जेलेंस्की ने ट्रंप के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लिंडसे ग्राहम अधिनियम को पूरी तरह नजरअंदाज करने का फैसला लिया गया है। इस कानून का मकसद रूस पर प्रभावी दबाव बनाना था, ताकि युद्ध खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि यह कानून अब भी काफी मदद कर सकता है, लेकिन इसे वास्तव में लागू करना जरूरी है। इसके समर्थन में उठने वाली हर आवाज मायने रखती है।जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। उनके मुताबिक, देशभर में 15 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर रूस के लगातार हमलों के गंभीर नतीजे सामने आ रहे हैं।यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूसी सेना ने रातभर में चार क्रूज मिसाइलें और 332 हमलावर ड्रोन दागे। वायुसेना के मुताबिक, सभी चार मिसाइलों और 289 ड्रोन को रोक दिया गया या नष्ट कर दिया गया।सर्दियां आने से पहले यूक्रेन के बिजली नेटवर्क पर रूस की भारी बमबारी युद्ध के दौरान हर साल देखने को मिली है। इन हमलों का मकसद आम लोगों को गर्मी और पानी जैसी सुविधाओं से वंचित कर यूक्रेन की लड़ने की क्षमता कमजोर करना है। यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस आने वाले महीनों में और हमले करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार जुटा रहा है।यूक्रेन के सामने सर्दियों में सबसे बड़ी चुनौती बिजली, हीटिंग और पानी की सप्लाई बनाए रखने की होगी। रूस के ऊर्जा ठिकानों और बिजली नेटवर्क पर हमलों से बिजलीघर, ट्रांसफॉर्मर और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में घरों को गर्म रखना और पानी की आपूर्ति जारी रख …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें