Himachal News: हिमाचल में घटेगा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का कैडर, केंद्र को लिखा पत्र

आईएएस-आईपीएस का कैडर घटाकर 200 करोड़ बचाने का दावा जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा: राकेश जमवाल भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का कैडर घटाने के प्रदेश सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए छोटे-छोटे फैसलों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। सरकार का यह रवैया नाखून कटाकर शहीद होने जैसा है। राकेश जमवाल ने कहा कि इससे भी गंभीर विषय यह है कि हिमाचल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकार इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था के कारण प्रशासनिक तंत्र में घुटन का वातावरण बनता जा रहा है। राकेश जमवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार 100 या 200 करोड़ रुपये बचाने के दावे कर रही है, दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल पर टैक्स और सेस बढ़ाकर जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली, पानी, राशन, बस किराया, सीमेंट और स्टांप ड्यूटी सहित अनेक मदों में जनता का खर्च बढ़ा है। उन्होंने कहा कि महंगाई और टैक्स के माध्यम से जनता की जेब से पैसा निकालकर फिर 200 करोड़ रुपये की कथित बचत का प्रचार करना आर्थिक सुधार नहीं बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

CJI: TISS के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट नहीं होंगे सीजेआई; किस शख्सियत को मिला न्योता, कब होगा कार्यक्रम?

पहले यह दीक्षांत समारोह 2 अगस्त को होना था। सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि, समारोह से सिर्फ दो दिन पहले टीआईएसएस ने इसे टाल दिया था। संस्थान ने इसके पीछे ‘अचानक सामने आई परिस्थितियों’ को वजह बताया था।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान ने कहा था कि दीक्षांत समारोह ‘अनुकूल माहौल’ में नहीं हो सकता है। उसने यह भी कहा था कि समारोह कराने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, गणमान्य लोगों और मेहमानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। इससे कैंपस की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती थीं।टीआईएसएस ने समारोह टालने के पीछे की कोई खास वजह नहीं बताई थी। हालांकि, छात्रों और अधिकारियों ने सीजेआई के तय दौरे से जुड़े संभावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी।अब 22 अगस्त को होने वाले दीक्षांत समारोह के निमंत्रण में सीजेआई सूर्य कांत की जगह डॉ. सीएस प्रमेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। अचानक समारोह टलने से डिग्री लेने वाले छात्रों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हो गई थी। इनमें से कई लोग 2 अगस्त के समारोह के लिए यात्रा की व्यवस्था पहले ही कर चुके थे।इसके बाद टीआईएसएस ने कहा था कि समारोह टलने से प्रभावित छात्रों को उनकी स्थिति के आधार पर आर्थिक मदद दी जाएगी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यह मदद हर छात्र के मामले को अलग-अलग देखकर दी जाएगी। अब 86वां दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को होगा।यह विवाद तब शुरू हुआ, जब राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी (नालसार) के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखा। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाने के किसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

UP: मुजाहिद कैसे बनते हैं? मेरठ के इस मदरसे में आठ साल पढ़ने वाला जफर पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुपों से भी जुड़ा

UP: मुजाहिद कैसे बनते हैं? मेरठ के इस मदरसे में आठ साल पढ़ने वाला जफर पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुपों से भी जुड़ा कोतवाली क्षेत्र के मदरसे में जफर वर्ष 2016 से 2023 तक पढ़ा था। उस दौरान वह मेरठ में ही रहता था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। शुरुआत में मस्जिद में मदरसा चलने की सूचना मिली थी। वहां जाकर पड़ताल की गई तो मस्जिद में एक मुअज्जिन मिले। यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया जैश-ए-मोहम्मद से प्रभावित बिहार के पूर्णिया निवासी मोहम्मद जफर आठ साल मेरठ में रहा था। उसने यहां कोतवाली क्षेत्र के एक मदरसे में रहकर पढ़ाई की थी। बीते 14 अगस्त को एटीएस ने हापुड़ के शेरपुर गांव स्थित मस्जिद के पास से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था। आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध मोहम्मद जफर के करीबी हो सकते हैं। मौके पर मिली बाइक सरधना निवासी कादर अब्दुल सत्तार की थी। उनका कहना था कि इमाम इस दौरान मस्जिद में नहीं हैं। वही इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे। इमाम से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मोहम्मद जफर के बारे में मदरसे के शिक्षक जानकारी दे पाएंगे। यह भी पता चला कि मदरसा मस्जिद से कुछ दूर संचालित होता है। मदरसे के शिक्षक से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वह 12 वर्ष से मदरसे में शिक्षक हैं। हालांकि उन्होंने जफर के संबंध में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

BPSC TRE 4: शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बीपीएससी आज जारी करेगा टीआरई 4 का विज्ञापन, पढ़िए पूरी खबर

लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का इंतजार कर रहे युवाओं का इंतजार आज खत्म होने वाला है। बिहार लोक सेवा आयोग शाम तक चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर देगा। आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त अधियाचना पर सारा काम फाइनल हो चुका है। आज शाम तक 32,388 शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए जारी कर दिया जाएगा। इस भर्ती में सबसे अधिक 16,101 पद 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी बड़ी संख्या में रिक्तियां निकाली गई हैं। जानिए पदों के विवरण के बारे में… कक्षा 1 से 5 : 3,847 पद कक्षा 6 से 8 : 8,563 पद कक्षा 9 से 10 : 3,877 पद कक्षा 11 से 12 : 16,101 पद कुल पद : 32,388 सीएम सम्राट चौधरी बोले- शिक्षकों की कमी दूर होगी बता दें कि हाल में ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीपीएससी टीआरई 4 के बारे में जानकारी सोशल मीडिया साझा की थी। तब उन्होंने कहा था कि शिक्षा विभाग की ओर से बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है। इसके बाद उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस भर्ती प्रक्रिया से एक ओर जहां हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी। आज से धरने पर बैठे हैं शिक्षक अभ्यर्थी बता दें कि शिक्षक अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से टीआरई 4 का जारी करने की मांग कर रहे थे। आज छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

'हद से ज्यादा सख्ती': बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को लगाई फटकार, 5 लाख का मुआवजा देने का क्यों दिया आदेश?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र एफडीए को पुणे की एक मिठाई की दुकान को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। दुकान का लाइसेंस 98 प्रतिशत नियमों का पालन करने की रिपोर्ट के बावजूद सस्पेंड रखा गया था, जिससे उसे नुकसान हुआ। कोर्ट ने कहा कि रेगुलेटर की मंशा तो अच्छी है, लेकिन वह हद से ज्यादा कर रहा है। कोर्ट ने क्या कहा? एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने कहा कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का खाने-पीने की जगहों और होटलों के लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश एक अजीब पॉलिसी और गलत था। इस बीच, एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वे जवाब देने से पहले आदेश की जांच करेंगे। गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स नाम की दुकान ने एफडीए की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके साथ ही कहा था कि जून में बंद होने के बाद से उसे 8.74 लाख रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। बेंच ने दुकान को अपना कारोबार फिर से शुरू करने की इजाजत देते हुए विभाग को आदेश दिया कि वह मालिकों को एक महीने के अंदर 5 लाख रुपये का मुआवजा दे। ‘जरूरत से ज्यादा सख्ती कर रहे’ बेंच ने कहा, ‘हमने देखा है कि आपकी नीयत अच्छी है और कोई विभाग कम से कम हरकत में तो आया। लेकिन आप जरूरत से ज्यादा सख्ती कर रहे हैं। जब आपको (री-इंस्पेक्शन रिपोर्ट में) 98 प्रतिशत नियमों का पालन होता दिखा, तो आपको तुरंत लाइसेंस का सस्पेंशन रद्द कर देना चाहिए था।’ याचिका में क्या कहा गया है? याचिका में कहा गया है कि फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद एफडीए के एक फूड सेफ्टी ऑफिसर ने 12 जून को दुकान का निरीक्षण किया और साफ-सफाई व स्टाफ की हाइजीन को लेकर चिंता जताई। उसी द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

Jharkhand News: JSSC-CGL रद्द होते ही मचा बवाल, नौकरी पा चुके अभ्यर्थी धरने पर, बोले- हमारा क्या दोष?

झारखंड सरकार की ओर से सोमवार को JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। परीक्षा के जरिए नियुक्त होकर अपने-अपने पदों पर सेवा दे रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और न्याय की मांग कर रहे हैं। परीक्षा रद्द होने से नियुक्त अभ्यर्थियों में नाराजगी झारखंड सरकार के सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) रद्द करने के फैसले के बाद परीक्षा पास कर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के एक वर्ग में नाराजगी सामने आई है। उनका कहना है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की और नियुक्ति के बाद अपने पदों पर काम कर रहे हैं। ऐसे में पूरी परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से उनके भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना शामिल था। ‘हमने निष्पक्ष प्रक्रिया से परीक्षा पास की, फिर हमारा क्या दोष?’ प्रोजेक्ट भवन में प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने ANI से कहा, “हमने निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए परीक्षा पास की और नियुक्त हुए हैं, फिर हमारे साथ ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हम तो कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे। अगर जांच में कोई गलती सामने आती है, तो उसमें शामिल संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाए।” एक अन्य प्रदर्शनकारी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

‘किसी को नहीं बख्शेंगे’: शाहरुख-अजय-टाइगर को नोटिस जारी करने वाले FDA कमिश्नर का सख्त रुख, कहा- सब हैं जवाबदेह

