सुप्रीम कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और 10 अन्य इंडिया गठबंधन के नेताओं की याचिका की जांच के दौरान रजिस्ट्री ने 14 खामियां बताई हैं। 12 अक्तूबर 2026 को दर्ज की गई इन आपत्तियों में दस्तावेजों की कमी, विपक्षी पक्षों की गलत जानकारी, वकालतनामे और कोर्ट फीस से जुड़ी खामियां शामिल हैं। इन खामियां को दूर करने के बाद ही मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकेगा। याचिका में बताईं 14 खामियां क्रम संख्या कोर्ट की आपत्ति 1 लिस्टिंग फॉर्म में प्रतिवादी का नाम सही करें 2 पेज नंबर 9 पर प्रतिवादियों की जानकारी गलत 3 निजी पक्षों को प्रतिवादी बनाने का कारण बताएं 4 समानता से जुड़ा पैराग्राफ नहीं मिला 5 याचिका में प्रतिवादी का नंबर सही करें 6 24 जून 2025 के फैसले की प्रति संलग्न करें 7 दस्तावेज P2 की तारीख में अंतर 8 पेज 57 और 64 9 दस्तावेज P5 का केस नंबर मेल नहीं खा रहा 10 दस्तावेज P6 की पेन ड्राइव संलग्न करें 11 याचिकाकर्ता नंबर 3 से 11 तक के वकालतनामे गायब 12 याचिकाकर्ता नंबर 2 के पहचान पत्र की साफ प्रति दें 13 220 रुपये की अतिरिक्त कोर्ट फीस 14 पेज धुंधले हैं या उनमें दूसरी गड़बड़ियां हैं रजिस्ट्री ने याचिका के पेज नंबर नौ पर विपक्षी पक्षों की जानकारी सही करने को कहा है। लिस्टिंग प्रोफार्मा में भी विपक्षी पक्ष का नाम ठीक करने और याचिका में की गई मांग वाले हिस्से में प्रतिवादी का नंबर सुधारने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, रिट याचिका में निजी व्यक्तियों को प्रतिवादी बनाने का कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।रजिस्ट्री ने याचिका में पहले दाखिल की गई समान या संबंधित याचिका के बारे में जरूरी जानकारी वाला पैराग्राफ नहीं मिलने पर भी आपत्ति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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