नेचर फूड में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 2000 से 2020 के बीच संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में 2.49 लाख वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि कम हुई। इस जमीन पर पैदा होने वाला भोजन 25.5 करोड़ लोगों की न्यूनतम सालाना खाद्य ऊर्जा जरूरतें पूरी कर सकता था। संघर्ष क्षेत्रों में 23.7% अधिक नुकसान का आकलन किया गया है। चीन के विज्ञान अकादमी के शोधकर्ताओं की अगुआई में हुए अध्ययन में 155 देशों में सशस्त्र संघर्ष की 4.6 लाख से अधिक घटनाओं और उपग्रह आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। फिज डॉट ओआरजी ने इस शोध की जानकारी प्रकाशित की है। अध्ययन के अनुसार, संघर्ष प्रभावित क्षेत्र दुनिया की कुल जमीन का करीब तीन प्रतिशत हैं, लेकिन वर्ष 2020 में दुनिया की छह प्रतिशत से अधिक कृषि भूमि इन्हीं क्षेत्रों में थी। यहां खेती की जमीन औसतन तीन प्रतिशत घटी और शांतिपूर्ण क्षेत्रों की तुलना में नुकसान 23.7 प्रतिशत अधिक रहा। पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में असर विशेष रूप से देखा गया। यूक्रेन में खेती और निर्यात पर चोट अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के अनुसार, यूक्रेन का अनाज निर्यात 2025 में वर्ष 2020 की तुलना में करीब 35 प्रतिशत कम रहा। लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर बारूदी सुरंगों का खतरा है, जबकि यूक्रेन के काखोवका जलाशय के नष्ट होने से करीब छह लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई प्रभावित हुई। इससे स्पष्ट है कि युद्ध का नुकसान केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेती की बहाली भी मुश्किल हो जाती है। ये भी पढ़ें: भारत पर भी बढ़ सकता है दबाव पश्चिम एशिया में तनाव का असर भारत के उर्वरक उत्पादन और कृषि निर्यात पर प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
युद्ध की आग में झुलसी खेती: 25.5 करोड़ लोगों के भोजन जितनी जमीन घटी; कितने लोगों की मंडराया खाद्य संकट?
नेचर फूड में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 2000 से 2020 के बीच संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में 2.49 लाख वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि कम हुई। इस जमीन पर पैदा होने वाला भोजन 25.5 करोड़ लोगों की न्यूनतम सालाना खाद्य ऊर्जा जरूरतें पूरी कर सकता था। संघर्ष क्षेत्रों में 23.7% अधिक नुकसान का आकलन किया गया है। चीन के विज्ञान अकादमी के शोधकर्ताओं की अगुआई में हुए अध्ययन में 155 देशों में सशस्त्र संघर्ष की 4.6 लाख से अधिक घटनाओं और उपग्रह आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। फिज डॉट ओआरजी ने इस शोध की जानकारी प्रकाशित