'ऋतब्रत को और समय न दिया जाए': चुनाव आयोग को ममता बनर्जी ने क्यों लिखी चिट्ठी, क्या है पूरा मामला?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय हलचल काफी तेज है। चुनाव आयोग ने जुलाई की शुरुआत में टीएमसी और उसके पत्रों से जुड़े एक मामले में जांच शुरू की थी। आयोग ने 2 जुलाई और 13 जुलाई को पत्र जारी किए थे। आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी की शिकायतों पर टीएमसी से जवाब मांगा था। टीएमसी से 6 जुलाई तक अपनी टिप्पणी देने को कहा गया था। पार्टी ने तय समय पर 6 जुलाई को ही अपना जवाब जमा कर दिया था। टीएमसी ने अपने जवाब की एक कॉपी ई-मेल और स्पीड पोस्ट से ऋतब्रत बनर्जी को भी भेज दी थी।ममता बनर्जी का आरोप है कि आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी को बार-बार अतिरिक्त समय दिया। इससे जांच प्रक्रिया में बेवजह देरी हो रही है। आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी को जवाब देने के लिए 15 दिनों की और मोहलत दी थी। उनके लिए नई अंतिम तिथि 25 जुलाई तय की गई थी। वहीं टीएमसी के लिए समयसीमा 13 जुलाई तक बढ़ाई गई थी। ममता बनर्जी ने कहा कि 25 जुलाई की तारीख बीतने के बाद भी टीएमसी को कोई जानकारी नहीं दी गई है। पार्टी को यह भी नहीं पता चला कि ऋतब्रत ने अपना जवाब सौंपा है या नहीं।ममता बनर्जी ने 29 जुलाई को लिखे अपने पत्र में आयोग की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर गहरा असर पड़ रहा है। इसलिए आयोग को दोनों पक्षों के लिए बराबरी का मैदान सुनिश्चित करना चाहिए।ममता बनर्जी ने लिखा कि न्याय का आधार जनता का विश्वास होता है। अगर 25 जुलाई के बाद भी ऋतब्रत बनर्जी को और समय दिया जाता है, तो इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा डगमगा जाएगा। ममता ने मांग की है कि आयोग बिना किसी देरी के इस जांच को तुरंत समाप्त करे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Gen-Z की ताकत से बदली सियासत?: युवाओं पर दलों का फोकस; भाजपा इंस्टाग्राम पर, सपा शुरू करेगी जेन संवाद

जेन-जी की ताकत दुनिया ने देखी। अब इससे चौकन्ने हो रहे राजनीतिक दल नए सिरे से अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। उनकी प्राथमिकता सूची में अब इंस्टाग्राम जैसा युवाओं में बेहद लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम है। 18 से 29 साल के छात्रों, प्रोफेशनल्स व बेरोजगारों से खुद को ज्यादा प्रभावी तरीके से जोड़ने पर फोकस बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों युवाओं को संबोधित अपने तीन वीडियो संदेश इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए। अब उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अपने अभियान में इसी के जरिए युवाओं के बीच पैठ और बढ़ाएगी। साथ ही विरोधियों के हमलों पर जवाब भी देगी। भाजपा को संदेश दिया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म में जहां युवा सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, वहां अपनी बात पहुंचाएं।समाजवादी पार्टी अब ‘जेन-जेड संवाद’ शुरू कर रही है। यह सपा के विजन इंडिया अभियान का विस्तार माना जा रहा है। कांग्रेस भी युवाओं से जुड़ने का विशेष अभियान तय करने जा रही है। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी उपाध्यक्ष आकाश आनंद को युवाओं से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी है।जेन-जी की ताकत को पार्टियों ने तब ही भांपना शुरू कर दिया जब जंतर-मंतर से लेकर देश के दूसरे हिस्सो में युवाओं का आंदोलन तेजी से आगे बढ़ रहा था। दलों को इससे संदेश मिला कि युवा अपने मुद्दों पर मुखर हैं और उनका वोट राजनीतिक रुझान से उलट हो सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रणनीति के तहत प्रदर्शन को फैलने से रोका, वहीं सपा, कांग्रेस व अन्य पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया। उधर, सपा सांसद डिंपल यादव धरना स्थल पर पहुंच प्रदर्शकारियों की मदद करती दिखीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Noida: अब मामूरा के खुले नाले में गिरकर बुजुर्ग की मौत, लगातार हो रहे हैं जानलेवा हादसे लेकिन नहीं बदलते हालात

मामूरा में बुधवार सुबह खुले नाले में गिरने से बुजुर्ग (70) की मौत हो गई। सुबह करीब 9:30 बजे गली नंबर-6 में ओम अस्पताल के पास ट्रांसफॉमर्र के करीब खुले नाले में हुए हादसे में जान गंवाने वाले बुजुर्ग की शिनाख्त मूलरूप से मेरठ निवासी रुमाल सिंह के रूप में हुई है। फिलहाल वह नोएडा के सेक्टर-66 के मामूरा में रह रहे थे। 9 जुलाई 2026 : सेक्टर-58 में टूटी स्लैब की वजह से नाले में गिरे इंजीनियर आर्यन की मौत हुई। प्राधिकरण की तरफ से कहा गया कि नाला कुछ फीट गहरा था। सेक्टर-58 में टूटी स्लैब की वजह से नाले में गिरे इंजीनियर आर्यन की मौत हुई। प्राधिकरण की तरफ से कहा गया कि नाला कुछ फीट गहरा था। 16 जनवरी 2026 : सेक्टर-150 सेक्टर में बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। मौके पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। सेक्टर-150 सेक्टर में बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। मौके पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। 8 अप्रैल 2026 : सेक्टर-94 में नोएडा हैबिटेट सेंटर निर्माण के लिए डबल बेसमेंट की खोदाई वाले स्थल को एक तरफ से खुला छोड़ा गया था। यहां निजी यूनिवर्सिटी के छात्र पिकनिक मनाने पहुंचे थे। पानी में नहाने के दौरान छात्र हर्षित भट्ट (23) की मौत हो गई थी। सेक्टर-94 में नोएडा हैबिटेट सेंटर निर्माण के लिए डबल बेसमेंट की खोदाई वाले स्थल को एक तरफ से खुला छोड़ा गया था। यहां निजी यूनिवर्सिटी के छात्र पिकनिक मनाने पहुंचे थे। पानी में नहाने के दौरान छात्र हर्षित भट्ट (23) की मौत हो गई थी। 17 दिसंबर 2024 : सेक्टर-73 में शौर्य बैंक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Jantar Mantar Protest: आखिर किसके आदेश पर चली तीन पैलेट गन, दिल्ली पुलिस और आरएएफ आमने सामने; भारी उलझन

20 जुलाई को जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विभिन्न छात्र संगठनों के चलो संसद मार्च के दौरान कुल पैलेट गन से पांच गोलियां चलीं थीं। नई दिल्ली जिले के संसद मार्ग थाने में दर्ज जीडी में कहा गया कि जोन-एक में पैलेट गन से दो गोलियां चलीं थीं। अब सवाल ये है कि आखिर पैलेट गन से तीन और गोलियां किस जोन में चली थीं और किस डीसीपी ने चलाने के आदेश दिए थे। पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली पुलिस व आरएएफ अब आमने-सामने है और एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रही हैं। कुछ दिन पहले आरएएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि उनके जवानों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। आरएएफ के जवान ने संसद मार्ग थाने में कराई जीडी इंट्री में कहा है कि दिल्ली पुलिस के जोन-एक में हुई इस घटना के दौरान दो पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आरएएफ का दावा है कि कुल पांच गोलियां चलाई गईं। अब ये जांचा जा रहा कि किस जोन में इस गन का इस्तेमाल कर तीन गोलियां और चलाई गई थीं।आखिर कौन वह डीसीपी हैं, जिनके आदेश के बाद इस गन का इस्तेमाल हुआ। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पूरी नई दिल्ली को 15 जोन में बांटा था। हालांकि ये बीच-बीच में जोन का क्षेत्रफल व उनके डीसीपी बदलते रहे थे। फिलहाल, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली पुलिस, आरएएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) देवेश चंद श्रीवास्तव पहले ही कह चुके हैं कि दिल्ली पुलिस के पास पैलेट गन नहीं है।दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि जब भी कहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

US Fed Rates Update: फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, तीन अधिकारी वृद्धि के खिलाफ; ट्रंप क्या करेंगे?

अमेरिका के केंद्रीय बैंक- फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को स्थिर रखने का फैसला लिया है। फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान मौजूदा मुद्रास्फीति पर चिंता भी जताई गई। अपनी चिंता व्यक्त करते हुए फेड के तीन अधिकारियों ने दरों में वृद्धि का विरोध किया। फेड ने बैठक के बाद कहा, समिति मूल्य स्थिरता प्रदान करेगी। अमेरिका में महंगाई का कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क / टैरिफ और ईरान में संघर्ष के कारण ‘उच्च ऊर्जा लागत’, दोनों हैं। समिति ने जून में 2026 के अंत तक एक चौथाई प्रतिशत अंक की वृद्धि का अनुमान लगाया था। हालांकि, फिलहाल ब्याज दरें स्थिर रखी गई हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में ट्रंप क्या फैसले लेते हैं। अमेरिका में ब्याज दरों की समीक्षा के दौरान फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने संघीय कोष दर को 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में रखने के लिए प्रस्ताव पर 9-3 के बहुमत से मतदान किया। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ अधिकारी दरों में वृद्धि पर जोर दे रहे थे। हालांकि, बुधवार को (स्थानीय समय) बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक वॉर्श ने तर्क दिया कि फेड को बाजारों को यह बताने में कम समय खर्च करना चाहिए कि वह क्या करेगा। इसके बजाय, उसे उन स्थितियों पर जोर देना चाहिए जिनके तहत कार्रवाई की जाएगी।फेड की तीन क्षेत्रीय अध्यक्षों का मानना है कि मुद्रास्फीति यानी महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए बैंक को उच्च दरों की जरूरत है। जिन लोगों ने विरोध किया उनमें क्लीवलैंड की बेथ हैमैक, मिनियापोलिस के नील कशकारी और डलास की लोरी लोगन शामिल हैं। इन अधिकारियों ने कहा कि फेड ने दो फीसदी लक्ष्य तय किया है, लेकिन पा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

UP Weather: फिर ठिठका मानसून, अब तीन अगस्त तक पड़ सकती है बेचैन करने वाली उमस-गर्मी; ये है आज का पूर्वानुमान

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का दायरा कुछ दिनों के लिए एक बार फिर सिमटने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार से बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी तराई के जिलों तक सीमित रहेगी। यह स्थिति तीन अगस्त तक बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार से दो दिन तक 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चल सकती है। सहारनपुर और बिजनौर समेत तराई के जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं। वहीं, दक्षिणी जिलों, मध्य प्रदेश से सटे इलाकों और कुछ अन्य क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।बुधवार को कानपुर में सबसे अधिक 81 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मेरठ में 80.8 मिमी, बिजनौर में 72 मिमी और मुजफ्फरनगर में 68.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून ट्रफ अभी सामान्य स्थिति में है। हालांकि, तीन-चार अगस्त के आसपास इसके फिर उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इससे प्रदेश में एक बार फिर व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Farmers Protest: मांगों को लेकर सड़क पर डटे किसान तो उनकी बाट जोह रहा परिवार, जानिए अन्नदाताओं के घर के हाल

नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हजारों किसान अपनी 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर तीन दिन से सड़कों पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक वे आंदोलन खत्म कर वापस घर नहीं लौटेंगे। लेकिन किसानों के इस आंदोलन का असर अब सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी तस्वीर नर्मदापुरम के गांवों में भी दिखाई देने लगी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 1 min · National Desk

PoK पर भारत का दो टूक संदेश: अमेरिकी अखबार की हेडलाइन 'पाकिस्तानी कश्मीर' पर जताई आपत्ति, साफ किया अपना रुख

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कोई क्षेत्र नहीं है, केवल ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर भारत ने क्या कहा? भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई इकाई मौजूद नहीं है, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत का क्या रुख है? दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और अब वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। PoK में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं? न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र आकलनों के हवाले से बताया गया है कि जून की शुरुआत से लेकर हालिया हिंसा तक प्रदर्शनकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर क्या कहा? रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नामक संगठन पिछले महीने से तथाकथित क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए किया जाता है। भारत का कहना है कि पाकिस्ता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Farmers Protest: सरकार के 60% उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन, घरों की ओर लौटे

11:22 PM, 29-Jul-2026 किसानों ने खत्म किया आंदोलन बीते तीन दिनों से जारी किसान आंदोलन बुधवार रात खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके पीछे सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई। दिनभर की गहमागहमी के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब घरों की लौटने लगे हैं। बीते तीन दिनों से जारी किसान आंदोलन बुधवार रात खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके पीछे सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई। दिनभर की गहमागहमी के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब घरों की लौटने लगे हैं। 10:50 PM, 29-Jul-2026 सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद किए सरकार के फैसले के बाद किसान दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के फैसले के बाद किसान दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

भारतीय नाविकों की सुरक्षा अहम: DGMA की एडवाइजरी, अदन की खाड़ी और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में क्या खतरा?

यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब अप्रैल 2026 से इस क्षेत्र में समुद्री डकैती की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। डीजीएमए ने कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने के दौरान सभी जहाज मालिक, जहाज संचालक, जहाज के कप्तान, कंपनी सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) और भर्ती एवं नियुक्ति सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) एजेंसियां समुद्री डकैती और समुद्री सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिस (बीएमपी-5) के नवीनतम संस्करण का सख्ती से पालन करें।समुद्री प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्र (एचआरए) में प्रवेश करने से पहले जहाज की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का व्यापक आकलन किया जाए। साथ ही, जहाज सुरक्षा योजना (शिप सिक्योरिटी प्लान) को अद्यतन कर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।अदन की खाड़ी और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है। यह मार्ग यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच माल ढुलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में समुद्री डकैती की घटनाओं में फिर से बढ़ोतरी देखी गई है।समुद्री डाकू व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करने, चालक दल को बंधक बनाने और फिरौती मांगने जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे खतरे न केवल नाविकों की सुरक्षा के लिए चुनौती हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकते हैं। इसी वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को देने की सलाह दी जाती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk