर शिवांदर त्रिपाठी: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 2-सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 3-हेड कांस्टेबल जीडी केएम दीपक: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 4-कांस्टेबल टीएन. हकीब: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 5-कांस्टेबल दुलाल सना: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 6-कांस्टेबल पप्पू राम: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 7-कांस्टेबल ड्राइवर कुणाल साह: सीआरपीएफ 178वीं बटालियन 8-सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल फयाज अहमद खान: बेल्ट नं. 575/एसपीएन पुलिस पोस्ट वाची, जैनापोरा वहीं, दूसरा हादसा अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में हुआ। अधिकारियों के अनुसार, नियंत्रण खोने के बाद एक नागरिक पिकअप वाहन ने अस्थायी बंकर को टक्कर मार दी। इस घटना में आईटीबीपी के तीन जवान और पिकअप वाहन का चालक घायल हो गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: क्या है 3.5% नियम, जिसके आगे झुक सकती है सत्ता; भारत के युवाओं के आंदोलन से इसका क्या कनेक्शन?

फिर संख्या इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? बड़ी भागीदारी से सरकार पर कई स्तरों पर दबाव बन सकता है। बड़े प्रदर्शन सामान्य और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। आंदोलन में लाखों लोगों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत भी दे सकती है कि समाज में उसका समर्थन प्रदर्शनकारियों की संख्या से कहीं ज्यादा है। अहिंसक आंदोलन में अलग-अलग उम्र, पेशे और सामाजिक समूहों के लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा आंदोलन बड़ा होने पर राजनीतिक, कारोबारी, मीडिया और दूसरे प्रभावशाली समूह भी सरकार से दूरी बना सकते हैं। चेनोवेथ की रिसर्च में सत्ता का समर्थन करने वाले समूहों का पाला बदलना सफल आंदोलनों का महत्वपूर्ण कारण माना गया है। कहां-कहां देखी गई सफलता? 3.5% रूल के पीछे की सोच को पोलैंड के सॉलिडैरिटी मूवमेंट से समझा जा सकता है। 1980 में पोलैंड के गडांस्क शहर में जहाज बनाने वाले मजदूरों ने स्वतंत्र यूनियन, बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की। लेक वालेसा के नेतृत्व में शुरू हुआ यह विरोध जल्द ही बड़े आंदोलन में बदल गया। कुछ ही महीनों में सॉलिडैरिटी मूवमेंट के करीब एक करोड़ सदस्य हो गए। यह संख्या पोलैंड के कुल वर्कफोर्स के करीब एक-तिहाई के बराबर थी। खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ मजदूर नहीं थे। बुद्धिजीवी, कैथोलिक और कम्युनिस्ट शासन के विरोधी भी आंदोलन का हिस्सा बन गए। सरकारी कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 1989 में बातचीत हुई, जिसके बाद आंशिक रूप से स्वतंत्र चुनाव कराए गए और सॉलिडैरिटी को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता मिली। उसी साल सॉलिडैरिटी ने इतनी संसदीय सीटें जीतीं कि वह सरकार का नेतृत्व कर सके। अगले साल पोलैंड में कम्युनिस्ट शासन समाप्त हो गया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

पेपर लीक बिल पर घेराबंदी की तैयारी में विपक्ष?: राहुल गांधी करेंगे अगुवाई; प्रियंका भी लेंगी चर्चा में हिस्सा

लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर होने वाली चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे। हालांकि, विपक्ष ने साफ किया है कि वह छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब चाहता है। क्या कांग्रेस पेपर लीक विधेयक का समर्थन कर रही है? इंडिया गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और विपक्ष पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए विधेयक या उस पर चर्चा के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षाओं को मजबूत बनाने वाले हर कदम का समर्थन किया जाएगा, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और कथित अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। क्या विपक्ष ने चर्चा के लिए शर्त रखी है? विपक्ष का कहना है कि वह संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और जवाबदेही के मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। विपक्ष का मानना है कि इस विषय पर जवाब मिलने के बाद ही सार्थक चर्चा हो सकती है। क्या विपक्ष ने बनाई साझा रणनीति? संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने और दिनभर की कार्यवाही को लेकर समन्वय पर चर्चा की गई। क्या पेपर लीक विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है? केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

US-Israel: ईरान जंग शुरू होने के बाद ट्रंप-नेतन्याहू की पहली बैठक, मतभेदों के बीच क्या है इस्राइल का प्लान?