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सरोगेट उत्पादों का प्रचार करने वाली हस्तियों के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि की पूरी चेन में शामिल हर व्यक्ति जवाबदेह है। पीटीआई समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘पूरी शृंखला में हर कोई जिम्मेदार है। यह सब पर लागू होता है।’ एफडीए प्रमुख ने कहा कि ये नियम सभी पर लागू हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। क्या है पूरा मामला? यह घटना महाराष्ट्र एफडीए की ओर से बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची नामक कथित तंबाकू उत्पाद के में ब्रांड एंडोर्सर के रूप में भाग लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। एफडीए का कहना है कि यह अभियान प्रतिबंधित पान मसाला/तंबाकू से संबंधित उत्पादों का अप्रत्यक्ष या परोक्ष प्रचार हो सकता है। तुकाराम मुंढे ने कहा कि की जांच प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित विकल्प के रूप में की जा रही है, क्योंकि कंपनी अतीत में गुटखा बेचती पाई गई थी। उन्होंने कहा कि और दावों को बनाने, प्रकाशित करने या प्रायोजित करने में शामिल सभी लोगों पर नियम लागू होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञापनदाताओं से एफएसएसएआई के नियमों को देखने का आग्रह किया। विनियम को लेकर क्या कहा? इसके साथ ही पीटीआई को बताया, ‘यह मुद्दा खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के कार्यान्वयन से संबंधित है। इनमें से एक विनियम और भ्रामक दावों से संबंधित है। उन्होंने आगे बताया कि यह विनियम 2018 में अस्तित्व में आया और 1 जुलाई, 2019 से लागू हुआ। उन्होंने आगे कहा, ‘कोई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं? कांग्रेस ने सरकार पर 'गहरी साजिश' का लगाया आरोप

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने एक गहरी साजिश के तहत जाति जनगणना से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी को जान-बूझकर हटा दिया है। पार्टी के ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद ने सोमवार को कहा कि जनगणना प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग कॉलम न रखना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इससे ओबीसी समुदाय की आबादी के सही आंकड़े दर्ज नहीं हो पाते हैं।जयहिंद ने कहा कि वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जाति जनगणना कराने के बजाय, सरकार एक ऐसी प्रक्रिया अपना रही है जिससे ओबीसी को सरकारी आंकड़ों से बाहर करने का रास्ता बनता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि असल में एक ‘मनुवादी’ (जाति-पदानुक्रम वाली) व्यवस्था काम कर रही है।14 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए जयहिंद ने बताया कि प्रश्नावली के 10वें सवाल में ओबीसी कैटेगरी को लिस्ट करने के लिए कोई कॉलम नहीं है। वहीीं, कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने कहा कि जनगणना में जातियों की सही पहचान होनी चाहिए, क्योंकि देश के अलग-अलग इलाकों में जातियों का स्वरूप और उनकी मौजूदगी अलग-अलग होती है।14 अगस्त 2026 को, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय ने जनसंख्या जनगणना के लिए 40 सवालों वाला एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सवाल नंबर 10 सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें ‘अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बारे में पूछा गया है। 2027 की जनगणना में जाति दर्ज करने का यही एकमात्र तरीका है।इस जनगणना में जाति से जुड़ा सवाल एक बड़ा बदलाव है। आजाद भारत में पहली बार, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा दूसरी जातियों की भी गिनती की जाएगी। 2011 की जनगणना म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में भी 57.65 अंक की गिरावट आई और यह 24,230.45 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार क्यों गिर रहे हैं? भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेज नुकसान दर्ज किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के कारण यह गिरावट आई है। सेंसेक्स लगातार तीसरे सत्र में गिरा है। निफ्टी में लगातार छठे सत्र में नुकसान हुआ है। शुरुआती कारोबार में रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.68 पर आ गया। निवेशकों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है। इस गिरावट ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भारतीय बाजार प्रभावित हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए मुख्य कारक बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच विरोधाभासी स्थितियां जल्द समाधान की उम्मीदों को कमजोर कर रही हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जुलाई बैठक के कार्यवृत्त पर भी है। इससे वैश्विक ब्याज दर के दृष्टिकोण पर संकेत मिल सकते हैं। वैश्विक बाजार कैसे प्रदर्शन कर रहे हैं? वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:54 बजे तक S&P 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का Nikkei 225 वायदा (OSE) 1.3 फीसदी नीचे आया। जापान का Topix भी 0.3 फीसदी गिर गया। हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे रहा। इन बाजारों में भी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी। अन्य प्रमुख बाजारों का क्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हादसा: काजीगुंड में ट्रक ने CRPF वाहन को मारी टक्कर, 5 जवान घायल; पुलिस जांच में जुटी

मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर काजीगुंड के लेवदोरा इलाके में एक ट्रक की सीआरपीएफ की बंकर गाड़ी से टक्कर हो गई, जिसमें सीआरपीएफ के पांच जवान घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार को हुई, जब एक ट्रक ने सीआरपीएफ बंकर वाहन को लेवदोरा के पास टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बंकर वाहन पलट गया। इस हादसे में सीआरपीएफ के पांच जवान घायल हो गए।घायल जवानों को तत्काल काजीगुंड स्थित 163 बटालियन सीआरपीएफ के एमआई रूम में चिकित्सा उपचार के लिए ले जाया गया। उनकी चोटें मामूली बताई जा रही हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और टक्कर की वजहों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk