अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि मृतक महिला रोशन बैरवा बारां की रहने वाली थी। उसका बारां और कोटा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। महिला हाई रिस्क पेशेंट थी और उसे एनीमिया भी था। रात को ही महिला की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी और उसने बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग शुरू हो गई। उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया था, लेकिन ब्लीडिंग नहीं रुकी। इसके बाद उसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अधीक्षक के मुताबिक, महिला की यह तीसरी प्रेग्नेंसी थी।वहीं, मृतका रोशन बैरवा के पति महेंद्र ने बताया कि शनिवार सुबह उसकी पत्नी की सांस अचानक फूलने लगी और तबीयत भी बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। पुलिस और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल परिजनों की तरफ से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। वहीं, परिजन शव को अपने साथ ले गए।इसी साल जुलाई और अगस्त के महीनों में भी पांच प्रसूताओं ने सिजेरियन डिलीवरी के बाद दम तोड़ दिया था। इन मामलों में अस्पताल प्रशासन और उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को क्लीन चिट भी दे दी गई थी। अब 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं की मौत के बाद एक बार फिर अस्पताल में प्रसव के दौरान और उसके बाद मिलने वाले उपचार पर सवाल उठने लगे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
कोटा में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला: डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत, 24 घंटे में दो महिलाओं ने तोड़ा दम
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि मृतक महिला रोशन बैरवा बारां की रहने वाली थी। उसका बारां और कोटा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। महिला हाई रिस्क पेशेंट थी और उसे एनीमिया भी था। रात को ही महिला की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी और उसने बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन डिलीवरी के बाद महिला की ब्लीडिंग शुरू हो गई। उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया था, लेकिन ब्लीडिंग नहीं रुकी। इसके बाद उसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अधीक्षक के मुताबिक, महिला की यह तीसरी