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों नेता अपने-अपने देशों में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं। नेतन्याहू चुनाव का सामना करने वाले हैं और ट्रंप के साथ बिगड़ते संबंधों के कारण भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ट्रंप पर एक ऐसे युद्ध को खत्म करने का दबाव है, जो जनता के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। इस युद्ध से आर्थिक नुकसान हुआ है और कीमतें बढ़ी हैं। यह सब नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले हो रहा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि दोनों नेता इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध को लेकर अमेरिका और लेबनान के बीच हुए समझौते के ढांचे और अब्राहम समझौते के विस्तार पर भी चर्चा करेंगे। सोमवार को पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान के मुद्दे पर वह और इस्राइली प्रधानमंत्री एक ही राय रखते हैं, तो ट्रंप ने कहा, हमारे बीच थोड़ा अंतर है। लेकिन हां, हम काफी करीब हैं। ये भी पढ़ें: उतार-चढ़ाव भरे रहे ट्रंप-नेतन्याहू के संबंध पिछले कई वर्षों से ट्रंप और नेतन्याहू के संबंध कभी मजबूत तो कभी तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, पिछले साल जब ट्रंप दोबारा व्हाइट हाउस लौटे तो दोनों नेताओं के बीच गठबंधन पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दिया। फरवरी में जब दोनों देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी, तब दोनों एकजुट नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी सेनाएं मिलकर ईरान के नेतृत्व को निशाना बना रही हैं और ऐसी सरकार के लिए रास्ता तैयार कर रही हैं, जो पश्चिमी देशों के ज्यादा करीब हो। लेकिन जैसे-जैसे ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों व ऊंची इमारतों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए। स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Himachal Rain: चंबा में मूसलाधार बारिश का तांडव, 12 से अधिक वाहन दबे, कई घरों में मलबा; लोगों ने खाली किए घर

जिले के उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही। इन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में आ गया। मलबे की चपेट में आकर करीब 12 वाहन दब गए। इन दबे हुए वाहनों में निजी कारें, मालवाहक ट्रक, दोपहिया बाइक और स्कूटियां शामिल थीं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तडोली नाला भी बारिश के कारण उफान पर आ गया। नाले का बहाव इतना तेज था कि वह अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का मलबा बहाकर लाया। जिले के उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही। इन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में आ गया। मलबे की चपेट में आकर करीब 12 वाहन दब गए।इन दबे हुए वाहनों में निजी कारें, मालवाहक ट्रक, दोपहिया बाइक और स्कूटियां शामिल थीं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तडोली नाला भी बारिश के कारण उफान पर आ गया। नाले का बहाव इतना तेज था कि वह अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का मलबा बहाकर लाया। संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान तडोली नाले के तेज बहाव में आया मलबा और पत्थर एक स्टोर में घुस गए। इससे वह स्टोर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अतिरिक्त, आसपास के कई घरों में भी मलबा घुस गया, जिससे निवासियों को काफी परेशानी हुई। सुल्तानपुर नाले ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। इस नाले के तेज बहाव में भी कई बाइक और स्कूटियां बहकर क्षतिग्रस्त हो गईं। भरियाड गांव में पानी का रुख अचानक बदल गया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: संसद में आज परीक्षा सुधार पर चर्चा; नेपाल और POJK में बवाल; जंतर-मंतर आंदोलन में कार्रवाई जारी रहेगी

देश की बड़ी खबरों में संसद सत्र की खबरें लगातार चर्चा में हैं। हंगामेदार हफ्ता बीतने के बाद आज संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में परीक्षा से सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा कराई जाएगी। नेपाल और POJK में बवाल भी सुर्खियों में है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सरकारी एफआईआर रद्द किए जाने से इतर जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान दर्ज अन्य मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। खेल जगत की खबरों में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल भी चर्चा में हैं। यहां पांचवें दिन के खेल में भारत ने एक-एक स्वर्ण और कांस्य पदक और चार रजत पदक मिले। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई होगी। मनोरंजन जगत की खबरों में राम कपूर की किस कॉन्ट्रोवर्सी लगातार चर्चा में है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

यूपी: प्रदेश के इन 25 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इन शहरों के लिए जारी हुआ ऑरेंज और रेड अलर्ट

राजधानी में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। दिन चढ़ने के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ी और धूप-छांव का दौर चला। दोपहर तक उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रही। इसके बाद कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। कुल 9.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के असर से अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और मौसम कुछ राहत भरा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है। इस कारण दिन के पारे में और गिरावट आ सकती है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से राजधानी में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

सीमा पर शांति, व्यापार में रफ्तार: क्या बदलने वाला है भारत-चीन का रिश्ता? बीजिंग वार्ता से मिले संकेत

बीजिंग में सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन की विदेश मामलों की उप-मंत्री हुआ चुनयिंग के बीच बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन की उप-विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों के नेताओं की सहमति को आगे बढ़ाने और आपसी हितों वाले मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

CWG 2026 Day 5 Highlights: भारत को एक और स्वर्ण पदक, कुल 10 मेडल के साथ तालिका में 8वां स्थान

03:25 AM, 28-Jul-2026 छठे दिन भारत पदक तालिका में कहां पहुंचा? छठे दिन ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में भारत आठवें नंबर पर पहुंच गया है। दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदकों के साथ भारत कुल 10 पदकों के साथ अपने अभियान में आगे बढ़ रहा है। पदक तालिका में शीर्ष पर 26 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 59 मेडल जीतने वाला देश ऑस्ट्रेलिया है। 02:55 AM, 28-Jul-2026 मेडल की रेस में हरियाणा का मुक्केबाज उभरते हुए युवा खिलाड़ी अंकुश भी पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। हरियाणा के 20 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश अपने पहले ही राष्ट्रमंडस खेलों में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। पूर्व विश्व युवा और जूनियर चैंपियन साक्षी भी 51 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। बुधवार को अंतिम आठ में उनका मुकाबला उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स से होगा। कड़े मुकाबले के बाद पराजित हुए भारतीय मुक्केबाज एक अन्य भारतीय मुक्केबाज सुमित ने पुरुषों के 70 किलोग्राम भारवर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में उत्तरी आयरलैंड के प्रतिद्वंद्वी जॉन मैककोनेल का मजबूती से मुकाबला किया। आक्रामक तरीके से पहले दौर की शुरुआत में 3-2 की बढ़त बनाने वाले सुमित के खिलाफ मैककोनेल ने अगले राउंड में जोरदार वापसी की। उन्हें काउंटबैक नियम के जरिए 1-4 के विभाजित निर्णय से विजेता घोषित किया गया। उभरते हुए युवा खिलाड़ी अंकुश भी पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। हरियाणा के 20 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश अपने पहले ही राष्ट्रमंडस खेलों में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं।एक अन्य भारतीय मुक्केबाज सुमित ने पुरुषों के 70 किलोग्राम भारवर्ग के राउंड ऑफ 16 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

जंतर-मंतर आंदोलन: सिर्फ सरकारी FIR ही होंगी वापस, निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज मामलों में जारी रहेगी कार्रवाई

जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं होंगी। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल वे मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पुलिस या राज्य की ओर से दर्ज किए गए हैं। निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज एफआईआर, जिनमें महिला पत्रकारों से छेड़छाड़, मारपीट और अन्य आपराधिक आरोप शामिल हैं, वापस नहीं ली जाएंगी। इन मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने पहले ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए भरोसा दिया था कि ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी के तहत दिल्ली पुलिस अपनी ओर से दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। हालांकि सोमवार शाम तक इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी नहीं हुए।दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद श्रीवास्तव के अनुसार, आंदोलन के दौरान दिल्ली में करीब 20 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें अधिकांश मामले प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और हिंसा से जुड़े हैं। वहीं करीब पांच एफआईआर निजी शिकायतों पर दर्ज की गई हैं। इनमें दो महिला पत्रकारों द्वारा छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।चूंकि ये निजी शिकायतों पर आधारित मामले हैं, इसलिए इन्हें सरकार या पुलिस अपने स्तर पर वापस नहीं ले सकती। इन मामलों में आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में दिल्ली पुलिस स्वयं शिकायतकर्ता है, केवल उन्हीं में अभियोजन पक्ष अदालत से मुकदमा वापस लेने का अनुरोध करेगा। इसके लिए पहले दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी आवश्यक होगी। एलजी की अनुमति मिलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk