UP: राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंपी जाएगी इन तीन नामों की सूची, इस दिन होगी CEO की घोषणा; एक पर लगेगी मुहर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अंतिम साक्षात्कार पूरा होने के साथ सीईओ चयन की गेंद अब सर्च कमेटी के पाले से निकलकर ट्रस्ट के पाले में पहुंचने वाली है। समिति पहले तीन नामों का पैनल तैयार करेगी और उसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल को सौंपेगी। वहीं, CEO पद के लिए कई सवाल भी पूछे गए हैं, इसके बाद इस पर अंतिम फैसला लिया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

Uttarakhand: चमोली में बड़ा हादसा; VPHEP की निर्माणाधीन टनल में हुआ भूस्खलन; 18 मजदूर अंदर फंसे, दो को निकाला

सीएम धामी ने लिया संज्ञान, एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीम रवाना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा और पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं तथा स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

महाराष्ट्र: हमले के बाद PM मोदी ने सुखबीर बादल का जाना हाल, सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी ली है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत के दौरान उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने पुलिस को हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने और मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र के गृह मंत्री योगेश कदम ने गुरुवार को बताया कि नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के संबंध में उन्होंने महानिरीक्षक (आईजी) से बात की है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है और आरोपी पिछले दो वर्षों से गुरुद्वारे में स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहा था। उन्होंने आगे बताया कि आरोपी ने धारदार हथियार से हमला किया और हमले को रोकने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सुखबीर सिंह बादल की पत्नी एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के स्वास्थ्य की आत्मीयता से जानकारी ली और उनके जल्द से जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने कौर को स्पष्ट आश्वासन दिया कि इस हमले के दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। हमलावरों के खिलाफ जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Metro: 15 अगस्त के दिन बदली रहेगी मेट्रो की व्यवस्था, हर लाइन पर रहेगा 30-30 मिनट का अंतराल

30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी ट्रेनें डीएमआरसी के अनुसार, गुरुवार सुबह सभी लाइनों के टर्मिनल स्टेशनों से मेट्रो की पहली सेवा 4 बजे शुरू हो जाएगी। सुबह 4 बजे से लेकर नियमित मेट्रो सेवाएं शुरू होने तक (आमतौर पर सुबह 6 बजे), सभी लाइनों पर ट्रेनें 30-30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। नियमित सेवा शुरू होने के बाद दिन भर मेट्रो का संचालन सामान्य समय सारिणी के अनुसार ही किया जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

'आजकल नरेंद्र मोदी रात में सोते नहीं हैं': राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना, RSS को लेकर कही यह बात

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर लोगों को अपनी बात रखने से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रही उत्तराखंड की एक महिला का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का अवसर देना है। क्या जंतर-मंतर पर छात्रों को अपनी बात रखने से रोका गया? राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे। उनके मुताबिक, छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह कहा जाता है कि जंतर-मंतर पर व्यवस्था बनाई जाएगी और लोगों को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। क्या उत्तराखंड की महिला के मामले का भी राहुल ने किया जिक्र? उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनसे सरकार के लोगों को हटाने की बात कही थी। राहुल ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया कर्मी निजी तौर पर मानते हैं कि जो हो रहा है, वह सही नहीं है, लेकिन नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण खुलकर बोल नहीं पाते। राहुल गांधी ने कहा कि देश में एक राष्ट्रीय भावना भी होती है। उनके मुताबिक, इसका मतलब यह है कि लोग कुछ लोगों को अपनी बनाई हुई व्यवस्था देश पर थोपने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अब अपनी बात खुलकर रख रहा है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। राहुल गांधी ने एक महिला का जिक्र क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Weather: दिल्ली में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में बारिश; अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम का हाल

छह दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान अगस्त के शुरुआती 11 दिनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद अब अगले छह दिनों तक मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 13 से 18 अगस्त तक के लिए यह अनुमान जारी किया है। इस अवधि में आसमान में बादल छाए रहेंगे। अलग-अलग समय पर हल्की बारिश होने की उम्मीद है। 13 अगस्त को सुबह से शाम के बीच एक-दो बार हल्की बारिश के आसार हैं। 14 अगस्त को सुबह से दोपहर के बीच कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। दोपहर से शाम के बीच भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा के आसार हैं। 15 अगस्त को सुबह हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही, दोपहर से शाम के बीच भी हल्की वर्षा हो सकती है। यह मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया पूर्वानुमान है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk

Parliament: संसद के मानसून सत्र के आज आखिरी दिन लोकसभा में क्या हुआ? जानिए राज्यसभा में कितना हुआ काम

राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच भी सरकार ने सदन में खान और खनिज संशोधन विधेयक पारित करा लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि कल वे हल्द्वानी गए, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। वहां आज भाजपा के नेताओं ने शुद्धिकरण हवन किया। खरगे ने कहा कि यह लोकतंत्र और देश के लिए ठीक नहीं है। खरगे ने चेताया कि इससे देश बंटेगा। इस मुद्दे पर आज राज्यसभा में खूब हंगामा हुआ। हालांकि भाजपा नेता जेपी नड्डा ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। लोकसभा स्थगित होने के बाद भी विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। सपा सांसदों ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर सराकर को घेरा। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने तय किया है कि वे कनाट प्लेस के हनुमान मंदिर जाएंगे। अब भगवान हनुमान ही भगवान राम के चंदे की सुरक्षा कर सकेंगे।कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि ‘सरकार सदन चलवाने में असफल रही। सदन तभी चलता है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष बातचीत करें और सदन चलाने का रास्ता ढूंढें। लेकिन सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरे सत्र में सदन में उपस्थित नहीं हुए। इससे क्या संकेत मिलता है? इससे पता चलता है कि उनके लिए सदन का कोई महत्व नहीं है और इसलिए उन्होंने लगातार सदन की अवहेलना की।‘मानसून सत्र जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और अमित शाह के सदन नहीं आने के मुद्दे पर खासा हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कुल 37 घंटे, 49 मिनट ही काम हुआ। इस दौरान 12 विध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: लाल किला ब्लास्ट में अल-कायदा कनेक्शन कैसे सामने आया? UN से एनआईए की चार्जशीट तक क्या-क्या पता चला?

मुख्य आरोपी कौन था? चार्जशीट में डॉ. उमर उन नबी को मुख्य आरोपी बताया गया था। वह धमाके में इस्तेमाल कार में मौजूद था और विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। एनआईए ने डीएनए जांच के जरिए उसकी पहचान की। एजेंसी के मुताबिक, वह फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में मेडिसिन का पूर्व सहायक प्रोफेसर था। उसकी मौत के कारण उसके खिलाफ आरोपों को समाप्त करने का प्रस्ताव चार्जशीट में रखा गया था। इस मामले में कितने आरोपी हैं? 14 मई 2026 को दाखिल पहली चार्जशीट में 10 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें डॉ. उमर उन नबी के अलावा आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल थे। एनआईए के मुताबिक, जांच जम्मू-कश्मीर के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर तक फैली थी। चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री शामिल की गई थी। उस समय तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। मामले की जांच चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जारी रही। 27 जून 2026 को एनआईए ने तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की। इनमें जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज उर्फ जफर शामिल थे। इसके बाद इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की संख्या 13 हो गई। एनआईए को जांच में और क्या मिला? एनआईए के मुताबिक, आरोपियों ने प्रतिबंधित हथियार हासिल किए थे। जांच में एके-47, क्रिंकोव राइफल और देशी पिस्तौल जैसे हथियारों की अवैध खरीद का भी उल्लेख किया गया। एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क के सदस्यों ने रॉकेट और ड्रोन से लगाए जाने वाले विस्फो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

Rajasthan Nikay Chunav 2026 Live: जयपुर-जोधपुर ओपन, कोटा में ओबीसी महिला; 10 निगमों के आरक्षण में बड़े बदलाव

03:04 PM, 13-Aug-2026 बड़े नगरीय निकायों में ये हुए बदलाव राजस्थान के 10 नगर निगमों के मेयर पद के आरक्षण में इस बार कई बड़े बदलाव सामने आए हैं। उपलब्ध सूची के अनुसार जयपुर और जोधपुर में मेयर पद अनारक्षित (ओपन) रखा गया है, जबकि कोटा में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होगा। बिल्कुल। नीचे Google Sheets में सीधे कॉपी-पेस्ट करने योग्य टेबल है। इसे कॉपी करके Google Sheet के A1 सेल में पेस्ट करें—कॉलम अपने-आप अलग हो जाएंगे। नगर निगम 2026 का आरक्षण पिछली स्थिति/बदलाव जयपुर अनारक्षित ओपन पिछली बार 2 नगर निगम थे, इस बार एक किया गया जोधपुर अनारक्षित ओपन पिछली बार 2 नगर निगम थे, इस बार एक किया गया कोटा ओबीसी महिला पिछली बार 2 नगर निगम थे, इस बार एक किया गया अजमेर अनारक्षित महिला पिछली बार एससी महिला बीकानेर अनारक्षित ओपन पिछली बार अनारक्षित महिला उदयपुर अनारक्षित ओपन पिछली बार ओबीसी ओपन भरतपुर अनारक्षित महिला पिछली बार एससी ओपन भीलवाड़ा अनारक्षित महिला नया नगर निगम पाली अनारक्षित महिला नया नगर निगम अलवर अनारक्षित महिला नया नगर निगम सबसे बड़ा बदलाव जयपुर, जोधपुर और कोटा में हुआ है। पिछली बार इन तीनों शहरों में दो-दो नगर निगम थे, जिन्हें इस बार एक-एक नगर निगम में किया गया है। वहीं भीलवाड़ा, पाली और अलवर नए नगर निगम के रूप में सूची में शामिल हैं। राजस्थान के 10 नगर निगमों के मेयर पद के आरक्षण में इस बार कई बड़े बदलाव सामने आए हैं। उपलब्ध सूची के अनुसार जयपुर और जोधपुर में मेयर पद अनारक्षित (ओपन) रखा गया है, जबकि कोटा में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होगा।बिल्कुल। नीचे Google Sheets में सीधे कॉपी-पेस्ट करने योग्य टेबल है। इसे कॉपी करके Google Sheet के A1 सेल मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली दंगा केस में बड़ा फैसला: कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 आरोपी किए बरी, कहा- गवाह की गवाही शक के घेरे में

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने गुरुवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी बनाए गए 13 व्यक्तियों को बरी कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह की गवाही संदेह के घेरे में थी। इस कारण आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हो सके। अदालत ने कहा कि गवाह की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे थे। ऐसे में किसी भी आरोपी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।दंगा मामलों में अक्सर गवाहों की पहचान और उनकी गवाही की सत्यता एक बड़ी चुनौती होती है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा। आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सिद्धांत को दर्शाता है।अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह की गवाही में कई विसंगतियां थीं। उसकी बातों में विरोधाभास भी सामने आए। इन विसंगतियों के कारण गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह उत्पन्न हुआ। न्यायिक प्रणाली में गवाह की गवाही का पुख्ता होना आवश्यक है। यदि गवाह की गवाही कमजोर हो, तो आरोपी को बरी किया जा सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 1 min · National Desk